बाबा महाकाल की सवारी के दौरान साधु संत भक्ति में नजर आए। इनके निराले अंदाज से लोगों को सिंहस्थ की याद ताजा हो गई।
भजन मंडलियां हुईं शामिल
बाबा महाकाल की सवारी के दौरान भजन मंडलिया भी शामिल हुईं। जिसमें कुछ लोग भजन कीर्तन करते नजर आए तो कुछ लोगों ने डमरू बजाकर, ढोलक बजाकर, झांझ बजाकर बाबा महाकाल की भक्ति की।
मंत्रियों ने किया पूजा अर्चन
बाबा महाकाल की सवारी महाकाल मंदिर से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होती हुई रामघाट पहुंची। यहां मंत्री तुलसी सिलावट, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल द्वारा पालकी में सवार बाबा महाकाल के मनमहेश स्वरूप का पूजन अर्चन और आरती की गई।
महाकाल को दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर
सभा मंडप में बाबा महाकाल का पूजन अर्चन मनमहेश स्वरूप में होने के बाद सवारी मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंची। यहां पर पुलिस द्वारा श्री महाकाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
सीएम मोहन यादव ने महाकाल के श्री चरणों में किया नमन
सीएम मोहन यादव विदेश यात्रा पर हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा कि सावन के पहले सोमवार के पावन अवसर पर आज उज्जैन में अपने भक्तों का कुशलक्षेम जानने हेतु बाबा महाकाल भ्रमण पर धूमधाम से निकलने वाले हैं। उनके श्री चरणों में नमन एवं वंदन।
चांदी की नई पालकी में सवारी
महाकाल चांदी की नई पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण पर हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार, करीब 10 साल बाद सवारी में नई पालकी को शामिल किया गया है। नवंबर में छत्तीसगढ़ के एक भक्त ने गुप्तदान के रूप में मंदिर समिति को यह पालकी भेंट की थी।
कई नृत्यदलों की प्रस्तुति
बाबा महाकाल की सवारी में सीधी के घसिया बाजा, हरदा के ढांडल नृत्य दल,सिवनी के गुन्नूरसाई नृत्यदल आगे-आगे चलेंगे। विभिन्न जनजातियों के समुहों द्वारा भगवान श्री महाकाल की सवारी में मनमोहक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी का भव्य रूप
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशानुरूप सवारी में नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं। प्रथम सवारी वैदिक उद्घोष थीम पर है। बाबा महाकाल की सवारी के दौरान रामघाट पर वैदिक उद्घोष के लिए दत्ता अखाड़ा क्षेत्र में बटुकों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
सभा मंडप में शुरू हुआ पूजन अर्चन
महाकालेश्वर मंदिर के सभागृह में बाबा महाकाल के मनमहेश स्वरूप का पूजन अर्चन शुरू हो चुका है। मंदिर के शासकीय पुजारी पंडित घनश्याम गुरु के द्वारा यह पूजन अर्चन किया जा रहा है। इस दौरान मंत्री तुलसी सिलावट, विधायक महेश परमार के साथ ही अन्य जनप्रतिनिधि भगवान का पूजन अर्चन कर रहे हैं।
12 स्थानों से होते हुए गुजरेगी महाकाल की सवारी
बाबा महाकाल की सवारी महाकाल चौराहे से शुरू होगी। इसके बाद गुदरी चौराहा, कहारवाड़ी, रामघाट, मोड़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक से होते हुए सत्यनारायण मंदिर पहुंचेगी। बाद में सवारी छत्रीचौंक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार होते हुए महाकाल मंदिर वापस आएगी। यहीं पर सवारी यात्रा का समापन होगा।
बाबा महाकाल के छह स्वरूप
महाकाल सवारी 2025 में बाबा महाकाल के छह स्वरूप होंगे। आज पहली सवारी निकलेगी। इसके बाद 18 अगस्त को अंतिम राजसी सवारी श्री सप्तधान मुखारविंद स्वरूप में निकाली जाएगी, जिसमें बाबा का राजसी शृंगार किया जाएगा। सभी सवारियां श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली जाएंगी।पढ़िए पूरी खबर-
नगर भ्रमण का हर स्वरूप होगा खास, जानें कब किस रूप में दर्शन देंगे महाकाल
सवारी में शामिल होंगे मंत्री
महाकाल की पहली सवारी में उज्जैन के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल शामिल होंगे। वे महाकाल मंदिर के सभा मंडप में बाबा महाकाल का पूजन अर्चन करेंगे। पालकी को कंधा देकर नगर भ्रमण के लिए रवाना करेंगे।
श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन हेतु पहुंच रहे हैं। 7 से 13 जुलाई 2025 के बीच 11 लाख से अधिक भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन किए।
Mahakal Shahi Sawari 2025 Live Updates in Hindi: हर सोमवार को विशेष थीम
इस वर्ष हर सोमवार की सवारी को एक विशेष थीम के साथ निकाला जाएगा। पहली सवारी में भगवान को मनमहेश स्वरूप में सजाया गया है। मंदिर प्रबंधन समिति ने सवारी को भव्य और भक्तिमय बनाने की तैयारियां पूरी कर ली हैं।
Mahakal Shahi Sawari 2025 Live Updates in Hindi: जनजातीय कलाकारों की भागीदारी
इस बार सवारी को सांस्कृतिक रूप से और अधिक समृद्ध बनाने के लिए जनजातीय नृत्य दलों को भी सम्मिलित किया गया है। जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी द्वारा चयनित कलाकार घासी जनजाति का घसियाबाजा नृत्य (सीधी), गोंड जनजाति का गुन्नूरसाई नृत्य (सिवनी), कोरकू जनजाति का ढांढल नृत्य (अनूपपुर) और सैरा लोक नृत्य (सागर) प्रस्तुत करेंगे। ये दल भजन मंडलियों के साथ पालकी के आगे चलते हुए प्रस्तुति देंगे।
Mahakal Shahi Sawari 2025 Live Updates in Hindi: मुख्यमंत्री की मंशा अनुसार वैदिक उद्घोष
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की भावना के अनुरूप इस प्रथम सवारी का स्वागत भव्य वैदिक मंत्रोच्चार से होगा। पूजन के दौरान उज्जैन के 25 गुरुकुलों के 500 से अधिक वैदिक छात्र और महाकालेश्वर वैदिक प्रशिक्षण संस्थान के बटुक उद्घोष करेंगे। यह आयोजन दत्त अखाड़ा व रामघाट क्षेत्र में सम्पन्न होगा।
श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर दक्षिणमुखी भगवान श्री महाकालेश्वर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। भगवान महाकाल इस विशेष अवसर पर मनमहेश स्वरूप में रजत पालकी में विराजित होकर भक्तों को दर्शन देंगे। यह पहली सवारी परंपरागत पूजन-अर्चन के पश्चात मंदिर से प्रारंभ होकर क्षिप्रा तट तक पहुंचेगी, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक किया जाएगा।
सवारी मंदिर के मुख्य द्वार से प्रारंभ होकर महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए रामघाट पहुंचेगी। अभिषेक के बाद यह यात्रा रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार से होकर पुनः मंदिर लौटेगी। सवारी के दौरान भगवान को सशस्त्र पुलिस बल द्वारा सलामी दी जाएगी। साथ ही श्रद्धालुओं को मार्ग में सजीव दर्शन कराने के लिए चलित रथ में एलईडी स्क्रीन और लाइव बॉक्स की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और व्यापारियों से अपील की है कि सवारी मार्ग में कोई भट्टी, कड़ाही, वाहन न रखें और सिक्के, फल, प्रसाद या चित्र न फेंकें।