कॉन्क्लेव में शामिल मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर को 2-टियर शहर कहा जाता है, लेकिन मुझे इससे असहमति है। यह शहर किसी से कम नहीं है। इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर है और आने वाले समय में ग्रीन इंदौर के मामले में भी नंबर वन बनेगा। हम बड़े पैमाने पर पौधारोपण कर शहर का तापमान 5 डिग्री तक घटाएंगे। वहीं मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार का संकल्प, सोच और लक्ष्य उद्योगों को बढ़ावा देना है, क्योंकि यह विज्ञान और तकनीक का युग है।
भविष्य में बड़े लाभ मिलेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा हमें तकनीक और रोजगार में इजरायल जैसा बनना है और पाकिस्तान जैसे देश यह सोचकर दुःखी रहेंगे कि काश हमें भारत जैसे नेता और देश मिलता। उद्योगों को पॉलिसी के भविष्य में बड़े लाभ मिलेंगे। बेरसिया में बनने वाले मेगा प्रोजेक्ट के माध्यम से स्पेस टेक नीति पर काम करते हुए मध्य प्रदेश को हम अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का एक प्रमुख केंद्र बनाएंगे। इस नीति के अंतर्गत हम स्टार्टअप को अंतरिक्ष अनुसंधान, सेटेलाइट टेक्नोलॉजी एंड कमर्शियल स्पेस मिशन के लिए भी प्रोत्साहित करेंगे। साइबर सुरक्षा और डाटा फंक्शन से ट्रेनिंग और अन्य प्रकार के काम करते हुए हम नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। जापान और कोरिया के निवेशक भी आज मध्यप्रदेश में आ रहे हैं। एक उद्योगपति के माध्यम से सैकड़ों लोगों के घर चलते हैं। यह अपने आप में एक तरह ही बड़ी समाजसेवा है।
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि मध्य प्रदेश में सबसे अच्छी बात है यहां का जीवन और बेहद कम खर्चे में जीवन जीने के संसाधन। इसी को हम ताकत बनाएंगे। किसी भी उद्योग को आने वाली समस्याओं को कम से कम समय में सुलझाया जाएगा। प्रदेश कृषि में बहुत तरक्की कर चुका है अब उद्योग, स्वास्थ्य और शिक्षा में प्रदेश को अव्वल बनाना है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज इंदौर में दिव्यांगजनों के हित में आयोजित एक गरिमामय समारोह में 300 दिव्यांगजनों को कुल 749 बैटरीयुक्त ट्रायसिकल सहित अन्य तरह के सहायक उपकरणों का वितरण किया। जिला प्रशासन की पहल पर आईडीबीआई बैंक के सामाजिक दायित्व कार्यक्रम तथा भारतीय रेडक्रास सोसाइटी के वित्तीय सहयोग से यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण हेतु सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
25 हजार नौकरियां मिलेंगी
एसीएस दुबे ने कहा कि आठ महीने में मध्यप्रदेश में 17 हजार करोड़ का निवेश आया है। इससे 25 हजार नौकरियां मिलेंगी और प्रदेश के उद्योगों को बहुत तेजी से ग्रोथ मिलेगी। देश में 60 प्रतिशत स्टार्टअप इंदौर, भोपाल जैसे शहरों से आते हैं। इसीलिए हम इन शहरों में सभी सुविधाएं उपलब्ध करवा रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उद्योग में एक बड़ा केंद्र बनने के लिए तैयार है। नवीन तकनीकी क्रांति में राज्य अग्रणी भूमिका निभाने और निवेश आकर्षित करने की ओर अग्रसर है। "एमपी टेक ग्रोथ कॉनक्लेव-2025" में अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संजय दुबे ने रविवार को "मध्यप्रदेश - सेमीकंडक्टर और ईएसडीएम के लिए अगला गंतव्य" विषय पर आयोजित राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस-4 को ब्रिलियंट कंवेंशन सेंटर, इंदौर में संबोधित किया। उन्होंने राज्य की सेमीकंडक्टर नीति एवं प्रदेश सरकार द्वारा निवेशकों को दी जाने वाली वित्तीय एवं गैर वित्तीय सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उद्योगपतियों/निवेशकों ने अपने विचार और सुझाव रखे। इसमें प्रोजेक्ट डायरेक्टर एमपीएसईडीसी गुरु प्रसाद, डॉ. मणि मधुकर, प्रोग्राम लीड, सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम - आईबीएम इंडिया, श्री अभिषेक कुमार, प्रबंध निदेशक (एमडी ) केदारा सहित उद्योगपति/ निवेशक उपस्थित रहे।
एसीएस दुबे ने कहा कि टियर-2 शहर जैसे इंदौर, भोपाल का तेजी से विकास राज्य की तकनीकी स्थिति को मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की विशेष भौगोलिक स्थिति, त्वरित स्वीकृतियाँ, आधुनिक आधारभूत संरचना और प्रगतिशील नीतियाँ तकनीकी विकास को गति दे रही हैं। साथ ही सेमीकंडक्टर कंपोनेंट निर्माण, इलेक्ट्रोनिक उत्पाद विकास और नवाचार और चिप डिजाइन कंपनियों सभी के लिए विशेष सुविधाएं राज्य में प्रदान की जा रही हैं।
एसीएस दुबे ने कहा कि राज्य सरकार आईटी पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी ), विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड ) और मजबूत स्टार्ट-अप संस्कृति के जरिये नवाचार को बढ़ावा दे रही है। कॉन्फ्रेंस में निवेशकों ने कहा कि सरकार की सेमीकंडक्टर नीति- 2025बहुत आकर्षक है। राज्य सरकार निवेशकों को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान कर रही है। निवेशकों ने राज्य में सेमीकंडक्टर और संबंधित क्षेत्रों के उद्योगों को विकसित करने के लिए महत्पूर्ण सुझाव भी रखे।
मुख्यमंत्री ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर आए
मुख्यमंत्री मोहन यादव कार्यक्रम स्थल पहुंच गए हैं। उन्होंने दिव्यागों को जरूरी उपकरण दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मां अहिल्या की नगरी में सेवा कार्य सर्वोपरि है। आज जरूरतमंदों को जरूरी उपकरण दिए गए। ये उपकरण नहीं भगवान का आशीर्वाद है। इनकी मदद से आप सभी अपना जीवन बेहतर कर पाएंगे।
इंदौर इसलिए बना आईटी कंपनियों की पसंद
आज शाम 5 बजे इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में ‘एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025’ का शुभारंभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसका शुभारंभ करेंगे। मध्यप्रदेश को टेक्नोलॉजी और डिजिटल नवाचार का केन्द्र बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस कॉन्क्लेव के लिए शहर में सुबह से ही उद्योगपति और जनप्रतिनिधि जुटने लगे हैं।
‘एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव’ प्रदेश का पहला पूर्णतः सेक्टर आधारित टेक-कॉन्क्लेव होगा, जो हाल ही में आयोजित जीआईएस-भोपाल में आए निवेश प्रस्तावों को धरातल पर साकार करने का मंच बनेगा। कार्यक्रम में Google, Microsoft, NVIDIA जैसी बिग-टेक कंपनियों सहित 300 से अधिक तकनीकी विशेषज्ञ, उद्योगपति, नीति निर्माता और निवेशक शामिल होंगे। कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव नए IT पार्क, स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स और स्टार्ट-अप इन्क्यूबेटरों का भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री कॉन्क्लेव में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ और इन्क्यूबेशन हब का शुभारंभ करेंगे, प्रमुख निवेशकों के साथ एमओयू और आवंटन-पत्रों पर हस्ताक्षर करेंगे और इंवेस्टमेंट फैसिलिटेशन पोर्टल का शुभारंभ करेंगे। इस पोर्टल से निवेशकों को प्रोजेक्ट्स की रियल-टाइम ट्रैकिंग और एकल खिड़की की सुविधा मिलेगी।