विधानसभा कार्यवाही के दौरान जरूरी बातें...
मंत्री विश्वास सांरग का पक्ष
नर्सिंग मामले में सदन में मंत्री विश्वास सांरग ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सुबह से देख रहा हूं, बार-बार मेरा नाम लिया जा रहा है। ऐसा लग रहा है, जैसे विश्वास सारंग एक माफिया है। मुझ पर सुबह से निजी अटैक किया जा रहा है। नर्सिग काउंसलिंग ऑटोनोमस है। इसमें मंत्री का हस्तक्षेप नहीं होता। मुझ पर आरोप लगाने से पहले पढ़ के आ जाते। सुनीता सुजू ने कांग्रेस सरकार के दौरान कॉलेज को मान्यता दी। 20 मार्च को कमलनाथ का इस्तीफा होता है, उस दिन तत्कालीन मंत्री ने 354 से ज्यादा मान्यता दी।
कमलनाथ अपनी सरकार बचाने में लगे थे, तब मंत्री कॉलेजों के मान्यता दे रही थी। विपक्ष को मान्यता और संबद्धता में अंतर समझ नहीं आ रहा है। मलय कॉलेज को कांग्रेस सरकार के दौरान मान्यता दी गई। कांग्रेस ने 100 कॉलेज दो महीनों में ही खोल दिए थे। हमने 415 कॉलेज का सत्यापन करवाया, जिसमें 150 कॉलेज हमने बंद किए। स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने कहा कि नर्सिंग मामले में विपक्ष के आरोप आधारहीन हैं। हाईकोर्ट के निर्देश पर नर्सिंग कॉलेज मामले की जांच के लिए रिटायर्ड जज की अगुवाई में कमेटी बनी है। कोर्ट के निर्देश के मुताबिक, इस मामले में कार्रवाई होगी।
सिंघार ने की सारंग के इस्तीफे की मांग
सदन में उमंग सिंघार ने मांग करते हुए कहा, तत्कालीन मंत्री विश्वास सारंग इस्तीफा दें। घोटाले की सर्वदलीय जांच कराई जाए। साथ ही जिन कर्मचारियों ने घोटाले कराए, उनको उपकृत किया, नर्स को आयुक्त तक बनाया गया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मंत्री का इस्तीफा होना चाहिए।
वहीं, मंत्री विश्वास सारंग बोले, कोई फाइल मंत्री तक नहीं आती। नर्सिंग कौंसिल करती है निर्णय। रजिस्ट्रार सुनीता शिजू कांग्रेस सरकार में अनुमति देती थी। सारंग बोले, कांग्रेस सरकार में दो-दो बार अनुमति जारी की गई। हेमंत कटरे बोले, सरकार को आरोप नहीं लगाना चाहिए। कार्रवाई करके दिखाना चाहिए। दोनों के समय की सीबीआई जांच करा लेनी चाहिए। विश्वास सारंग बोले, मलय कॉलेज को कांग्रेस के समय अनुमति जारी की गई। मेरे द्वारा नहीं जारी की गई। सारंग ने कहा, 453 कॉलेज कांग्रेस के समय जो थे। हमने रिफॉर्म करके हमें किसी छात्र के अन्याय नहीं किया। 453 कॉलेज में से 150 कॉलेज भौतिक सत्यापन में बंद किए। मलय कॉलेज भी उसी में बंद हुए।
कांग्रेस के बदनावर से विधायक भंवर सिंह शेखावत ने मांग की, इस मामले में दोनों पक्ष की एक कमेटी बनाई जाए। इसमें सिर्फ मंत्री नहीं, इसमें पटवारी से लेकर कलेक्टर और शासन में बैठे अधिकारी भी दोषी हैं। इन सबके नाम सामने आए।
कांग्रेस विधायक दिनेश जैन ने सवाल पूछा कि 14,000 में से 13,000 फैकल्टी जो दूसरे राज्यों की है, जिनके पास कोई रजिस्ट्रेशन भी नहीं है। क्या उनके ऊपर कारवाई होगी। दूसरा प्रश्न विष्णु कुमार जो कई कॉलेज में मान्यता लेने प्रिंसिपल और उप प्रिंसिपल बताए, क्या इनके ऊपर भी कार्रवाई होगी।
कांग्रेस के बड़वानी से विधायक राजन मंडलोई की ने कहा कि एक व्यक्ति आठ-आठ कॉलेज के प्राचार्य रहे। कॉलेज कागजों में चले, बिना अस्पताल के कॉलेज संचालित होते रहे। बच्चों के डॉक्यूमेंट कॉलेज वालों ने जबरदस्ती रख लिए, जिससे उनका भविष्य भी खराब हुआ। यह घोटाला लंबे स्तर पर बड़े स्तर पर चलता रहा। प्रताप ग्रेवाल ने कहा कि इस मामले में जिन पर कार्रवाई हुई है। उन पर किनका दबाव था, उसकी जांच की जाना चाहिए।
कांग्रेस विधायक फूंदेलाल सिंह मार्को बोले, नर्सिंग कॉलेज के बच्चों को लेकर हम सभी को चिंता है। कोरोना कल में जब सब कुछ बंद था, उस समय कॉलेज को अनुमति जारी की गई। इससे साफ जाहिर होता है कि तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री दोषी हैं। यह गंभीर विषय है और इस पर कार्रवाई होनी चाहिए। मैं पूछना चाहता हूं कि क्या तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री के ऊपर कारवाई होगी। दूसरा तीन साल से नर्सिंग कॉलेज में पढ़ रहे हैं. बच्चों जिनसे मोटी-मोटी रकम वसूली गई। क्या उनके बच्चों को वापस किए जाएंगे या नहीं यह भी मंत्री बताएं?
नर्सिंग घोटाले पर सदन से जांच कमेटी बनाने की मांग
कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश को बचाने के लिए हमे एक जुट होना पड़ेगा। सरकार ने कोर्ट में संज्ञान लिया तब कार्रवाई की। सरकार ने खुद से संज्ञान लेकर कार्रवाई नहीं की। नर्सिग कॉलेज में मान्यता के लिए नियम बदले गए। जांच के बाद भी धांधली हुई है। एमपी 16 सरकारी नर्सिग कॉलेज थे, जिनमें से 8 को रिजेक्ट कर दिया गया। गरीब छात्र कहां पढ़ाई करेंगे? सरकारी कॉलेज बन्द किये जा रही है।
कैलाश विजयवर्गीय ने दिया जवाब
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि विधानसभा का नियम है कि किसी पर आरोप लगाने से पहले अनुमति लेना चाहिए। मंत्री पर आरोप लग रहे हैं। क्या पहले इस संबंध में सूचना दी गई है। उन्होंने कहा कि आरोप विलोपित किए जाएं।
सदन में हेमंत और जयवर्धन सिंह बोले
हेमंत कटरे ने मांग की है कि पहले तत्कालीन विभागीय मंत्री को वर्तमान मंत्री पद से हटाया जाए। जिससे जांच प्रभावित ना हो। ACS को भी वहां पदस्थ किया जाए। जहां से वह जहां प्रभावित न कर सकें। अनसूटेबल कॉलेज के छात्रों को सरकारी खर्चे पर दूसरे कॉलेजों में एडमिशन दिया जाए। कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि मंत्री जी ने कुलपति को निर्देश दिए थे कि कॉलेजों की दोबारा जांच हो और संबद्धता दी जाए। सात दिन में भोपाल के मलय कॉलेज को मान्यता दी गई। दूसरी बैठक में 21 कॉलेज और तीसरी बैठक में 17 ऐसे करीब 40 कॉलेज को नियम विरुद्ध मान्यता दी गई। मान्यता के साथ परीक्षा की अनुमति भी मिली।
विजयवर्गीय ने कटारे पर कसा तंज
कैलाश विजयवर्गीय ने हेमंत कटारे के संबोधन पर तंज कसते हुए कहा कि आज तक ऐसा ध्यानाकर्षण नहीं देखा है। सत्यनारायण की कथा चल रही है।
हेमंत कटारे ने कहा कि 284 कॉलेजों की मान्यता निरस्त करने के लिए डीएमई की ओर से कहा गया। कई बार के रिमाइंडर के बाद 19 कॉलेजों की मान्यता निरस्त की गई, लेकिन वापस बाहर कर दी गई। छात्र हित लिखा गया, लेकिन हित किसी और का था। इस टीप के आधार पर छूट दी गई और संबद्धता वापस मिलने लगी, ऐसा हुआ है 15 दिन पहले एडमिशन चलाकर छात्रों को परीक्षा में बैठा दिया। बैठक की अध्यक्षता मंत्री जी कर रहे थे।
कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने लगाए गंभीर आरोप
हेमंत कटारे ने कहा कि नर्सिग घटाले कि जनक बीजेपी पार्टी है। सरकार ने नियम परिवर्तन कर शिक्षा माफियाओं को खुली छूट दी है। विश्वास सांरग ने 219 कॉलेज एक वर्ष में खोले। विश्वास सांरग को गिनीज ऑफ बुक में अपना नाम दर्ज करवाने का प्रयत्न करना चाहिए। हजारो करोड़ रुपये का घपला कोविड काल में किया गया। जब कोविड काल में बिस्तर की जरूरत पड़ी तो न बिस्तर थे न हॉस्पिटल थे।
हेमंत कटारे ने विश्वास सारंग पर सदन में बोला बड़ा हमला
हेमंत कटारे विश्वास सारंग पर सदन में बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब छात्र अपने भविष्य की गुहार लगा रहे थे, तब जिमेदार स्कॉपियो में ऊपर स्टंट मार रहे थे। इसी को लेकर विपक्ष ने सदन की कार्यवाही लाइव करने की मांग रखी है। वहीं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विश्वास सांरग की स्टंट की तस्वीर सदन में लेने की आपत्ति ली है। हेमंत कटारे ने इसे यातायात के नियमों के खिलाफ बताया है।
उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने नर्सिंग कॉलेज का मुद्दे पर ध्यानाकर्षण लगाया
कांग्रेस विधायक और सदन में उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने नर्सिंग कॉलेज का मुद्दे पर ध्यानाकर्षण लगाया। कटारे ने कहा कि नर्सिंग काउंसिलिंग के गठन और कॉलेज को फर्जी तरीके से मान्यता जारी की गई।
दिखावे के लिए औपचारिक कार्रवाई की गई है। 3 सत्र से नर्सिंग छात्र का भविष्य अंधकार में है। विभागीय मंत्री ने अपात्र कॉलेजों को मान्यता दी है।
खातेगांव से भाजपा विधायक आशीष गोविंद शर्मा ने इंदौर बूंदी रेल लाइन के अधिग्रहित भूमि का काम मुआवजा दिए जाने पर ध्यान आकर्षण लाया।
तीन नए कानून पर सीएम ने कहा
प्रश्न काल समाप्त होने के बाद तीन नए कानून पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है अंग्रेजों के जमाने में बनाए गए कानून बदले हैं। यह कानून की आत्मा लोगों को दिए गए संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करती है। भारत में दंड की नहीं न्याय की परंपरा है, इन कानून का उद्देश्य दंड देना नहीं न्याय दिलाना है।
लाडली बहना योजना पर सरकार ने दिया जवाब
विधायक कमलेश्वर डोडियार के सवाल पर सरकार ने लाडली बहना योजना में अपात्र हितग्राहियों की जानकारी दी। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने बताया निर्धारित पात्रता की शर्तों को पूरा नहीं करने पर 27 हजार 657 महिलाओं को योजना से हटाया मध्य प्रदेश में महिलाओं को सशक्तिकरण करने और आर्थिक स्वावलंबन के लिए सरकार ने शुरू की थी योजना।
दैनिक वेतनभोगी और संविदा कर्मचारियों के नियमिकरण का उठा मुद्दा
कांग्रेस विधायक देवेंद्र रामनारायण सखवार ने प्रश्नकाल में दैनिक वेतनभोगी और संविदा कर्मचारियों के नियमिकरण का मुद्दा उठाया। जिसपर मंत्री कृष्णा गौर ने जवाब देते हुए कहा कि दैनिक वेतन भोगी के नियमितीकरण को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद हमारी सरकार ने 2007 में दैनिक वेतन भोगियों को नियमित करने के आदेश दिए थे, तबसे दैनिक वेतन भोगी लगातार नियमित हो रहे है। संविदा कर्मियों को भी 2023 में बनी नीति के अनुसार नियमित किया जा रहा है। 2016 के बाद 387 दैनिक वेतन भोगी 32 संविदा कर्मी और हजारों अस्थाई कर्मी नियमित हुए है।
भाजपा विधायक मोहन सिंह राठौर ने पूछा सवाल
भीतरवार से भाजपा से विधायक मोहन सिंह राठौर ने सवाल पूछा कि 100 आंगनवाड़ी भवन विहीन है। इसमें चार वर्ष में 62 स्वीकृत आंगनवाड़ी में से कई अभी भी कई अपूर्ण है। इसपर महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने जवाब दिया कि फंड की उपलब्धता के अनुसार कार्य करती है। भूखंड की उपलब्धता के अनुसार कार्य किया जाता है। इसके अनुसार कार्य किया जाएंगा।
बढ़ते अपराध को लेकर कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने किया सवाल
जौरा से कांग्रेस के विधायक पंकज उपाध्याय ने जौरा में घटित अपराधों में लगातार बढ़ोतरी को लेकर सवाल किया। जिसका जवाब राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने दिया। हालांकि पंकज उपाध्याय ने कहा कि मैं मंत्री के जवाब से पूर्णता असहमत हूं। मेरा सवाल है कि क्या कोई राजनीति अपराध करेगा तो उसे गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। हमारे ब्लॉक अध्यक्ष को रोजाना डराया-धमकाया जा रहा है, अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं है।
पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह का बयान
पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस को जैसे ही लगता है कि वह कंफर्टेबल जोन में आ गया है, वह देश के बहुत संख्या का आबादी के खिलाफ बयान देते हैं। वहीं राहुल गांधी ने फिर से बयान दिया है। बार-बार यह है स्थापित हो चुकी है कि हिंदू कोई जाति नहीं है यह जीवन पद्धति है, इसे मानने वाले बहुसंख्यक हैं। ऐसी टिप्पणियां करना देश की बहुत संख्या का आबादी अपमान करने जैसा है। कांग्रेस के बहुत सारे लोग राहुल गांधी के बयान से नाराज है। कांग्रेस ने एक बार फिर से राहुल गांधी के माध्यम से आत्मघाती कदम उठाया है। वहीं, नर्सिंग मामले को लेकर कहा कि सदन में चर्चा होगी दूध का दूध और पानी का पानी होगा। मुख्य बात है की चर्चा होनी चाहिए। मध्य प्रदेश में मोहन यादव की सरकार है। सरकार हर तरीके की चर्चा की तैयार है हर तरीके की चर्चा होगी तो सब कुछ समझ आ जाएगा।
स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल का बयान
स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि नर्सिंग घोटाले की परतें कांग्रेस शासनकाल तक पहुंच रही हैं और तो और तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री तक पहुंच रही हैं। यह कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई है, जो आज सदन में स्पष्ट होगी।