अनुपूरक बजट पर ओमप्रकाश सखलेचा ने सदन में कहा कि हमने लाडली बहना, आवास किसान और सिंचाई पर फोकस किया। नर्मदा के पानी का बटवारा 78 में हो गया था, उसके बाद 2006 तक उसके पानी की चिंता नही की। 2007 के बाद नर्मदा के पानी पर चर्चा की जाती है, जिसका असर खेतों में दिखता है। मैंने वो दिन भी देखा है जब गांव में बिजली, सड़क, बुनियादी सुविधाएं नहीं थीं। अब गांव की तस्वीर अलग दिखाई देती है। इस वर्ष को उद्योग वर्ष घोषित किया गया है। 200 लाख 27 करोड़ से ज्यादा का बजट रोजगार के लिए रखा। भावान्तर के लिए 500 करोड़ का प्रवधान किया गया है। भूअभिलेख के लिए बजट में बड़ा मद रखा गया है। विवाद से कभी विकास नहीं होता है।
बदनावर से कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने सदन में कहा कि साढ़े चार लाख करोड़ का कर्ज हो गया है प्रदेश में। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा हाथ की कठपुतली से कम नहीं हैं। पैसा उनसे ले लिया जाता, बाहर वह गाली खाते हैं। कर्ज में 60% पैसा खर्च हो रहा है। योजनाओं के लिए पैसा नहीं है। मुफ्त की योजनाओं के मैं विरोध में नहीं लेकिन यह आपकी बीमारी बाकी प्रदेश में भी शुरू हो गई है। लाडली बहनों को लाभ नहीं दे रही बल्कि वोट खरीदने का नया फार्मूला है। नगद योजना रिश्वत की योजनाएं हैं। सब घोटाले ही घोटाले सामने आ रहे हैं। सरकार कहती है कि आंख मूंद कर सड़कों पर गाड़ी चला लो, सड़कों की स्थिति नहीं मालूम। सरकार तो विपक्ष की विधायक समेत जनता को निपटाना चाहती है। 15 करोड़ रुपए कांग्रेस के विधायकों को नहीं दिया, बाकी विधायकों को तो दे दिए। यह विसंगति क्यों.. पांच करोड रुपए विपक्ष को देने की बात कही थी, लेकिन बीजेपी के विधायक 15 करोड़ रुपए लेकर "गब्बर सिंह" हो गए।
अनुपूरक बजट पर ओमप्रकाश सखलेचा ने सदन में कहा कि हम लाडली बहना,आवास किसान और सिंचाई पर फोकास किया। नर्मदा के पानी का बंटबरा 1978 में हो गया था उसके बाद 2006 तक उसके पानी की चिंता नहीं की गई। 2007 के बाद नर्मदा के पानी पर चर्चा की जाती है जिसका असर खेतों में दिखता है। मैंने वो दिन भी देखा है जब गांव में बिजली सड़क बुनियादी सुविधाएं नहीं थी। अब गाँव की तस्वीर अलग दिखाई देती है। इस वर्ष को उद्योग वर्ष घोषित किया गया है। दो सौ लाख 27 करोड़ से ज्यादा का बजट रोजगार के लिए रखा गया है। भावांतर के लिए 500 करोड़ का प्रवधान किया गया है। भूअभिलेख के लिए बजट में बड़ा मद रखा गया है।
शून्यकाल की सूचनाओं के बाद सदन में मंत्री जगदीश देवड़ा, कैलाश विजयवर्गीय, उदय प्रताप सिंह, दिलीप अहिरवार, चेतन कश्यप और नारायण सिंह कुशवाह ने अपने-अपने विभागों से संबंधित पत्र पटल पर रखे। कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा के ध्यानाकर्षण पर ऊर्जा विभाग की ओर से अधिकृत मंत्री तुलसी सिलावट ने सदन में जवाब दिया।
वहीं कटनी के एक व्यापारी के घर हुई आगजनी और उस मामले में गैर-जमानती व गलत धाराएं लगाए जाने संबंधी विधायक प्रणव पांडे, अभिलाष पांडे और संदीप जायसवाल के ध्यानाकर्षण पर मंत्री नरेंद्र शिवाजी पाटिल ने सदन को जवाब दिया।
विधानसभा के प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने आरोप लगाया कि शिवपुरी जिले के किसानों को वादा किए गए 16 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजे का भुगतान अभी तक नहीं हुआ। इस पर राजस्व मंत्री ने जवाब दिया कि 200 करोड़ रुपये किसानों को दिए जा चुके हैं। मंत्री के उत्तर से असंतुष्ट नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि नुकसान का कुल आकलन 5 हजार करोड़ है, लेकिन सरकार ने सिर्फ 200 करोड़ रुपये दिए हैं।
सीएम बोले- नुकसान का रिकॉर्ड सरकारी प्रणाली में उपलब्ध है
इस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बोलते हुए कहा कि धान नुकसान का रिकॉर्ड सरकारी प्रणाली में उपलब्ध है और राशि का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार की तुलना में वर्तमान सरकार किसानों को प्रति हेक्टेयर अधिक मुआवजा दे रही है।
कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने कहा कि ग्वालियर चंबल संभाग में अतिवृष्टि से फसल नुकसान पर झूठे जवाब दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ तीन किसानों की फसल को नुकसान होने की जानकारी दी जा रही है। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने झूठे जवाब देने की बात पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह आसंदी का अपमान है। यह बात सदन के अंदर और बाहर दोनों जगह कही जा रही है। यह ठीक नहीं है।
मानदंड के अनुसार दी जा रही राशि
राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने जवाब दिया कि राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत प्राकृतिक का आपदा से फसल क्षति होने पर प्रभावितों को आर्थिक सहायता दिए जाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। मानदंड के अनुसार राहत राशि दी जाती है।
विधानसभा सत्र के तीसरे दिन की शुरुआत होते ही कांग्रेस का प्रदर्शन हो गया। इस बार विधायक बंदर का रूप लेकर पहुंचे। बोले सरकार जनता पर बंदर की तरह उस्तरा चला रही। युवाओं में बेरोजगारी है, किसान परेशान हैं और लड़कियां सुरक्षित नहीं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में विधानसभा सत्र के तीसरे दिन कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरोध में किया जोरदार प्रदर्शन।
कांग्रेस विधायकदल ने "बंदर के हाथ में उस्तरा" वाली कहावत का सांकेतिक प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बंदर रूपी भाजपा सरकार के हाथ में उस्तरा आ गया है, जिससे वह युवाओं के रोजगार, प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था, कानून व्यवस्था और किसानों के अधिकारों पर उस्तरा चला रही है।
सदन में तीसरे दिन 71 याचिकाओं को प्रस्तुत किया जाएगा। इससे पहले नियम 138 के तहत ध्यान कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने रीवा जिले के ग्रामों एवं टोलों में विद्युतीकरण का कार्य पूरा नहीं होने की ओर ऊर्जा मंत्री और विधायक प्रणय प्रभात पांडे, डॉ. अभिलाष पांडे एवं संदीप जायसवाल कटनी की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में व्यापारी के घर हुई आगजनी के संबंध में गैर जमानती गलत धाराएं लगाए जाने की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करेंगे।
सरकार ने अनुपूरक बजट में राजस्व मद में 8,448.57 करोड़ और पूंजीगत मद में 5,028.37 करोड़ शामिल किए हैं। यह राशि विभिन्न विभागों की योजनाओं और विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए 13,476.94 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया है। इस बजट में ग्रामीण विकास, महिला कल्याण, किसानों और जल संसाधन योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया है। इस बजट पर गुरुवार को साढ़े तीन घंटे तक चर्चा होगी।
प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन गुरुवार को द्वितीय अनुपूरक अनुमान बजट पर चर्चा होगी। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने मंगलवार को अनुपूरक बजट सदन में पेश किया था। बुधवार को अवकाश के बाद गुरुवार से सदन की कार्रवाई शुरू होगी।