मंदसौर में मना जश्न
नई सरकार 14 को लेगी शपथ
शिवराज सिंह चौहान ने राज्यपाल मंगूभाई छगनभाई पटेल से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
विधायक दल के नेता चुने गए मोहन यादव ने कहा कि मैं शीर्ष नेतृत्व का आभार जताता हूं। उन्होंने मुझे बड़ी जवाबदारी दी है। मुझ पर विश्वास जताया है, ये भाजपा ही है जो एक छोटे से कार्यकर्ता को यहां तक पहुंचा सकती है। एमपी के मन में मोदी के मन में मोदी इसी थीम पर काम करेंगे। इसके बाद मोहन यादव प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ भाजपा ऑफिस से रवाना हो गए।
मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री का सस्पेंस हुआ खत्म
तीन दिसंबर को विधानसभा चुनाव 2023 के नतीजे घोषित होने के बाद से ही लगातार इस बात को लेकर सस्पेंस चल रहा था कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री आखिर कौन होगा। इस दौड़ में वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ ही कहीं वरिष्ठ नेताओं के नाम चल रहे थे। लेकिन सोमवार को भोपाल में मध्यप्रदेश भाजपा विधायक दल के बैठक के दौरान की गई घोषणा ने अचानक सभी को उस समय चौंका दिया। जब उज्जैन दक्षिण के विधायक और शिवराज सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रहे डॉ. मोहन यादव को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री की घोषणा कर दी गई।
यहां याद रहे की उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव वर्तमान में उज्जैन दक्षिण से विधायक हैं, जो की वर्ष 2013 में पहली बार इस क्षेत्र से विधायक बने थे, जिसके बाद वर्ष 2018 में फिर इसी विधानसभा सीट से विजय श्री हुए। उन्होंने 2 जुलाई 2020 को शिवराज सरकार मे उच्च शिक्षा मंत्री की शपथ ली थी। जिसके बाद 3 दिसंबर 2023 को वे लगभग 13000 मतों से उज्जैन दक्षिण क्षेत्र से विजय श्री घोषित हुए थे।
मुख्यमंत्री बनने तक कुल 41 वर्षों का रहा संघर्ष
डॉ. मोहन यादव को मंत्री पद तक पहुंचने के लिए 41 वर्षों तक संघर्ष करना पड़ा है। उन्होंने माधव विज्ञान महाविद्यालय से छात्र राजनीति की शुरुआत की थी। पार्टी में कई पदों पर रहने के बाद सरकार में उन्हें मंत्री बनने का मौका मिला है। कई बार वह बयानों को लेकर प्रदेश की राजनीति में चर्चा में रहे हैं। 1982 में वे माधव विज्ञान महाविद्यालय छात्रसंघ के सह-सचिव और 1984 में माधव विज्ञान महाविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे हैं। उन्होंने वर्ष 1984 मे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उज्जैन के नगर मंत्री और 1986 मे विभाग प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली। यही नहीं वर्ष 1988 में वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मध्यप्रदेश के प्रदेश सहमंत्री और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे हैं।
1989-90 में परिषद की प्रदेश इकाई के प्रदेश मंत्री और सन 1991-92 में परिषद के राष्ट्रीय मंत्री रह चुके हैं।1993-95 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, उज्जैन नगर के सह खंड कार्यवाह, सायं भाग नगर कार्यवाह और 1996 में खण्ड कार्यवाह और नगर कार्यवाह रहे हैं। संघ में सक्रियता की वजह से मोहन यादव 1997 में भाजयुमो प्रदेश समिति में अपनी जगह बनाई। 1998 में उन्हें पश्चिम रेलवेबोर्ड की सलाहकार समिति के सदस्य भी बने। इसके बाद उन्होंने संगठन में रहकर अलग-अलग पदों पर काम किया।
2004-2010 के बीच वह उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) रहें। 2011-2013 में मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम, भोपाल के अध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा) भी बने। पहली बार 2013 में वह विधायक बने। 2018 में भी पार्टी ने उनपर भरोसा किया और वह चुनाव जीतने में सफल रहे। 2020 में जब बीजेपी की सरकार बनी तो मोहन यादव फिर से मंत्री बने।
गोविंद राजपूत ने कहा, मोहन जी बहुत सुलझे हुए व्यक्ति हैं वे मध्यप्रदेश को आगे ले जाएंगे। राजपूत ने कहा, जमीन से जुड़े व्यक्ति को मुख्यमंत्री का दायत्व दिया गया है। ओबीसी वर्ग से आते हैं, हमारे मित्र हैं, मैं उन्हें बधाई देता हूं। हरदीप सिंह दंग ने कहा कि ये भाजपा है जो एक छोटे से कार्यकर्ता को सीएम बना देती है। मैं उन्हें बधाई देता हूं।
जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला हो सकते हैं नए उपमुख्यमंत्री। नरेंद्र सिंह तोमर होंगे विधानसभा अध्यक्ष। उज्जैन दक्षिण विधानसभा सीट से 95,699 मत पाकर अपने नजदीकी प्रतिद्वंदी कांग्रेस प्रत्याशी चेतन प्रेमनारायण यादव से 12,941 मतों से विजयी हुए हैं, एमपी के नए सीएम मोहन यादव।
शिवराज ने रखा प्रस्ताव
उज्जैन के मास्टर प्लान को लेकर कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए थे। कहा था कि मोहन यादव ने अपने परिवार को लाभ पहुंचाने के लिए मास्टर प्लान को गलत तरीके से पास कराया है। यादव ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। लोगों ने भी इन आरोपों को गंभीरता से नहीं लिया और मोहन यादव को ही दोबारा विधायक बनाकर भोपाल भेजा है। माता सीता को लेकर एक विवादित बयान भी चर्चा में रहा है। उन्होंने कहा था कि मर्यादा के कारण भगवा राम को सीता को छोड़ना पड़ा था। उन्होंने वन में बच्चों को जन्म दिया। कष्ट झेलकर भी राम की मंगलकामनना करती रहीं। आज के दौर में ये जीवन तलाक के बाद की जिंदगी जैसा है।
माधव विज्ञान महाविद्यालय से पढ़ाई की। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उज्जैन के नगर मंत्री रहे हैं। 1982 में छात्र संघ के सह-सचिव चुने गए थे। भाजपा की राज्य कार्यकारिणी के सदस्य और सिंहस्थ मध्य प्रदेश की केंद्रीय समिति के सदस्य रहे हैं। मध्य प्रदेश विकास प्राधिकरण केप्रमुख, पश्चिम रेलवे बोर्ड में सलाहकार समिति के सदस्य भी रहे हैं। 2013 और 2018 के बाद 2023 में भी उज्जैन दक्षिण विधानसभा सीट पर चुनाव जीते हैं।
मध्यप्रदेश के उज्जैन दक्षिण विधानसभा से लगातार तीसरी बार के विधायक मोहन यादव को मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री चुना गया है। यह चौंकाने वाला नाम है। इसकी संभावना भी किसी को नहीं थी। मोहन यादव ने दो जुलाई 2020 को मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री (उच्च शिक्षा) के तौर पर शपथ ली थी। विवादित बयानों से नाता रहा है। 2020 के उपचुनावों में में असंयमित भाषा का उपयोग करने पर एक दिन के लिए प्रचार करने पर प्रतिबंध तक लगा दिया था।
MP CM Mohan Yadav Live: मोहन यादव को मध्यप्रदेश के नए मुख्यमंत्री के रूप में चुना गया है। विधायक दल की बैठक में मोहन के नाम का एलान हुआ है। मोहन यादव उज्जैन दक्षिण से विधायक हैं, वे साल 2013 में पहली बार एमएलए बने थे। शिवराज सरकार में रह चुके हैं उच्च शिक्षा मंत्री।
भाजपा कार्यालय का मुख्य द्वार अब बंद कर दिया गया है, कुछ देर बाद शुरू होगी विधायक दल की बैठक। प्रहलाद पटेल और शिवराज सिंह के समर्थकों के बीच हो रही जमकर नारेबाजी।
भोपाल उत्तर विधानसभा से 'लाडली बहना' रानी अग्रवाल शिवराज सिंह चौहान को सीएम बनाने के पक्ष में बीजेपी प्रदेश मुख्यालय पहुंचीं।
भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय में विधायक दल की बैठक से पहले पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, पर्यवेक्षकगण हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर, ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के लक्ष्मण एवं पार्टी की राष्ट्रीय सचिव आशा लाकड़ा के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा एवं प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शिष्टाचार बैठक में शामिल हुए।
भारतीय जनता पार्टी, प्रदेश कार्यालय में आयोजित विधायक दल की बैठक में पधारे नवनिर्चित विधायकों का पंजीयन और तिलक लगाकर स्वागत प्रारंभ हुआ।
विधायक दल की बैठक में शामिल होने आए पर्यवेक्षकों का भारतीय जनता पार्टी, प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में जश्न का माहौल, उमड़ रहा है भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं का सैलाब।
सूत्रों का दावा है कि विधायक दल की बैठक से पहले कोर ग्रुप की बैठक होगी। इसमें संगठन के बड़े नेता, केंद्रीय पर्यवेक्षक और वरिष्ठ विधायक मौजूद रहेंगे। इस दौरान केंद्रीय नेतृत्व का संदेश उन्हें दे दिया जाएगा। बताया जाता है कि इस बैठक में पार्टी की रणनीति का खुलासा हो जाएगा। इसके बाद विधायकों को सूचित किया जाएगा।
प्रदेश भाजपा कार्यालय जाने के पूर्व सीएम हाउस जाकर शिवराज सिंह से मिलने पहुंचे पर्यवेक्षक। प्रह्लाद पटेल के बंगले की सुरक्षा बढ़ाई गई। कैलाश विजयवर्गीय बोले, कोई भी नहीं है किसी रेस में। पार्टी जिसे जिम्मेदारी देगी, सभी उसके पीछे हो जायेंगे।
पर्यवेक्षक सीएम हाउस पहुंचे, वहां शिवराज सिंह चौहान ने उनका स्वागत किया। इससे पहले पर्यवेक्षकों का भोपाल एयरपोर्ट पर स्वागत किया गया। सूत्रों का कहना है कि पर्यवेक्षक पहले विधायकों से वन-टू-वन चर्चा करेंगे। फिर चार बजे बैठक शुरू होगी। के लक्ष्मण ने भोपाल के लिए रवाना होने से पहले कहा कि हम विधायकों से चर्चा कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। उसे केंद्रीय नेतृत्व को सौंपा जाएगा। फैसला आलाकमान लेगा।
बता दें कि अब तक भाजपा के प्रदेश कार्यालय में नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल समेत करीब 40 विधायक पहुंच चुके हैं, रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है। भोजन के बाद सभी विधायकों का समूह फोटो होगा, जिसके लिए सभी 163 विधायकों को मौजूद रहने के निर्देश हैं। थोड़ी देर में पर्यवेक्षक भी भाजपा के प्रदेश कार्यालय पहुंच जाएंगे।
भोपाल पहुंचे केंद्रीय पर्यवेक्षक
स्टेट हैंगर पहुंचे बीजेपी के तीनों पर्यवेक्षक
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने की अगवानी
हरियाणा के CM मनोहर लाल खट्टर, OBC मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लक्ष्मण, राष्ट्रीय सचिव आशा लाकड़ा भोपाल पहुंचे
बीजेपी विधायक दल की बैठक में होंगे शामिल
नरेंद्र सिंह तोमर भाजपा मुख्यालय पहुंचे
MP New CM Face Live: मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसका फैसला कुछ ही घंटों बाद हो जाएगा। भाजपा ने विधानसभा चुनावों के नतीजों के आठ दिन बाद सोमवार को विधायक दल की बैठक बुलाई है। इसमें हंगामा होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। इस वजह से विधायकों को भेजे गए पत्र में साफ तौर पर लिखा है कि बैठक से पहले तक कोई भी विधायक मीडिया के सामने प्रतिक्रिया नहीं देगा। बैठक में भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं को भी बुलाया गया है, जो विधायक नहीं है।
मध्यप्रदेश में 17 नवंबर को मतदान हुआ और तीन दिसंबर को विधानसभा चुनावों के नतीजे आए। भाजपा ने 230 सीटों वाली विधानसभा में 163 सीटों के साथ बम्पर बहुमत हासिल किया है। कांग्रेस को 66 और अन्य को एक सीट से संतोष करना पड़ा। केंद्रीय पर्यवेक्षक हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के लक्ष्मण और राष्ट्रीय सचिव आशा लाकड़ा शीर्षनेतृत्व का निर्देश बैठक में सुनाएंगे।
MP CM Live: विधायकों के लिए गाइडलाइन जारी
राजधानी भोपाल में आज विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। इससे पहले विधायकों के लिए गाइडलाइन जारी की गई है। उन्हें दोपहर एक बजे तक रजिस्ट्रेशन कराना होगा। पर्यवेक्षक विधायकों से वन-टू-वन करेंगे बात।
MP CM Live: आलाकमान का होगा आखिरी फैसला
मध्यप्रदेश के नए सीएम के चयन पर राज्य के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाए गए के लक्ष्मण ने कहा, आज शाम विधायक दल की बैठक होगी। इसके बाद अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान लेगा। बता दें कि विधायक दल की बैठक के लिए पर्यवेक्षक राज्य में पहुंच गए हैं।