सपा विधायक पूजा पाल ने कहा, पीएम मोदी ने देश की आबादी को सम्मान दिलाने का प्रयास किया। विपक्ष में बैठे सपा और कांग्रेस जो खुद को महिला हितैषी बताते हैं, यही लोग इसका विरोध करने लगे। ये लोग दिखा रहे कि ये महिला विरोधी थे, हैं और रहेंगे।
उस दिन महिलाएं टीवी पर टकटकी लगाकर देख रही थी, ये वो महिलाएं थी जो गरीब थी, किचन में काम कर रही थी, लेकिन जब बिल पास नहीं हुआ तो उनके मन को ठेस पहुंचा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है। यही कारण है कि वर्क फोर्स में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है जिसका परिणाम हुआ है कि यूपी की अर्थव्यवस्था में तीन गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि अगर सपा के लोग महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहे हैं तो संसद में अपने आचरण की भर्त्सना करें और अपने व्यवहार की निंदा करें।
विशेष सत्र में शामिल होने के लिए पहुंचे सपा विधायकों ने पीएम मोदी की तस्वीर लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक लागू किया जाए।
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर भाजपा की महिला विधायकों ने पैदल मार्च किया और विपक्षी दलों के खिलाफ नारेबाजी की।
भाजपा की महिलाओं ने भी महिला आरक्षण की मांग करते हुए सदन में नारेबाजी की। भाजपा विधायक भी तख्ती लेकर सदन में पहुंची हुई थीं।
सदन के विशेष सत्र में शमिल होने के लिए पहुंचे सपा विधायकों ने महिला आरक्षण को लागू करने की मांग की और सदन की गैलरी में तख्ती लेकर पहुंचे।
इसके पहले, बुधवार को सपा विधानमंडल दल की बैठक में महिला आरक्षण के बहाने परिसीमन की कथित साजिश के खिलाफ अति निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। इस दौरान सपा अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी मौजूद रहे। विधानसभा में नेता विरोधी दल माता प्रसाद पांडेय ने निंदा प्रस्ताव पारित घोषित किया।
अति निंदा प्रस्ताव में कहा गया है कि हम केंद्र की भाजपा व उनकी सहयोगी दलों की घोर निंदा करते हैं जो महिला आरक्षण का ढोंग करती हैं। जिनका मंसूबा इस बिल के बहाने निर्वाचन क्षेत्रों का मनचाहा परिसीमन करके चुनाव जीतना था, न कि सच में महिलाओं को उनके अधिकार देकर उनका सशक्तीकरण करना।