विधानसभा में सपा विधायक शज़िल इस्लाम अंसारी ने कहा कि यह बजट भले ही आकार में बड़ा हो। लेकिन, युवाओं को रोजगार, किसान को राहत दे पाएगा, इसमें शंका है। भ्रष्टाचार चरम पर है। आम आदमी को राहत मिलती नहीं दिख रही है। उन्होंने बरेली में कृषि विश्वविद्यालय स्थापित किए जाने की मांग की। साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं में बेहतरी के लिए एम्स की स्थापना करने की मांग की।
उधर, विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान बिजली के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी ने वॉकआउट कर दिया। जवाब में ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सपा सरकार में महिलाएं बिजली के तारों पर कपड़े सुखाती थीं।
सदन में सपा ने टीबी रोगियों की तरह कुष्ठ रोगियों के लिए भी पोर्टल बनाने की राय रखी। ताकि, जो लोग उनकी मदद कर सकते हैं, उनकी मदद करें।
सपा विधायक मनोज पारस ने जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र समय पर न बनने का मुद्दा उठा। जिलों में हजारों की संख्या में आवेदन लंबित हैं। पहले इसकी प्रक्रिया सरल थी। अब प्रक्रिया इतनी जटल हो गई, कि लोग अपने प्रमाण पत्र नहीं बनवा पा रहे हैं। एक खास वर्ग के लोगों के नाम एसआईआर में नाम काटे जा रहे हैं। गलत तरीके से फार्म-7 भराए जा रहे हैं। उन्होंने बीएलओ की मौत पर मुआवजे की बात उठाई।
इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि हमने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी जनप्रतिनिधियों के फोन उठाएं। जो लोग फोन नहीं उठाते, हम उनके साथ नहीं हैं। इसके लिए हमने शासनादेश जारी किया है।
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि आजकल अधिकारी विधायकों के फोन नहीं उठाते। थानेदार बैठकर दलालों से गप करते हैं, लेकिन फोन उठाने का समय नहीं है।
सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने रोजगार का मुद्दा उठाया। पेपर लीक के साथ-साथ परीक्षाओं के परिणामों की देरी पर सवाल खड़ा किया।
इसके जवाब में संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि एनसीआरबी के आंकड़े दिखाते हुए जवाब दिया। उन्होंने बताया कि हम अपराध के मामले में 20वें नंबर पर है। हत्या के मामले में हम 29वें नंबर पर हैं। साइबर क्राइम के बारे में भी सरकार पूरी तरह सक्रिय है। हर बुधवार को जागरुकता अभियान चलाया जाता है। 658.70 करोड़ की धनराशि फ्रीज की गई। 18198 IMEI नंबर सीज किए गए। 76706 मामलों का निस्तारण कराया गया। 3987 करोड़ राशि वापस कराई गई।
सपा विधायक संग्राम यादव ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने हाईकोर्ट के जज की टिप्पणी का जिक्र करते हुए पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। हाफ एनकाउंटर पर भी हाईकोर्ट की टिप्पणी का जिक्र करते सवाल उठाया?
इसके जवाब में पंचायतीराज मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि दो बार पत्र लिखा है कि पंचायत और ब्लॉक के चुनाव जनता से सीधा चुनाव कराया जाए।
सपा विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि आज गांवों की स्थिति काफी खराब है। अधिकारियों और कर्मचारियों का व्यवहार प्रधानों के साथ बेहद खराब है। इस बार त्रिस्तरीय चुनाव की प्रक्रिया कब शुरू होगी? उन्होंने जिला पंचायत और ब्लॉक के चुनाव डायरेक्ट कराने की मांग की।
इसके जवाब में मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि केंद्र सरकार की नियमावली के माध्यम से कार्यवाही प्रचलित है।
सपा विधायक कमाल अख्तर ने वक्फ बोर्ड और वक्फ संपत्तियों को लेकर सवाल खड़े किए। 70 फीसदी मुतवल्ली की सीटें खाली हैं। फिर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कैसे होगा?
माध्यमिक शिक्षा, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने जवाब भी शायरी पढ़कर दिया। 'जानकर अंजान बने, ये कुछ और बात है, इनको मालूम न हो ये और बात है। सूर्य की किरणें कितनी भी चमचमाएं, लेकिन सागर को सुखा नहीं सकतीं।
सपा विधायक रागिनी सोनकर ने शायरी पढ़कर सरकार को निशाने पर लिया। पढ़ा कि 'श्रीराम कह गए सिया से, ऐसा कलयुग आएगा....'। एडेड स्कूलों में साइंस के टीचर क्यों नहीं उपलब्ध करा पा रही सरकार, जो प्रधानाचार्य रिटायर हुए, उनकी भर्तियां कब की जाएंगी?
सपा विधायक ने चकबंदी का मुद्दा उठाया। कहा कि इसकी वजह से किसान परेशान होते हैं। अन्ना पशु भी चैलेंज बने हुए हैं। 'होली खेले सांड़ राम गेंहू में...' किसान बस यही चिल्ला रहा है।
मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि हमने फीस रेगुलेशन एक्ट बनाया गया है। जिलाधिकारी के माध्यम से कमेटी बनाकर शिकायत दर्ज की जाती है। जांच करके उन सभी मामलों में निजी स्कूलों पर एक्शन लिया जाता है।
विधायक संदीप सिंह ने परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की स्थिति और पढ़ाई की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए। कहा कि शिक्षक सरकारी काम में व्यस्त रहते हैं। हद तो तब हो गई, जब उनकी ड्यूटी कुत्ते गिनने में लगा दी गई। निजी स्कूलों में किताब, ड्रेस के नाम पर लूट मची है। क्या सरकार इस पर कोई नियम बनाएगी?
इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि योगी 2.0 में धरना-प्रदर्शन, जुलूस आदि के लिए शासनादेश जारी हुआ। धार्मिक-सामाजिक हर प्रकार के कार्यक्रम के लिए नियम बनाए गए हैं।
सपा विधायक सचिन यादव ने बाबा सहेब की शोभा यात्राओं पर रोक लगाने का मुद्दा उठाया। महात्मा बुद्ध की शोभायात्रा की रोक लगा दी जाती है। उन्होंने धर्म की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया। उन्होंने शोभायात्रा के लिए पुलिस रजिस्टर में दर्ज कराकर परमिशन दिलाए जाने की मांग की।
शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि यूपी सरकार इसके रिव्यू पर पहले ही जा चुकी है। किसी भी स्कूल को बंद करने का निर्णय कभी नहीं लिया गया। एक भी परिषदीय विद्यालय बंद नहीं किया गया है।
सपा विधायक ने सरकारी स्कूलों के बंदी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि परिषदीय विद्यालय बंद किए जा रहे हैं, लेकिन गांव-गांव मधुशाला खोली जा रही हैं। शिक्षकों की भर्तियां नहीं की जा रही हैं। कहा कि सभी शिक्षकों के लिए टेट अनिव्राय मुद्दे पर सरकार क्या करेगी?
इसके जवाब में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने विवि एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों की सुविधाओं के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं कि जो सुविधाएं विवि के शिक्षकों को मिले, वह महाविद्यालय के शिक्षकों को मिले। या फिर जो सुविधाएं महाविद्यालय के शिक्षकों को मिले, जरूरी नहीं वह विवि के शिक्षकों को मिले।
सदन में अपनी बात रखते हुए विधायक पल्लवी पटेल ने उच्च शिक्षा मंत्री से पहला सवाल किया। उन्होंने विवि में कार्यरत शिक्षकों को मेडिकल लीव दिए जाने पर जानकारी मांगी।
उत्तर प्रदेश विधानसभा में आज दूसरे दिन भी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा होगी। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना विधायकों को बजट पर बोलने का मौका देंगे। सभी सदस्य अपने-अपने मत रखेंगे। आज सदन के हंगामेदार रहने का अंदेशा है।