सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
सीएम ने कहा कि ये लोग अपने बच्चों को इंग्लिश मीडियम में पढ़ाना चाहते हैं। आमजन के बच्चों को कहते हैं, उर्दू पढ़िए। ये उनके बच्चों को मौलवी बनाना चाहते हैं।
सीएम ने कहा कि विपक्ष हर अच्छे काम का विरोध करता है। विपक्ष को समाज के सामने एक्सपोज कराना चाहिए।
वंदे मातरम गीत के गायन के साथ सदन की कार्यवाही पुनः शुरू की गई।
समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के बाहर खुद को जंजीरों में बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार नहीं दे पा रही है। इसलिए, लोग डंकी रूट से विदेश जा रहे हैं। सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि आने वाले समय में किसी भारतीय प्रवासी को हथकड़ियों में निर्वासित न किया जाए।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और सपा नेता माता प्रसाद पांडे ने बजट सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण पर कहा कि उनके अभिभाषण में जो पढ़ा जा रहा था, समाजवादी पार्टी ने उसका विरोध किया। क्योंकि, उसमें झूठे आंकड़े दिए गए थे। मांग हो रही थी कि महाकुंभ की भगदड़ में जो मौतें हो रही हैं, उसके सही आंकड़ों को बताया जाए। राज्यपाल आधा भाषण छोड़कर चली गईं। हमें लगता है कि वे महाकुंभ में हुई घटनाओं से दुखी थीं, इसलिए उन्होंने पूरे भाषण को पढ़ा ही नहीं।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बजट सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण पर कहा कि विपक्ष का आचरण गैर-जिम्मेदाराना है। राज्यपाल के अभिभाषण के माध्यम से प्रदेश में जो सरकार काम कर रही है, उसकी जानकारी दी जाती है। समाजवादी पार्टी का आचरण सदा ऐसा ही रहा है कि वे महामहिम राज्यपाल का आदर करने के बजाय हल्लाबोल करते हैं। समाजवादी पार्टी ने यह दिखा दिया कि वे एक जिम्मेदार राजनीतिक दल कम और अराजकता फैलाने वाला दल ज्यादा है।
मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि विपक्ष का बहुत ही गैर-जिम्मेदाराना रवैया है। इनका काम विरोध करना है, ये हर बात में नेगेटिव सोचते हैं।
मंत्री दयाशंकर सिंह ने विधानसभा बजट सत्र के दौरान विपक्ष के विरोध पर कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। विपक्ष के लिए सदन एक अवसर होता है। सदन में वे अपनी बातों को उठा सकते हैं, लेकिन विपक्ष पास कोई मुद्दा ही नहीं है। इसलिए, वे जो हो रहा है, उसका विरोध कर रहे हैं।
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट सत्र पर कहा कि आज विधानमंडल की कार्यवाही प्रारंभ होने के साथ ही राज्यपाल द्वारा सदन को संबोधित किया जाएगा। इसके बाद कल से राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन में चर्चा भी होगी। 20 फरवरी को सदन में उत्तर प्रदेश का वर्ष 2025-26 का आम बजट पेश किया जाएगा। सत्र 18 फरवरी से 5 मार्च तक प्रस्तावित किया गया है। उत्तर प्रदेश के इतिहास में ऐसे बहुत कम अवसर आए हैं जब इतने लंबे समय तक सत्र आहूत किया गया हो। लेकिन सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से संपन्न हो, यह केवल सत्ता पक्ष की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि विपक्ष की भी उतनी ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
सदन चर्चा परिचर्चा का एक मंच बने। पिछले करीब 8 वर्षों में डबल इंजन वाली भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश के विकास के जो मानक स्थापित किए हैं, वे अभूतपूर्व हैं। इसकी झलक अभिभाषण के साथ-साथ सदन के अंदर चर्चाओं के जरिए भी देखने को मिलती है...स्वाभाविक रूप से हताश और निराश विपक्ष इन मुद्दों पर चर्चा करने से भागने की कोशिश करता है और इसमें बाधाएं खड़ी करने की कोशिश करता है सदन की कार्यवाही में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण है। अगर विपक्ष सार्थक चर्चा को आगे बढ़ाने में मदद करता है, तो मेरा अनुमान है कि यह सत्र बहुत अच्छा हो सकता है।
राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सपाइयों के हंगामे को देखते हुए विधानसभा की कार्यवाही 12:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अभिभाषण समाप्त हो गया है। बजट सत्र में आगे की कार्यवाही जारी है। सपाई लगातार नारेबाजी और हंगामा कर रहे हैं।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के साथ बजट सत्र शुरू हो गया है। इस दौरान सपाई नारेबाजी करते हुए हंगामा करते रहे।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि आज से विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने जा रहा है। हमारी सरकार प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इस सत्र में विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी।
सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने हाथ में गगरी लेकर विधानसभा में प्रदर्शन किया। इसमें लिखा कि नैतिकता का 'अस्थि कलश'
मेरठ के सरधना से विधायक अतुल प्रधान ने हाथों में बेड़ियां डालकर विधानसभा में प्रदर्शन किया।
बजट सत्र शुरू होने से पहले सपा कार्यकर्ताओं ने हाथों में गगरी और तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। गगरी में लिखा कि यह नैतिकता का अस्थि कलश है। वहीं तख्तियों में विभिन्न नारे लिखकर भाजपा पर प्रदेश में भाईचारा मिटाने का आरोप लगाया।
विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने से पहले सपा कार्यकर्ताओं चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर हंगामा शुरू कर दिया। इसमें सपा विधायक एवं विधान परिषद सदस्य शामिल रहे।