सीएम ने कहा कि सपा को कांग्रेस से सीखना चाहिए। कोई भी ऐसा आचरण न करें, जो समाज में विभेद पैदा करता हो। जिम्मेदार विपक्ष के रूप में भूमिका का निर्वहन करें। राज्यपाल का आभार व्यक्त करें। विपक्ष के लोग भी सर्वसम्मति से धन्यवाद प्रस्ताव पारित करें।
सीएम ने आगे कहा कि आज प्रदेश में बेहतर एयर कनेक्टिवटी है। प्रदेश में 16 डोमेस्टिक एयरपोर्ट, 4 इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। पांचवा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर में बनकर तैयार है। इसी महीने हम कोशिश करेंगे कि वह शुरू हो। प्रदेश में शिक्षा की बेहतर व्यवस्था है। टाटा टेक्नालॉजी के साथ मिलकर आईटीआई पर काम हुआ है। जब टीम वर्क होता है, तब परिणाम आता है। आज अपराधी भयभीत है, किसान खुशहाल है, हर गांव में बिजली है। आज यूपी राम राज्य की ओर आगे बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि बजट के बारे में सपा अच्छा नहीं बोल पाई। उनके पास कुछ अच्छा है नहीं तो अच्छा बोल नहीं पाए। सपा जातीय संघर्षों को बढ़ावा देती है। आपस में लड़ाती है। आस्था को अपमानित करती है। सांविधानिक मूल्यों पर भी प्रहार करने से पीछे नहीं रहते हैं। एसआईआर भारत निर्वाचन आयोग करवा रहा है। इसमें सरकारों का रोल नहीं होता है। 2 करोड़ 88 लाख लोग या तो मृत पाए गए, या शिफ्टिंग किए गए। सपा इन्हें फर्जी वोट बनाकर मतदान कराती थी। तभी फार्म-7 के नाम पर फर्जी बातें करती है। इनके कार्यकर्ता बीएलओ के साथ मारपीट कर रहे हैं। ये सांविधानिक मूल्यों का अपमान है। ये किसी भी प्रकार स्वीकार नहीं हो सकता है।
सीएम ने कहा कि पहली की सरकारों का विकास परिवारवादी था। जेपीएनआईसी का उदाहरण देते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। कहा कि 800 करोड़ खर्च हो गए वह फिर भी अधूरा है। हमने जेपी के जन्मभूमि पर अस्पताल बनवाया।1400 करोड़ खर्च हो गए, फिर भी गोमती रिवर फ्रंट का प्रोजक्ट अधूरा है, यह महज 300 करोड़ का प्रोजेक्ट था।
सपा सरकार ने अपने कार्यकाल में अराजकता फैलाई। इसीलिए युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा हुआ। किसान सुसाइड के लिए मजबूर हुआ। आज जल, थल, नभ तीनों यूपी के अंदर देखने को मिलता है। यूपी में पहली रैपिड रेल का उद्घाटन 22 फरवरी को होगा। आज यूपी में सुरक्षा का बेहतरीन वातावरण है। मेरठ से दिल्ली सिर्फ 45 मिनट में तय होता है। आज 22 एक्सप्रेसवे वाला राज्य यूपी है। इनमें 7 क्रियाशील हो चुके हैं और 5 निर्माणाधीन हैं। 10 पर हम काम कर रहे हैं।
सीएम योगी ने कहा कि हमने सात लाख से अधिक आवास उपलब्ध कराए। 2017 से पहले राशन वितरण की खूब शिकायतें थीं। आज कोई शिकायत नहीं है, क्योंकि टेक्नालॉजी का उपयोग किया गया। 6 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे। किसी भी सेक्टर में यदि यूपी के युवा को मौका मिला, तो उसने अपनी अलग छाप छोड़ी। डाटा आज की सबसे बड़ी ताकत है। एआई देश का मर्चिंग सेक्टर है। इसके लिए बजट में व्यवस्था की गई है।
उन्होंने आगे कहा कि हर युवा उद्यमी बन सके, 'सीएम युवा उद्यमी' स्कीम से काम चल रहा है। हर साल एक लाख युवा उद्यमी बन सकें, इसके लिए तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। ईवी के पहली यूनिट लखनऊ में स्थापित हुई है। 20 हजार से अधिक स्टार्ट अप यूपी में चल रहे हैं। प्रदेश में बेरोजगारी की दर 2.24 फीसदी तक आ गई है। हर गांव में खेल का मैदान हो, इसके लिए भी प्रयासरत हैं। इलेक्ट्रिक व्हीकल के बाजार में यूपी की धमक है। खरीदे जा रहे वाहनों 19 फीसदी हिस्सा यूपी का है। तिपहिया वाहनों में 40 फीसदी से अधिक यूपी का हिस्सा है।
सीएम ने आगे कहा आज ओडीओपी के माध्यम से उत्पादकों को बाजार से जोड़ा। 96 लाख एमएसएमई यूनिट में 96 लाख युवाओं के लिए रोजगार का रास्ता खुला। जो सरकार अपने हस्तशिल्पियों का सम्मान नहीं करती, उसका सपा जैसा हाल होगा। निवेश की पहली शर्त सुरक्षा, दूसरी सुविधा और तीसरी शर्त पालिसी बनाकर उसका क्रियान्वयन करना है। आज यूपी में तीनों हैं। डबल इंजन सरकार से स्पीड आना भी स्वाभाविक है। पहले मात्र 14 हजार कारखाने थे। 2017 के बाद से इनकी संख्या 31 हजार पार कर गई है।
उन्होंने आगे कहा कि मेडिकल इन्फॉस्ट्रक्चर के अंदर हमें बड़ी सफलता हासिल हुई है। आज वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज और वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट यूपी में हैं। आज महिला सुरक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य और शिक्षा की स्थिति बेहतर है। हमने 1.75 हजार नौकरियां सिर्फ बेटियों को दी हैं। पहले कहावत थी देख सपाई बिटिया घबराई। आज नाइट शिफ्ट में भी बेटियां काम कर रही हैं।
सीएम ने कहा कि यूपी को बीमारू राज्य कहकर लोग इसका मजाक उड़ाते थे। आज देश की जीडीपी में 9.5 फीसदी है। प्रति व्यक्ति आया तीन गुना हुई है। 8.5 वर्षों में कोई नया टैक्स नहीं लगाया, हां टैक्स चोरी रोकी है। आज रेवेन्यू सरप्लस प्रदेश के रूप में हम हैं। 2017 से पहले कृषि के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं थी। किसान सिर्फ वोट बैंक था। आज लागत कम उत्पादन ज्यादा है। आज किसान विकास का साथी है। जो भी पैसा होता है, डीबीटी के माध्यम के सीधे अन्नदाता के खातों में जाता है।
उन्होंने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि से 95 हजार करोड़ से अधिक धनराशि यूपी के किसानों को दी गई है। आज 'खेती की बात खेत में' हो रही है। कृषि वैज्ञानिक जाते हैं, किसान से बात करते हैं। कृषि उत्पादन की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जा रहा है। आज प्रदेश के अंदर 7727 गो आश्रय स्थल संचालित हैं। इनमें 16 लाख से अधिक गोवंश हैं। प्रदेश में 3 लाख 6 हजार करोड़ गन्ना किसानों को मूल्य का भुगतान किया गया।
उन्होंने आगे कहा कि पहले फोरेसिंक लैब सिर्फ दो थीं। आज 12 लैब ए ग्रेड की चल रही हैं। 6 निर्माणाधीन हैं। सभी जनपदों में दो-दो फोरेसिंक वैन संचालित हैं। यदि कोई अपने फायदे के लिए उन आक्रांताओं का महिमा मंडन करता है, जिन्होंने देश को नुकसान पहुंचाया, देश आज उसे स्वीकार नहीं करेगा। भारत के राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान का अपमान करना संविधान का अपमान है। भारत में रहेंगे, लेकिन वंदे मातरम नहीं गाएंगे, ये नहीं चलेगा।
सीएम ने कहा कि सपा के लोग गाजी के मेले का समर्थन करते हैं, जो भारत की संस्कृति को रौंदने आया था। महाराज सुहेलदेव के नाम पर हमने विवि बनाया। ये लोग राम मंदिर का विरोध करते हैं, काशी विश्वनाथ का विरोध करते हैं। इन लोगों में भारत की आस्था का कोई सम्मान नहीं है। संभल, बरेली, बौद्ध तीर्थ, प्रयागराज, काशी, मथुरा समेत सभी तीर्थों का विकास किया जा रहा है। आज यूपी की पहचान देव दिवाली से होती है।
विधान परिषद में सीएम योगी ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान हुए विपक्ष के हंगामे को लेकर अपनी बात शुरू की। उन्होंने विपक्ष के व्यवहार को बेहद खराब बताया। कहा कि इनसे किसी भी प्रकार की उम्मीद करना बेवकूफी है। आज 8.5 वर्षों में यूपी बदलाव आया है। पहले की सरकारों ने प्रदेश को अपराध, अराजकता का गढ़ बना दिया था। कर्फ्यू यहां की पहचान बन गया था। आज यूपी टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट एंड ट्रांसफॉर्मेशन की त्रिवेणी बनकर उभरा है। 2017 से पहले सत्ता के ंसंरक्षण माफिया पल रहे थे, जो सरकार के पैरलल अपनी सत्ता का संचालन करते थे। वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया था। न बेटी सुरक्षित थी, न व्यापारी सुरक्षित था। 2017 के बाद उपद्रवग्रस्त प्रदेश उत्सव प्रदेश बन गया है।
सीएम ने कहा कि कानून व्यवस्था का मतलब रूल ऑफ लॉ है। यूपी फियर (भय) जोन से फेथ जोन में बदल गया है। महाशिवरात्रि के अवसर पर 40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में स्नान किया। आज जो श्रद्धालु प्रदेश में आ रहे हैं, उन्हें आज की व्यवस्था पर भरोसा है। 2017 के बाद से न कर्फ्यू है, न दंगा है... यूपी में सब चंगा है। आज प्रदेश की पुलिस में 44 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मी हो गई हैं। पहले ट्रेनिंग सेंटर नहीं थे। आज जितनी भी भर्तियां हो रही हैं, उन सबकी ट्रेनिंग हम अपने सेंटर में कर रहे हैं। अब खपरैल वाले कमरे नहीं हैं। आधुनिक बैरक बनाए गए हैं।
बजट पर सपा विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि सरकार हमेशा छल, कपट, घृणा-द्वेष की भावना वाली है। पांच साल से हम बजट देख रहे हैं, लेकिन कुछ खास नहीं हुआ। पिछले साल सरकार कृषि में 55 फीसदी, खेल पर 61 फीसदी, गृह विभाग पर 31 फीसदी, शिक्षा-स्वास्थ्य पर 54 फीसदी बजट ही खर्च कर पाई है। सीएम के द्वारा सदन के नेता प्रतिपक्ष के परिवार के लिए बुढ़िया शब्द का इस्तेमाल किया गया। हम इसकी निंदा करते हैं। मथुरा में टंकी फट गई, उसके नीचे दबकर लोग मर गए। गुजराती लोग ठेके ले गए। अनस्किल्ड लोग काम कर रहे हैं। गन्ना के दाम 30 रुपये बढ़ाए, ढुलाई का भी रेट बढ़ा दिया। किसान की स्थिति जस की तस। सब्जियोंं के दाम नहीं मिल पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार सनातन की बात करती है, रोज सनातन का अपमान करती है। वाराणसी में न जाने कितने मंदिर तोड़ दिए। कुंभ में न जाने कितनी जानें गईं? अविमुक्तेश्वरानंद ने इसका खुलासा किया तो उनका अपमान किया गया। आप उनसे सर्टिफिकेट मांगा, आपसे सर्टिफिकेट मांगा जाए तो आप कौन सा सर्टिफिकेट देंगे। मेरठ में सेंट्रल मार्केट तोड़ा जा रहा है। सरकार पीड़ितों के लिए बिल लेकर आए।
सपा विधायकों ने इस प्रस्ताव को प्रवर समिति को भेजने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि समिति एक महीने में इस पर अपना विचार दे।
उच्चशिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि हमने छह राजकीय विश्वविद्यालय स्थापित किए। इस बार प्रस्ताव पारित होने के बाद 10 विश्वविद्यालय हो जाएंगे। शाहजहांक्षेत्र में हम विश्वविद्यालय स्थापित कर रहे हैं। इससे आसपास के सात महाविद्यालय संबंद्ध किए जाएंगे। हर जिले में विश्वविद्यालय हो युवा शिक्षित हो यह संकल्प लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं।
इसके जवाब में श्रम एवं रोजगार मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि बेरोजगारी की समस्या एक बड़ी चुनौती है। जब से योगी सरकार बनी हम इस संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं कि हर हाथ को काम मिले। विपक्ष युवाओं को आधार बनाकर सदन में घड़ियाली आंसू बहाता है। आंकड़ों पर बात करते हुए बताया कि 2012-17 के बीच सपा सरकार में 1.39 लाख रोजगार दिए गए। हमारी सरकार में अब तक 8.5 लाख सरकारी नौकरी दी गई हैं।
सपा विधायक संग्राम सिंह यादव ने सदन में बेरोजगारी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार कहती है कि परीक्षा की सुचिता बनाए हुए हैं। लेकिन, यह सिर्फ आंकड़े दिख रहे हैं। सरकार प्राविधिक कला में नियम बदले, ताकि नौकरी न देने पड़े। PET की परीक्षा को लेकर अभ्यर्थी आंदोलित हैं। इसी एक परीक्षा से बाबू का मेंस हो रहा, इसी से समीक्षा अधिकारी भी बनाए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार पर आरक्षण खत्म करने की साजिश करने का भी आरोप लगाया।
जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने पानी से जुड़े सवालों का जवाब दिया। बताया कि सीतापुर में जलाशय के काम पूर्ण कराए गए। हाउस कनेक्शन के कारण कुछ घरों में कनेक्शन बाकी है। प्रतापगढ़ के मांधाता गांव में जांच चल रही है। पहली बार जल जीवन मिशन के तहत 112 लोगों पर कार्रवाई हुई। 24 को निलंबित, 292 को नोटिस दिया। 135 को स्पष्टीकरण दिया गया। चार को नौकरी से निकाला गया। उन्होंने कहा कि मैं मंत्री रहते हुए भी किसी को ठेका-पट्टा नहीं दिलाया।
विधायक कमाल अख्तर ने मछली जल की रानी है... की कविता सुनाकर सरकार पर तंज कसा। पानी के संक्रमण से होने वाली बीमारियों का मुद्दा सदन में उठाया। कहा कि आंकड़ों के अनुसार, देश में हर साल चार लाख लोगों की मौत शुद्ध पेयजल न मिलने से होती है।
आज सदन में रायबरेली के हरचंदपुर से सपा विधायक राहुल लोधी हाथ में पोस्टर लेकर पहुंचे। इसमें 'वोट चोरी बंद करो, लोकतंत्र बचाओ हक दिलाओ, सरकारी एस्कार्ट का दुरुपयोग क्यो?' जैसे नारे लिखे थे।
प्लास्टिक पर बैन, पैकेज्ड फूड की जांच और कार्रवाई से जुड़े सवालों पर मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि हमारे पास तीन माइक्रो बायोलॉजी प्रयोगशाला है। जहां जांचें कराई जाती हैं। यह व्यवस्था पहले नहीं थी, हमारी सरकार ने एक लाख आठ हजार नमूनों की जांच की क्षमता हम लोगों ने विकसित कर ली है।
आउटसोर्सिंग के कर्मचारियों के जवाब में ब्रजेश पाठक ने कहा कि भूतपूर्व सैनिक निगम को सिक्योरिटी का जिम्मा दिया जा रहा है। जो आउटसोर्स कर्मी खाली हुए हैं, उनके लिए कुछ न कुछ व्यवस्था की जाएगी।
इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि हार्ड और कैंसर के रोगियों की संख्या बढ़ी है। इसके लिए एक्सटेमी प्रोग्राम के तहत हमने व्यवस्था कर रखी है। सबसे पहले ईसीजी करके व्हाट्सएप ग्रुप में डालते हैं। जांच देखकर विशेषज्ञ बताते हैं कि क्या इलाज करना है।
डॉक्टरों के प्रमोशन के सवाल पर ब्रजेश पाठक ने जवाब दिया कि यह प्रक्रिया लगातार चल रही है। 2014 तक के प्रमोशन पूरे कर लिए गए हैं।
इसके अलावा किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसके ट्रांसप्लांट के लिए परिवार के व्यक्ति का ही होना जरूरी होता है। हम इसके निर्देश देंगे कि एक सप्ताह से कम समय में आवेदन स्वीकार हों।
सपा विधायक पप्पू ने सवाल उठाया कि अस्पतालों में कैंसर की दवाएं नहीं हैं। आजमगढ़ में मेडिकल कालेज में दवाएं नहीं हैं। डॉक्टर बाहर की दवाएं लिखते हैं। सरकार दवाओं की उपलब्धता और वितरण कैसे बेहतर बनाएगी?
इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने सबसे पहले प्रदेशवासियों से अपील की है कि सभी लोग एक बेहतर दिनचर्या का पालन करें। मोबाइल चलाते हुए रातभर जगे नहीं। स्पोर्टस एक्टिविटी बढ़ाएं। एक्सरसाइज करें। ऐसे तरल पदार्थों का सेवन बिल्कुल न करें, जो शरीर के लिए ठीक न हो। अस्पतालों में कैंसर जांच, हार्ड के मरीजों के लिए इलाज उपलब्ध है।
सपा से विधायक इंजीनियर सचिन यादव ने कैंसर से हो रही मौतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि तीन हजार से ज्यादा डेथ कैंसर से हो रही हैं। वहीं दो हजार से ज्यादा लोग हार्ड अटैक से खत्म हो रहे। वैक्सीनेशन के बाद साइड इफेक्ट के रिसर्च के लिए कोई बजट नहीं है। प्रदेश में मिलावटी खाना खूब खाा जा रहा। इन सबकी रोकथाम के लिए सरकार क्या पालिसी बनाएगी?
इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि चित्रकूट में हमने 200 बेड का एक नया अस्पताल बनाया है। जहां, पूरी तरह सुविधाएं दी जा रही हैं। हमारी लिस्ट में मेडिकल कॉलेज भी है। हम लगातार MBBS, MCH की सीटें बढ़ा रहे हैं। हर जिले में मेडिकल कॉलेज हो, यह सोच लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं।
सपा विधायक ने पूछा कि चित्रकूट में मेडिकल कॉलेज बनेगा? इसके लिए हमारे जिले के लोगों ने खून से तक पत्र लिखा, लेकिन इस पर कुछ नही होगा? वहां पर स्वास्थ्य सुविधाओं का बुरा हाल है।
इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि आज शिशु मृत्यु दर 2023 में 37 रह गई है। वहीं मातृ मृत्यु दर पहले 1 लाख पर 167 थी, अब 141 रह गई है।
सपा विधायक ने सहारनपुर में आंगनबाड़ी केंद्रों के जर्जर भवनों समेत प्रदेश में पुष्टाहार को लेकर सवाल खड़े किए? कुपोषित बच्चों पर कितना सुधार हुआ?
इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि हमें निजी अस्पतालों की करीब 500 शिकायतें मिलीं, 178 अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए। 280 अस्पतालों पर एफआईआर कराई गई, जो मानक के विपरीत चल रहे थे। जो लोग निजी अस्पतालों को टारगेट करके उनसे वसूली करते हैं, उनके खिलाफ जरूर कार्रवाई करेंगे।
सपा विधायक अतुल प्रधान ने सरकार से निजी अस्पतालों के बारे में सवाल पूछा। न सरकारी अस्पतालों में दवा मिलती हैं, न जांचें होती हैं? अस्पतालों की फर्श पर गर्भवती महिलाएं बच्चे जन्म देती हैं। इसी नाकामी से मरीज निजी अस्पतालों की तरफ जाते हैं। क्या निजी अस्पतालों की शिकायतों पर कभी कोई कार्रवाई हुई? क्या सरकार निजी अस्पतालों में फीस, जांच शुल्क नियंत्रण करने पर कोई विचार कर रही है?
इसे जवाब में पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि बिना किसी जाति-धर्म के भेदभाव के पर्यटन का विकास कराया जा रहा है। यूपी 12 सर्किट बनाकर पर्यटन का विकास किया जा रहा है। सभी प्रोजे्क्ट समयबद्ध तरीके से गुणवत्ता पूर्ण ढंग से पूरे किए जा रहे हैं।
यूपी में पर्यटन विकास और सुविधाओं को लेकर सदन में सपा विधायक ने सवाल पूछा। कहा कि क्या सरकार सभी धर्मों के पर्यटन को बढ़ाने के लिए समान रूप से पैसा देगी? यदि यूपी में पर्यटन सुविधाएं बढ़ाया जाता है तो रोजगार भी बढ़ेगा। कौन से स्थल विकसित किए गए, जो पर्यटकों को आकर्षित करें??
इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि आज हम सपा सरकार से दोगुना वेतन दे रहे हैं। सपा सरकार एक हजार देती थी। हम दो हजार मानदेय दे रहे हैं। आज हम आशा बहुओं को मातृत्व अवकाश भी दे रहे हैं। जब वह गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाती हैं, तो उनके रुकने की भी व्यवस्था सीएचसी में की गई है। आगे भी हम आशा बहुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर ध्यान देंगे।
अगली कड़ी में विधायक राकेश वर्मा ने सरकार पर आशा बहनों के जीवन में घोर निराशा डालने का आरोप लगाया। कहा कि आशा बहुओं से सरकारी काम कराया जाता है। लेकिन, उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया है। टीबी, कुष्ठ निवारण, कुपोषण अभियान सब आशा बहनें चलाती हैं। फिर भी उन्हें सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। उनका मानदेय भी नहीं बढ़ाया जा रहा है। सरकार का यह कदम समान काम समान वेतन का भी उलंघन है।
सदन में विधायक रागिनी सोनकर ने आंगनबाड़ी के माध्यम से बच्चों को दिए जा रहे पुष्टाहार की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए। कहा कि आज की मंहगाई के हिसाब से 66 रुपये में 600 कैलोरी पुष्टाहार कैसे दिया जा रहा है? इसके जवाब में मंत्री बेबी रानी मौर्य ने लिखित जवाब देने का आश्वासन दिया। जवाब में मंत्री फंसती नजर आईं, तब स्पीकर ने बीच में टोंककर मामले को संभाला।
शुक्रवार तक होने वाली इस चर्चा का अंत दलीय नेताओं, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय और नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन से होगा। इसके बाद बजट अनुदानों की मांगों पर विचार और मतदान होगा। अंतिम दिन शुक्रवार को सदन में बजट को पारित कराया जाएगा।