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Samwad 2026 Day 1 Live: यूपी में कितना बदलाव हुआ? रणदीप हुड्डा बोले- प्रदेश अब बहुत सेफ हो गया, क्राइम खत्म है

Mon, 18 May 2026 07:16 PM IST
Akash Dubey अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

खास बातें

लखनऊ के होटल द सेंट्रम में 'अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026' जारी है। राजनीति, अध्यात्म, उद्योग, सिनेमा, खेल और समाज के बड़े चेहरे जनता से सीधे संवाद जारी है। सीएम योगी संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। सीएम योगी ने कहा कि ट्रेड यूनियन की प्रवृत्ति कभी सकारात्मक नहीं रही। जहां पर भी ये प्रवृत्ति पनपी है, वहां पर उसने सत्यानाश ही किया है, किसी का कल्याण नहीं किया है। संवाद में सभी विशिष्ट हस्तियां अपने-अपने विचार रख रही हैं।
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'संवाद' के मंच पर अभिनेता रणदीप हुड्डा - फोटो : अमर उजाला
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लाइव अपडेट

06:24 PM, 18-May-2026

सोशल मीडिया पर लोग अच्छी-अच्छी बातें दिखाते हैं। आप गांव के खेत-खलिहान सब दिखाते हैं। आप इसे कैसे देखते हैं?

सक्सेस का फॉर्मूला सबके लिए अलग-अलग होता है। कोई करोड़ में भी दुखी है। कोई कुछ न होने पर भी ऐसे मुस्कुरा रहा है कि जैसे कहीं का राजा है। खुशी के स्टैंडर्ड को आप किसी से जोड़ नहीं सकते। जड़ों से जुड़े होने का मुझे यह लगता है कि अगर आपको ये नहीं पता कि आप कहां से आए हैं, तो आप कहां जा रहे हैं इसका कोई फायदा नहीं है। मुझे 25 साल मुंबई में हो गए। लेकिन, कोई पूछता है कि कहां से हो तो कहता हूं कि जसिया से हूं, रोहतक।

06:19 PM, 18-May-2026

यूपी में सभी महसूस करते हैं बदलाव: रणदीप हुड्डा

मेरे एक को-स्टार थे। उनको कोई गांव में बड़ा तंग कर रहा था, उनके भाइयों को पीट दिया था। मैंने खाली एक ट्वीट किया था और यूपी पुलिस को टैग किया था। घंटों के अंदर परेशान करने वालों को ऐसा सीधा कर दिया कि वो कभी तंग करने नहीं आए। मेरे हिसाब से यूपी में यह बदलाव महसूस करते हैं सब।

06:14 PM, 18-May-2026

यूपी में कितना बदलाव हुआ है पिछले कुछ वर्षों में?

मैं यहां पर एक ऑब्जर्वेशन नहीं दे सकता हूं। मैं तो अपने दोस्तों और परिवार के लोगों से कही सुनी बाते हैं वही बता सकता हूं। यूपी अब बहुत सेफ हो गया है। महिलाएं आसानी से मूव कर सकती हैं। क्राइम खत्म हो गया है।

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06:08 PM, 18-May-2026

यह किरदार कितना मुश्किल था?

कोई भी कहानी हो। जीवित या चल बसे शख्स पर बायोपिक हो...यह उनकी पूरी जिंदगी होती है, जो वह बहुत वर्षों तक जीते हैं। उसे जब आप ओटीटी या बड़े पर्दे पर दिखाने की कोशिश करते हैं तो आपको कहानी दो-तीन घंटे में दिखानी होती है। 40 साल की कहानी को आप दो घंटे में कैसे दिखाएंगे? ऐसे में आप उनकी जिंदगी के सबसे बड़े मकसद को लेकर सबसे बड़ा ब्रिज बनाते हैं। आप 30-40 साल की फिल्म तो नहीं बना पाते। हमारी जिंदगी में हम हमेशा तो कुछ जरूरी नहीं करते। अब तो फोन में ज्यादा लगे रहते हैं। पहले झक मारना भी एक हॉबी होती थी, जिसे अब सब भूलते जा रहे हैं।

06:05 PM, 18-May-2026

'हम झेलते नहीं हैं, पेलते हैं': अभिनेता रणदीप हुड्डा

अभिनेता रणदीप हुड्डा ने अपनी वेब सीरीज इंस्पेक्टर अविनाश को लेकर बताते हुए कहा, मैंने इसमें इंस्पेक्टर अविनाश मिश्रा का किरदार किया है। हमने बहुत ही एंटरटेनिंग सीरीज बनाई है। हरियाणा में बोलते हैं, हम झेल्या ना करें, पैला करैं। इंस्पेक्टर अविनाश कहेंगे। हम झेलते नहीं हैं, पेलते हैं'।

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06:03 PM, 18-May-2026

'संवाद' के मंच पर अभिनेता रणदीप हुड्डा

'अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026' के मंच पर बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा पहुंच गए हैं। उनके साथ 'सपनों से स्टारडम तक' विषय पर चर्चा हो रही है। 

05:58 PM, 18-May-2026

आप बेटी की मां हैं? आप उसे क्या सिखाना चाहेंगी?

मैं अपनी बेटी को बताऊंगी कि तुम अन्नपूर्णा हो पर शक्ति भी हो। काली का चित्र बेटी को दिखाऊंगी, जिसमें महिषासुर का सिर उनके हाथ में है। ऐसी देवी आपको कहीं नहीं मिलेगी, हिंदुस्तान के अलावा। मेरी प्रेरणा मां काली हैं। मैं अपनी बेटी को भी यह सिखाऊंगी। सिर्फ बेटी की मां नहीं, बेटों की भी। मैं चाहूंगी कि एक दिन ऐसा आए कि जो रेप पीड़िता का नाम हम छिपाते हैं, उनकी गलती थी क्या? आदमियों का नाम ब्लर करना चाहिए।

05:57 PM, 18-May-2026

कभी जर्नलिस्ट बनने की चाहत थी?

क्या ऋचा हमेशा से अभिनेत्री बनना चाहती थीं? इस पर ऋचा ने कहा, 'बनना तो चाहती थी पर मुझे पढ़ने-लिखने का बहुत शौक था। मैं जर्नलिस्ट भी बनना चाहती थी। मेरी हिंदी-इंग्लिश दोनों बहुत अच्छी थी। म्यूजिक में भी रुचि थी। एक्टिंग का शौक था। फिर यह रुचि, ऋचा पर हावी हो गई और मैंने अपना करियर पथ चुना।'

05:41 PM, 18-May-2026

क्या आपने रिस्क भी लिया है कभी? शुरुआती दौर कैसा था?

कभी-कभी लगता था कि मैं ज्यादा पढ़ गई। मैं ज्यादा फेमिनिस्ट हो गई। शुरुआत में मेरा बहुत स्ट्रगल रहा। मैं कोई दुख की ऐसी कहानी आपके साथ नहीं साझा करना चाहती कि मैं रेलवे स्टेशन पर सोई। मैंने स्ट्रगल का बहुत स्वाद लिया। यही सोचा कि जब मेरे पास फेम और पैसा आ जाएगा तो यह संघर्ष के दिन मुझे कितने याद आएंगे। ऊपर वाला बहुत कृपालु रहा।

05:35 PM, 18-May-2026

बेबाक होना इस इंडस्ट्री में कितना जरूरी है?

सच सूर्य की तरह है। सच का अमर उजाला होता है। आज नहीं तो कल। मेरी कोशिश रहती है कि मैं सच्ची रहूं। जो भी सच बोलता है, उसे भुगतना पड़ता है। लेकिन, यह कीमत मैं भुगतान करने को तैयार हूं।

05:33 PM, 18-May-2026

असल में कोई ऐसा नहीं होता, जैसा दिखता है: ऋचा

गैंग्स ऑफ वासेपुर में रोल करना आसान नहीं था। उसमें बहुत गाली थीं। अब भी सुनने को मिला कि फुकरे वाली मैडम आई हैं, गाली तो जरूर सुनने को मिलेगी। लेकिन, असल में कोई ऐसा नहीं होता, जैसा दिखता है।

05:29 PM, 18-May-2026

शुरुआत से एक्टर बनना चाहती थीं?

जवाब- जी, लेकिन मुझे पढ़ने-लिखने का बहुत शौक था। मैं जर्नलिस्ट भी बनना चाहती थी। मेरी हिंदी-इंग्लिश दोनों बहुत अच्छी थी। म्यूजिक में भी रुचि थी। एक्टिंग का शौक था। फिर रुचि, ऋचा पर हावी हो गई और मैंने अपना करियर पथ चुना।

05:28 PM, 18-May-2026

ओए लकी लकी ओए, यह कैसे मिली?

ओए लकी मैं एक ऑडिशन देने गई थी और मुझे मिल गई।

05:25 PM, 18-May-2026

करियर की शुरुआत में किस तरह की सोच के साथ आई थीं? लगा कि मैं जीत गई?

किसी का करियर या जिंदगी एक प्रोसेस होती है। उसमें कोई डेस्टिनेशन नहीं होती। मैं जीत और हार के बारे में ज्यादा नहीं सोचती। मुझे अच्छा लगता है कि मैं अपने उसूलों को कायम रखकर अपना काम चुन-चुनकर यहां तक पहुंची हूं। हां, करियर की शुरुआत मैं जरूर कुछ ऐसी स्क्रिप्ट में काम किया, जिन्हें कहते हैं कि अपना दिमाग घर पर रखकर आओ।

05:24 PM, 18-May-2026

स्टेज पर आने पर या परफॉर्म करती हैं तो क्या बटरफ्लाइज, नर्वसनेस होती है?

बटरफ्लाइज तो नहीं, लेकिन जब मेरे बारे में इतनी तारीफ हुईं तो अविश्वसनीय लगता है। लखनऊ मेरा ससुराल है। अपनी यात्रा को लेकर मैं बहुत तहे दिल से शुक्रगुजार हूं। मेरे पसंदीदा करियर में मौका मिला है। मैं फिल्मी खानदान से नहीं हूं। यह अच्छा लगता है कि अपने दम पर यहां पहुंची हूं। लोग नेपोटिज्म पर बात करते हैं। मगर, इसका उल्टा भी होता है। मेरा सक्सेस मेरा खुद का है।

05:22 PM, 18-May-2026

'संवाद' के मंच पर अभिनेत्री ऋचा चड्ढा

'संवाद' के मंच पर अभिनेत्री ऋचा चड्ढा पहुंच गई हैं। उनके साथ 'नई सोच की नायिकाएं' विषय पर चर्चा होगी।

05:11 PM, 18-May-2026

नेविगेशन की स्वतंत्रता होनी चाहिए- कमोडोर निशांत कुमार

नौसेना से सेवानिवृत्त कमोडोर निशांत कुमार ने कहा कि होर्मुज अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ता है। दुनिया के कानून कहते हैं कि नेविगेशन की स्वतंत्रता होनी चाहिए। कारोबार और तेल का रास्ता यही है। पूरे विश्व के लिए आर्थिक दृष्टिकोण से इस जलडमरूमध्य का बहुत महत्व है। हमारी नौसेना ओमान की खाड़ी में तैनात है। वहां से एस्कॉर्ट मिशन होता है। हम संवाद से इस मामले को सुलझाने चाहते हैं, अन्यथा इसके परिणाम गंभीर होंगे। हमारी नौसेना इसके लिए प्रतिबद्ध है कि यह समुद्री रास्ता महफूज रहे। वहां किसी भी देश की नौसेना नहीं पहुंची है। हमारी नौसेना भी होर्मुज के ठीक बाहर मौजूद है। हमें शॉर्ट नोटिस पर किसी भी तरह की घटना के लिए तैयार रहना होगा। हमें हर समय बड़ी लड़ाई लड़ने की जरूरत नहीं है। कम अवधि के विशिष्ट मिशन के लिए हमें तैयार रहना होगा। ऑपरेशन सिंदूर का सबक था कि जब एक बार लक्ष्य हासिल हो गया तो डी-एस्केलेशन यानी टकराव को तुरंत खत्म करना जरूरी है। मुकाम हासिल करके तुरंत वापस आ जाएं।

05:07 PM, 18-May-2026

पाकिस्तान के आतंकी कैंप IB से लेकर अफगान बॉर्डर तक हैं? हमारी सेनाओं के पास डीप पेनेट्रेशन की क्षमता कैसी है?

विंग कमांडर मनोज कुमार ने कहा, मैं पिछले साल ही सेवानिवृत्त हुआ है। अब हमारे देश के लिए पहले वाले भारत नहीं रहे। अब सोच बदल चुकी है। हम पाकिस्तान का नाम इस फोरम में लेना नहीं चाहेंगे। अब हम वो भारत नहीं हैं कि लोग आएंगे और हमें मारेंगे। इस सबके के बाद वो बचे रहेंगे। ऑपरेशन सिंदूर के बाद सबको समझ आ चुका है। विश्व में ऐसी कोई जमीन नहीं बची है, जहां से वो हमारे ऊपर हमला करेंगे और वो बचे रहेंगे। हम अटैक ऐसा करेंगे जो आपको भी याद रहेगा और आने वाली पीढ़ी को भी याद रहेगा। आप जो जगह बता रहे हैं वह हमारे टारगेट पर पहले से हैं। यह एक ऐसा ऑपरेशन था, जिसमें देश के हर नागरिक ने हिस्सा लिया। यह ऐसा ऑपरेशन था, जिसमें पहली बार इंडिया की शक्ति, जिसमें ड्रोन्स, छोटे-छोटे स्टार्टअप्स शामिल थे। पहली बार ऐसा हुआ था, जिसमें किसी विदेशे हाथियारों की जगह स्वदेशी हथियारों से लड़ रह रहे थे।

04:55 PM, 18-May-2026

चानन बोले- सूचना तंत्र और आत्मनिर्भरता का नया दौर है ऑपरेशन सिंदूर

चन्नन ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर आधुनिक युद्ध कला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। साल 2019 से ही भारत इस तरह की आधुनिक युद्ध नीति पर लगातार काम कर रहा है। इससे पहले हुए उरी और बालाकोट जैसे सैन्य अभियानों की सत्यता और सफलता पर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे थे। परंतु, इस बार की सैन्य कार्रवाई पूरी पारदर्शिता के साथ सबके सामने हुई है। यही कारण है कि इसका प्रभाव बहुत बड़े और व्यापक रूप में देश और दुनिया के सामने आया है।

04:49 PM, 18-May-2026

मंच पर तीनों सेनाओं की विशिष्ट शख्सियतें

संवाद के मंच पर भारतीय सेना के मेजर जनरल अश्विनी कुमार चन्नन, भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त विंग कमांडर डॉ. मनोज कुमार और भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त कमोडोर निशांत कुमार पहुंच गए हैं। तीनों से 'रणनीतिक शक्ति से आर्थिक समृद्धि' विषय पर चर्चा होगी।

04:44 PM, 18-May-2026

क्यों लगा कि आपको थिएटर फिर से रिवाइव करना चाहिए?

अभिनेत्री श्वेता त्रिपाठी ने बताया कि मैं एक्टर इसलिए बनना चाहती थी क्योंकि मैं एक्टर्स को, कहानियों को ऑन स्टेज देखती थी। मैं लंदन भी गई थी अपनी बेस्ट फ्रेंड मल्लिका दुआ के साथ। जहां पर हमने सिर्फ म्यूजिक, ब्रॉडवे, परफॉर्मेंस देखीं। अनुभवों पर समय और पैसा खर्च करने चाहिए, क्योंकि वह अनुभव आपके साथ जिंदगी भर रहते हैं। 

04:34 PM, 18-May-2026

मिर्जापुर की फिल्म भी आने वाली है?

हमारी फिल्म लंबी तो होगी। आप क्या कहानी बताना चाहते हो, कितना टाइम चाहिए उसे बताने में। हम एक्टिंग तो उतनी ही करेंगे। लेकिन, सीरीज में आप डूब सकते हो। उसका मजा अलग है। ओटीटी ने राइटर, डायरेक्टर, महिला किरदार, क्रू सदस्यों को बहुत सारे मौके दिए हैं। महिलाओं को अब सिर्फ ब्रैकेट में नहीं डाला जा रहा है। किरदार में अब नए कलर और फ्लेवर हैं।

04:29 PM, 18-May-2026

गोलू के किरदार से लाइफ कितनी बदली?

जवाब- मिर्जापुर तो लव है हमारा। गोलू और मिर्जापुर अब मेरे साथ नौ साल से हैं। नौ साल की रिलेशनशिप बहुत सुंदर होती है। इस सफर में क्या-क्या जुड़ा? अली फजल, वो भी लखनऊ से हैं। मिर्जापुर की जब मैंने स्क्रिप्ट पढ़ी और पहला एपिसोड पढ़ा तो बहुत मजा आया। मुझे पता था कि मुझे इसका हिस्सा होना है। गोलू के साथ-साथ मैंने भी बहुत ग्रोथ की है।

04:25 PM, 18-May-2026

हमें ग्रो करना है: श्वेता त्रिपाठी

हमें अपनी सोच को पकड़कर नहीं रखना है। हमें ग्रो करना है। अनुभवों की वजह से मैं हूं। डरिए मत नई सोच से। कोई जबरदस्ती तो नहीं कर रहा कि यही करना है आपको। एक और चीज मैं कहूंगी कि धैर्य रखिए। सुनिए और समझिए कि सामने वाला क्या कहने की कोशिश कर रहा है।

04:24 PM, 18-May-2026

नई सोच को अगर डिफाइन करोगे तो कितना बदलाव आया है?

श्वेता त्रिपाठी ने कहा, नई सोच में सबसे मुश्किल चीज होती है कि हमारी जो खुद की सोच होती है, उसमें बहुत सारी चीजें होती हैं जो हमारी सोच को हमारी बनाती है। हम क्या फिल्मे देखते हैं। हम नाटक देखने जाते हैं या नहीं। आर्ट और कल्चर से एजुकेशन से जब हम खुद को जोड़ते हैं तो ये सब चीजें हमें बहुत प्रभावित करती हैं। मेरा बैकग्राउंड बहुत अकेडमिक है। मैं खुद को बहुत लकी मानती हूं कि मुझे लखनऊ का कल्चर मिला। मेरी सोच बदलती रही और यह बहुत जरूरी है।

04:23 PM, 18-May-2026

श्वेता त्रिपाठी ने लखनऊ से जुड़ी यादों को किया साझा

श्वेता त्रिपाठी ने लखनऊ से जुड़ी यादें सुनाते हुए कहा, लखनऊ मेरी नानी का घर है। यहां गर्मी की छुट्टियों से जुड़ी यादें हैं। बहुत गर्मी होती थी, उसमें भी हम खूब मस्ती करते थे। यहां का खाना तो आज भी याद है। आज हमने खस्ते और आलू खाए।

04:23 PM, 18-May-2026

संवाद के मंच पर अभिनेत्री श्वेता त्रिपाठी पहुंचीं

संवाद के मंच पर अभिनेत्री श्वेता त्रिपाठी पहुंच गई हैं। उनको के साथ 'नई सोच की नायिकाएं' विषय पर चर्चा की जा रही है।

04:18 PM, 18-May-2026

पंखों को नई उड़ान देनी है तो आगे का रोडमैप क्या है?

जवाब- यूपी में जितने भी एक्सप्रेसवे हैं, नेशनल हाईवे हैं। उनके किनारे औद्योगिक कॉरिडोर बनाने रहे हैं। उद्योगों को आकर्षित करने का काम हमारी सरकार कर रही है। 

04:13 PM, 18-May-2026

एक साल में यूपी में 166 करोड़ पर्यटक आए, पहले यह आंकड़ा 23 करोड़ था: पर्यटन मंत्री

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि जहां 2017 में 23 करोड़ पर्यटक सलाना के साथ जहां हम लोग बहुत पीछे थे, वहीं आज पिछले दिसंबर 2025 तक एक साल में 166 करोड़ पर्यटक यूपी आए। उत्तर प्रदेश का पर्यटन और संस्कृति विभाग इस दिशा में आगे भी काम कर रहा है। 

04:06 PM, 18-May-2026

यूपी की जीडीपी ग्रोथ 11 प्रतिशत से ऊपर: जयवीर सिंह

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, जहां राष्ट्रीय जीडीपी की ग्रोथ लगभग 7-8 प्रतिशत है। वहीं यूपी की जीडीपी ग्रोथ 11 प्रतिशत से ऊपर है। यह दर्शाता है कि यूपी की विकास दर जितनी तेजी से बढ़ रही है, जिन लक्ष्यों के साथ सभी विभाग इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हम विश्वास करते हैं, आने वाले समय में यूपी और तेजी से आगे बढ़ेगा।

04:02 PM, 18-May-2026

कानून व्यवस्था सुधरते ही यूपी विकास के रास्ते पर चल पड़ा: जयवीर सिंह

पर्यटन मंत्री ने कहा कि माफिया पर जब यूपी सरकार का डंडा चला तो, जनता का सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा। इसके बाद विकास, लोक कल्याण के रास्ते खुलते चले गए। एयर कनेक्टिविटी, रोड कनेक्टिविटी भी बेहतर हुई। पहले जो लोग व्यापार छोड़कर बाहर चले गए हैं वह भी यूपी लौट रहे हैं।

03:53 PM, 18-May-2026

पहले यूपी में दंगा, पलायन जैसी समस्या थी: जयवीर सिंह

पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, पहले तो हम उत्तर प्रदेश के जनमानस को बहुत-बहुत प्रमाण करना चाहते हैं। पहले तो जनता का धन्यवाद, जिन्होंने योगी सरकार को जनादेश दिया। सरकारी मुलाजिमों को वेतन देने के लिए भी सरकारी खजाने में पैसे नहीं होते थे। दंगा, पलायन जैसी समस्या थी। आज सीएम योगी के नेतृत्व में जिस प्रकार से कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है उसकी चर्चा देश विदेश तक है।

03:52 PM, 18-May-2026

 'ट्रिलियन डॉलर यूपी- संकल्प से सिद्धि'

मंत्री जयवीर सिंह अमर उजाला संवाद के मंच पर पहुंच गए हैं।  'ट्रिलियन डॉलर यूपी- संकल्प से सिद्धि' विषय पर चर्चा की जा रही है।

03:45 PM, 18-May-2026

दूध-घी के लिए शुरू की कुश्ती- संग्राम सिंह

भारतीय पहलवान और अभिनेता संग्राम सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मैं हमेशा एक बात बोलता हूं कि जिंदगी वो नहीं होती जो हमें मिलती है, जिंदगी वो होती है जिसे हम बनाते हैं, मेहनत करके, कोशिश करके। जैसे कि बाकी दो कह रहे हैं कि कुश्ती बहुत मेहनत का काम है। बॉक्सिंग में आपके ग्लब्स हो गए, क्रिकेट में बैट हो गए, बैडमिंटन में रैकेट हो गया, जूडो में आपने कपड़ा पकड़ लिया। कुश्ती ऐसा खेल है जिसमें आप सामने वाली की बॉडी पकड़ेंगे, उसे कनेक्ट करेंगे। दांव लगाएंगे, तो सबसे मुश्किल स्पोर्ट्स है ये। जब हमने गांव में कुश्ती देखी, तो वहां पहलवानों को दूध मिल रहा था, घी मिल रहा था, पैसे मिल रहे थे, तो मैंने सोचा कि काश मैं भी पहलवान होता। एक सच्चाई यह थी कि क्रिकेट का बैट आता था 25-30 रुपये का, बैडमिंटन तो आज भी नहीं है। मैं एक बार लिएंडर पेस को बोल रहा था कि अगर हरियाणा में टेनिस पहुंच गया और ग्राउंड बन गए, तो साउथ वाले नहीं जीत पाएंगे। फिर तो हम नॉर्थ वाले ही जीतेंगे। हरियाणा में जो पहलवान होता था, उसके बारे में चौपाल में बात चलती थी। सब मुझे चिढ़ाते थे क्योंकि मुझे अर्थराइटिस था, तो मैं सोचता था कि थोड़ा तगड़ा बन गया, तो दूध मिलेगा, घी मिलेगा, आस पड़ोस में मेरी बात होगी। इस वजह से मैंने कुश्ती शुरू की।

03:26 PM, 18-May-2026

मैंने शुरू से रेसलिंग का कल्चर देखा

भारतीय पहलवान और पेरिस ओलंपिक मेडलिस्ट अमन सेहरावत ने बताया कि गांव में हमने शुरू से रेसलिंग का कल्चर देखा है। काका को देखा है, हमने बचपन से अखाड़ा देखा। लेकिन हमें ओलंपिक का पता नहीं था, हमें बस इतना पता था कि अच्छा रेसलर बनना है। जब मैं 10 साल का था तो मुझे घरवाले छत्रसाल स्टेडियम छोड़कर आए थे। तब सुशील कुमार थे वहां। तब हमने देखा कि हमारे सामने दो-दो बार के ओलंपिक मेडलिस्ट कैसे प्रैक्टिस कर रहे हैं। रवि भाई कैसे प्रैक्टिस कर रहे हैं। वहीं से हमें लगा कि हम भी देश के लिए मेडल जीतेंगे।

03:17 PM, 18-May-2026

पूर्व कोच विनोद कुमार का दावा- एशियन गेम्स में सारे मेडल जीतेंगे

पूर्व कोच विनोद कुमार ने बताया कि पहले भारत में कोई सुविधा नहीं होती थी। तब एक रेसलिंग मैट होता था पटियाला में। मैं 1981 की बात कर रहा हूं। अखाड़े होते थे और वहां कुश्ती करने के बाद जब हम बाहर जाते थे तो मैट होते थे तो बड़ी दिक्कत होती थी। उस टाइम कोई सुविधा नहीं होती थी। ओलंपिक इसलिए जाते थे क्योंकि इस बात की खुशी होती थी कि हमें बस पार्टिसिपेट करना है। हम क्वालिफाई कर गए इस बात की खुशी होती थी। मेडल तो दिमाग में भी नहीं होता था। मैं 1988 ओलंपिक की बात कर रहा हूं। आज एशियन गेम्स का जो कैंप चल रहा है, सारी सुविधाएं हैं। हम अब मेडल की सोच रहे हैं। हमारी छह वेट कैटेगरी होती है, उसमें हम छह के छह मेडल लेकर आएंगे, ये हमारी सोच है।

02:53 PM, 18-May-2026

अद्विक अमित कुमार बोले-इंतजार नहीं करना चाहिए

अमर उजाला संवाद लखनऊ के 'छोटी उम्र, बड़े इरादे' सत्र में जोजो कनेक्ट के 11 वर्षीय फाउंडर अद्विक अमित कुमार  ने अपने विजनरी विचार साझा किए। जोजो कनेक्ट शुरू करने के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि आसपास की परेशानियों को समझने के बाद स्टार्टअप शुरू करने की प्रेरणा मिली। उन्होंने युवाओं से अपना मंत्र साझा करते हुए कहा, 'लर्न, बिल्ड, एग्जीक्यूट, इंज्वाय एंड रिपीट'। उन्होंने कहा कि एक उद्यमी के रूप में अपनी यात्रा का आनंद लेते रहना चाहिए, इसके लिए इंतजार नहीं करना चाहिए।

02:43 PM, 18-May-2026

कौन सी चीजों ने आचार्य मनीष की जिंदगी बदल दी?

आचार्य मनीष बताते हैं, मैं इतना बीमार रहता था कि 1995 में आत्महत्या तक करने जा रहा था। साल 1987 में पीलिया हो गया, उसके बाद अगले 8 साल तक कभी कमर दर्द, कभी वायरल जैसी तमाम समस्याएं होती रहीं। ये समय नर्क जैसा था, वजन घटकर 31 किलो हो गया था। आत्महत्या के लिए मैं ट्रेन की पटरी पर लेट गया, तभी एक साधु मार्ग दिखाया और फिर एहसास हुआ कि मैं गलत कर रहा हूं।

फिर इसके बाद मैंने आयुर्वेद का सहारा लिया, वहां 3 महीने में मेरा 12 किलो वजन बढ़ा। तब से मैंने संकल्प लिया कि इसी विद्या को मैं लोगों तक पहुंचाऊंगा और स्वस्थ रखूंगा।

02:38 PM, 18-May-2026

'यूरिन ब्लैडर को खाली नहीं हो रहा'

उन्होंने कहा कि यूरिन ब्लैडर को खाली नहीं हो रहा, क्योंकि हम खड़े होकर यूरिन कर रहे हैं, जबकि हमारी बॉडी डिजाइन है नीचे बैठकर यूरिन करने के लिए। अगर सारा भारत नीचे बैठकर यूरिन करना शुरू कर दे तो 90 फीसदी अस्पतालों में जाने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि आप देखो, मुस्लिम भाइयों को कभी घुटने चेंज नहीं होते। मुस्लिम बहनों के कभी ऑपरेशन से बच्चे पैदा नहीं होते। मुस्लिमों की कभी रीड की हड्डी का ऑपरेशन नहीं होता। आप सोचो, कितने फायदे हैं नीचे बैठकर यूरिन करने के। 

02:33 PM, 18-May-2026

'जिम करना बहुत अच्छा है, लेकिन...'

जिम करने के सवाल पर आचार्य ने कहा कि जिम करना बहुत अच्छा है। लेकिन जिम में जाकर जो सप्लीमेंट्स मिलते हैं वो लेना भयंकर गलत हैं। आज-कल किडनियां फेल हो रही हैं। हमारे पास रोज मरीज आ रहे हैं। हार्ट अटैक पड़ रहे हैं, रोज मरीज आ रहे हैं। वजन बढ़ाने के पाउडर से हिप ज्वाइंट घिस जाते हैं। किडनी फेल होना तो कॉमन प्रोबल है। हमें बचपन से आदत गलत हो गईं, आज की तारीख में हमारा पेट भी साफ नहीं हो रहा है। हम इंग्लिश सीट का प्रयोग कर रहे हैं। 

02:30 PM, 18-May-2026

हार्ट की जांच

ऐसे ही आप सुबह 9-10 बजे ब्लड प्रेशर की जांच करिए। फिर यही काम रात में 9-10 बजे भी करिए।
अगर सुबह का ब्लड प्रेशर, रात के बीपी से 10-15% ज्यादा है तो ये हेल्दी हार्ट का संकेत है। आपको हार्ट अटैक जैसी समस्याओं का जोखिम कम है।
 

02:24 PM, 18-May-2026

'...तो समझो लीवर का बेड़ा गर्क होने वाला है'

उन्होंने कहा कि अगर आप साढ़े 10 बजे सो जाते हो, और आपकी नींद ढाई से तीन बजे नींद खुलती है तो समझो लीवर का बेड़ा गर्क होने वाला है। बॉडी इशारा देगी। इसकी जांच की तरीका भी जान लीजिए। अगर आप 10-11 बजे से जाते हो और रात में 2:30 -3 बजे नींद खुल जाती है तो ये लिवर की समस्याओं की तरफ इशारा हो सकता है।


 

02:08 PM, 18-May-2026

आचार्य मनीष बोले-लाइफस्टाइल, योगा और डाइट अगर सीख गया तो व्यक्ति कभी बीमार नहीं पड़ेगा

सत्र सेहत और सार्थक जीवन में आयुर्वेदा एक्सपर्ट आचार्य मनीष बात रख रहे हैं। आचार्य मनीष जी केवल एक आयुर्वेद विशेषज्ञ ही नहीं हैं, वह एक विख्यात मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं। आचार्य मनीष ने स्वस्थ रहने के बारे में बताया। 

आचार्य मनीष कहते हैं, अगर पूरा भारत सीख जाए कि अगर कोई भी बीमारी आए तो 2-3 दिन कुछ न खाएं, व्रत पर चले जाएं तो बड़ी से बड़ी बीमारी के खतरे को दूर किया जा सकता है। ट्यूमर, हार्ट, रसौली जैसी दिक्कतें आसपास भी नहीं भटकेंगी।

आचार्य मनीष कहते हैं, बहुत जरूरी है कि स्कूल से ही बच्चों को आयु्र्वेद पढ़ाया जाना चाहिए। उन्हें पता होना चाहिए कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए वह क्या खाएं-क्या न खाएं? किस मौसम में क्या खाएं? कौन सी चीज के साथ क्या न खाएं?

आयु्र्वेद साफ कहता है कि फल और दूध एक साथ नहीं लेना चाहिए, इसे इंफ्लेमेशन होता है। पर हम सभी मैंगो शेक, बनाना शेक खूब पीते हैं। मैंगो शेक, बनाना शेक पीना है तो बादाम या नारियल के दूध में पीना चाहिए, गाय या भैंस के दूध के साथ तो बिल्कुल नहीं।

आचार्य मनीष ने कहा कि जो बीमार पड़ने ही ना दे, वो श्रेष्ठ है। बीमार पड़ने के बाद कभी पंक्चर लग रहा है, कभी किडनी चेंज। उन्होंने बताया कि जब तक आपकी किडनी 70 फीसदी खराब नहीं हो जातीं। तब तक आपकी रिपोर्ट नॉर्मल आती रहेंगी। आप गलतफहमी में रहेंगे कि आपकी रिपोर्ट निर्मल है। रिपोर्ट के चक्कर में कन्फ्यूज हो जाता है। अगर लीवर आपका 85 फीसदी खराब नहीं हो जाएगा, तब तक रिपोर्ट में नहीं आएगा। आप घर पर ही खुद से अपनी जांच कर सकते हैं। सुबह 9 बजे से लेकर रात 9 बजे तक अपने यूरिन को एक बॉटल में भर लीजिए। एक अलग बॉटल में रात 9 बजे से सुबह 9 बजे तक के यूरिन को भर लीजिए। अगर रात का यूरिन, दिन के यूरिन से तीसरा या चौथा हिस्सा है तो ये संकेत है कि आपकी किडनी ठीक है। 

01:53 PM, 18-May-2026

कैसे फौजी की जगह बन गए क्रिकेटर?

सिद्धू ने कहा, 1987 टेस्ट मैच में मेरा आगमन हुआ और जितनी जल्दी आगमन हुआ, उतनी जल्दी बाहर। एक दिन बाथरुम से बाहर निकला तौलिया पहना हुआ। बाबा की आंख में आंसू थे। मैं फौज में जाना चाहता था, लेकिन उनकी वजह से मैं जा नहीं पाया। उन्होंने रोक लिया। उन्होंने कहा कि बेटा तेरे बिना नहीं जी पाऊंगा। उनकी तमन्ना थी कि भारत के लिए क्रिकेट खेलूं। कम से कम 20 साल, तो उनके सपने के लिए ही जिया था। जब उनकी आंखों में पहली बार जिंदगी में आंसू देखे तो स्तब्ध रह गया।

01:52 PM, 18-May-2026

सिद्धू ने संगठन की शक्ति पर दिया जोर

सिद्धू ने अमर उजाला के मंच से संगठन की शक्ति पर बात की। उन्होंने कहा, संगठित हुई शक्ति जीत का कारण बनती है, विभाजित शक्ति पतन का कारण बनती है। जब आपके ऊपर परमात्मा विपत्ति भेजता है तो दोनों हाथ खुले रखो। यही वह अवसर है क्योंकि मैं नानकदेव की गुलेल में हूं, महादेव की गुलेल में हूं। अगर तीन इंच पीछे जाऊंगा, तो 300 फुट आगे जाऊंगा। याद रखना अच्छे वक्त में कोई कुछ नहीं सीखता। अच्छे वक्त में तो आपको ये भी पता नहीं लगेगा कि आपका दोस्त कौन है। विपत्ति में ही पता लगेगा, सत्य का मार्ग छोड़ो मत। मित्र वही जो समय पर काम आए। संशय हो तो सत्य के मार्ग पर चलो। कभी भी नैतिकता से समझता मत करो, कोई तुम्हें गिरा नहीं पाएगा।   
 

01:49 PM, 18-May-2026

'अगर सृष्टि को बदलना है तो दृष्टि को बदलना होगा'

सिद्धू ने आगे कहा, अगर सृष्टि को बदलना है तो दृष्टि को बदलना होगा। वो सबसे पहले शुरू होता है फीयर ऑफ फेलियर से। कुछ भी करने जाते हो तो डरते हो ये हो नहीं पाएगा। वो संशय दुनिया में सफलता का सबसे बड़ा अवरोध है। सबसे बड़ी खामी है और वो मानसिक है। जीवन में सबसे बड़ी गलती भय से शुरू होती है। संशय सफलता का सबसे बड़ा अवरोध है। जीवन की सबसे बड़ी कमी वही है।

01:38 PM, 18-May-2026

मेहनत इतनी खामोशी से करो, कि सफलता शोर मचा दे-सिद्धू

सिद्धू ने आगे कहा, मेहनत इतनी खामोशी से करो, कि सफलता शोर मचा दे। 

01:35 PM, 18-May-2026

'मैं खेलेगा, देश की इज्जत का सवाल है'

सिद्धू ने कहा, सचिन बोला- खेलेंगे। मैंने बोला- हां हां खेलो खेलो। एक बॉल जाकर सचिन के चेहरे पर लगी। उसके नाक से खून बहने लगा। मैंने सोचा इस बच्चे के नाक से खून बह रहा है। पूरी जर्सी खून से लथपथ। खुद सचिन जमीन पर पड़ा हुआ है। मुझे लगा कि ये गया। मैं वापस अपनी क्रीज में लौटने लगा। तभी पीछे से आवाज आई-शेरी। मैंने देखा सचिन मेरी तरफ चला आ रहा है। नाक से रूई लटक रही है। जर्सी पर खून, 15 साल का बच्चा बोला- मैं खेलेगा, देश की इज्जत का सवाल है। आज भी यह सोचकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। आज थोड़ी सी भी मुसीबत आती है, लोग घबरा जाते हैं। दुनिया बेचारों को प्यार करती है, लेकिन मेरी सलाह मानो कभी बेचारा मत बनो। आपको खड़े होना पड़ेगा।

01:24 PM, 18-May-2026

सिद्धू ने शायरी भी सुनाई

सचिन को लेकर सुनाया किस्सा
सिद्धू ने कहा, जब आप पल में जीना सीखोगे, जो आपके भीतर ताकत है, उसके भरोसे रहोगे, तो भय आएगा ही नहीं। सचिन तेंदुलकर...15 साल का बच्चा, मैंने कहा कैसे ये पाकिस्तान जा रहा है, कैसे भेड़ियों के सामने डाल दिया है इसे, ये तो इसको निगल लेंगे। लेकिन जब वहां पहुंचा तो पता चला कि सचिन चीज क्या है। दो कहानियां सुनाऊंगा। 15 साल की उम्र में सचिन अपने पहले मैच में जीरो, दूसरे मैच में सात और आठ, तीसरे मैच में ड्रॉप और चौथे मैच में हिंदुस्तान की टीम पर इमरान खान इतना आगबबूला हो गया था कि भारतीय यहां आकर तीन टेस्ट ड्रॉ कर गए।

उन्होंने कहा, वकार यूनुस, वसीम अकरम, आकिब जावेद, सपनों में आने वाले बॉलर थे। चौथे टेस्ट में पिच पर काफी घास थी। उस मैच में तेंदुलकर की वापसी होती है आखिरी दिन। मैं बैटिंग कर रहा हूं। वसीम अकरम ने बाउंसर मारी, मैंने डक किया। फिर रवि शास्त्री ने सामने से कहा कि क्या कमाल छोड़ी है, मैंने कहा मुझे तो दिखी ही नहीं। इसके बाद रवि को एक बाउंसर पड़ी और वो आउट हो गए। उन्होंने मुझसे कहा कि मैं अनलकी हूं। मैंने कहा कि आप लकी हो कि बाहर जा रहे हो, मैं कहां ये सब झेल रहा हूं। फिर देखता हूं छोटा सा बच्चा 15 साल का सचिन पूरे आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी करने आता है। मैंने सोचा इसके बाद तो कुंबले ही हैं, अगर अब विकेट गया तो धर-धर सब आउट हो जाएंगे। खेला खत्म है। मैंने सोचा कि घंटे भर में खेला खत्म है।

 

01:24 PM, 18-May-2026

कपिल ने विदेशी पत्रकार को दिया करारा जवाब

सिद्धू ने कहा कि कपिल देव  से पत्रकारों ने पूछा कि हम दूसरा कपिल क्यों नहीं पैदा कर पा रहे हैं। कपिल ने कहा कि मेरी मां 62 साल की हैं पिता नहीं है। इसलिए दूसरा कपिल नहीं पैदा कर पाए। तो गुरु इंट्रोडक्शन की इसलिए जरूरत नहीं, क्योंकि प्रेम परिचय को पहचान बना देता है, वीराने को गुलिस्तान बना देता है, मैं आपबीती कहता हूं, गैरों की नहीं, प्रेम इंसान को भगवान बना देता है। सिद्धू ने अमर उजाला के मंच पर शायरी भी सुनाई। उन्होंने कहा, 'वो दरिया ही नहीं, जिसमें नहीं रवानी, जब जोश ही नहीं किस काम की तेरी जवानी।' उन्होंने आगे कहा, जरूरी नहीं है कि जो आपको बढ़िया लगे, वही आपकी राह हो। 

सिद्धू ने आगे कहा, 'तो गुरु मैं एक पब्लिक स्कूल बैकग्राउंड से था। फर्राटे की इंग्लिश बोलता था। लेकिन दम नहीं था कि कोई प्रिंसिपल मुझसे ये कहता कि सिद्धू स्कूल को डिसपर्स करना है। क्लास मॉनिटर था, लेकिन टांगे कांपती थीं। सबकुछ आपके सोचने की शक्ति पर है। आप जैसा सोचेंगे वैसा बन जाएंगे। यही जीवन का सबसे बड़ा सत्य है। जो चीजें जीवन में होनी नहीं है, आप उनके बारे में सोच के भयग्रस्त हो जाते हो।' सिद्धू ने इस दौरान दिवंगत गायिका आशा भोसले को भी याद किया। उन्होंने कहा, आशा भोसले जी चली गईं, लेकिन एक जबरदस्त गाना अभी भी जहन में है- आगे भी जानें न तू, पीछे भी जानें न तू, जो भी है इस पल को थाम, पल को थाम शहंशाह हो जाएगा।

01:23 PM, 18-May-2026

'जीवन में सबसे बड़ी गलती भय से शुरू होती है'

सिद्धू ने कहा कि जीवन में सबसे बड़ी गलती भय से शुरू होती है। संशय सफलता का सबसे बड़ा अवरोध है। जीवन की सबसे बड़ी कमी वही है। 1983 में चार सौ लोग कपिल का इंटरव्यू लेने आए। सब विदेशी पत्रकार थे। कपिल को अंग्रेजी आती नहीं थी। मैंने उनसे कहा कि जैकी श्रॉफ की नई फिल्म लगी है 'हीरो'। वह देखकर आते हैं। कपिल ने कहा चलो बात करते हैं।


 

01:15 PM, 18-May-2026

'...क्योंकि लखनऊ की भूमि में नजाकत है?'

सिद्धू ने कहा कि, प्रणाम करता हूं मैं इस भूमि को क्योंकि ये मेरे अस्तित्व में है। मेरी जो कमबैक हुई 1987 में उसकी बुनियाद लखनऊ के शीश महल टूर्नामेंट ने रखी थी। वो टूर्नामेंट में सात शतक बने तो टीम में जगह बनी। टेस्ट में कमबैक जब मुरली को सात छक्के लगे थे, वॉली हैमंड के आठ छक्कों का रिकॉर्ड, वो भी इसी जगह केडी सिंह बाबू स्टेडियम में हुआ था। इसलिए मैं उस भूमि को प्रणाम करता हूं, क्योंकि लखनऊ की भूमि में नजाकत है। महामाई पार्वती का प्रताप है। झुक कर मैं आपको प्रणाम करता हूं। "झुकते वो हैं, जिनमें जान होती हैं, अकड़ना मुर्दों की पहचान होती है"।

01:11 PM, 18-May-2026

'सारी पार्टियां एक ही तरह की गलती करती हैं'

अमर उजाला संवाद के मंच पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू भी पहुंच गए हैं। सिद्धू ने अमर उजाला संवाद के मंच को संबोधित करते हुए कहा, बढ़िया तो मुझे पॉलिटिक्स लगी। राजनीति इसलिए अच्छी लगी कि वह लोगों को ताकत देती है। लेकिन सारी पार्टियां एक ही तरह की गलती करती हैं। मैंने कई सारे काम किया लेकिन बढ़िया मुझे राजनीति लगी। मेरे लिए वह मिशन था। अब मैं राजनीति से दूर जा चुका हूं। आज मैं आपसे सफलता के बारे में बात करने के लिए आया हूं। इंसान गलतियों का पुतला होता है। उससे गलतियां होती रहती हैं। मैंने जीवन में कभी गोल पर निगाह नहीं रखी। मेरा फोकस साधना में है।

01:08 PM, 18-May-2026

रियलिस्टिक सिनेमा पर क्या कहेंगे?

मनीष सैनी: सिनेमा के दो अप्रोच हैं देखने के। कई बार जब सिंगल स्क्रीन थी तो हमको कई बार ऐसा लगता है रियलिस्टिक लाइफ है। चलो कुछ अलग देखकर आएं। मुझे लगता है कि दोनों का कॉम्बिनेशन जरूरी है। कुछ चीजें रियलिस्टिक पेश करिए। कुछ कहानियां रियलिटी से आगे हो सकती हैं। खाली रियलिज्म दिखाना बहुत ज्यादा भी ठीक नहीं। दोनों का मिश्रण होना चाहिए।
 

01:06 PM, 18-May-2026

'मैं योग करता हूं, वर्कआउट करता हूं'

फिटनेस कुछ नहीं है। दिमाग शांत रहना चाहिए। सोना बराबर होना चाहिए। आठ घंटे सोना चाहिए। आठ घंटा काम करना और आठ घंटा खुद को देना। बच्चों की आंख में देखो, माता-पिता की आंखों में देखो। मोबाइल ने सब बर्बाद कर दिया। आठ घंटे सो जाओ। आठ घंटा काम करो और आठ घंटे अपने हाथ में है। अपनी सेहत बनाओ। मैं योग करता हूं। वर्कआउट करता हूं। 
 

12:57 PM, 18-May-2026

आपको खाना बनाने का शौक है?

मां बनाती थी। हम जमीन पर बैठकर खाते थे। गरम रोटी आती थी। मां का पहला खाना खुशबू से आता है। तड़के से पता चलता है कि क्या बना रही हैं। फिर टेबल पर आता है। तो वही का वही है, भिंडी कैसे बनानी है। दही-चावल रात को रख दो, वह ठंडा होता है पेट के लिए। सुबह उसे खाओ तो एक नंबर है। कड़ी पत्ता का बघार डाल दो। पेट के लिए बहुत अच्छा है।

12:55 PM, 18-May-2026

आपका बेटा आपकी बहुत इज्जत करता है?

आज लोग बोलते हैं कि ये टाइगर श्रॉफ का पापा है। बहुत अच्छा लगता है। हर माता-पिता चाहते हैं कि उसे अपने बच्चों के नाम से जाना जाए। मुझे भी कोई टाइगर का डैडी बोलकर जानता है तो बहुत अच्छा लगता है। 42 साल की यात्रा में बहुत चीजें बदल गईं। जज्बा नहीं बदला। तकनीक बदलती रहें, जज्बा नहीं बदलेगा। बदलाव आते रहें। इमोशन नहीं बदलने चाहिए। अच्छा है कि प्रोग्रेस हो। हिंदुस्तान अच्छी प्रोग्रेस कर रहा है।

12:52 PM, 18-May-2026

हीरो बनने का कब सोचा?

कभी नहीं, चॉल में बैठकर मैं हीरो बन गया। मैंने तो सपना भी नहीं देखा था। मेरे पिताजी ज्योतिष थे तो एक वक्त मेरे पास कॉलेज के पैसे तक नहीं थे। मैंने कहा कि मैं कॉलेज नहीं करना चाहता। पिताजी बोले, तू हीरो बनेगा। पिताजी की बात पूरी हो गई। मुझे तो कुक बनना था। ट्रैवल एजेंसी मैं नौकरी करता था। मुझे फुटपाथ पर किसी ने देख लिया। बोला- तुम्हें मॉडलिंग करनी चाहिए। मैंने कहा कि मुझे पैसे मिलेंगे? तो यह काम किया। वहां से सुभाष जी ने देख लिया तो इस तरह हीरो बन गया।

12:51 PM, 18-May-2026

पहली बार सेट पर एक्सपीरियंस कैसा रहा?

मुझसे काम हुआ नहीं तो टेक्नीशियन भड़क गए। देव साहब बोले- टेक इट इजी। नया लड़का है, सीख जाएगा। उसे सिखाओ। यह मैं देखकर हैरान हुआ। ऐसे ही मेरा बच्चा टाइगर है, मैं चाहता हूं कि उस पर भी कोई चिल्लाए नहीं। पुराने लोगों की बातों को समझो। जेन-जी हैं। बच्चे आगे बढ़ रहे हैं। उनका अंदाज अलग है। मगर, माता-पिता की बात को फॉलो करना बहुत जरूरी है बॉस।

12:48 PM, 18-May-2026

जैकी ने दिए इन सवालों के जवाब

आप अपनी जड़ों को नहीं भूले। उसने आपकी सक्सेस में क्या रोल प्ले किया?
धरती के अंदर जड़ में सब सही है तो फिर सब सही है। जड़ कड़क होगा तो झाड़ ऊपर जाएगा ना। सुभाष घई जी ने मुझे मिट्टी से सितारा बना दिया तो यह सारा क्रेडिट मैं बॉस को देता हूं। देव आनंद साहब ने मुझे एक बड़ा रोल दिया। 15 दिन बाद फोन आया कि मिथुन ने डेट दी है तो मैं उसे ये रोल दिया है। तुम विलेन हो। मैंने बोला मैं ये रोल भी नहीं छोड़ूंगा क्योंकि उनको हमेशा से देखता था।
 

12:46 PM, 18-May-2026

बचपन में इतना सब देख लिया कि आज तक जमीन से जुड़ा हूं: जैकी

बचपन और शुरुआती दौर का किस्सा साझा करते हुए जग्गू दादा ने कहा, '10 बाई 10 के खोली में छह लोग रहते थे। मैं हीरो बनने के बाद भी वहीं रहा। ये सभी जमीन से जुड़ी बातें वहीं सीखी मैंने। तीन बाथरूम थे और 30 लोग थे। एक बाथरूम उन्होंने मुझे दे दिया कि आप स्टार बन गए हैं, तो ये आपको गिफ्ट। उनका दिल देखो। मैंने मना कर दिया कि नहीं मेरे घर में छह लोग हैं बस। फिर भी उन्होंने ताला लगाकर मुझे एक पर्सनल बाथरूम दे दिया। ऐसा कौन करता है?'आगे जैकी बोले, 'आज मेरे पास दो बाथरूम हैं कही भी जाऊं पर तब का दौर याद करके लगता है कि हम जमीन से जुड़े लोग हैं। वह देखकर लगता है कि प्यार मोहब्बत से जियो। गम बांटकर प्यार से रहो।'

12:41 PM, 18-May-2026

चाहता हूं बच्चे फिल्मों से कुछ सीखें: मनीष सैनी

इस दौरान डायरेक्टर मनीष सैनी से जब पूछा गया कि उन्हें बच्चों के साथ काम करना क्यों पसंद है? तो उन्होंने जवाब दिया, 'यह ऐसा जॉनर है जो अभी बचा हुआ है। मेरी हमेशा कोशिश होती है कि ऐसी फिल्में क्यों न बनाएं, जिनसे बच्चों को सीखने को मिले। मां सरस्वती ने आशीर्वाद दिया है तो क्यों न हम ऐसी बातें बोलें जिससे बच्चे, नई पीढ़ी कुछ सीख सके।

ऐसा समय है, जहां रील के दौर में हम जी रहे हैं। ऐसे में कोशिश है कि कुछ अच्छा करें। मैं फिल्में लिखते वक्त कोशिश करता हूं कि कहीं सिगरेट भी न डालूं। मैं नहीं चाहता कि वह भी कोई बच्चा देखे। बच्चा कोई बुरी चीज देखे। हमने जो चीज बना दी, उससे बच्चे सीख जाएं, एक पीढ़ी सीख जाए उससे बड़ी पूंजी कोई नहीं।'
 

12:33 PM, 18-May-2026

आपके पास एक गमला हमेशा रहता है। इसकी क्या कहानी है? आप पौधे को गले में धारण कर लेते हैं।

जैकी श्रॉफ:  जब यूपी के बांदा में तापमान 47 तक चला जाता है तो लगाओ पौधे। पर्यावरण खराब है तो यही काम आए। हम सबको यही सोचकर चलना पड़ेगा कि हरियाली होगी तो ठंडक होगी। दबाकर पौधे लगाओ। मैं तो चाहता हूं कि यूपी जैसे विशाल प्रदेश में पौधे दबाकर लगाओ। स्कूल में बच्चों को बताओ। ये सोचो कि हम बच्चों के लिए क्या छोड़कर जा रहे हैं?

12:33 PM, 18-May-2026

मनीष सैनी बोले

मनीष सैनी ने कहा, 'आपने जैकी सर से पूछा कितनी तैयारी की, कितना टाइम लगा? तो बताऊं कि यह ऐसे एक्टर हैं, जो इस रोल के लिए तैयार हैं। ये ऐसे हीरो हैं, जो सुपरहीरो बन सकता है। मुझे लगा कि यही हैं, जो दादा भी बन सकते हैं और सुपरहीरो भी। यह फिल्म पर्यावरण के बारे में, एलियन के बारे में है। यही वह इंसान हैं, जिन्होंने माहौल बनाया। पर्यावरण की बातें बहुत लोग करते हैं, मगर ये सिर्फ बाते नहीं करते, बल्कि हकीकत में करते हैं।

 

12:30 PM, 18-May-2026

आपको जग्गू दादा भी कहा जाता है प्यार से। इसके पीछे एक पर्सनल स्टोरी है। बताइए?

जवाब: मेरा नाम जयकिशन है। मेरा बड़ा भाई जयहमंत था। मेरी बेटी कृष्णा है। मेरी मां मुझे प्यार से जग्गू बोलती थी। बड़ा हुआ तो दोस्तों के लिए मार खानी पड़ती थी तो जग्गू दादा हो गया। जैकी नाम स्कूल में पड़ गया। ये कहानी है मेरे नाम की। नाम में क्या रखा है। दिल देखिए।

आप दादा जी के रोल में हैं अपनी आगामी फिल्म में, कितना वक्त लगा किरदार के लिए?
मेरे हाथ की दोनों मसल फटी हुई हैं। इधर की हड्डी भी टूटी हुई है। यह काम दिखता मजे का है। लेकिन, मेहनत बहुत है। मेरा नसीब है कि किसी नेशनल विनर डायरेक्टर के साथ काम कर रहा हूं।
 

12:30 PM, 18-May-2026

अपने अंदाज में लखनऊ वालों को कुछ कहना चाहेंगे आप?

जैकी श्रॉफ ने कहा कि आप सभी को बहुत बहुत धन्यवाद। बात करना ज्यादा आता नहीं। काम करता हूं। उत्तर प्रदेश की तरक्की के बारे में जानकर अच्छा लगा। यह जो राज्य है वह श्रीराम का जन्मस्थान है। तो बात यहीं खत्म। इतने बड़े बादशाह लोग संभाल रहे तो फिर फिक्र किस बात की है।

 

12:26 PM, 18-May-2026

सत्र 'जुनून और जिंदगी' में बात रख रहे अभिनेता

सत्र 'जुनून और जिंदगी' में लोकप्रिय अभिनेता जैकी श्रॉफ और फिल्म के निर्देशक मनीष सैनी अपनी बात रख रहे हैं। इन दिनों वे अपनी आगामी फिल्म 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' को लेकर चर्चा में हैं। 
 

12:21 PM, 18-May-2026

यूपी अचीवर्स पत्रिका का विमोचन

यूपी के सीएम ने यूपी अचीवर्स पत्रिका का विमोचन भी किया। यह एक विशेष प्रकाशन है, उत्तर प्रदेश की प्रेरणादायी सक्सेस स्टोरी, विजनरी लीडर्स और रिमार्केबल अचीवर्स को समर्पित है। 

12:16 PM, 18-May-2026

मंच से प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित किया

सीएम योगी ने मंच से प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित किया गया। 

12:15 PM, 18-May-2026

'आज 16 एयरपोर्ट संचालित हो रहे हैं'

सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले यूपी में मात्र दो एयरपोर्ट संचालित थे। एक लखनऊ और वाराणसी का। गोरखपुर और आगरा आंशिक रूप से संचालित थे। आज 16 एयरपोर्ट संचालित हो रहे हैं। पांच पर हम और कार्य कर रहे हैं। पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। भारत का सबसे पड़ा एयरपोर्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यूपी ने बना दिया है। 15 जून से डोमेस्टिक सेवा शुरू करने जा रहे हैं।

12:03 PM, 18-May-2026

'रेलवे का सबसे अच्छा नेटवर्क आज यूपी में है'

सीएम योगी ने कहा कि हमने एक आधार तैयार किया है, कनेक्टिविटी का। रोड की कनेक्टिविटी सबसे अच्छी। रेलवे का सबसे अच्छा नेटवर्क आज यूपी में है। 
 

12:02 PM, 18-May-2026

'पूरे प्रदेश की जितनी भी आबादी है, वो हमारे परिवार का हिस्सा है'

सीएम योगी ने कहा कि पूरे प्रदेश की जितनी भी आबादी है, वो हमारे परिवार का हिस्सा है। समग्र विकास के लक्ष्य को कार्य करना है। 

11:59 AM, 18-May-2026

'यूपी में पहले इंफ्रास्ट्रचर नहीं था'

सीएम योगी ने कहा कि यूपी में पहले इंफ्रास्ट्रचर नहीं था, देश के अंदर कहीं से भी आएंगे तो उत्तर प्रदेश की सीमा का अंदाजा लग जाता था जहां सड़कों पर गड्ढे दिखाई दें और चलना थोड़ा कठिन हो जाए, सांय काल है तो अंधेरा प्रारंभ हो जाए तो मानकर चलिए उत्तर प्रदेश के बोर्डर पर आप आ गए। प्रदेश का खजाना खाली, कोई बैंकर्स हमें पैसा देने के लिए तैयार नहीं। कर्ज लेने की भी एक सीमा होती है। रिजर्व बैंक ने एक सीमा तैयार कर रखी है। 

11:55 AM, 18-May-2026

'गुंडा टैक्स देने के लिए मजबूर था'

सीएम योगी ने कहा मैं जानता था कि यहां पर हर व्यक्ति, चाहे वो शिक्षक हो, डॉक्टर हो, व्यापारी हो या समाज से जुड़ा कोई भी सज्जन प्रवृत्ति का व्यक्ति स्थानीय गुंडों को गुंडा टैक्स देने के लिए मजबूर था। मैं ये भी जानता था कि इस प्रदेश में बेटी सुरक्षित नहीं है, क्योंकि पश्चिमी यूपी में तो हर उस परिवार ने जिसके परिवार में कोई बेटी होती थी, वह दस बार सोचता था। प्रदेश के बाहर या तो छात्रावास में या फिर किसी रिश्तेदारी में पढ़ाने के लिए भेजता था।

11:52 AM, 18-May-2026

उस समय हमारे सामने चुनौतियां थीं: योगी

सीएम योगी ने कहा कि आज से नौ वर्ष पहले जब हमने शासन की बागडोर संभाली। उस समय हमारे सामने चुनौतियां थीं। मैं यूपी की समस्या को जानता था। मैं जानता था यूपी में हर दूसरे दिन दंगे होते थे। मैं जानता था यहां पर हर जिले में सत्ता का समांतर एक माफिया सत्ता संचालित होती है, उसी के इशारे पर वहां का पूरा सिस्टम कार्य करता है।

11:48 AM, 18-May-2026

नकारात्मक रिपोर्टिंग हमेशा दुर्गति का शिकार बनाती है: योगी

सीएम योगी ने कहा कि गलत रिपोर्टिंग हमेशा सिस्टम को दुर्गति की ओर लेकर जाता है। नकारात्मक रिपोर्टिंग हमेशा दुर्गति का शिकार बनाती है। गति को दुर्गति की ओर लेकर जाता है। सकारात्मक रिपोर्टिंग उसी प्रकार से उस पूरे सिस्टम को प्रकृति और समृद्धि के नए सोपान की ओर लेकर जाता है। जिस सकारात्मक भाव के साथ आज से नौ साल पहले हमने प्रदेश के अंदर कार्य करना शुरू किया। आज उत्तर प्रदेश की प्रगति आप सबके सामने, देश के सामने, दुनिया के सामने देखने को मिल रही है।

11:43 AM, 18-May-2026

'ट्रेड यूनियन की प्रवृत्ति ने वहां के उद्योगों को नष्ट कर डाला'

सीएम योगी ने कहा कि कानपुर आपके सामने उदाहरण है, कभी कानपुर देश के अंदर एक समृद्ध शहरों में से एक था। हजारों लोगों के रोजगार का माध्यम बना था। वहां सारे उद्योग बंद हो गए थे। वहां पर जो लोग पहले सिर तानकर जाते थे, अपने घर से अपना टिफिन लेकर जाते थे। उद्योग में काम करते थे और फिर उसी गौरव और गरिमा के साथ वापस आते थे। उद्योग बंद हो गए। जो व्यक्ति गौरव के साथ जाता था, आज वहां पर ठेला लगाने के लिए मजबूर है। क्योंकि ट्रेन यूनियन की प्रवृत्ति ने वहां के उद्योगों को नष्ट कर डाला। पूरी तरह बर्बाद कर डाला। उद्योपति तो दूसरी जगह चला गया। दूसरी जगह उद्योग लगा दिया, लेकिन वहां काम करने वाला श्रमिक ट्रेड यूनिन का शिकार बन गया। ट्रेड यूनिन का शिकार बना श्रमिक भूखमरी के कगार पर पहुंच गया है। 

11:37 AM, 18-May-2026

'ये ट्रेड यूनियन के नेता कोई काम नहीं करते'

उन्होंने कहा कि आप देखते होंगे, ये ट्रेड यूनियन के नेता कोई काम नहीं करते। एक झोला कंधे पर लटकाकर घूम-घूम हर एक व्यक्ति से चंदा वसूली करके अपने घर को तो भरते हैं, लेकिन उस श्रमिक, कामगार को, उस सिस्टम से जुड़े लाखों लोगों को एक समय पर भूखमरी की कगार पर लाकर खड़ा कर देते हैं।

11:30 AM, 18-May-2026

'ट्रेड यूनियन की प्रवृत्ति कभी सकारात्मक नहीं रही'

सीएम योगी ने कहा कि ट्रेड यूनियन की प्रवृत्ति कभी सकारात्मक नहीं रही। जहां पर भी ये प्रवृत्ति पनपी है, वहां पर उसने सत्यानाश ही किया है, किसी का कल्याण नहीं किया है।

11:29 AM, 18-May-2026

'संवेदनशील रिपोर्ट ही मीडिया को विश्वसनीय बनाती है'

सीएम योगी ने कहा कि एक भी सनसनी भरी खबर कहां आग लगा दे, क्या कुछ कर दे, उसका भरोसा नहीं। हम इस बात के लिए कतई तैयार नहीं हैं कि यूपी में फिर से कर्फ्यू लगे, दंगों की शुरुआत हो और किसी प्रकार की अराजकता की छूट किसी को मिले। ऐसे में संवेदनशील रिपोर्ट ही मीडिया को विश्वसनीय बनाती है। अमर उजाला को उसकी 78 वर्षों की शानदार यात्रा के लिए बधाई देता हूं कि उसने विश्वसनीयता पर खरा उतरने का प्रयास किया है।
 

11:21 AM, 18-May-2026

78 वर्षों की शानदार यात्रा के लिए अमर उजाला को बधाई

'अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026' में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 78 वर्षों की शानदार यात्रा के लिए अमर उजाला को बधाई दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अमर उजाला ने वर्तमान की चुनौतियों के साथ अपने आप को तैयार किया है।

11:11 AM, 18-May-2026

'सोच और संकल्प से तय होता है भविष्य'

अमर उजाला के प्रबंध निदेशक तन्मय माहेश्वरी जी ने कहा कि आप सभी को मेरा प्यार भरा नमस्कार। इस मौके पर अमर उजाला प्रबंध निदेशक तन्मय माहेश्वरी ने कहा जाता है कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसकी सीमाओं से नहीं उसकी सोच और संकल्प से तय होता है। जब किसी राज्य की सोच बदलती है तो केवल उसका वर्तमान ही नहीं बनता, उसका भविष्य भी बनता है। आज सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश उसी परिवर्तन की एक प्रेरणादायक कहानी बनता जा रहा है। इसी बात पर मुझे एक पुरानी कहानी याद आती है सॉक्रेटीस की कहानी। सॉक्रेटीस के पास एक युवा गया और उसने कहा कि सफलता का रहस्य क्या है? तभी सॉक्रेटीस ने उस युवक का सिर पानी में डाल दिया, अगले 60 सेकेंड के लिए युवक सांस नहीं ले पा रहा था। फिर धीरे से उसका सिर बाहर निकाला और सॉक्रेटीस ने पूछा कैसा लगा? तब युवक ने कहा कि मैं तो आपके पास ज्ञान लेने आया था, आपने तो मेरे प्राण ले लिये थे। सॉक्रेटीस ने फिर पूछा कि बताओ कैसा लग रहा था? तब युवक ने कहा कि मुझे तो सिर्फ हवा चाहिए थी। सॉक्रेटीस मुस्कुराए और कहा कि जिस दिन सफलता की इच्छा इतनी हो जाएगी, जितनी तुम्हारी सांस लेने की इच्छा हो रही थी तो तुमको सफल होने से कोई रोक ही नहीं सकता। 

उन्होंने आगे कहा, मुझे आज उत्तर प्रदेश में वही तीव्र इच्छा दिखाई देती है, कुछ बड़ा करने की इच्छा। देश को नई दिशा देने की इच्छा। भारत के सामने एक नया प्रदेश, एक नई तस्वीर बनाने की इच्छा। उत्तर प्रदेश सदियों से भारत की संस्कृति, आध्यात्म, कृषि और प्रतिभा का केंद्र रहा है। आज यह राज्य पारंपरिक पहचान के साथ नई ऊर्जा, नया आत्मविश्वास और नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। आज जब देश और दुनिया में उत्तर प्रदेश की बातचीत होती है तो सीना चौड़ा हो जाता है। गोदरेज एग्रोवेट के चेयरपर्सन बुर्जिस गोदरेज ने हमसे कहा कि यूपी के बारे में अब सब लोग अच्छी बातें करते हैं। 

आज उत्तर प्रदेश लगभग 25 करोड़ की आबादी के साथ केवल एक राज्य नहीं है। अपने मायनों में यह कई देशों से बड़ा है। इसकी आर्थिक व्यवस्था, सामाजिक इकोसिस्टम कई दिशों को भी चेलेंज कर सकती है। मुख्यमंत्री का 2030 तक एक ट्रिलिनय इकॉनोमी का लक्ष्य पाना हम सबके लिए एक प्रेरणा का स्रोत है। जब उत्तर प्रदेश आगे बढ़ता है तो विकास की गति भी बहुत तेज हो जाती है। मगर जैसे हर सिक्के के दो पहलू होते हैं, हमारे सामने अवसरों के साथ चुनौतियां भी कई हैं। एक और हम एक वैश्विक परिवर्तन की ओर लगातार देख रहे हैं। एक तरफ ग्लोबल स्टेबिलिटी और दूसरी तरफ टेक्नोलॉजी चेंज आने वाला कल बीते हुए कल से बहुत ही अलग होने वाला है। 

एआई, डिफेंस, ग्रीन एनर्जी, स्पेश साइंस, मॉडर्न फार्मिंग टेक्निक्स, डेटा सेंटर्स ये केवल बातें नहीं, अब ये सब रियलिटी बन चुके हैं। यही सब हमारे लिए एक अवसर भी होंगे और एक चुनौती भी। हमारी आबादी हमारे लिए वरदान भी बन सकती है और हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती भी। राष्ट्र का निर्माण केवल और केवल सरकारों से नहीं होता। राष्ट्र का निर्माण तब होता है, जब युवा सपने देखने लगे, उद्योग निवेश करने लगे और शिक्षा प्रेरित करने लगे तो सारा समाज पॉजिटिव हो जाता है। इसमें मीडिया की भी एक मत्वपूर्ण भूमिका होती है। हम आपको सिर्फ सूचना ही नहीं देते, हम सबका काम है आप सबका आत्मविश्वास बढ़ाना। अमर उजाला हर एक साथी लगातार यही प्रण करता है कि समाज को वे सूचना भी दे और मोटिवेट भी करें। महान राष्ट्र एक दिन में तो नहीं बनते, लेकिन हर दिन किए गए छोटे-छोटे कार्यों से वह महान बन जाते हैं। आइए हम सब मिलकर एक सपना देखते हैं, सपना उत्तर प्रदेश को उत्तम बनाने का, सपना उत्तर प्रदेश की एक ट्रिलियन इकॉनोमी करने का और सपना खुश रहने का।

11:08 AM, 18-May-2026

'सोच ही निर्धारित करती है कि हमें क्या करना है'

 पहला अनुशासन सोच का अनुशासन है। दूसरा अनुशासन जिह्वा पर नियंत्रण का अनुशासन है। सोच ही निर्धारित करती है कि हमें क्या करना है। अमर उजाला का उदाहरण लें, तो इसके संस्थापक पहले सोच को अनुशासन में लाए। फिर तन्मय होकर इस काम में लग गए। आप अपना सौ फीसदी दीजिए। आपकी सोच ही आपके भाग्य का परिणाम है। उत्तर-दक्षिण में देखिए। जहां-जहां सोच को नियंत्रित नहीं किया, वहां-वहां हम फिसल गए। सनातन संस्कृति संवाद की संस्कृति है। गर्जना करने वाले गजनी गिरते गए, लेकिन सोमनाथ आज भी खड़ा है। जिह्वा नियंत्रण का जहां-जहां अभाव है, वहां-वहां समस्या है।

10:59 AM, 18-May-2026

'सोच बड़ी है तो समस्या भी समाधान बन जाता है'

स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि सबसे पहले बात है अनुशासन, अनुशासन का मतलब है निज पर शासन फिर अनुशासन। सारी समस्याएं खुद से ही खड़ी होती हैं। मेरी सोच छोटी है तो समधान भी समस्या बन जाता है। सोच बड़ी है तो समस्या भी समाधान बन जाता है। उन्होंने कहा कि आदरणीय अटल जी कहते थे छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता है और टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता है। इसलिए सारा संकट सोच का है। पूरे समाज में देखिए इस सोच के संकट से उबार पाने के लिए सबसे पहले अनुशासन। 

10:50 AM, 18-May-2026

'संवाद ही समाधान'

स्वामी चिदानंद सरस्वती जी ने कहा कि संवाद ही समाधान। संवाद से ही आज या कभी सारी दीवारें गिरती हैं, संवाद से ही सारी दरारें भरती हैं। संवाद से ही दिल से दिल जुड़ते हैं। चाहे वो परिवार में हो, समाज में हों, राष्ट्र में हो या विश्व में हों। आज को क्राइसिस देखते हैं, उन क्राइसिस का एक ही कारण है संवाद का अभाव। डायलॉग इज लाइक एक  डायलिसिस।

10:45 AM, 18-May-2026

सत्र अनुशासन , आकांक्षाएं और संकल्प

सत्र अनुशासन, आकांक्षाएं और संकल्प में स्वामी चिदानंद सरस्वती ने वंदना से शुरुआत की। स्वामी चिदानंद सरस्वती जी और साध्वी भगवती सरस्वती जी अपनी बात रख रहे हैं। स्वामी चिदानंद सरस्वती जी ने कहा मुझे लगता है प्रभु के द्वारा सभी को चुन लिया गया है। हम सब चुने गए हैं। हर एक को अपना-अपना रोल प्ले करना है। गोल सेट करना है और रोल प्ले करना है।

बातचीते के दौरान स्वामी चिदानंद सरस्वती जी ने कहा कि, सारा जीवन दैवीय आज्ञा पर होता है। प्रभु ने हमें चुन लिया है। सभी को अपनी-अपनी भूमिका निभानी है। परमार्थ का अर्थ ही यह है कि दूसरों के लिए जीवन। बचपन से मौन की साधना की। ध्यान की साधना की। फिर हम हिमालय पर गए। आज पूरे विश्व को जिस समाधान की आवश्यकता है, चुनौतियों से निजात पाने के लिए जो उत्तर चाहिए, वो हिमालय की शांति ने दिए।

व्यस्त रहते हुए मस्त और स्वस्थ कैसे रहें, यह उसी से मिले जीवन का प्रभाव है। जीवन में संवाद का क्या प्रभाव होता है, इसके सूत्र हिमालय से मिले। आज प्रसन्नता है कि अमर उजाला ने सभी संस्थाओं के साथ मिलकर इस कार्यक्रम का नाम संवाद रखा है। 

10:41 AM, 18-May-2026

'उद्योगों और किसानों को मिलकर काम करना होगा तभी बदलाव संभव है'

गोदरेज ने कहा कि सरकार, उद्योगों और किसानों को मिलकर काम करना होगा तभी बदलाव संभव है। भारत जैसे विकासशील देशों में सही जानकारी और सूचना एक नई और निर्णायक भूमिका निभा रही है। बुर्जिस गोदरेज ने साफ किया कि उद्योगों को बढ़ावा देने के रास्ते में आज भी सबसे बड़ी चुनौती औपचारिक वित्त तक लोगों की पहुंच का न होना है। व्यवसाय और व्यक्तिगत विकास के लिए आसान और औपचारिक ऋण की कमी एक बड़ी बाधा है। इस वित्तीय अंतर को पाटने और लोगों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए 'गोदरेज कैपिटल' के माध्यम से विशेष और निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

बुर्जिस गोदरेज ने कहा, "राज्य में विकास की गति को तेज करने के लिए गोदरेज का फोकस केवल पूंजी वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाने पर है। बुर्जिस गोदरेज के बयान की कुछ प्रमुख बातें और उनके जमीनी परिणाम इस प्रकार हैं। उनका मानना है कि जब एक महिला आगे बढ़ती है, तो उसका घर और पूरा समाज मजबूत होता है। इसी उद्देश्य के साथ, महिलाओं को सक्रिय रूप से औपचारिक वित्तीय प्रणाली का हिस्सा बनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में कंपनी के इन वित्तीय और सामाजिक प्रयासों ने अब तक एक करोड़ से अधिक लोगों तक अपनी पहुंच सुनिश्चित की है।"

इन पहलों के प्रत्यक्ष और सकारात्मक परिणाम जमीनी स्तर पर देखे गए हैं। स्वास्थ्य के मोर्चे पर एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए, 80 फीसदी क्षेत्रों को मलेरिया और डेंगू जैसी गंभीर बीमारियों से मुक्त किया गया है।
 

10:27 AM, 18-May-2026

बुर्जिस गोदरेज अपने विचार रख रहे हैं

अगले विशेष सत्र 'कृषि तकनीक: नई उड़ान, नए आयाम' में गोदरेज एग्रोवेट के नवनियुक्त चेयरपर्सन-डेसिग्नेट बुर्जिस गोदरेज अपने विचार रख रहे हैं। बुर्जिस गोदरेज ने कहा कि नमस्ते सभी को और शुप्रभात। उन्होंने कहा कि अमर उजाला समूह को हार्दिक बधाई। उनके 78 वर्षों के सफर के लिए। 1948 में स्थापित अमर उजाला एक क्षेत्रिय पत्र से बढ़कर उत्तर भारत का एक प्रमुख संस्थान बन चुका है। जिसका भारत की जमीन से गहरा संबंध है। अमर उजाला ने हमेशा भारत की आवज बनकर, विशेष रूप से किसानों, ग्रामीण समुदायों की बात सामने रखी है। 

 गोदरेज समूह के लिए उत्तर प्रदेश सिर्फ एक उपभोक्ता बाजार नहीं है, बल्कि यह एक मजबूत उपलब्धि और राज्य के लोगों के सपनों की कहानी है। इसी संदर्भ में बुर्जिस गोदरेज ने उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास, वित्तीय समावेशन और सामाजिक उत्थान को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने राज्य में अनुभव-आधारित फैसलों से सूचना-आधारित फैसलों की ओर बढ़ने में 'अमर उजाला' की अहम भूमिका की भी सराहना की है।

10:24 AM, 18-May-2026

'चिता और चिंता में क्या अंतर है?'

गौर गोपाल दास ने कहा कि चिता और चिंता में क्या अंतर है? ये दोनों शब्द बोलने में अंतर है। मरे लोगों को जलाती है चिता, एक बार। जिंदा आदमी को जलाती है हर रोज, चिंता।

मौत को तो यूं ही  बदनाम करते हैं साहब
वर्ना, तकलीफ वैसे जिंदगी से है। 
 

10:21 AM, 18-May-2026

जीवन का मंत्र कविता से दिया

एक बचपन का जमाना था, जिस में खुशियों का खजाना था.. चाहत चांद को पाने की थी, पर दिल तितली का दीवाना था.. खबर ना थी कुछ सुबहा की, ना शाम का ठिकाना था.. थक कर आना स्कूल से, पर खेलने भी जाना था...

सोशल मीडिया ने एक तरफ देश को महत्वाकांक्षी बना दिया है, दूसरी तरफ अवसाद से ग्रस्त कर दिया है। दूसरों के बगीचे में देखते-देखते अपनी घास सूख जाती है। अपनी घास पर पानी दो, तितलियां अपने आप आ जाएंगी।

10:16 AM, 18-May-2026

'अपनी ही मंजिल और अपनी ही दौड़'

गौर गोपाल दास ने कहा कि ना किसी से स्पर्धा, ना किसी से दौड़, अपनी ही मंजिल और अपनी ही दौड़, दौड़िए, दौड़िए। जो भी चाहते हैं, जीवन ने उसे बिल्ड कीजिए। भागना नहीं पड़ेगा। 

10:14 AM, 18-May-2026

गौर गोपाल दास ने बताया, हर समस्या का समाधान

गौर गोपाल दास ने मंच से पूछा कि क्या आपको कोई चिंता है, किसी समस्या से परेशान है? उन्होंने बताया कि हर कोई ही परेशान है। कोई अपने पति या पत्नी से परेशान है। हैप्पी मैरेड लाइफ चाहते हैं। कोई अपने करियर में समस्या से जूझ रहे हैं। इन सब से उबरने का क्या तरीका है?

इसका एक आसान तरीका है कि अपनी जिन्दगी की परेशानी को सामने रखें, पति-पत्नी को एक दूसरे से दिक्कत है तो अपने फ़ोन के वॉलपेपर पर साथी कि फोटो अपलोड कर लें। इसे पूरा दिन देखें। प्रॉब्लम सोल्व नहीं, उसका सामना करना सीखें। 

10:04 AM, 18-May-2026

'आपको खाना-पीना छोड़ने की जरूरत नहीं'

गौर पाल दास ने कहा कि उपवास करने के लिए आपको खाना-पीना छोड़ने की जरूरत नहीं है। एक दिन बिना स्मार्ट फोन के, बिना इंस्टाग्राम के, बिना व्हाट्सएप के, बिना चैट जीपीटी के, बिना ट्विटर, लिंक्डइन के एक दिन उपवाल करके दिखाइए। भगवान खुद नीचे उतरकर आएगा। बस कर पहले रुलाएगा क्या?
 

10:00 AM, 18-May-2026

गौर गोपाल दास बोले

"जिनके न आते थे जवाब, उनके सलाम आने लगे
मेरा वक्त क्या बदला नीम के पेड़ पर आम आने लगे"-गौर गोपाल दास

09:58 AM, 18-May-2026

'सफलता अकेली होती है'

गौर गोपाल दास ने कहा कि जीवन में आप कुछ भी करें, कोई तो नाराज जरूर होगा। सबको खुश करना असंभव के बराबर है। कुछ भी करिए लोग कुछ तो कहेंगे। जिंदगी के रिश्तों में पता करें कि कौन सामने है, कौन साथ में है? सफलता अकेली होती है। जीवन में ऊपर जाने पर नंबर, उपलब्धियां, शोहरत-दौलत होती है, लेकिन नीचे उतरने पर रिश्ते पता चलते हैं। उनमें सुकून होता है, सच्चाई होती है।

जिंदगी के रिश्तों में पता करें कि कौन सामने है, कौन साथ में है? सफलता अकेली होती है। जीवन में ऊपर जाने पर नंबर, उपलब्धियां, शोहरत-दौलत होती है, लेकिन नीचे उतरने पर रिश्ते पता चलते हैं। उनमें सुकून होता है, सच्चाई होती है।

09:48 AM, 18-May-2026

 कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना... 

डूबना अच्छा होता है, डूबते-डूबते टूटना अच्छा नहीं होता। दूसरों के लिए जीना अच्छा है, लेकिन खुद के लिए जीना न भूलें। हमें किसी की जरूरत नहीं, इसे अहम कहते हैं। सभी को हमारी जरूरत है, इसे वहम कहते हैं।
 

09:45 AM, 18-May-2026

'जीवन में आप कुछ भी करें, कोई तो नाराज जरूर होगा'

गौर गोपाल दास ने कहा कि जीवन में आप कुछ भी करें, कोई तो नाराज जरूर होगा। सबको खुश करना असंभव के बराबर है। कुछ भी करिए लोग कुछ तो कहेंगे। 

09:44 AM, 18-May-2026

यह मेरा चौथा संवाद है: गौर गोपाल दास

मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपाल दास ने शुप्रभात लखनऊ से कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि  सबसे पहले मैं अमर उजाला का हार्दिक आभार व्यक्त करना चाहता हूं। यह मेरा चौथा संवाद है। 

09:41 AM, 18-May-2026

गौर गोपाल दास ने की सुप्रभात सत्र से आयोजन की शुरुआत

78 वर्षों की विश्वसनीय पत्रकारिता के साथ स्वर्णिम शताब्दी की ओर बढ़ रहा अमर उजाला समूह राजधानी लखनऊ के होटल द सेंट्रम में आज से 'अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026' शुरू हो गया है। मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपाल दास ने सुप्रभात सत्र से आयोजन की शुरुआत की है।

09:33 AM, 18-May-2026

एग्री-बिजनेस और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के बड़े चेहरे बने बर्जिस गोदरेज

भारतीय कृषि और एग्री-बिजनेस सेक्टर में तेजी से बदलती तकनीक और निवेश के बीच बुर्जिस गोदरेज एक महत्वपूर्ण नाम बनकर उभरे हैं। गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड के नामित अध्यक्ष के रूप में वह ग्रामीण अर्थव्यवस्था, फूड सिक्योरिटी और एग्री-टेक को लेकर लगातार चर्चा में हैं। भारत में कृषि को तकनीक और आधुनिक प्रबंधन से जोड़ने की दिशा में उनके प्रयास उद्योग जगत में सराहे जा रहे हैं। कृषि क्षेत्र में नवाचार और टिकाऊ विकास को लेकर उनकी सोच उन्हें कॉरपोरेट जगत का चर्चित चेहरा बनाती है। संवाद में वह एग्री-टेक और भविष्य की कृषि व्यवस्था पर चर्चा करेंगे।

09:33 AM, 18-May-2026

मृणाल ठाकुर 

‘सुपर 30’, ‘सीता रामम’, ‘जर्सी’ और ‘कल्कि 2898 एडी’ जैसी फिल्मों में अपनी संवेदनशील अदायगी से करोड़ों दिलों में खास पहचान बनाने वाली अभिनेत्री मृणाल ठाकुर इस संवाद का हिस्सा होंगी। छोटे पर्दे से अपना कॅरिअर शुरु करने वाली मृणाल ठाकुर आज पैन इंडिया स्टार बन चुकी हैं। वह सिने जगत पर अपने विचार रखेंगी। 
 

09:29 AM, 18-May-2026

वरुण धवन 

स्टूडेंट ऑफ द ईयर, बदलापुर और बॉर्डर-2 जैसी 2 दर्जन से अधिक फिल्मों में अपनी दमदार अदाकारी और शानदार स्क्रीन प्रेजेंस से करोड़ों फैंस के दिलों पर राज करने वाले बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन अमर उजाला के इस संवाद का हिस्सा होंगे। धवन ने 2012 से 2018 के बीच लगातार 11 हिट फिल्में दी हैं। संवाद में वह सिनेमा पर बात करेंगे। 

09:22 AM, 18-May-2026

नई पीढ़ी की आवाज श्वेता त्रिपाठी

श्वेता त्रिपाठी आज उस नए भारतीय सिनेमा का चेहरा हैं जहां अभिनय चमक से नहीं, संवेदनशीलता से पहचाना जाता है। 'मसान', 'मिर्जापुर' और कई चर्चित प्रोजेक्ट्स में अपने अभिनय से उन्होंने साबित किया कि मजबूत अभिनय के लिए बड़े पर्दे से ज्यादा जरूरी मजबूत कहानी होती है। श्वेता त्रिपाठी को सबसे बड़ी पहचान यह है कि वह अपने किरदारों को सिर्फ निभाती नहीं, बल्कि जीती हैं। वो नई सोच की नई नायिका हैं, इसी मुद्दे पर संवाद में बात करेंगी।
 

09:11 AM, 18-May-2026

अभिनय से आगे बढ़कर कहानी चुनने वाले अभिनेता बने रणदीप

रणदीप हुड्डा उन अभिनेताओं में गिने जाते हैं जिन्होंने स्टारडम से ज्यादा किरदारों को महत्व दिया। उनके निभाए गए किरदारों की गहराई ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री का एक बड़ा अभिनेता साबित किया है। 'सरबजीत', 'हाइवे' और कई गंभीर फिल्मों में उनके अभिनय को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक सराहा गया। हरियाणा से निकलकर मुंबई तक का उनका सफर संघर्ष और धैर्य की कहानी माना जाता है। संवाद में वह सपने, संघर्ष और सिनेमा पर बात करेंगे।

09:04 AM, 18-May-2026

बेबाक बयानों और दमदार अभिनय के कारण सुर्खियों में ऋचा चड्ढा

रिचा चड्ढा अपने सशक्त अभिनय और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर बेबाक राय रखने के कारण लगातार चर्चा में रहती हैं। हाल के वर्षों में ओटीटी और महिला केंद्रित फिल्मों में उनके काम को काफी सराहना मिली है। ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’, ‘फुकरे’ और चर्चित वेबसीरीज ‘हीरामंडी’ समेत कई प्रोजेक्ट्स में अपनी अलग पहचान बना चुकी ऋचा चड्ढा नए दौर के भारतीय सिनेमा का मजबूत चेहरा मानी जाती हैं। वह सिनेमा में महिलाओं की बदलती भूमिका और कंटेंट आधारित फिल्मों को लेकर मुखर रही हैं। संवाद में वह सिनेमा और नए दौर के कंटेंट पर अपने विचार रखेंगी।
 

08:59 AM, 18-May-2026

युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं जैकी श्रॉफ

‘भिडू’ अंदाज़ और बिंदास लाइफस्टाइल के कारण हमेशा चर्चा में रहते हैं जैकी दादा। जैकी श्रॉफ हिंदी सिनेमा के उन चुनिंदा अभिनेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने अपने अभिनय, सादगी और अलग अंदाज़ से करोड़ों दिलों में खास जगह बनाई। ‘हीरो’,‘राम लखन’ और ‘देवदास’ जैसी 250 से अधिक फिल्मों में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराने वाले जैकी श्रॉफ आज भी युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। हाल के वर्षों में फिल्मों और वेब प्रोजेक्ट्स में उनके अभिनय को खूब सराहा गया है। मुंबई की चॉल से निकलकर बॉलीवुड के बड़े सितारे बनने तक का उनका संघर्ष आज भी प्रेरणा माना जाता है। सोशल मीडिया पर उनका सहज व्यवहार और मशहूर ‘भिडू’ स्टाइल उन्हें लगातार चर्चा में बनाए रखता है।

08:57 AM, 18-May-2026

क्रिकेट से राजनीति तक नवजोत सिंह सिद्ध की अलग पहचान

1983 से 1999 के बीच खेले 187 अंतर्राष्ट्रीय मैंचों में 15 शतक बनाने वाले नवजोत सिंह सिद्ध की भाषा, बोलने का शायराना अंदाज और संवाद शैली उन्हें भीड़ से अलग बनाती है। क्रिकेट की दुनिया से राजनीति और फिर टेलीविजन तक, सिद्ध ने हर मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई। राजनीति, अनुभव और हास्य संवाद में उनका सत्र का अनोखा मिश्रण होगा।

08:51 AM, 18-May-2026

स्वामी चिदानंद जी 

परमार्थ निकेतन आश्रम के अध्यक्ष एवं आध्यात्मिक प्रमुख स्वामी चिदानंद का प्रारंभिक जीवन वैराग्य, ध्यान और चिंतन में व्यतीत हुआ। ऋषिकेश गंगा आरती के प्रणेता, पर्यावरण और गंगा संरक्षण के कट्टर समर्थक स्वामी जी डिवाइन शक्ति फाउंडेशन की प्रेसिडेंट साध्वी भगवती सरस्वती जी के साथ अमर उजाला संवाद का हिस्सा होंगे। जहां दोनों वक्ता सार्थक जीवन पर अपने विचार रखेंगे।
 

08:50 AM, 18-May-2026

रवींद्र जायसवाल 

स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल पार्टी के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं। 2012, 2017 और 2022 में वाराणसी उत्तरी निर्वाचन क्षेत्र से जीत की हैट्रिक लगाने वाले रवींद्र के कार्यकाल में रजिस्ट्री राजस्व 11 हजार करोड़ से बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। अमर उजाला संवाद में वह संकल्प से सिद्धि की बात करेंगे। 

 

08:39 AM, 18-May-2026

जयवीर सिंह 

पर्यटन एवं संस्कृति कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह सपा के मजबूत गढ़ मैनपुरी में कमल खिलाकर चर्चा में आए। बरेली व बदायूं में करोड़ों रुपये की पर्यटन परियोजनाओं को शुरु करने और निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स को नबंबर 2026 तक पूरा करने के कड़े निर्देश के कारण भी चर्चा में रहे। संवाद में संकल्प से सिद्धि की बात करेंगे। 
 

08:27 AM, 18-May-2026

राकेश सचान

लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME),खादी, ग्रामोद्योग, रेशम उत्पादन और वस्त्र मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान की एक डिस्ट्रिक एक प्रोडक्ट और यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो जैसे बड़े आयोजनों को सफल बनाने में उनकी मुख्य भूमिका रही है। संवाद में वह संकल्प से सिद्धि की बात करेंगे। 
 

08:24 AM, 18-May-2026

विपक्ष की राजनीति का सबसे बड़ा चेहरा बने अखिलेश यादव

अखिलेश यादव इस समय विपक्ष की सबसे मजबूत आवाज हैं। लोकसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय राजनीति में भी उनकी भूमिका और प्रभाव बढ़ा है। युवाओं, किसानों और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लगातार उठाने वाले अखिलेश यादव नई पीढ़ी के राजनीतिक नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं। संवाद में वह राजनीति, लोकतंत्र और उत्तर प्रदेश की बदलती सामाजिक तस्वीर पर अपनी बात रखेंगे।

08:15 AM, 18-May-2026

स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के कारण चर्चा में ब्रजेश पाठक

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में लगातार सुधार और प्रशासनिक सक्रियता को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। अस्पतालों के औचक निरीक्षण से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं की मॉनिटरिंग तक, उनकी कार्यशैली ने उन्हें जनता के बीच एक सक्रिय मंत्री की पहचान दी है। संवाद में वह सुशासन और विकास के मॉडल पर अपने विचार रखेंगे।
 

08:06 AM, 18-May-2026

विकास, संगठन व सियासत के समीकरणों के केंद्र में केशव मौर्य

उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य लंबे समय से भाजपा के संगठन और ओबीसी राजनीति के मजबूत चेहरे माने जाते हैं। हाल के महीनों में प्रदेश में संगठन विस्तार, पंचायत स्तर तक राजनीतिक पकड़ और सरकार की योजनाओं को गांवों तक पहुंचाने में उनकी भूमिका अहम रही है। पिछड़े वर्ग की राजनीति में मजबूत पकड़ उन्हें भाजपा के अहम रणनीतिक चेहरों में शामिल करती है। संवाद में वह यूपी के सुशासन और बदलते राजनीतिक समीकरणों पर बात रखेंगे।
 

07:34 AM, 18-May-2026

एआई और नए भारत की आवाज बने अंकुश सभरवाल

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और भारतीय टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम में तेजी से उभरते नाम अंकुश सभरवाल आज देश में एआई आधारित नवाचार को नई दिशा देने वाले युवा उद्यमियों में गिने जाते हैं। भारत जीपीटी के संस्थापक एवं सीईओ के रूप में वह भारतीय भाषाओं, डिजिटल तकनीक और एआई को आम लोगों तक पहुंचाने के मिशन पर काम कर रहे हैं। स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी की दुनिया में उनकी पहल लगातार चर्चा में रही है। संवाद में वह “एआई और नया भारत” विषय पर अपने विचार रखेंगे और बताएंगे कि किस तरह कृत्रिम बुद्धिमत्ता आने वाले समय में शिक्षा, उद्योग, रोजगार और समाज की तस्वीर बदलने जा रही है।

07:08 AM, 18-May-2026

संवाद के मुख्य सहयोगी

अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026 से प्रतिष्ठित ब्रांड्स जुड़ें हैं जिनमें ड्रिवेन वाई पार्टनर किया, एसोसिएट पार्टनर सोलर स्क्वायर, फीनिक्स पलासियो, इन्वेस्ट यूपी, हेल्थ पार्टनर जीना सीखो हिम्स, ट्रैवल पार्टनर इजमायट्रिप, वेलनेस पार्टनर मंकीफ्लाई प्रीमियम, रेडियो पार्टनर बिग एमएम 94.3, ज्वेलरी पार्टनर सेंको गोल्ड एंड डायमंड्स और प्रजेंटिंग पार्टनर के रूप में गलगोटियाज यूनिवर्सिटी जुड़े हैं। उत्तर प्रदेश सरकार का भी इस संवाद को समर्थन प्राप्त है।

06:48 AM, 18-May-2026

गौर गोपाल दास का प्रेरणादायी सत्र आज

प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर और आध्यात्मिक विचारक गौर गोपाल दास 18 मई को अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश में लखनऊवासियों से संवाद करेंगे। यह विशेष सत्र होटल द सेंटरम, लखनऊ में सुबह 9:00 बजे आयोजित होगा। अपने प्रेरणादायी विचारों और सकारात्मक जीवन शैली के संदेशों के लिए प्रसिद्ध गौर गोपाल दास इस सत्र में जीवन में खुशहाली, मानसिक संतुलन, रिश्तों और सफलता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे। उनके विचार युवाओं, प्रोफेशनल्स और परिवारों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। 

06:48 AM, 18-May-2026

विपक्ष की राजनीति का सबसे बड़ा चेहरा बने अखिलेश यादव

अखिलेश यादव इस समय विपक्ष की सबसे मजबूत आवाज हैं। लोकसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय राजनीति में भी उनकी भूमिका और प्रभाव बढ़ा है। युवाओं, किसानों और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लगातार उठाने वाले अखिलेश यादव नई पीढ़ी के राजनीतिक नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं। संवाद में वह राजनीति, लोकतंत्र और उत्तर प्रदेश की बदलती सामाजिक तस्वीर पर अपनी बात रखेंगे।

06:21 AM, 18-May-2026

विकास का दृष्टिकोण

2 दिवसीय इस आयोजन में 20 से अधिक सत्रों के दौरान 3 दर्जन से अतिथि प्रदेश के विकास, मनोरंजन, अध्यात्म, खेल, राजनीति, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस समेत दर्जनों विषयों पर पर बात करेंगे। इस महा मंथन से जो विचार और समाधान निकलेंगे उनसे निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश के विकास के लिए एक नया दृष्टिकोण मिलेगा। ये आयोजन राजधानी के द सेंट्रम होटल में 18 व 19 मई को सुबह 9 बजे से होगा। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसके मुख्य अतिथि होंगे।

05:53 AM, 18-May-2026

इंफ्रास्ट्रक्चर और इकॉनमी पर चर्चा करेंगे मुख्यमंत्री योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार अपने प्रशासनिक फैसलों, कानून व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को लेकर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में बने हुए हैं। अयोध्या से लेकर काशी कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे नेटवर्क से लेकर निवेश सम्मेलनों तक, योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने का लक्ष्य तय किया है। संवाद में इस विषय पर भी विशेष चर्चा होगी। 

05:27 AM, 18-May-2026

Samwad 2026 Day 1 Live: यूपी में कितना बदलाव हुआ? रणदीप हुड्डा बोले- प्रदेश अब बहुत सेफ हो गया, क्राइम खत्म है

राजधानी लखनऊ आज और कल देश के चर्चित चेहरों, विचारों और विमर्श का केंद्र बनने जा रही है। 78 वर्षों का गौरवशाली इतिहास समेटे और स्वर्णिम शताब्दी की ओर तेजी से बढ़ रहे अमर उजाला समूह का महाआयोजन 'अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026' 18 मई से शुरू हो रहा है। सोमवार को पहले दिन की शुरुआत आध्यात्मिक ऊर्जा से होगी। पहले सत्र का आगाज सुबह नौ बजे विश्व विख्यात आध्यात्मिक गुरु और मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपाल दास करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश : कल, आज और कल विषय पर श्रोताओं से सीधा संवाद करेंगे।

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