03:33 PM, 10-Dec-2021
सरयू नहर परियोजना: पीएम मोदी का अखिलेश पर तंज, कहा- हो सकता है बचपन में उन्होंने इस परियोजना का भी फीता काटा हो
1978 से शुरू हुई सरयू नहर परियोजना पूरी हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की इस सबसे बड़ी परियोजना का लोकार्पण किया। गोंडा सहित नौ जिलों के किसानों के लिए यह परियोजना एक वरदान साबित होगी। जिले में 808 किलोमीटर लंबी इस नहर योजना से किसानों को मंहगी सिंचाई की परेशानी से प्रभावी तौर पर छुटकारा मिलेगा। गोंडा जिले में यह सरयू नहर बहराइच से होकर प्रवेश करेगी। एक-दो गैप को छोड़कर परियोजना का कार्य लगभग पूरा है। पीएम मोदी ने परियोजना को देश को समर्पित किया।
- इस परियोजना की लागत 9802 करोड़ रुपये है। जो कि 6,223 किमी लंबी है। दावा किया जा रहा है कि 6227 गांवों के 29 लाख किसान लाभांवित होंगे।
दो मुख्य नहरों से 45 नहरें निकाली जा चुकी हैं
वर्ष 1978 में बहराइच व गोंडा जिले की सिंचन क्षमता के विस्तार के लिए घाघरा कैनाल नामक परियोजना का शुभारंभ हुआ था। चार साल तक परियोजना पर काम चलता रहा, लेकिन परियोजना पूरी नहीं हुई। सुरसा की तरह परियोजना की लागत बढ़ती गई और काम भी पूरा नहीं हो पाया। वर्ष 1982 में परियोजना का विस्तार करते हुए अन्य जिलों को भी इसमें शामिल कर दिया गया। इसका नाम ट्रांस घाघरा-राप्ती-रोहिणी कर दिया गया। लेकिन बाद में इसका नाम सरयू नहर परियोजना कर दी गई। करीब सवा लाख किलोमीटर तक फैली इस परियोजना से कई लाख किसानों को सिंचाई की समस्या से निजात मिलेगी। इस परियोजना का मुख्य भाग गोंडा है। जिले में बहराइच के रास्ते गोंडा में आईं दो मुख्य नहरों से 45 नहरें निकाली जा चुकी हैं।
808 किलोमीटर नहर का जाल बिछ चुका है
मुख्य शाखा के अलावा माइनर व टेल तक पानी पहुंचाने की कवायद करीब 43 साल बाद पूरी हो रही है। जिले भर में 808 किलोमीटर नहर का जाल बिछ चुका है और इससे दो लाख 41 हजार किसानों को सिंचाई का सीधा फायदा मिलेगा।
गोंडा जिले में करीब पांच लाख किसान हैं। यहां के किसान बोरिंग व पंपिंग सेटों से सिंचाई करते रहे हैं। 50 से अधिक राजकीय नलकूप भी सिंचाई करे लिए लगे हैं। लेकिन कभी बिजली की समस्या तो कभी यांत्रिक दोष के कारण किसानों को समय से सिंचाई की सुविधा नहीं मिल पाती थी। कुल किसानों में से 50 फीसदी किसानों को अब नहर सिंचाई का फायदा मिलेगा। यानि ढाई लाख किसानों को महंगे डीजल की जरूरत नहीं पड़ेगी और कम खर्च में वह समय पर फसलों की सिंचाई कर सकेंगे।
अब लहलाएगी फसल
रुपईडीह ब्लाक के किसान सतगुरु कहते हैं कि सरयू नहर प्रथम खंड की 47 किलोमीटर की नहर उनके खेत के बगल से होकर निकली है। अब लगातार नहरों के चलने से सिंचाई की समस्या दूर होगी। राम राज मौर्य ने बताया कि बताया कि नहरों की साफ सफाई पर विशेष ध्यान देना होगा। ताकि इसका पूरा फायदा किसानों को मिल सके। किसान रज्जब अली व अनोखे लाल ने बताया कि हर साल गेहूं से लेकर अन्य फसलों की सिंचाई में बहुत पैसा खर्च होता था। अब नियमित पानी मिलने से डीजल खर्च की बचत होगी।