कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सभी देशवासियों को नवरात्र की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या में होना मेरे जीवन का कृतार्थ करने वाला पल है। मैं यहां पर आकर गौरवांवित हूं। राम मंदिर हमें हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ता है।
उन्होंने कहा कि 500 वर्षों के संघर्ष के बाद हमें यह सौभाग्य का पल मिला है। राम मंदिर की प्राणप्रतिष्ठा, मंदिर का ध्वजारोहण हमारे इतिहास की स्वर्णिम तिथियां हैं। मुझे श्रीराम यंत्र की स्थापना का अवसर मिला है। यह प्रभु श्रीराम की मेरे ऊपर कृपा का प्रतीक है। ऐसा मेरा मानना है।
उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम को नमन करना और भारत मां का वंदन करना एक जैसा है। आज के इस अवसर पर हम संकल्प लें कि भारत मां के सम्मान और वैभव को शिखर पर ले जाएंगे।
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी को चैत्र नवरात्र की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम का मंदिर अब एक राष्ट्र मंदिर बन चुका है। ये हमारे लिए अत्यंत गौरव का पल है। यह सौभाग्यशाली पल करोड़ों रामभक्तों के संघर्ष और बलिदान के कारण संभव हो सका है। आज अयोध्या वैश्चिक चेतना का केंद्र बन चुकी है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज दुनिया भर में युद्ध चल रहे हैं पर हम लोग आज राम मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना के इस आनंदमयी कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। यही तो रामराज्य की अनुभूति है इसलिए ही तो कहा जाता है कि हमारा भारत वर्ष साधु-संतों की भूमि है।
उन्होंने कहा कि आज राम मंदिर हमारे युवाओं को हमारी संस्कृति से जोड़ रहा है। यही कारण है कि जब नववर्ष का शुभारंभ होता है तो युवा कहीं और नहीं जाकर मंदिर में दर्शन कर अपने नववर्ष का शुभारंभ करता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम यंत्र की स्थापना के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत किया।
इस अवसर पर उन्होंने सभी रामभक्तों को नवरात्र की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज श्रीराम यंत्र की स्थापना के साथ ही प्रभु श्रीराम का मंदिर परिपूर्ण हो गया। राम मंदिर का निर्माण 500 वर्षों के संघर्ष का परिणाम है।
राममंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की स्थापना के बाद आयोजित कार्यक्रम में हजारों रामभक्तों को संबोधित करते हुए श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने कहा कि इसके साथ ही 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद प्रभु श्रीराम के मंदिर का निर्माण परिपूर्ण हो गया है।
कार्यक्रम में राम मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले लोगों को आमंत्रित किया गया है। इनमें वो लोग भी शामिल रहे जो 1984 से ही राम मंदिर आंदोलन से जुड़े हुए थे।
श्रीराम यंत्र की स्थापना के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने श्रीरामलला के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने प्रभु श्रीरामलला की आरती उतारी और आशीर्वाद लिया।
राष्ट्रपति ने पूरे विधि-विधान से श्रीराम यंत्र की स्थापना में भाग लिया। इस दौरान इस विशेष अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, सदस्य जगद्गुरु विश्व प्रसन्न तीर्थ और तीन आचार्य उपस्थित रहे।
वैदिक मंत्रों के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राम मंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की पूजन के बाद स्थापना की। वैदिक आचार्यों ने पूजन सम्पन्न करवाया। श्रीराम यंत्र की स्थापना मंदिर के द्वितीय तल पर की गई है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर के द्वितीय तल पर राम दरबार के दर्शन किए और आरती उतारी। इसके बाद श्रीराम यंत्र का पूजन किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अयोध्या पहुंच चुकी हैं। जहां उनका पारंपरिक अंदाज में स्वागत हुआ। इस दौरान प्रशासन पूरी तरह चाकचौबंद नजर आया। उन्होंने जगतगुरू आद्य शंकराचार्य द्वार से रामनगरी में प्रवेश किया।
श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू श्रीराम मंदिर के द्वितीय तल के गर्भगृह में श्रीराम यंत्र की स्थापना करेंगी। इस आयोजन के लिए केरल की माता अमृतानंदमई अम्मा जी अपने करीब एक हजार भक्तों के साथ अयोध्या पहुंच चुकी हैं। श्रीराम मंदिर के निर्माण में करीब 6000 लोगों का योगदान रहा है जिनमें से करीब 2000 लोग आज के इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। ऐसे लोग जो 1984 से ही राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे हैं वो भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम के पूर्ण होने के बाद सभी रामलला के दर्शन करेंगे और गंतव्य की ओर रवाना हो जाएंगे।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर एक नए इतिहास का साक्षी बनेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंदिर के द्वितीय तल पर अभिजीत मुहूर्त में 11:55 बजे श्रीराम यंत्र की स्थापना और पूजन करेंगी। 11 बजे उनका विमान अयोध्या पहुंच जाएगा। वहां से वह सीधे राम मंदिर जाएंगी। उनके साथ सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे।
राष्ट्रपति के आगमन पर जिले की सुरक्षा व्यवस्था को 13 जोन और 37 सेक्टर में बांटी गई है। एसपी/एएसपी स्तर के अधिकारी को जोन व सीओ व निरीक्षकों को सेक्टरों का नोडल बनाया गया है। उच्चाधिकारी जोन और सेक्टरों की निगरानी कर रहे हैं।
राम मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना के लिए बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अयोध्या दौरा होना है। वह लगभग चार घंटे तक अयोध्या में मौजूद रहेंगी। इस दौरान पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट, उनकी फ्लीट के मार्ग, राम मंदिर परिसर, राम मंदिर में परकोटा, सभा स्थल, अतिथियों के आने के मार्ग, रूफटॉप, आंतरिक मार्गों के डायवर्जन की व्यवस्था, हनुमानगढ़ी मंदिर, हेलीपैड रामकथा पार्क व अयोध्या धाम की कानून व मार्ग व्यवस्था को अलग-अलग जोन में बांटा गया है।
तीन हजार सुरक्षाकर्मियों ने संभाला मोर्चा
आयोजन को लेकर सभी जोन और सेक्टरों में सुरक्षाकर्मियों का जाल बिछाया गया है। सभी जगहों पर लगभग तीन हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें 18 एसपी/एएसपी, 33 सीओ, 130 निरीक्षक, 400 उप निरीक्षक, 50 महिला उपनिरीक्षक, 1800 आरक्षी व महिला आरक्षी, 90 यातायात पुलिस, 550 मुख्य आरक्षी और यातायात आरक्षी शामिल हैं।