मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवाती तूफान यास बेहद तीव्र रूप धारण करते हुए 26 मई की दोपहर को उत्तरी ओडिशा-प. बंगाल तट के पारादीप और सागर द्वीप को पार करेगा।
आईएमडी के मुताबिक, तूफान यास के अब उत्तर-उत्तरपश्चिम की तरफ बढ़ने की संभावना। ये आगे बढ़कर और तीव्र होगा और 26 मई की सुबह ओडिशा के तट के पास धर्मा पोर्ट पर दस्तक देगा।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने पश्चिम बंगाल के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
ओडिशा के पारादीप में चल रही तेज हवाओं की वजह से कई पेड़ उखड़ गए हैं। चक्रवात यास के मद्देनजर पारादीप में एनडीआरएफ की टीमें तैनात हैं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में चक्रवात यास के कंट्रोल सेंटर का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि मैंने चक्रवात यास को लेकर सभी डीएम से बात की है। मैं आज रात नबन्ना में रहूंगा। मैं स्थिति पर करीब से नजर रखूंगी।
ओडिशा के एडीजी वाई.के.जेठवा ने कहा कि 81,661 लोग जो प्रभावित इलाकों में रह रहे हैं उनको अभी तक बाहर निकाला गया है और चक्रवात शिविर में पहुंचाया गया है।
ओडिशा के चांदीपुर में ज़िला प्रशासन मरीन पुलिस के साथ मिलकर मछुआरों के गांवों को खाली करा रहा है और लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेज रहा है। एक अधिकारी ने बताया कि हम सभी लोगों को दोपहर तक स्कूल और कॉलेज में बनाए गए अस्थायी आश्रय केंद्रों में शिफ्ट कर देंगे। वहां सभी के लिए खाने- पीने का इंतजाम किया गया है। वहां कोविड गाइडलाइन के हिसाब से व्यवस्था की गई है। लोगों से अपील है कि नजदीक के सुरक्षित घरों में पहुंच जाएं।
चक्रवात यास की वजह से भुवनेश्वर में बारिश हो रही है।
एनडीआरएफ के डीजी एस.एन. प्रधान ने बताया कि चक्रवात यास के मद्देनज़र पश्चिम बंगाल में एनडीआरएफ की 10 और टीमें तैनात की गई हैं। राज्य में कुल 45 टीमें तैनात हैं।
ओडिशा सरकार ने निचले इलाकों बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों से करीब एक लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है। इन जिलों में चक्रवात का खतरा ज्यादा है।
चक्रवाती तूफान यास के उत्तरी ओडिशा के बालासोर के निकट 26 मई की दोपहर के आसपास दस्तक देने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने बताया कि इस दौरान 155 से 165 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने की उम्मीद है जो 185 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती है।