जहरीले कचरे पर प्रस्ताव पर्यावरण मंत्रालय को भेजा गया
रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने भोपाल में तत्कालीन यूनियन कार्बाइड संयंत्र स्थल पर पड़े रासायनिक कचरे के निस्तारण पर मध्य प्रदेश सरकार के प्रस्ताव को पर्यावरण मंत्रालय को भेज दिया है। सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा को यह जानकारी दी गई। रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री बगवंत खुबा ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को बताया कि वर्ष 2010 में केंद्रीय मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुसार, भोपाल में यूनियन कार्बाइड स्थल से रासायनिक कचरे के निस्तारण के लिए मध्य प्रदेश सरकार जिम्मेदार है।
संसदीय समिति का सी-प्लेन नीति पर जोर
संसद की एक समिति ने नागर विमानन मंत्रालय से कहा कि वह तेजी से सी-प्लेन नीति तैयार करे और हवाई अड्डों के साथ-साथ विमानन कंपनियों को भी निर्देश दे कि वे दिव्यांग लोगों को विमान में सवार होने के लिए सहायता मुहैया कराएं। ये सिफारिशें परिवहन, पर्यटन और संस्कृति पर विभाग संबंधी संसद की एक स्थायी समिति द्वारा पेश रिपोर्ट का हिस्सा हैं। इस साल मार्च में, मंत्रालय ने लघु विमान योजना (एसएएस) शुरू की, जिसमें सी-प्लेन का संचालन शामिल है। हालांकि, समिति ने कहा कि सीप्लेन नीति को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
हवाई अड्डों पर सुरक्षा पर संसदीय समिति की रिपोर्ट
संसद की एक समिति ने सुझाव दिया है कि भारत के सभी हवाई अड्डों पर त्रुटिहीन सुरक्षा प्रणाली के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी समाधान होना चाहिए तथा बम निष्क्रिय दस्ते को और अधिक विमान पत्तनों पर लगाया जाना चाहिए। वाईएसआर कांग्रेस के नेता वी विजयसाई रेड्डी की अध्यक्षता वाली स्थाई समिति की सिफारिशों पर सरकार द्वारा गयी कार्रवाई के बारे में संसद में पेश की गयी रिपोर्ट में यह बात कही गयी है। समिति ने इससे पूर्व नागर विमानन क्षेत्र में सुरक्षा के संबंध में अपने सुझाव दिए थे। पर्यटन, परिवहन एवं संस्कृति विभाग से संबंधित इस समिति ने इससे पहले सुझाव दिया था कि और अधिक हवाई अड्डों पर बम निष्क्रिय दस्ते होना चाहिए।
अन्य नदियों पर भी ध्यान देना जरूरी: संसदीय समिति
संसद की एक समिति ने राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना (एनआरसीपी) में बजटीय आवंटन बढ़ाने की जरूरत को रेखांकित करते हुए कहा कि देश की सभी प्रमुख नदियां गंगा नदी के समान ही प्रदूषित हैं और उन पर समान रूप से ध्यान देने और उपचारात्मक उपायों की आवश्यकता है। समिति ने इस विषय पर सरकार के जवाब को अस्वीकार कर दिया। लोकसभा में मंगलवार को पेश जल शक्ति मंत्रालय- जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग की अनुदान के लिये मांगों (2022-23) पर 15वें प्रतिवेदन में अंतर्विष्ट सिफारिशों पर सरकार द्वारा की गई कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट में यह बात कही गई है।
पांच सितंबर को दी थी कोविड-19 के नेजल टीके को मंजूरी: सरकार
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने मंगलवार को राज्यसभा को बताया कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने 18 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए इस साल पांच सितंबर को रिकोम्बिनेंट नेजल (नाक से लेने वाले) कोविड-19 टीके को मंजूरी दी थी। पवार ने एक लिखित जवाब में कहा कि टीका 28 दिनों के अंतराल में 0.5 मिलीलीटर की दो खुराक में दिया जाना है। इस टीके को नाक के माध्यम से लिया जाता है। टीका मैत्री कार्यक्रम के तहत भारत ने 90 से अधिक देशों को अनुदान, वाणिज्यिक निर्यात या वैश्विक टीका गठबंधन कोवैक्स के माध्यम से टीके की आपूर्ति की है।
भारत में डीएपी उर्वरक की आपूर्ति संतोषजनक : केंद्र
रसायन एवं उर्वरक राज्यमंत्री भगवंत खुबा ने राज्यसभा में मंगलवार को बताया कि देश में डीएपी उर्वरक की आपूर्ति संतोषजनक बनी हुई है। खुबा ने उच्च सदन में कहा कि फसल वर्ष 2022-23 (जुलाई-जून) के चालू रबी (सर्दियों) सत्र के लिए 55.38 लाख टन की आवश्यकता के मुकाबले 14 दिसंबर तक इस उर्वरक की उपलब्धता 47.88 लाख टन थी। चालू रबी सत्र में एक अक्टूबर से 14 दिसंबर के बीच प्रत्यक्ष नकद अंतरण के रास्ते डीएपी की संचयी बिक्री की मात्रा 36.67 लाख टन थी। रबी फसलों की बुवाई अक्टूबर में शुरू होती है और मार्च/अप्रैल से कटाई शुरू होती है।
मेट्रो सेवाओं में ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन पर बड़ी बयान
संसद की एक स्थायी समिति ने सरकार से कहा है कि ग्रीन हाउस गैस (जीएचजी) के उत्सर्जन के पंजीकरण के लाभ को देखते हुए इस पंजीकरण को सभी मौजूदा मेट्रो सेवाओं और भावी सेवाओं के लिए अनिवार्य बनाया जाए। आवासन और शहरी कार्य संबंधी स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह सिफारिश की है।
जन शिक्षण संस्थानों का नेटवर्क स्थापित करने की सिफारिश
संसद की एक समिति ने कौशल और उद्यमशीलता मंत्रालय से सिफारिश की है कि वह 2024 तक देश के प्रत्येक जिले में चरणबद्ध तरीके से जन शिक्षण संस्थानों का नेटवर्क स्थापित करने की दिशा में काम करे। समिति ने मंत्रालय के बजट अनुमान या संशोधित अनुमान की तुलना में कुल व्यय कम होने पर चिंता जताते हुए यह सिफारिश भी की है कि मंत्रालय अपने समीक्षा और निगरानी तंत्र को सशक्त करे ताकि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से उपयोग प्रमाण-पत्रों की समय पर प्राप्ति सुनिश्चित हो और समुचित वार्षिक व्यय हो। बीजू जनता दल के लोकसभा सदस्य भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता वाली ‘श्रम, वस्त्र और कौशल विकास संबंधी स्थायी समिति’ ने मंगलवार को संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में यह सिफारिश की।
सहमति बगैर मरीजों के आंकड़े साझा नहीं किए जाते : सरकार
सरकार ने राज्यसभा में कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) मरीज की सहमति के बाद अपने नेटवर्क पर इच्छित हितधारकों के बीच सुरक्षित डेटा आदान-प्रदान की सुविधा देता है। इस दौरान किसी व्यक्ति की सहमति के बिना बीमा और फार्मा कंपनियों सहित किसी भी अन्य संस्था के साथ कोई आंकड़े साझा नहीं किए जाते हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी।
नैनो उर्वरक तकनीक पर यह बोले मंडाविया
सरकार ने संसद में कहा कि भारत अपनी नैनो उर्वरक प्रौद्योगिकी के साथ वैश्विक उर्वरक क्षेत्र में एक क्रांति की शुरुआत करने के लिए तैयार है और 2025 तक देश में आठ संयंत्रो में इनका उत्पादन शुरु हो जाएगा। रसायन और उर्वरक मनसुख मांडविया ने कहा कि उर्वरक सहकारी संगठन इफको ने नैनो यूरिया उत्पादन संयंत्र स्थापित करने के लिए दो निजी कंपनियों के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं और एक इकाई ने परिचालन शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में नैनो डीएपी, नैनो जिंक नैनो सल्फर आदि भी आएंगे और भारत वैश्विक उर्वरक क्षेत्र में क्रांति लाएगा।
आयुष्मान भारत योजना पर दी बड़ी जानकारी
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने राज्यसभा में कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत अब तक 4.21 करोड़ मरीजों ने अस्पतालों भर्ती होकर इलाज कराया है। इस पर 49,468 करोड़ रुपये का खर्च आया है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एवी पीएम- जेएवाई) 2018 में शुरू की गई थी। इसके तहत 10.74 करोड़ गरीब और कमजोर परिवारों को अस्पताल में भर्ती होने पर प्रति परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जाता है।
दुनिया की सबसे बड़ी फसल बीमा योजना है पीएमएफबीवाई: तोमर
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने लोकसभा को बताया कि यह किसानों के आवेदन के मामले में दुनिया की पहले नंबर की फसल बीमा योजना बन गई है। उन्होंने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह भी कहा कि यह योजना सकल प्रीमियम के मामले में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी फसल बीमा योजना है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत 2016 में हुई थी।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 14 दिसंबर तक 49,468.60 करोड़ रुपये में से 4.21 करोड़ अस्पतालों में भर्ती के लिए जारी किए गए थे। स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने राज्यसभा को जानकारी दी।
2018 में शुरू की गई प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना सार्वजनिक वित्तपोषित सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो 10.74 करोड़ गरीब और कमजोर परिवारों को माध्यमिक और तृतीयक देखभाल अस्पताल में भर्ती के लिए पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर प्रदान करती है।