कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने संसद के शीतकालीन सत्र में अपनाई जाने वाली रणनीति को लेकर चर्चा की। उन्होंने फैसला किया इस सत्र में महंगाई , बेरोजगारी , चीन के साथ सीमा विवाद , राष्ट्रीय सुरक्षा को बाहरी खतरे समेत जनता से जुड़े कई मुद्दों को उठाएंगे। विपक्षी दलों ने यह उम्मीद भी जताई कि विपक्ष को दोनों सदनों में अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलेगा तथा महत्वपूर्ण विधेयकों की पड़ताल के लिए उन्हें संसदीय समितियों के पास भेजा जाएगा। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से बुलाई गई बैठक में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के टी. आर. बालू, तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय, आम आदमी पार्टी (आप) के संजय सिंह, नेशनल कांफ्रेस (नेकां) के फारूक अब्दुल्ला समेत 14 विपक्षी दलों नेता शामिल हुए।
इन मुद्दों पर बनी सहमति
महंगाई , बेरोजगारी , चीन के साथ सीमा विवाद , राष्ट्रीय सुरक्षा को बाहरी खतरे , विदेश नीति , मोरबी पुल हादसा , न्यायपालिका पर केंद्र के हमले, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण, राज्यपालों के पद का कथित दुरुपयोग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण, सुप्रीम कोर्ट के फैसलों से जुड़े विषय।
वहीं, राज्यसभा की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि महाराष्ट्र के खिलाफ पिछले 10 दिनों से साजिश चल रही है। कर्नाटक के सीएम महाराष्ट्र को तोड़ने की बात कर रहे हैं। दोनों राज्य भाजपा शासित हैं। महाराष्ट्र के लोगों को पीटा गया। इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती। यह एक देश है। मैं अमित शाह से बोलने का आग्रह करती हूं।
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि उन्होंने सभी सुझावों को दर्ज किया है और संसद के नियमों और प्रक्रिया के अनुसार उन पर विचार होगा। उन्होंने कहा, दोनों सदनों की कार्य मंत्रणा समिति में बहस के मुद्दों को अंतिम रूप दिया जाएगा। हालांकि सरकार विपक्ष के हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर आज शीतकालीन सत्र के पहले दिन संसद को संबोधित करेंगे।