यूक्रेन की राजधानी कीव ने सोमवार को मास्को के साथ वीडियो-कॉन्फ्रेंस के जरिए वार्ता की पुष्टि की है।
यूक्रेन की उप प्रधानमंत्री इरिना वेरेश्चुक ने कहा कि देश के संघर्षशील इलाकों से एक लाख 40 हजार से ज्यादा नागरिकों को निकाला जा चुका है। उन्होंने कहा कि रूसी गोलाबारी के चलते एक बार फिर एक मानवीय मदद की खेप मारियुपोल पहुंचने में नाकाम रही। उन्होंने कहा कि कल फिर से इसे मारियुपोल पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा है कि अगर रूस यूक्रेन में रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करता है तो उसे इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि नाटो पर कोई भी हमला होता है तो इसके सहयोगी पूरी क्षमता के साथ प्रतिक्रिया देंगे। सुलिवन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून और नियमों को लेकर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के रुख को देखते हुए ऐसे हथियारों का इस्तेमाल चौंकाने वाला नहीं होगा।
रूस की ओर से यूक्रेन पर हमले की शुरुआत के बाद से मारियुपोल में 2187 लोगों की जान जा चुकी है। शहर परिषद ने इसकी पुष्टि की है। शहर को रूस की सेना ने घेर रखा है और यहां भोजन औप पानी भी खत्म होने वाला है। परिषद ने एक बयान में कहा कि पिछले 24 घंटों में शहर पर कम से हम 22 बार बमबारी हुई है। मारियुपोल पर पहले ही 100 से अधिक बम गिराए जा चुके हैं।
यूक्रेन की राजधानी कीव के पास इरपिन में अमेरिकी फिल्म निर्माता और पत्रकार रूसी बलों की गोलीबारी का शिकार हो गए। अवॉर्ड विजेता फिल्म निर्माता ब्रैंट का काम न्यूयॉर्क टाइम्स और अन्य मंचों पर भी दिखाया जा चुका है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार 51 वर्षीय रेनॉड इरपिन में काम कर रहे थे जब वह रूसी सेना की गोलियों का शिकार हो गए। उनके गले में गोली लगी थी। इस दौरान एक अन्य अमेरिकी फोटोग्राफर जुआन अरेडोंडो घायल हुए हैं। पीबीएस न्यूजऑवर की रिपोर्टन जेन फर्ग्यूसन ने एक ट्वीट में लिखा, 'अमेरिका को बताइए, दुनिया को बताइए, उन्होंने एक पत्रकार के साथ क्या किया है।' इस घटना के दौरान जेन भी वहीं मौजूद थीं।
यूक्रेन की मानवाधिकार लोकपाल लुइडमिला डेनिसोवा ने दावा किया है कि रूस ने देश के पूर्वी हिस्से में स्थित पोपसाना में एक हमले में प्रतिबंधित फॉस्फोरस का इस्तेमाल किया है। उन्होंने एक ऑनलाइन बयान में कहा, रूसी हमलावरों द्वारा एक नागरिक शहर पर ऐसे हथियारों के साथ बमबारी करना एक युद्ध अपराध है और रोम कन्वेंशन के अनुसार मानवता के खिलाफ है।
यूक्रेनी नागरिकों को लेकर जा रही एक बस इटली में पलट गई। हादसे में एक महिला की मौत होने की खबर है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बस में लगभग 50 लोग सवार थे। कुछ लोग घायल भी हुए हैं।
यूक्रेन के राष्ट्रपति के सलाहकार मिखाइलो पोडोलिक ने कहा है कि रूस के साथ वार्ता के लिए एक स्थान और चर्चा के लिए एक फ्रेमवर्क को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब यह काम पूरा हो जाएगा तब बैठक होगी। मैं समझता हूं कि हमें इसमें अधिक समय नहीं लगेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन शांति वार्ता के लिए संभावित मध्यस्थ के तौर पर इस्राइल और तुर्की के साथ काम कर रहा है।
तुर्की के विदेश मंत्रालय ने यूक्रेन के मारियुपोल में एक मस्जिद में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के काम में प्रगति की उम्मीद जताई है। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय के अनुसार इस मस्जिद में 80 वयस्कों और बच्चों ने शरण ले रखी है। तुर्की ने इन नागरिकों को निकालने के लिए रूस से भी मदद मांगी है।
यूके के चांसलर ऋषि सुनक ने कहा है कि रूस में नए निवेश का देश में कोई मामला नहीं है। उन्होंने इस खबर का स्वागत किया कि बीपी और शेल सहित अन्य कंपनियों ने रूस में अपनी हिस्सेदारी कम करने या बेचने का फैसला किया है। सुनक ने कहा कि कंपनियां को रूस में निवेश करने के बार में गंभीरता और सावधानी से सोचना चाहिए।
लवीव के मिलिट्री बेस पर रूसी सैनिकों द्वारा जोरदार हमला किया गया। इस हमले में नौ लोगों की मौत की खबर है। इसके अलावा 57 लोगों के घायल होने की भी जानकारी मिली है।
यूक्रेन संकट के बीच रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने भारत की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। इसके साथ ही वर्तमान वैश्विक परिदृश्य की भी समीक्षा की।
कीव पर कब्जे के लिए रूस अब अंतिम हमले की तैयारी कर रहा है। इस बीच नाटो प्रमुख ने दावा किया है कि, रूस यूक्रेन के खिलाफ रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है। इस बीच यूक्रेन की राजधानी कीव के पास कई धमाके सुनाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि रूसी सैनिकों ने यूक्रेन की मदद के लिए आ रहे काफिले को रोक दिया है।
रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले के विरोध में कई कंपनियां आ चुकी हैं। अधिकतर ने रूस से अपने संबंध तोड़ लिए हैं। इस बीच गूगल ने यूक्रेन के समर्थन में नया फीचर जोड़ा है। गूगल की ओर से घोषणा की गई है कि, वह यूक्रेन के एंड्राएड यूजर को हवाई हमले का अलर्ट भेजेगा। इससे हवाई हमले से पहले ही उनके फोन में एयर स्ट्राइक की चेतावनी भेजी जाएगी, जिससे उनकी जान बच सकेगी।