भाजपा सांसद राजू बिस्ता ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि टीएमसी का अब कोई भविष्य नहीं बचा है और इसके लिए वह खुद जिम्मेदार है। बिस्ता का यह बयान उन खबरों के बाद आया है जिनमें दावा किया गया कि टीएमसी के 20 सांसद केंद्र में एनडीए को समर्थन दे सकते हैं। बिस्ता ने आरोप लगाया कि टीएमसी एक तानाशाही मॉडल पर चलती है और वहां लोकतंत्र खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब टीएमसी के नेता और सांसद खुद पार्टी में नहीं रहना चाहते, इसमें भाजपा का कोई हाथ नहीं है।
सोशल मीडिया पर एक लिस्ट वायरल हो रही है जिसमें यूसुफ पठान, देव और रचना बनर्जी जैसे 20 सांसदों के नाम हैं। दावा है कि इन सांसदों ने एनडीए को समर्थन देने के लिए अलग गुट बना लिया है। हालांकि, टीएमसी नेता कीर्ति आजाद ने इस लिस्ट को पूरी तरह फर्जी बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने 'ऑपरेशन लोटस' के तहत यह झूठी लिस्ट फैलाई है। आजाद के मुताबिक, लिस्ट में शामिल कई सांसदों ने किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से साफ इनकार किया है।
पश्चिम बंगाल में टीएमसी के संसदीय दल के भीतर मतभेद की खबरें आ रही हैं। इस बीच बागी माने जाने वाले सांसद जून मालिया और दीपक अधिकारी (देव) मंगलवार को पूर्वी मेदिनीपुर जिले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री शुभेंदु की प्रशासनिक बैठक में शामिल हुए।
टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने शुभेंदु अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए
दिल्ली में टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोपों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, इसलिए मैं यह जानना चाहता हूं। जब शुभेंदु अधिकारी को पांच लाख रुपये लेते और अपनी जेब में रखते हुए पकड़ा गया था, तो बाद में भाजपा ने उन्हें पद क्यों दिया?
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा कि यूसुफ पठान को गृह मंत्री अमित शाह ने फोन किया था। कल्याण बनर्जी के अनुसार, यूसुफ पठान ने खुद यह जानकारी दी है और वे उनसे मिलने दिल्ली आए थे।
बागी सांसदों ने ममता को छोड़ मोदी को चुना- कल्याण बनर्जी
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने बागी सांसदों पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ये सांसद भाजपा नेता भूपेंद्र यादव के घर गए, जहां शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद थे। इसका मतलब साफ है कि वे अब भाजपा का हिस्सा बन चुके हैं। कल्याण बनर्जी के अनुसार, इन लोगों ने ममता बनर्जी की जगह नरेंद्र मोदी को अपना नेता मान लिया है। उन्होंने बागी सांसदों को चुनौती दी कि वे अपने चुनाव क्षेत्रों में जाकर टीएमसी कार्यकर्ताओं का सामना करें और जनता की राय सुनें। कल्याण बनर्जी ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में अब लोकतंत्र खत्म हो गया है और वहां तानाशाही का राज है।
टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी ने मीडिया वार्ता में कहा कि वह बागियों के पार्टी छोड़ने से बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि अब पार्टी को नए खून यानी नए लोगों की जरूरत है। कल्याण बनर्जी ने साफ किया कि ममता बनर्जी ही उनकी नेता हैं और तृणमूल का चुनाव चिन्ह ही उनकी पहचान है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर 20 से ज्यादा सांसद भी पार्टी छोड़कर चले जाते हैं, तो इससे उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी।
टीएमसी से इस्तीफा देने वाले पूर्व राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने अपनी पुरानी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, यह को चोरों और दुष्कर्मियों की पार्टी है। रॉय ने कहा कि आरजी कर अस्पताल की घटना ने उन्हें पार्टी छोड़ने का फैसला लेने पर मजबूर किया। उन्होंने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि अगर वह पहले इस्तीफा देते, तो सुपारी किलर उनकी हत्या कर सकते थे। रॉय के अनुसार, आरजी कर घटना के बाद जिस तरह जनता सड़कों पर उतरी, वैसा उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कभी नहीं देखा था। उन्होंने दोषियों को फांसी देने की मांग की थी। रॉय ने बताया कि विरोध में ट्वीट करने और प्रदर्शन में बैठने की वजह से उन्हें समन भी भेजा गया था।
VIDEO | Delhi: Sukhendu Sekhar Ray on quitting the TMC and resigning as Rajya Sabha MP, says, "A party of thieves, rapists... RG Kar incident helped me make up my mind. Had I quit then, could have been murdered by contract killers."#TMC #TrinamoolCongress
— Press Trust of India (@PTI_News) June 9, 2026
(Full video available… pic.twitter.com/Cs8cBerWGx
टीएमसी के पूर्व राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने नई सरकार के कामकाज को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक आम नागरिक के तौर पर कहा कि नई सरकार अपने घोषित एजेंडे के साथ मजबूती से आगे बढ़ रही है। जब उनसे टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के गद्दार वाले बयान पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। सुखेंदु शेखर रॉय ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि कल्याण बनर्जी ने किसे और क्यों गद्दार कहा है। वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।
पार्टी में बगावत पर TMC सांसद कीर्ति आजाद कहते हैं, 'हमारे 29 नेता मां, माटी और मानुष के नाम पर जीतकर सांसद बने। मैं इन गद्दारों से पूछना चाहता हूं कि उन्होंने चुनाव के बाद ही अपनी परेशानियां क्यों बताईं, पहले क्यों नहीं? सुखेंदु शेखर रॉय में कम से कम इस्तीफा देने की राजनीतिक नैतिकता तो थी। अगर आपमें भी राजनीतिक नैतिकता है, तो आप सब भी इस्तीफा दें और भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ें।'
कोलकाता में टीएमसी से निकाले गए नेता और विधानसभा में उप-नेता प्रतिपक्ष संदीपान साहा ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि उनके पास 58 विधायकों के हस्ताक्षर हैं, जो दो-तिहाई बहुमत है। यह संख्या लगातार बढ़ रही है। साहा ने कहा कि अब यही विधायी दल विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल बनेगा।
संदीपान साहा ने टीएमसी के संविधान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी के संविधान में किसी को निकालने का कोई नियम नहीं है। उन्होंने साफ किया कि अगर दो-तिहाई से ज्यादा विधायक अपना नेता चुनते हैं, तो उसे ही आधिकारिक दर्जा मिलेगा, चाहे पार्टी उन्हें निकाल ही क्यों न दे।
समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल सिंह यादव ने भाजपा पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह बात सब जानते हैं कि भाजपा हर हाल में विपक्ष को खत्म करना चाहती है। शिवपाल यादव ने आरोप लगाया कि सरकार चुने हुए जनप्रतिनिधियों को ईडी के झूठे मामलों में फंसा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है।
पटना में जेडीयू नेता संजय झा ने टीएमसी के 20 सांसदों के लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, टीएमसी ने चुनाव में बूथ कब्जा किया था, लेकिन अब सारा सच बाहर आ रहा है। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी की हालत अब ताश के पत्तों की तरह हो जाएगी और वह पूरी तरह बिखर जाएगी। संजय झा ने आरोप लगाया कि टीएमसी के भीतर लोकतंत्र खत्म हो चुका है। उनके अनुसार, पार्टी में मची यह हलचल उसी का नतीजा है।
पश्चिम बंगाल के मंत्री अशोक डिंडा ने टीएमसी में मची बगावत पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उन पर बम और हथियारों का केस दर्ज है। उन्होंने बहुत संघर्ष किया और अब मंत्री बनकर उन्हें अच्छा लग रहा है। अशोक डिंडा ने कहा कि अब टीएमसी में कुछ नहीं बचेगा। उन्होंने दावा किया कि जनता की नजर में टीएमसी का मतलब चोर है। लोग अब जागरूक हो गए हैं। अगर कोई खुद को टीएमसी का नेता बताएगा, तो जनता उसे अंडे, जूते और पत्थर मारेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी ने जनता को बहुत सताया है। हर चीज में सिर्फ पैसे की बात होती थी। डिंडा ने कहा कि टीएमसी ने पूरे बंगाल में डर और आतंक फैलाया था। उनके अनुसार, टीएमसी ने लोगों को डराकर जो माहौल बनाया था, उसका सच अब सबके सामने आ रहा है।
मीडिया वार्ता को संबोधित करते हुए टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी ने कहा, आप जानते हैं कि कल कुछ घटनाक्रम हुए। टीएमसी नेता सुखेन्दु शेखर रॉय ने कल राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कुछ आरोप लगाए हैं। उन आरोपों में कितनी सच्चाई है, इस पर सवाल उठ सकते हैं। हालांकि, हमारा मानना है कि इस्तीफा देकर उन्होंने सही काम किया है और नैतिक मानकों और राजनीतिक नैतिकता को कायम रखा है। ऐसा ही होना चाहिए। अगर किसी के पार्टी से मतभेद हैं, अगर उनके कार्यों से पार्टी जनता के सामने शर्मनाक स्थिति में आ जाती है, अगर पार्टी के खिलाफ उनकी कई शिकायतें हैं, या अगर वे अब पार्टी में नहीं रहना चाहते और किसी और का समर्थन करना चाहते हैं, तो इस्तीफा देना उनका नैतिक दायित्व है। जिस तरह सुखेन्दु शेखर रॉय ने इस्तीफा दिया, उसी तरह की स्थिति में अन्य लोगों को भी इस्तीफा देना चाहिए। मुझे नहीं पता कि कितने लोगों ने हस्ताक्षर किए, कितने लोगों ने नहीं किए, या वास्तव में क्या हुआ। मुझे नहीं पता कि कौन क्या दावा कर रहा है। लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बाद भी, काकोली घोष दस्तीदार द्वारा भेजे गए पत्र को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। किसी ने भी वह पत्र अभी तक नहीं देखा है। अगर ईमानदारी इतना महत्वपूर्ण मुद्दा है, और अगर नैतिकता इतनी महत्वपूर्ण है, तो उस पत्र का खुलासा क्यों नहीं किया जा सका?
तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने जानकारी दी कि कल्याण बनर्जी को लोकसभा में पार्टी का मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है। ममता बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया है कि इस जानकारी को रिकॉर्ड में लिया जाए। साथ ही उन्होंने इस संबंध में जरूरी कार्रवाई करने की बात भी कही है।
Mamata Banerjee, Chairperson of the All India Trinamool Congress Parliamentary Party, wrote to Lok Sabha Speaker Om Birla informing him that Kalyan Banerjee has been appointed as the Chief Whip of the All India Trinamool Congress in the Lok Sabha with immediate effect. The letter… pic.twitter.com/ifA0JU7Wgt
— Press Trust of India (@PTI_News) June 9, 2026
तृणमूल से जुड़ी खबरों में दावा किया गया है कि केंद्र में सत्तारुढ़- राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ गठबंधन करने की इच्छा जताते हुए कम से कम 20 तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र सौंपा है। इस घटनाक्रम पर कांग्रेस विधायक विजय वाडेट्टीवार ने कहा, 2014 के बाद से देश का राजनीतिक माहौल पूरी तरह बदल गया है। अब कोई भी विचारधारा के आधार पर काम नहीं कर रहा है। यह सब भाजपा ने किया है। वे सत्ता में बने रहने के लिए पार्टियों को बांट रहे हैं।
कांग्रेस नेता उदित राज ने टीएमसी में मची बगावत पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि टीएमसी पहले ही टूट चुकी है और कई विधायक-सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं। उदित राज ने इस स्थिति के लिए ममता बनर्जी को ही जिम्मेदार ठहराया। उदित राज का मानना है कि अगर ममता बनर्जी ने नीतीश कुमार को इंडिया गठबंधन का संयोजक बनने दिया होता, तो भाजपा 125 से 150 सीटों पर ही सिमट जाती। उन्होंने कहा कि 400 पार के नारे ने भाजपा को मनोवैज्ञानिक बढ़त दी, जिससे उन्हें 25-30 सीटें ज्यादा मिलीं। बिहार में नीतीश कुमार के साथ की वजह से ही भाजपा को इतनी सीटें मिल पाईं। उदित राज ने ममता बनर्जी को सलाह दी कि वह कांग्रेस में शामिल हो जाएं। उन्होंने कहा कि ममता को पुरानी गलतियां सुधारकर गठबंधन को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने ममता से राहुल गांधी का नेतृत्व स्वीकार करने की अपील की। साथ ही, उन्होंने अरविंद केजरीवाल से दूर रहने की सलाह दी। उदित राज ने केजरीवाल को चालाक नेता और आरएसएस की विचारधारा वाला बताया।
पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी दल रही तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का असंतोष लगातार सुर्खियों में है। माना जा रहा है कि असंतुष्ट सांसदों का एक धड़ा भाजपा के संपर्क में है। इस घटनाक्रम के बीच आज तृणमूल के कई नेता प्रेस वार्ता करने वाले हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी में असंतोष के बीच तृणमूल नेता लगातार बयानबाजी कर रहे हैं। बंगाल के इस अहम राजनीतिक घटनाक्रम पर पूरे देश की नजर है। काकोली घोष दस्तीदार के बागी तेवरों के बीच महुआ मोइत्रा ने पार्टी सांसद युसुफ पठान को नसीहत दी है। सागरिका घोष ने भी बागी तेवर अपना रहे सांसदों-नेताओं को सख्त संदेश दिया है। जानिए किस नेता ने क्या कहा?