टी. टी. वी. दिनाकरन ने राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर को पत्र सौंपकर एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में सरकार बनाने के लिए समर्थन देने की घोषणा की है। दिनाकरन ने स्पष्ट कहा कि उनकी पार्टी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) का समर्थन कर रही है और इसी संबंध में उन्होंने राज्यपाल को पत्र सौंपा है। दिनाकरन ने कहा कि उन्होंने एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में सरकार बनाने के समर्थन में पत्र भेजा है, जिस पर पार्टी विधायक कामराज के भी हस्ताक्षर हैं।
उन्होंने दावा किया कि जब उन्होंने टीवी चैनलों पर देखा कि उनकी पार्टी ने विजय का समर्थन किया है, तो वे हैरान रह गए। दिनाकरन के मुताबिक, उन्हें शक है कि कोई फर्जी पत्र जारी किया गया है या फिर राजनीतिक खरीद-फरोख्त की कोशिश हुई है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने विधायक से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर से मुलाकात कर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। दिनाकरन ने कहा कि अगर यह फर्जीवाड़ा या हॉर्स ट्रेडिंग का मामला है, तो इसकी अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और सच्चाई सामने आनी चाहिए।
विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) ने तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को अपना समर्थन पत्र ईमेल के जरिए भेज दिया है। वीसीके ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इसकी जानकारी साझा की।
तमिलनाडु कांग्रेस परिषद के अध्यक्ष के सेल्वपेरुंथगई ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस अभिनेता-राजनेता विजय के नेतृत्व वाली टीवीके के नेतृत्व वाली तमिलनाडु की नई सरकार का हिस्सा होगी और दावा किया कि उसे दो मंत्री पद और एक राज्यसभा सीट की पेशकश की गई है। राज्यपाल द्वारा सबसे बड़ी पार्टी (टीवीके) को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने में देरी के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन के बाद यहां पत्रकारों से बात करते हुए सेल्वापेरुंथगई ने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व वर्तमान में अपनी भागीदारी के विवरण को अंतिम रूप दे रहे हैं। उन्होंने (टीवीके) दो मंत्रियों और एक राज्यसभा सदस्य की मांग की है। हालांकि, विभागों की संख्या और विशिष्ट मांगों पर अंतिम निर्णय कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व का है।
तमिलनाडु की राजनीतिक पार्टी टीवीके (तमिलगा वेत्री कझगम) से जुड़े सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि पार्टी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कोई भी याचिका दायर नहीं की गई है, जिसमें राज्यपाल से अभिनेता-राजनेता सी. जोसेफ विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने की मांग की गई हो।
यह सफाई तब सामने आई जब एझिलारसी के. नाम की एक याचिकाकर्ता, जो खुद को पार्टी की सक्रिय सदस्य बताती हैं, ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर राज्यपाल को निर्देश देने की मांग की थी कि वे विजय को तमिलनाडु में सरकार गठन के लिए आमंत्रित करें। पार्टी सूत्रों ने इन दावों को पूरी तरह गलत और असंबंधित बताते हुए स्पष्ट किया है कि टीवीके का इस याचिका से कोई संबंध नहीं है।
टीवीके प्रमुख विजय चेन्नई स्थित अपने आवास से लोकभवन रवाना हुए, जिसके बाद राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के अलावा सीपीआई और सीपीआई(एम) ने अब तक उन्हें समर्थन देने की बात कही है, जिससे राज्य में सरकार गठन की संभावनाओं को लेकर समीकरण लगातार बदलते नजर आ रहे हैं।
तमिलनाडु के निवर्तमान मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने एक ट्वीट में कहा कि मौजूदा विधानसभा को पहले ही भंग किया जा चुका है और राज्यपाल द्वारा इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में यह केवल समय की आवश्यकता ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र का महत्वपूर्ण दायित्व भी है कि निर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण और राज्य के कल्याण के लिए नई सरकार का गठन शीघ्र किया जाए। स्टालिन ने आगे कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की ओर से वे राज्यपाल से अनुरोध करते हैं कि संविधान के अनुसार बिना किसी देरी के नई सरकार के गठन की प्रक्रिया को तुरंत आगे बढ़ाया जाए, ताकि प्रशासनिक कार्यों में कोई बाधा न आए।
शुभेंदु ने कहा "अमित शाह जी ने जो संकल्प पत्र जारी किया था और प्रधानमंत्री ने लोगों से जो वादे किए थे, मैं वचन देता हूं कि आने वाला मंत्रिमंडल, विधायक दल और पूरी भाजपा इस संकल्प पत्र के एक-एक वादे को तय समय के अंदर पूरा करेंगे। मोदी जी का मंत्र है, सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास। यही हमारी सरकार का भी मंत्र होगा।"
शुभेंदु ने कहा "अमित शाह जी ने बहुत स्पष्ट कहा है कि हम लोग डर भगाने आए हैं। मोदी जी ने लोगों को भरोसा दिया है और लोगों को सपने दिखाए हैं और अमित शाह जी के नेतृत्व में हम डर खत्म करेंगे। नितिन नवीन की अगुआई में इस चुनाव में भाजपा को अभूतपूर्व सफलता मिली है। सिर्फ पश्चिम बंगाल के कार्यकर्ता ही नहीं, पूरे देश में जिस तरह हम लोगों के विचारों का समर्थन करने वाले लोगों ने अपना समर्थन दिया, मैं उन सभी लोगों को प्रणाम करता हूं।"
उन्होंने कहा कि मां-बहनों को सुरक्षित करना है। राष्ट्रवाद को मजबूत करना है। भारत की सांस्कृतिक राजधानी कोलकाता और इस पश्चिम बंगाल की भूमि को हम लोगों सोनार बांग्ला के बदलना होगा। जो दायित्व आप लोगों ने दिया है उसे निभाना है। मैं नहीं, हम सब मिलकर ऐसा करेंगे। संगठन सर्वोपरि है।
शुभेंदु ने कहा "हमारे नेता नरेंद्र मोदी जी ने जो गारंटी दी है, उसे पूरा करने का काम भाजपा की सरकार करेगी। मैं नहीं, भाजपा की सरकार ये काम मिलकर करेगी। भाजपा की सरकार बात कम, काम ज्यादा करेगी। संदेशखाली से लेकर आरजीकर में महिलाओं पर जो अत्याचार हुआ, उसे लेकर कमिशन का गठन किया जाएगा। जो लोग इसके दोषी हैं, उन्हें दंड देने का काम किया जाएगा। जो लोग इसके दोषी हैं, उन्हें दंड देने का काम किया जाएगा।"
उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने चार्जशीट जारी करते हुए कहा था कि पश्चिम बंगाल के अंदर इंस्टीट्यूशनल करप्शन जिन्होंने किया है, उनके खिलाफ सेवानिवृत जज की अगुआई में समिति गठित की जाएगी। इतना ही नहीं जिन्होंने अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है उनके खिलाफ भी हम कार्रवाई करेंगे।
शुभेंदु ने इस दौरान उन कार्यकर्ताओं का भी जिक्र किया जिनकी हत्या कर दी गई थी। उन्होंने कहा, मैं इस उपलक्ष्य पर उन 321 भाजपा कार्यकर्ताओं का भी स्मरण करता हूं जिन्होंने अपने जीवन का बलिदान दिया। इतना ही नहीं भाजपा के हजारों कार्यकर्ता जिन्हें उत्पीड़न झेलना पड़ा या राजीनितक कारणों से घर छोड़ना पड़ा, उन्हें विश्वास दिलाता हूं कि आने वाले दिनों में हमारी सरकार आपके सपनों को पूरा करने का काम करेगी।
उन्होंने आगे कहा "मैं साथ ही श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भी प्रणाम करता हूं और उनका स्मरण करता हूं। मैं उन लोगों का भी स्मरण करता हूं जिन्होंने बंगाल में भाजपा को यहां तक पहुंचाने में अपने जीवन त्याग दिए।" उन्होंने कहा मैं विष्णुकांत शास्त्री, सुकुमार बनर्जी, असीम घोष, दिलीप घोष, राहुल सिन्हा, तथागत राय, सुकांत मजूमदार और प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य दादा के योगदान की भी सराहना करता हूं।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा "मैं विशेष रूप से विश्व के सर्वश्रेष्ठ नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने अलीपुरद्वार में पहली रैली के दौरान पश्चिम बंगाल के लोगों को भरोसा दिलाया। उन्होंने दमदम में पश्चिम बंगाल के लोगों के हित की गारंटी दी थी। उन्होंने ब्रिगेड मैदान में रैली के दौरान पश्चिम बंगाल में 'भय आउट और भरोसा इन' का नारा दिया और उन्हें देखकर ही लोगों ने भाजपा को वोट दिया। मैं मोदी जी को अपनी ओर से कोटि-कोटि प्रणाम करता हूं।"
भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने कहा "मैं केंद्रीय गृह मंत्री और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी और बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य को धन्यवाद देता हूं। उन्होंने अपनी मेहनत से चुनाव में मेहनत की। मुझे लोकतांत्रिक तरीके से सभी विधायकों की सहमति से विधानदल का नेता चुना गया है।'
शुभेंदु ने सुनील बंसल की तारीफ में कहा "मैं सुनील बंसल को भी धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने हम सभी को एकत्र किया और पूरी लगन से काम किया। वहीं, चुनाव की रणनीति बनाने और दार्जिलिंग से लेकर दीघा और कूचबिहार से लेकर काकद्वीप तक का दौरा करने वाले भूपेंद्र यादव जी के प्रति मैं सम्मान जताना चाहता हूं। मैं सह प्रभारी मंगल यादव का भी धन्यवाद करना चाहता हूं जो पिछले चार साल से हमारे साथ हैं।"
अमित शाह ने कहा "केंद्र सरकार की ओर से ‘सोनार बांग्ला’ का सपना लंबे समय से देखा जा रहा है और इसके लिए भारत सरकार लगातार पश्चिम बंगाल के विकास में कई प्रयास करती रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए राज्य सरकार ने कई विकास कार्यों में रुकावटें डाली। उन्होंने आगे कहा कि अब स्थिति बदल चुकी है, अब ऊपर भी ऊपर भी भाजपा है, नीचे भी भाजपा हैं। शाह ने कहा कि भाजपा के शासन में न तो प्रशासन का राजनीतीकरण होगा, न राजनीति का अपराधीकरण होगा। यह मैं बंगाल की जनता को विश्वास दिलाता हूं। कला, साहित्य, संस्कृति और शिक्षा में बंगाल पूरे देश का नेतृत्व करे। रंगमंच के लिए यहां एक प्रशिक्षण केंद्र बनाएंगे।
अमित शाह ने कहा "भवानीपुर की जनता का भी बहुत बहुत धन्यवाद। शुभेंदु ने पिछले चुनाव में नंदीग्राम में हराया था। दीदी इस बार तो शुभेंदु दा ने आपको आपके घर में हराया है। भवानीपुर की जनता का दिल से धन्यवाद।" उन्होंने आगे कहा कि बंकीम बाबू के परिवार से बहन सुनित्रा चटोप्धाय हमारे साथ जुड़ी हैं। सबसे बड़ी बात ये है कि वंदे मातरम के 150वें साल में बंकीम बाबू की धरती पर हमें सरकार बनाने का मौका मिला।
अमित शाह ने कहा "चुनाव परिणामों में राज्य के 23 प्रशासनिक जिलों में से नौ जिले ऐसे हैं, जहां दीदी का खाता नहीं खुला। सूपड़ा साफ हो गया। ऐसा जनादेश कभी नहीं देखा।" उन्होंने आगे कहा कि त्रिपुरा में हमारी सरकार है, असम में भाजपा सरकार है अब बंगाल में भी भाजपा की सरकार है। अब घुसपैठ असंभव होने वाली है। गो तस्करी असंभव होने वाली है। दृढ़ता के साथ बंगाल सरकार और भारत सरकार सीमा को राष्ट्र की सुरक्षा के अभेद्य किले के रूप में परिवर्तित करेगी।
शाह ने कहा "आज बंगाल की जीत अनेक लिहाज से अहम है। 100 साल की वैचारिक यात्रा के बाद गंगोत्री से गंगासागर तक, आज भाजपा की सरकार बनी है। 2014 से जो यात्रा निकली, ये अभूतपूर्व यात्रा है। अपने पुरुषार्थ से कौशल से जनमत को कैसे संजोया जा सकता है। इसका दुनियाभर में सबसे बेहतरीन उदाहरण है 2014 से 2026 तक भाजपा की यात्रा। पूरा देश आज इस बात के लिए हमारे पार्टी और मोदी जी को स्वीकृति देता है। 2014 में बंगाल में हमारा खाता खुला। फिर 3 हुए, अगले चुनाव में 77 हुए और आज हम यहां बैठे हैं।" उन्होंने बताया कि इस बार बंगाल में भाजपा की लहर कितनी प्रचंड थी, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हमारे विधायकों की जीत का औसत 28 हजार वोट रहा है।
कांग्रेस की हार और राहुल गांधी के आरोपों को लेकर निशाना साधा
अमित शाह ने कहा ''कई साल से कांग्रेस पार्टी चुनाव नहीं जीतती है। उन्हें मालूम चल गया है कि चुनाव जीतना असंभव है तो इसकी प्रक्रिया को ही बदनाम करने में जुटे हैं। इसलिए कांग्रेस के प्रमुख नेता राहुल गांधी ने अपनी हार को छिपाने के लिए कभी ईवीएम, कभी मतदाता सूची, कभी एसआईआर, कभी वोट चोरी जैसे कीचड़ उछालने की कोशिश की है। हम तो 2014 में सत्ता में आए। तमिलनाडु में 1967 से अब तक कांग्रेस का कोई सीएम नहीं बन पाया। ये वोट चोरी था क्या? पश्चिम बंगाल में 49 साल से आपका सीएम नहीं बना। सिक्किम में 42 साल से आपका सीएम नहीं बना। बिहार में 36 साल से, गुजरात में 30 साल से, ओडिशा में 26 साल, नागालैंड में 23 साल और महाराष्ट्र में 12 साल से आपका सीएम नहीं है। अगर ये सभी वोट चोरी है तो वोट चोरी करने वाले तो आपके साथ बैठे हैं। ये सभी इंडी गठबंधन के सदस्य बने बैठे हैं। मैं मानता हूं कि कांग्रेस पार्टी को अपनी हार के लिए आत्मचिंतन करने की जरूरत है। देश की जनता राहुल गांधी के नेता बनने के बाद शनै:-शनै: हर जगह कांग्रेस के खिलाफ बहुमत दे रही है। राहुल गांधी के नेतृत्व में ही इंडी गठबंधन के फिर से टूटने की शुरुआत हो चुकी है।''
उन्होंने आगे कहा "1950 से श्यामाप्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में हम इस यात्रा पर निकले, उन्हीं की जन्मभूमि पर आज 2026 में भाजपा की सरकार बन रही है। जब अनुच्छेद 370 हटा, तब देशभर के कार्यकर्ताओं के मन में खुशी की लहर उठी। तब कई कार्यकर्ताओं ने कहा था कि कुछ कसर अभी बाकी है, बंगाल में भाजपा का झंडा लहराना बाकी है। आज श्यामाप्रसाद जी जहां कहीं भी होंगे, वे मुक्त मन से मोदी जी को आशीर्वाद दे रहे होंगे।"
नए विधायकों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि इतने बड़े विधायक दल को देखकर मन, आत्मा और पूरे शरीर में खुशी की लहर महसूस होती है। उन्होंने दोनों हाथ जोड़कर बंगाल की जनता का कोटि-कोटि धन्यवाद किया और कहा कि यह जिम्मेदारी अब और भी बड़ी हो गई है।
अमित शाह ने कहा कि जिस तरह का माहौल पहले सीपीआईएम के समय में था, उसे ममता बनर्जी के शासन में और अधिक भयपूर्ण बना दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय मत की स्वतंत्र अभिव्यक्ति लगभग असंभव थी और हिंसा व क्रूरता के अनेक उदाहरण सामने आए। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे माहौल के बावजूद बंगाल की जनता ने भाजपा पर भरोसा जताते हुए प्रचंड जीत दिलाई है, जिसके लिए वे आभार व्यक्त करते हैं।
अमित शाह ने कहा कि जनता ने जो अपेक्षाएं रखी हैं, भाजपा पूरी कोशिश करेगी कि उनके विश्वास को किसी भी तरह की ठेस न पहुंचे। उन्होंने अंत में कहा कि भारतीय जनता पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं की यह जिम्मेदारी है कि वे जनता की आकांक्षाओं को पूरा करें और उनके विश्वास पर खरा उतरें।
अमित शाह ने कहा "जहां मन भय मुक्त हो, सिर गर्व से ऊंचा हो, ऐसे बंगाल का रास्ता प्रशस्त हो चुका है। पांच दशक का लंबा समय लोकतंत्र की दृष्टि से बंगाल के लिए दिन में सपने जैसा था। पीएम मोदी ने जो वादा किया है, उसे पूरा करने के लिए हम हमारा सर्वश्रेष्ठ अर्पित करें।" उन्होंने कहा कि बंगाल की संस्कृति, परंपरा को 5 दशक से विदेशी विचारों से प्रभावित शासन से मुक्त बंगाल की दिशा में आगे बढ़े। हमारी जिम्मेदारी आज से बढ़ती है।
भाजपा विधायक दल की बैठक में वरिष्ठ भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहे।
कोलकाता में भाजपा विधायक दल की बैठक शुरू हो गई है, जिसमें विधानसभा नेता और संभावित मुख्यमंत्री चेहरे के चयन पर चर्चा की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों के साथ वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी है। इस दौरान नेतृत्व को लेकर रायशुमारी की प्रक्रिया भी जारी है, ताकि विधानसभा में पार्टी की आगे की रणनीति तय की जा सके।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने टीवीके के साथ पार्टी के गठबंधन के फैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे भयावह करार देते हुए कहा कि यह कदम निचले स्तर के राजनीतिक अवसरवाद की झलक देता है। अय्यर ने कहा कि कांग्रेस ने हालिया विधानसभा चुनाव डीएमके के साथ मिलकर लड़ा था, लेकिन नतीजों के तुरंत बाद उसी टीवीके के साथ हाथ मिला लिया जिसने कांग्रेस और उसके सहयोगियों के खिलाफ चुनाव लड़ा।
तमिलनाडु की राजनीति में जारी हलचल के बीच चेन्नई स्थित लोक भवन के बाहर प्रदर्शन कर रहे टीवीके समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में लिया। पार्टी प्रमुख विजय के शपथ ग्रहण को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण समर्थकों में नाराजगी और उत्सुकता दोनों देखने को मिली।
राजनीतिक घटनाक्रम तेज होने के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता लोक भवन के बाहर जुटे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कई समर्थकों को हिरासत में लिया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। पार्टी नेतृत्व की ओर से अब तक शपथ ग्रहण को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है, जिससे तमिलनाडु की राजनीति में सस्पेंस लगातार बना हुआ है।
तमिल राजनीति में एक नया समीकरण उभरता दिखाई दे रहा है। वामपंथी दलों कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (CPI), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सिस्ट) (CPM) और विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) ने टीवीके को समर्थन देने का संकेत दिया है। इससे विधानसभा में टीवीके की स्थिति पहले से अधिक मजबूत होती नजर आ रही है। इसी बीच, टीवीके विधायक और विजय के करीबी सहयोगी आधारव अर्जुन विजय के पट्टिनपक्कम स्थित आवास पहुंचे। इस मुलाकात को राजनीतिक रणनीति और आगामी कदमों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
विधानसभा में समर्थन का गणित
तमिलनाडु कांग्रेस समिति ने शुक्रवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ र्लेकर के खिलाफ राज्यभर में प्रदर्शन शुरू किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि राज्यपाल ने टीवीके को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किया, जबकि वह हाल के विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनी है।
चेन्नई के अन्ना सलाई में हुए प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस के तमिलनाडु प्रभारी गिरिश चोडणकर और टीएनसीसी अध्यक्ष के. सेल्वापेरुंथगाई ने किया। उन्होंने कहा कि राजभवन भाजपा सरकार के इशारे पर काम कर रहा है और लोकतंत्र के नियमों को कमजोर कर रहा है। प्रदर्शन के दौरान गिरिश चोडणकर ने राज्यपाल पर सरकार गठन में देरी को लेकर कड़ी आलोचना की।
उन्होंने कहा कि राज्यपाल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार काम कर रहे हैं। उन्होंने इसे राज्यपाल की समस्या बताया। जब डीएमके और एआईएडीएमके के साथ आने की चर्चा पर सवाल पूछा गया, तो चोडणकर ने कहा कि उन्हें साथ आने दीजिए, इससे लोगों के सामने सच्चाई आ जाएगी कि कौन धर्मनिरपेक्ष है और कौन नहीं। उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा है कि कई धर्मनिरपेक्ष दल तमिलनाडु में भाजपा और आरएसएस के प्रभाव को बढ़ने नहीं देंगे। कांग्रेस के डीएमके से अलग होकर टीवीके को समर्थन देने पर लगाए जा रहे 'पीठ में छुरा घोंपने' के आरोपों को उन्होंने खारिज किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सबसे ऊपर होती है और उनकी पार्टी ने जनता के फैसले का सम्मान किया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाकपा के महासचिव डी. राजा से बात की और उनसे अपील की कि वे तमिलनाडु में टीवीके को समर्थन दें ताकि एक धर्मनिरपेक्ष सरकार बन सके। सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों के अनुसार, खरगे ने गुरुवार को राजा को फोन किया और कहा कि भाकपा को जल्दी फैसला लेना चाहिए, ताकि भाजपा को पीछे के रास्ते से सत्ता पाने का मौका न मिले। राजा ने कहा कि भाकपा अपने डीएमके जैसे स्थानीय सहयोगियों से चर्चा करके जल्द फैसला लेगी। कांग्रेस पहले से डीएमके की पुरानी सहयोगी रही है। लेकिन बुधवार को उसने अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी को समर्थन देने की घोषणा की और डीएमके से संबंध तोड़ दिए।
गुवाहाटी के खानापारा स्थित वेटरिनरी कॉलेज मैदान में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां चल रही हैं। असम में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार 12 मई को शपथ लेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे।
केरल में नए मुख्यमंत्री के चयन के लिए पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त अजय माकन ने कहा, आज हमने कांग्रेस अध्यक्ष को रिपोर्ट सौंप दी है। आज हमने अपनी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष को सौंप दी। नवनिर्वाचित विधायक दल (सीएलपी) की बैठक ने एक-लाइन का प्रस्ताव पारित किया, जिसमें कांग्रेस नेतृत्व को विधायक दल का नेता चुनने का अधिकार दिया गया और उस प्रस्ताव की एक प्रति भी सौंप दी गई। हमने विधायकों से एक-एक करके बात की और उन्होंने जो कुछ भी कहा, उसे नोट कर लिया। सिर्फ नाम ही नहीं, बल्कि कई लोगों के पास कहने के लिए बहुत कुछ था। हमने उसे नोट कर लिया है और हाई कमान को सौंप दिया है।
कांग्रेस के तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडणकर ने कहा, हम हमेशा संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखते हैं और हमारे नेता राहुल गांधी इनकी रक्षा के लिए लड़ रहे हैं। आज लोकतंत्र, संविधान और जनादेश पर हमला हो रहा है। हमने जनता के जनादेश का सम्मान किया है। हम जनादेश के साथ विश्वासघात नहीं कर सकते।
तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष के. सेल्वापेरुंथगई ने कहा, हम भारत के संविधान की रक्षा कर रहे है। हम राज्यपाल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
टीवीके को वीसीके के समर्थन के सवाल पर पार्टी के प्रमुख थोल तिरुमावलवन ने कहा, आज हमारी समिति के सदस्यों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक है। हम इस मौजूदा सियासी संकट पर चर्चा करने जा रहे हैं और वामपंथी दलों केफैसलों के बाद ही हम अपना फैसला लेंगे। हम उनके फैसलों का इंतजार कर रहे हैं। मेरा यही संदेश है। डीएमके और एआईएडीएमके के गठबंधन की संभावना पर उन्होंने कहा, यह महज अटकलें हैं। हम इंतजार करेंगे और देखेंगे।
भाजपा की नवनिर्वाचित विधायक पूर्णिमा चक्रवर्ती ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बंगाल अब विकास की राह पर आगे बढ़ने के लिए तैयार है। जनता ने उनका (तृणमूल कांग्रेस) खेल खत्म करर दिया है, इसलिए वह (ममता बनर्जी) अब दुष्प्रचार का सहारा ले रही हैं। उन्होंने बंगाल के भविष्य को बर्बाद किया है। जिस तरह (समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष) अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री बनकर उत्तर प्रदेश को अंधकार में धकेला, तो उन्हें प्रदेश की जनता ने नकारा और उत्तर प्रदेश विकास के रास्ते पर है। बंगाल भी विकास की राह पर आगे बढ़ेगा। कल बंगाल में एक नई सरकार बनने जा रही है। बंगाल शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और महिलाओं के सम्मान के क्षेत्रों में सबसे आगे रहेगा।
पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक को लेकर भाजपा नेता किया घोष ने कहा, यह एक प्रक्रिया है। पार्टी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। विधायक दल की बैठक होगी और कल एक ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह होगा। बंगाल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पार्टी की सरकार बनेगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कोलकाता पहुंच गए हैं। वे आज शाम होने वाली विधायक दल की बैठक में शिरकत करेंगे। कोलकाता पहुंचने के बाद अमित शाह ने पहले दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पूजा अर्चना की। इसके बाद वे कोलकाता के एक होटल में होने वाली भाजपा की अहम बैठक के लिए रवाना हो गए। खास बात ये है कि अमित शाह और शुभेंदु अधिकारी एक ही गाड़ी से होटल पहुंचे। साथ ही जब अमित शाह के कोलकाता पहुंचने पर शुभेंदु अधिकारी समेत अन्य भाजपा नेता उनके स्वागत के लिए पहुंचे थे तो उस दौरान शाह ने शुभेंदु से मुलाकात के समय उनकी पीठ भी थपथपाई थी।
द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने अपने दशकों पुराने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी एआईआएडीएमके से कहा कि अगर दोनों दलों के बीच अभूतपूर्व गठबंधन होता है तो एआईएडीएमके को भारतीय जनता पार्टी से संबंध तोड़ने होंगे। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
एआईएडीएमके के महासचिव ईके पलानीस्वामी ने गुरुवार को तमिलनाडु के नव-निर्वाचित विधायकों के साथ पुडुचेरी के बाहरी इलाके अरियानकुप्पम के पास एक होटल में बैठक की। इस बैठक में लगभग 40 विधायक मौजूद थे। बैठक करीब एक घंटे तक चली।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, पलानीस्वामी ने विधायकों से कहा कि वे एकजुट रहें और धैर्य बनाए रखें। उन्होंने कहा, अगले कुछ दिनों में अच्छी चीजें सामने आएंगी, इसलिए आप सभी एकजुट और धैर्य बनाकर रखें। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब टीवीके तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत हासिल करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने पहले ही टीवीके को समर्थन दे दिया है।
समाजवादी पार्टी (एसपी) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान लोगों ने दबाव में वोट डाला। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने का आरोप लगाया।
कोलकाता में पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव के दौरान अत्यधिक दबाव और केंद्रीय बलों की भारी तैनाती से लोकतंत्र कमजोर हुआ है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने आगे कहा कि बीजेपी ने लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया है और वह राजनीति में महिलाओं के आगे बढ़ने को बर्दाश्त नहीं कर सकती।
उन्होंने कहा, पश्चिम बंगाल में क्या हुआ है। लोकतंत्र को खत्म करने का तरीका निकाल लिया गया है। शायद ही किसी ने लोकतंत्र को उतना नुकसान पहुंचाया हो जितना भाजपा ने पहुंचाया है। वे महिलाओं का आगे बढ़ना कभी नहीं देख सकते। यहां मतदान जरूर हुआ है, लेकिन लोगों ने अपनी मर्जी से नहीं बल्कि दबाव में वोट किया है।
अभिनेता विजय की तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) ने चेतावनी दी है कि अगर डीएमके या एआईएडीएमके में से कोई भी सरकार बनाने का दावा करता है, तो पार्टी के सभी विधायक इस्तीफा दे देंगे। यह फैसला डीएमके और एआईएडीएमके में हुई दो अहम बैठकों के बाद लिया गया। टीवीके को अब शक है कि दोनों पार्टियां मिलकर सरकार बनाने की कोशिश कर रही हैं और उस पार्टी को बाहर कर रही हैं, जिसे जनता का समर्थन मिला है।
टीवीके का कहना है कि वह 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए राज्यपाल को उसे सरकार बनाने के लिए बुलाना चाहिए। लेकिन इससे पहले राज्यपाल आरवी अर्लेकर ने विजय को सरकार बनाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया और कहा कि उनके पास बहुमत नहीं है। उन्होंने विजय की उस योजना को भी स्वीकार नहीं किया, जिससे बहुमत पूरा किया जा सके। सूत्रों के अनुसार, दूसरी बैठक के बाद राज्यपाल ने कहा कि विजय को 118 विधायकों के समर्थन के पत्र देने होंगे। राजभवन की ओर से कहा गया कि विधानसभा में सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत साबित नहीं हुआ है।
टीवीके को बहुमत के लिए 10 सीटों की कमी है। कांग्रेस के पांच विधायकों का समर्थन उसे मिला हुआ है। बाकी सीटों के लिए वाम दलों और कुछ छोटी पार्टियों से बातचीत चल रही है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी अदालत जाने की भी तैयारी कर रही है।
वहीं, डीएमके ने आज बैठक की जिसमें चार प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें पार्टी प्रमुख एमके स्टालिन को आपात निर्णय लेने का अधिकार देना शामिल है। डीएमके ने कहा कि उनका लक्ष्य दोबारा चुनाव से बचना और स्थिर सरकार बनाना है। डीएमके ने स्थिति को गंभीर बताते हुए अपने सभी विधायकों को 10 मई तक चेन्नई में रहने को कहा है। सूत्रों के अनुसार, यह भी चर्चा है कि एआईएडीएमके के नेतृत्व में बाहर से समर्थन देकर सरकार बनाने का विकल्प भी देखा जा रहा है।
डीएमके के कुछ युवा नेता चिंतित हैं कि अगर विजय सत्ता में आए तो वे एमजी रामचंद्रन जैसे मजबूत नेता बन सकते हैं, जिन्हें हटाना मुश्किल होगा। लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता, जिनमें एमके स्टालिन भी शामिल हैं, अभी इस विचार से पूरी तरह सहमत नहीं हैं। वे इस बात से चिंतित हैं कि दशकों से विरोधी रही पार्टियां एक साथ आएंगी तो जनता की प्रतिक्रिया कैसी होगी। एआईएडीएमके भी फिलहाल इंतजार की स्थिति में है। कुछ नेता टीवीके से गठबंधन के पक्ष में हैं। लेकिन पार्टी नेतृत्व ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया है।
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि गुरुवार को राज्य की विधानसभा भंग कर दी। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने राज्य विधानसभा को भंग करने का आदेश जारी कर दिया है। लोक भवन, पश्चिम बंगाल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह आदेश भारत के संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत प्रदत्त शक्तियों के अनुसार जारी किया गया है। इससे दो दिन पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था।
तमिलनाडु की राजनीति में गुरुवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के अध्यक्ष एमके स्टालिन ने अपने विधायकों को बताया कि एआईएडीएमके ने सरकार बनाने के लिए डीएमके से समर्थन मांगा है, ताकि टीवीके प्रमुख विजय को मुख्यमंत्री बनने से रोका जा सके। सूत्रों के अनुसार, डीएमके विधायकों ने अंतिम फैसला स्टालिन पर छोड़ दिया है। वहीं, एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने शुक्रवार को राज्यपाल आरएन रवि से मिलने का समय मांगा है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राज्य सचिव टीटी शणमुगम ने कहा कि संविधान के अनुसार, तमिलनाडु में त्रिशंकु विधानसभा बनने के बाद तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) को सबसे पहले सरकार बनाने का मौका दिया जाना चाहिए। शणमुगम ने कहा, संविधान के मुताबिक टीवीके को सरकार बनाने की अनुमति मिलनी चाहिए। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में हमने पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं देखी और अब राज्य में त्रिशंकु विधानसभा है।
उन्होंने कहा कि राज्यपाल आरएन रवि को टीवीके अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना चाहिए, क्योंकि उनकी पार्टी बढ़त में है। शणमुगम ने कहा, सरकार बनाने के लिए राज्यपाल को विजय को बुलाना चाहिए, क्योंकि वह आगे चल रहे हैं। लेकिन अब राज्यपाल कह रहे हैं कि हाईकोर्ट का आदेश है, जो सही नहीं है। माकपा नेता ने आगे कहा कि पार्टी शुक्रवार को होने वाली अपनी बैठक के बाद टीवीके को समर्थन देने पर अंतिम फैसला करेगी। शणमुगम ने यह भी पुष्टि की कि माकपा नेताओं ने डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन से मुलाकात की और राज्य की बदलती राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की।