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एसआईआर विवाद LIVE: आशुतोष-सौरव की न्यायिक हिरासत को चुनौती देगी सीजेपी, दिपके बोले- देश में अघोषित इमरजेंसी

Wed, 14 Oct 2026 09:37 AM IST
प्रशांत तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला

खास बातें

देश में इन दिनों विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सियासी घमासान जारी है। विपक्ष के नेता लगातार इसका विरोध कर रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है और आज मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। एसआईआर से जुड़ी हर बड़ी खबर और ताजा अपडेट के लिए बने रहिए अमर उजाला के साथ...
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सीजेपी व विपक्ष का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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लाइव अपडेट

09:35 AM, 14-Oct-2026

 ‘देश में अघोषित इमरजेंसी क्यों चला रहे हैं मोदी?’  

सीजेपी  के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि अगर देश में इमरजेंसी लगानी है, तो आधिकारिक तौर पर घोषित करें। जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराने के लिए लोगों को हिरासत में भेजना अघोषित इमरजेंसी जैसा है। दिपके ने आरोप लगाया कि सौरव, आशुतोष और अजिंक्य शिंदे को हिरासत के दौरान वकीलों से मिलने तक नहीं दिया गया। उन्होंने पूछा कि आखिर उनका अपराध क्या था? इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शनों पर दिपके ने कहा कि सभी का मकसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आवाज उठाना है, जिन पर उन्होंने चुनावों में गड़बड़ी कर नरेंद्र मोदी को सत्ता में बनाए रखने में मदद करने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीजेपी एक स्वतंत्र दबाव समूह है, लेकिन इसका मतलब इंडिया ब्लॉक का विरोध करना नहीं है।
 

09:32 AM, 14-Oct-2026

‘जेल भेजकर डराना चाहती है सरकार’

हिरासत से बाहर आने के बाद सीजेपी नेता अजिंक्य शिंदे ने आरोप लगाया कि वह, आशुतोष रांका और सौरव दास पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ भारतीय तिरंगा लेकर जंतर-मंतर पहुंचे थे, जहां उन्होंने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। शिंदे के मुताबिक, इसी वजह से सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन्होंने इसकी तुलना अंग्रेजों के शासनकाल से करते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई के दौरान भी क्रांतिकारियों को तिरंगा लहराने और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने पर जेल भेजा जाता था। शिंदे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मोदी-शाह की सरकार भी उसी तरह काम कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आशुतोष रांका के जन्मदिन पर उन्हें जेल भेजा गया। शिंदे ने दावा किया कि सरकार अपनी ताकत का दुरुपयोग कर लोगों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन कर रही है।
 


 
'लेकिन हम डरने वाले नहीं'
अजिंक्य शिंदे ने देशभर के लोगों से एकजुट होकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर सरकार को लगता है कि सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन के लिए जेल भेजकर सीजेपी नेताओं को डराया जा सकता है, तो यह उसकी गलतफहमी है। शिंदे के अनुसार, दोनों नेता पूरे आत्मविश्वास के साथ जेल जा रहे हैं और उन्होंने साफ कर दिया है कि वे डरने वाले नहीं हैं। वहीं, अभिजीत दिपके के पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में शामिल होने के सवाल पर शिंदे ने पुष्टि की कि वह बैठक का हिस्सा होंगे। गौरतलब है कि सरकार और पुलिस पर लगाए गए ये आरोप CJP नेता अजिंक्य शिंदे के हैं।

09:30 AM, 14-Oct-2026

'जमानत याचिका दायर करेगी सीजेपी'

सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस मामले में अधिवक्ता अभिष्त हेला ने कहा कि जमानत के लिए कहां अर्जी दाखिल की जाएगी, यह उनका कानूनी अधिकार है। हालांकि, उन्होंने फिलहाल इससे जुड़ी जानकारी साझा करने से इनकार करते हुए कहा कि मामले के कुछ अन्य पहलू भी हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए तय प्रक्रिया का पालन किया जाएगा और आगे की जानकारी भी साझा की जाएगी। हेला ने लोगों से सीजेपी के सोशल मीडिया अकाउंट पर नजर बनाए रखने की अपील की। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें इस मामले में कोई जानकारी नहीं दी गई थी।

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08:54 AM, 14-Oct-2026

पांच दिन के न्यायिक हिरासत में भेजे गए सीजेपी नेता

धरना प्रदर्शन के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के मामले में सीजेपी नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को बुधवार को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने एक्स पर प्रधानमंत्री मोदी को अपने पोस्ट में टैग कर लिखा कि आशु और सौरव को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उनकी गलती? जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराना है। नरेंद्र मोदी थोड़ी हिम्मत दिखाइए। अगर आप विरोध की आवाज को दबाने के लिए इतने ही पक्के इरादे वाले हैं, तो इन कायरतापूर्ण तरीकों की आड़ लेने के बजाय आधिकारिक तौर पर आपातकाल घोषित करने की हिम्मत दिखाइए।

08:29 AM, 14-Oct-2026

सीजेपी नेताओं के खिलाफ कई मामलों में दर्ज हुआ मामला

सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने तीनों नेताओं के खिलाफ कई आरोपों में मामला दर्ज किया है। इनमें अनधिकृत रूप से प्रवेश करना, निषेधाज्ञा का उल्लंघन, शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बांड की शर्तें तोड़ना और सरकारी कर्मचारी को उसके आधिकारिक काम में बाधा पहुंचाना शामिल है। पुलिस की ओर से की गई इस कार्रवाई के बाद अब तीनों को विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

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08:26 AM, 14-Oct-2026

मजिस्ट्रेट के सामने सीजेपी नेताओं की पेशी आज

कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे को बिना अनुमति जंतर-मंतर इलाके में प्रवेश करने के आरोप में एहतियातन हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, तीनों को बुधवार सुबह मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने की संभावना है। उन्हें मंगलवार सुबह पुलिस ने उस समय हिरासत में लिया, जब उन्होंने कथित तौर पर बैरिकेडिंग पार कर प्रदर्शन स्थल में प्रवेश किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की। जंतर-मंतर को हाल ही में प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थल की सूची से हटा दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, तीनों नेताओं ने मंगलवार को बैरिकेडिंग पार की और जंतर-मंतर में प्रवेश कर लिया। इसके बाद उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारे लगाए। पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर अब प्रदर्शनों के लिए अधिकृत स्थल नहीं है। इसी वजह से वहां बिना अनुमति पहुंचने और प्रदर्शन करने के मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।

08:09 AM, 14-Oct-2026

एसआईआर विवाद LIVE: आशुतोष-सौरव की न्यायिक हिरासत को चुनौती देगी सीजेपी, दिपके बोले- देश में अघोषित इमरजेंसी

चुनाव आयोग देश के कई राज्यों में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में विपक्ष द्वारा लगातार धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल के नेता धरना प्रदर्शन कर रहे हैं और इसे तत्काल रोकने की मांग कर रहे हैं। वहीं, यह मामला भी अब कोर्ट तक पहुंच चुका है और कोर्ट इस मामले की सुनवाई भी कर रही है। 

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