राष्ट्रपति के रवाना होने के बाद पीएम मोदी ने दर्शक दीघा के पास जाकर लोगों का अभिवादन किया। प्रधानमंत्री ने दर्शक दीर्घा के दोनों तरफ जाकर दर्शकों का अभिवादन किया।
इसके बाद राष्ट्रगान के साथ कर्तव्य पथ परेड का समापन हुआ। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, विदेशी मेहमानों यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष सैंटोस डा कोस्टा कर्तव्य पथ से रवाना हो गए।
वायुसेना के विमानों ने कर्तव्य पथ पर उड़ान भरी। जिसमें सी-295, सी-130, एयरक्राफ्ट ने चंडीगढ़ से उड़ान भरी। साथ ही सुखोई लड़ाकू विमानों, राफेल लड़ाकू विमानों ने कर्तव्य पथ के ऊपर से गगनभेदी गर्जना के साथ उड़ान भरी।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होना सम्मान की बात है। एक सफल भारत दुनिया को और स्थिर, समृद्धि और सुरक्षित बनाएगा और हम सभी को इससे फायदा होगा।
सेना की डेयर डेविल टीम ने कर्तव्य पथ पर हैरतअंगेज करतब दिखाकर दर्शकों को मोहित कर दिया। जवानों ने भौतिकी के नियमों को धता बताते हुए गजब के संतुलन का प्रदर्शन किया।
वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के अवसर पर कर्तव्य पथ पर एक विशेष प्रस्तुति दी गई, जिसमें पूरे भारत की सांस्कृतिक विविधता को एक सूत्र में पिरोकर पेश किया गया, जिसे देखकर सभी दर्शक अभिभूत हो गए।
कर्तव्य पथ पर विद्युत मंत्रालय की झांकी भी निकाली गई। जिसमें स्मार्ट पावर, स्मार्ट होम को थीम बनाया गया। मध्य प्रदेश की झांकी में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर को परिलक्षित किया गया। ओडिशा राज्य की झांकी की थीम परंपरा से प्रगति रहा, जिसमें महिला विकास और सेमीकंडक्टर चिप में विकास को भी दर्शाया गया। मणिपुर की झांकी में राज्य की जैविक खेती को दिखाया गया। राजस्थान की झांकी में दस्तकारी और राज्य की समृद्ध संस्कृति को दिखाया गया।
केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की झांकी की थीम वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर रखी गई थी, जिसमें मातृभूमि के प्रति प्रेम को दर्शाया गया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की झांकी में सूचना के क्षेत्र में देश के विकास को बखूबी परिलक्षित किया गया। संस्कृति मंत्रालय ने भी वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने को अपनी झांकी में दिखाया।
पंजाब की झांकी में गुरु तेग बहादुर के बलिदान और उनके योगदान को दर्शाया गया। पंजाब की झांकी में गुरुद्वारे की प्रतिकृति से राज्य की आध्यात्मिक शक्ति को प्रदर्शित किया गया। पंजाब के बाद हिमाचल प्रदेश की झांकी निकली, जिसमें राज्य के शूरवीरों को नमन किया गया और साथ ही राज्य की संस्कृति को प्रदर्शित किया गया। इसके बाद जम्मू कश्मीर की झांकी निकली जिसमें राज्य की समृद्ध संस्कृति को प्रदर्शित किया गया। जम्मू कश्मीर की झांकी में कृषि और केसर की खेती को प्रमुखता से दिखाया गया।
एनडीआरएफ की झांकी में देश की आपदा से निपटने की मजबूत होती क्षमता को दिखाया गया। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय की झांकी दिखाई गई। जिसमें पीएम श्री स्कूल को परिलक्षित किया गया।
सैन्य झांकी के बाद अब सांस्कृतिक झांकियों की शुरुआत हो गई है। आयुष मंत्रालय की झांकी में भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति को दर्शाया गया। इसके बाद कौशल विकास उद्यमशीलता की झांकी प्रदर्शित की गई। इसके बाद छत्तीसगढ़ की झांकी निकाली गई, जिसमें डिजिटल विकास और बलिदानियों के प्रति सम्मान को प्रदर्शित किया गया।
इसके बाद गृह मंत्रालय की झांकी निकाली गई, जिसमें भारतीय न्याय संहिता को लागू करने और गुलामी की सोच को मिटाने को प्रदर्शित किया गया। इसके बाद उत्तर प्रदेश की झांकी निकली, जिसमें राज्य के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रतीकों को दर्शाया गया।
देश की युवा शक्ति एनसीसी गर्ल्स के मार्चिंग दस्ते ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। इसके ठीक पीछे एनसीसी के कंबाइंड बैंड ने मार्च किया और कदम कदम बढ़ाए जा, सारे जहां से अच्छा हिंदोंस्ता हमाारा की धुन बजाई। इनके बाद एनसीसी बॉयज के दल ने मार्च किया। इसके बाद माय भारत नेशनल भारत सर्विस के युवाओं ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया।
सीआईएसएफ और सीआरपीएफ के दस्ते ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। इनके बाद चीन सीमा पर तैनात आईटीबीपी के दस्ते ने मार्च किया। दिल्ली पुलिस के दल ने भी मार्च किया। कर्तव्य पथ पर रेगिस्तान के जहाज ऊंट पर बीएसएफ के दल ने परेड किया। यह दस्ता 1976 के बाद से लगातार गणतंत्र दिव परेड का हिस्सा रहा है।
ऊंचे और पहाड़ी इलाकों पर युद्ध में विशेषज्ञा रखने वाले अरुणाचल स्काउट ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। इसके बाद सेना की राजपूत रेजीमेंट ने मार्च किया। यह सेना की सबसे पुरानी रेजीमेंट में से एक है। इसके बाद असम रेजीमेंट के जवानों ने मार्च किया।
सेना की जम्मू कश्मीर लाइट इंफेंट्री के दस्ते ने मार्च किया। साथ ही कंबाइंड मिलिट्री बैंड ने मार्च किया, जिसका नेतृत्व सूबेदार एए खान ने किया। सिख लाइट इंफेंट्री के मार्चिंग दस्ते ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। इंडियन नेवी बैंड ने सामंजस्य और भव्यता को दिखाते हुए जय भारती की धुन बजाई। इस दौरान पीएम मोदी मुख्य अतिथियों को सैन्य परेड के बारे में कुछ समझाते नजर आए और दोनों विदेशी मेहमान बड़ी उत्सुकता से सैन्य परेड को देखते दिखे।
आकाश मिसाइल और ड्रोन शक्ति ईगल प्रहार ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। कर्तव्य पथ पर भारतीय सेना के पशु दस्ते ने मार्च किया, जिसका नेतृत्व कैप्टन हर्षिता यादव ने किया। भारतीय वायु सेना के दल ने भी मार्च किया।
दिव्यास्त्र और अग्निबाण टुकड़ी ने परेड की। साथ ही रॉकेट टुकड़ी सूर्यास्त्र और ब्रह्मोस मिसाइल की टुकड़ी ने भी कर्तव्य पथ पर परेड की और हर भारतीय के सीने को गर्व से भर दिया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य पथ पर ग्रुप कैप्टन शुभाशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया।
सेना की कैविलरी टुकड़ी ने कर्तव्य पथ पर परेड की, जिसका नेतृत्व कैप्टन अहान कुमार ने किया।
सैन्य परेड की शुरुआत हो गई है। परेड की थीम विविधता में एकता है। सेना के हेलीकॉप्टरों ने पुष्प वर्षा कर परेड की शुरुआत की।
राष्ट्रपति मुर्मू ने तिरंगा फहराया। इस दौरान गणतंत्र दिवस समारोह की मुख्य अतिथि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर और सैंटोस कोस्टा भी मौजूद रहे। पीएम मोदी ने मेहमानों का स्वागत किया।
प्रधानमंत्री मोदी कर्तव्य पथ पहुंच गए हैं और फिलहाल दर्शकों का अभिवादन कर रहे हैं। थोड़ी ही देर में राष्ट्रपति मुर्मू कर्तव्य पथ पहुंच जाएंगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष राष्ट्रपति भवन से कर्तव्य पथ के लिए रवाना हो गए हैं। राष्ट्रपति, गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथियों के साथ ऐतिहासिक बग्घी से रवाना हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय समर स्मारक पर पहुंचे। जहां उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान तीनों सेनाओं के प्रमुख और सीडीएस अनिल चौहान भी मौजूद रहे।
इस साल गणतंत्र दिवस की थीम वंदे मातरम के 150 साल है। कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली भव्य परेड में थीम आधारित सजावट की गई है।
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर जनभवन में झंडा फहराया।
पद्म अवार्ड 2026: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 131 हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। जिसमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री विजेता शामिल हैं, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतरीन काम और सेवा के जरिए पहचान बनाई है।
बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर परेड का निरीक्षण किया।
RSS के नागपुर महानगर संघचालक राजेश लोया ने संघ मुख्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
यूरोपीय आयोग (यूरोपियन कमीशन) की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन और यूरोपीय परिषद (यूरोपियन काउंसिल) के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। माना जा रहा है कि परेड के ठीक बाद भारत और यूरोप के अफसर भारत-ईयू के बीच एफटीए पर हस्ताक्षर कर दोनों पक्षों के रिश्तों को नई दिशाएं देंगे। उर्सुला वॉन डेर लेयन मौजूदा समय में यूरोपीय संघ (ईयू) के मामलों को संभालने वाले केंद्रीय आयोग- यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष हैं। इसलिए उन्हें कई बार यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष भी कहा जाता है। इस पद के लिए हर पांच साल में यूरोप में चुनाव होते हैं और यूरोपीय देशों (फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, हंगरी समेत 27 देश) के अलग-अलग राजनीतिक दल इस चुनाव में उम्मीदवारी पेश करते हैं और चुनाव में हिस्सा लेते हैं।
तमिलनाडु के गवर्नर आरएन रवि ने चेन्नई में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रीय ध्वज फहराया। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी मौजूद थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा कि 'सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत बधाई। भारत की आन-बान और शान का प्रतीक यह राष्ट्रीय महापर्व आप सभी के जीवन में नई ऊर्जा और नए उत्साह का संचार करे। विकसित भारत का संकल्प और अधिक सुदृढ़ हो, यही कामना है।'
77वें गणतंत्र दिवस समारोह का मुख्य कार्यक्रम कर्तव्य पथ पर होगा। समारोह स्थल पर सुरक्षा अधिकारियों और मेहमानों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका है।
दिल्ली में 24-25 जनवरी को आयोजित ग्लोबल बौद्ध समिट में भाग लेने वाले 40 देशों के भिक्षु और भिक्षुणियां इस साल गणतंत्र दिवस पर सम्मानित अतिथि होंगे। इंटरनेशनल बौद्ध कन्फेडरेशन और संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन का विषय था 'साझा बुद्धिमत्ता, एकीकृत आवाज और सहयोगपूर्ण सहअस्तित्व'। सम्मेलन का उद्देश्य दुनिया में शांति, सामाजिक सामंजस्य और पर्यावरणीय जागरूकता का संदेश फैलाना था। IBC के सचिव जनरल, वेन शार्त्से खेनसुर रिनपोचे जांगचुप चोडेन ने कहा भारत गणतंत्र दिवस पर अपनी शक्ति दिखाएगा, लेकिन साथ ही बुद्ध धर्म के संदेश के जरिए दुनिया में शांति और करुणा फैलाएगा। सम्मेलन में 800 से अधिक प्रतिनिधि और 200 से ज्यादा विदेशी प्रतिभागी शामिल हुए।
गणतंत्र दिवस परेड के मद्देनजर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने राजधानी में विशेष ट्रैफिक प्रबंध और प्रतिबंध लागू करने की घोषणा की है। ये इंतजाम परेड को सुरक्षित और सुचारू रूप से संचालित करने के लिए किए जा रहे हैं।
इस बार के गणतंत्र दिवस समारोह में लगभग 10,000 विशेष अतिथि शामिल होंगे। इनमें वैज्ञानिक, खिलाड़ी, किसान, महिला उद्यमी, स्टार्टअप संस्थापक, कारीगर, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, दिव्यांगजन, जनजातीय प्रतिनिधि और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं। परेड समाप्त होने के बाद इन अतिथियों के लिए राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, प्रधानमंत्री संग्रहालय और दिल्ली के अन्य प्रमुख स्थलों का विशेष भ्रमण आयोजित किया गया है। यह कार्यक्रम अतिथियों को देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के करीब लाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
इस बार गणतंत्र दिवस पर कुल 30 झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी, जो देश की राष्ट्र चेतना और विविध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेंगी। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन झांकियों में 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ 13 मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं की झांकियां शामिल होंगी।
झांकियों की थीम होगी:- ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्’ और ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’। इन झांकियों के माध्यम से ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को पूरे देशवासियों के सामने पेश किया जाएगा। यह आयोजन न केवल देशभक्ति की भावना को जागृत करेगा, बल्कि हमारे सांस्कृतिक गौरव को भी उजागर करेगा।
इस साल गणतंत्र दिवस 2026 की थीम रखी गई है- ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’। यह थीम न केवल राष्ट्रीय गीत की 150 साल पुरानी ऐतिहासिक महत्ता को दर्शाती है, बल्कि इसकी प्रेरणा से मिली स्वतंत्रता, सांस्कृतिक जागरूकता और राष्ट्रभक्ति को भी उजागर करती है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत इस वर्ष की परेड, झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का मुख्य आकर्षण रहेगा।
इस बार की परेड में एक और महत्वपूर्ण झांकी होगी ‘संग्राम से राष्ट्र निर्माण तक’, जो पूर्व सैनिकों और उनके योगदान को समर्पित है। इस झांकी में अमर जवान ज्योति के साथ-साथ ऐतिहासिक युद्ध उपकरणों के थ्री-डी मॉडल भी प्रदर्शित किए जाएंगे। इनमें शामिल हैं:
आज भारत 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू परेड की सलामी लेंगी। यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला लॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा इस गौरवशाली लम्हे के साक्षी बनेंगे। अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़िए कर्तव्य पथ पर आयोजित समारोह से जुड़ी पल-पल के अपडेट्स...