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Aditya L1: आदित्य-एल1 की सफल लॉन्चिंग, लैग्रेंजियन-1 बिंदु तक पहुंचने में 125 दिन लगेंगे; पीएम मोदी ने दी बधाई

Sat, 02 Sep 2023 06:52 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू/नई दिल्ली

खास बातें

ISRO Aditya L1 Mission Launch Live Updates: चंद्रयान-3 की सफलता के कुछ दिन बाद भारत ने शनिवार को अपने पहले सूर्य मिशन ‘आदित्य एल-1’ को प्रक्षेपित किया। प्रक्षेपण भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के रॉकेट पीएसएलवी से किया गया। सूर्य के अध्ययन के लिए ‘आदित्य एल-1’ को धरती से 15 लाख किलोमीटर दूर ‘लैग्रेंजियन-1’ बिंदु तक पहुंचने में 125 दिन लगेंगे।
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आदित्य एल-1 मिशन। - फोटो : Amar Ujala
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लाइव अपडेट

06:52 PM, 02-Sep-2023

भारत को जलवायु परिवर्तन से जुड़ी योजनाओं में मदद करेगा आदित्य-एल1
इसरो के पूर्व अध्यक्ष जी माधवन नायर ने शनिवार को कहा कि भारत के पहले सौर मिशन आदित्य-एल1 के सफल प्रक्षेपण के साथ, देश कुछ पूर्वानुमान मॉडल विकसित कर सकता है और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए एक लचीलापन योजना तैयार कर सकता है। 

उन्होंने कहा कि विभिन्न घटनाओं को समझने के लिए सौर सतह का अध्ययन करना बहुत महत्वपूर्ण है जो हमारी स्थानीय मौसम स्थितियों को तुरंत प्रभावित करते हैं। जलवायु परिवर्तन के अध्ययन में सौर विकिरण की दीर्घकालिक परिवर्तनशीलता भी एक बहुत महत्वपूर्ण कारक है। इसलिए, इन सभी क्षेत्रों में, इस अद्वितीय मिशन के माध्यम से मौलिक ज्ञान प्राप्त किया जाएगा।

02:53 PM, 02-Sep-2023

यह भारत के लिए एक सुखद क्षण: जितेंद्र सिंह
आदित्य एल1 मिशन के सफल प्रक्षेपण पर केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह भारत के लिए एक सुखद क्षण है। भारतीय वैज्ञानिक वर्षों से काम कर रहे थे, दिन-रात मेहनत कर रहे थे। आदित्य एल1 का सफल प्रक्षेपण संपूर्ण विज्ञान और संपूर्ण राष्ट्र दृष्टिकोण का भी प्रमाण है जिसे हमने अपनी कार्य संस्कृति में अपनाने की कोशिश की है।

01:26 PM, 02-Sep-2023

सोमनाथ ने पूरी टीम को दी बधाई
आदित्य एल-1 के सफल प्रक्षेपण पर इसरो के अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने कहा कि आदित्य एल1 अंतरिक्ष यान को इच्छित कक्षा में स्थापित किया गया है। मैं आदित्य एल1 को सही कक्षा में स्थापित करने के लिए पीएसएलवी को बधाई देना चाहता हूं।

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01:24 PM, 02-Sep-2023

यह एक सपने के सच होने जैसा: निगार शाजी
आदित्य एल-1 के सफल प्रक्षेपण पर आदित्य एल-1 की परियोजना निदेशक निगार शाजी ने कहा कि यह एक सपने के सच होने जैसा है। मुझे बेहद खुशी है कि आदित्य एल-1 को पीएसएलवी द्वारा इंजेक्ट किया गया है। आदित्य एल-1 ने अपनी 125 दिनों की लंबी यात्रा शुरू कर दी है। एक बार जब आदित्य एल-1 कमिशन हो जाएगा, तो यह देश और वैश्विक वैज्ञानिक बिरादरी के लिए एक बड़ी कामयाबी मैं इस मिशन को संभव बनाने में उनके समर्थन और मार्गदर्शन के लिए पूरी टीम को धन्यवाद देना चाहती हूं।
 

01:09 PM, 02-Sep-2023

कांग्रेस ने ऐतिहासिक परिष्ठभूमि का जिक्र किया
इस बीच कांग्रेस ने भी ‘आदित्य एल1’ मिशन को देश के लिए शानदार उपलब्धि करार दिया और इसकी ऐतिहासिक परिष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि परियोजना को साल 2009 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की मंजूरी मिली थी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई नेताओं ने सफल लॉन्चिंग के लिए वैज्ञानिकों को बधाई दी।

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01:09 PM, 02-Sep-2023

पीएम मोदी ने बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चंद्रयान-3 की सफलता के बाद भारत ने अपनी अंतरिक्ष यात्रा जारी रखी है। हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई। इसरो को भी भारत के पहले सौर मिशन आदित्य -एल1 के सफल प्रक्षेपण के लिए बधाई। संपूर्ण मानवता के कल्याण के लिए ब्रह्मांड की बेहतर समझ विकसित करने के लिए हमारे अथक वैज्ञानिक प्रयास जारी रहेंगे।

01:02 PM, 02-Sep-2023

प्रक्षेपण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, पहली अर्थबाउंड फायरिंग तीन सितंबर को
पीएसएलवी-सी57 द्वारा आदित्य-एल1 का प्रक्षेपण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यान ने उपग्रह को ठीक उसकी इच्छित कक्षा में स्थापित कर दिया है। भारत की पहली सौर वेधशाला ने सूर्य-पृथ्वी L1 बिंदु के गंतव्य के लिए अपनी यात्रा शुरू कर दी है। इसरो का कहना है कि आदित्य-एल1 ने बिजली पैदा करना शुरू कर दिया है। सौर पैनल तैनात हैं। पहली अर्थबाउंड फायरिंग तीन सितंबर को लगभग 11:45 बजे निर्धारित है। इस दौरान मिशन अगली कक्षा में प्रवेश करेगा।

01:00 PM, 02-Sep-2023

'आदित्य-एल1'  की सफल लॉन्चिंग
'आदित्य-एल1' पीएसएलवी रॉकेट से सफलतापूर्वक अलग हो गया। 'आदित्य-एल1'  को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया गया।
 

12:32 PM, 02-Sep-2023

अमित शाह ने दी बधाई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में कहा कि मैं आदित्य एल-1 मिशन के शुभारंभ पर सभी को हार्दिक बधाई देता हूं।

12:25 PM, 02-Sep-2023

'भारत माता की जय' के नारे लगे
श्रीहरिकोटा से आदित्य-एल1 को लेकर इसरो के पीएसएलवी रॉकेट के उड़ान भरने के दौरान भीड़ ने 'भारत माता की जय' के नारे लगाए।
 

12:10 PM, 02-Sep-2023

तीसरा चरण पूरा हो चुका है
इसरो के आदित्य एल1 अंतरिक्ष यान को कवर करने वाला पेलोड पृथ्वी के वायुमंडल से बाहर निकलते ही अलग हो गया है। पीएसएलवी के पृथक्करण का तीसरा चरण पूरा हो चुका है।
 

12:00 PM, 02-Sep-2023

सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च हुआ आदित्य-एल1 
भारत का पहला सूर्य मिशन आदित्य-एल1 आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च हुआ।
 

11:50 AM, 02-Sep-2023

देश के पहले सूर्य मिशन ‘आदित्य एल-1’ को प्रक्षेपित किया गया
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने देश के पहले सूर्य मिशन ‘आदित्य एल-1’ को प्रक्षेपित कर दिया है। प्रक्षेपण पीएसएलवी रॉकेट से किया गया।

11:31 AM, 02-Sep-2023

आदित्य एल-1 का प्रक्षेपण थोड़ी देर में
ISRO के सूर्य मिशन आदित्य एल-1 के प्रक्षेपण को देखने के लिए सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC) शार श्रीहरिकोटा में बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं।

यहां देखें सीधा प्रसारण

11:22 AM, 02-Sep-2023

जी. माधवन नायर ने कही यह बात
आदित्य एल-1 मिशन पर इसरो के पूर्व अध्यक्ष जी. माधवन नायर ने कहा कि यह मिशन बहुत महत्वपूर्ण है। आदित्य एल-1 को लैग्रेंजियन पॉइंट 1 के आसपास रखा जाएगा, जहां पृथ्वी और सूर्य का गुरुत्वाकर्षण बल लगभग शून्य हो जाता है और न्यूनतम ईंधन के साथ, हम वहां अंतरिक्ष यान बनाए रख सकते हैं। इसके अलावा 24/7 अवलोकन संभव है। अंतरिक्ष यान में सात उपकरण लगाए गए हैं। इस मिशन के डेटा से वायुमंडल में होने वाली विभिन्न घटनाओं, जलवायु परिवर्तन अध्ययन आदि को समझाने में मदद मिलेगी।
 

11:19 AM, 02-Sep-2023

मिशन नियंत्रण केंद्र के दृश्य
सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) शार, श्रीहरिकोटा में मिशन नियंत्रण केंद्र के दृश्य सामने आने लगे हैं। इसरो यहीं से आदित्य एल-1 को अंतरिक्ष में लॉन्च करेगा। अंतरिक्ष यान को लैग्रेंजियन प्वाइंट के आसपास रखा जाएगा।
 

10:45 AM, 02-Sep-2023

श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र पहुंचे छात्र
इसरो के आदित्य एल-1 मिशन के लॉन्च को देखने के लिए स्कूली छात्र श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र पहुंचे।
 

10:23 AM, 02-Sep-2023

अंतरिक्ष के मौसम और आगामी अंतरिक्ष अभियानों को समझने में बहुत मदद मिलेगी
आदित्य एल1 मिशन पर जवाहरलाल नेहरू तारामंडल में प्रोग्रामिंग मैनेजर प्रेरणा चंद्रा ने कहा कि अन्य देशों की अंतरिक्ष एजेंसियां पहले ही सूर्य पर अवलोकन कर चुकी हैं। आदित्य एल1 के साथ हमारे पास सूर्य के आंकड़े भी मोजूद होंगे, जिससे हमें अंतरिक्ष के मौसम और आगामी अंतरिक्ष अभियानों को समझने में बहुत मदद मिलेगी।

10:10 AM, 02-Sep-2023

100 मिनट के बाद भारत के सूर्य मिशन की लॉन्चिंग
अब से ठीक 100 मिनट के बाद भारत के सूर्य मिशन आदित्य एल-1 की लॉन्चिंग होगी। पूरा देश टकटकी लगाए इसरो की ओर देख रहा है। देश के कई इलाकों में मिशन की सफल लॉन्चिंग के लिए हवन-पूजन किया जा रहा है।

09:25 AM, 02-Sep-2023

मिशन के मुख्य उद्देश्य
सौर वातावरण में गतिशीलता, सूर्य के परिमंडल की गर्मी, सूर्य की सतह पर सौर भूकंप या कोरोनल मास इजेक्शन (सीएमई), सूर्य के धधकने संबंधी गतिविधियों और उनकी विशेषताओं तथा पृथ्वी के करीब अंतरिक्ष में मौसम संबंधी समस्याओं को समझना है।

09:18 AM, 02-Sep-2023

इसरो के पूर्व वैज्ञानिक बोले- यह बहुत चुनौतीपूर्ण
आदित्य एल-1 मिशन पर पद्म श्री से सम्मानित और इसरो के पूर्व वैज्ञानिक मायलस्वामी अन्नादुराई ने कहा कि एल-1 बिंदु तक पहुंचना, उसके चारों ओर एक कक्षा बनाना और बहुत सटीक खोज आवश्यकताओं के साथ पांच वर्षों तक जीवित रहना तकनीकी रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण है। यह वैज्ञानिक रूप से फायदेमंद होने वाला है, क्योंकि सात उपकरण वहां जो हो रहा है उसकी गतिशीलता और घटनाओं को समझने की कोशिश करेंगे।
 

08:28 AM, 02-Sep-2023

हमें भारतीय होने पर बहुत गर्व: दर्शक
आदित्य एल-1 का प्रक्षेपण को देखने के लिए चेन्नई से श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र पहुंची एक दर्शक ने कहा कि हमें भारतीय होने पर बहुत गर्व है, हम लॉन्चिंग देखने के लिए यहां आकर बहुत खुश हैं। यह पहली बार है कि मैं यहां आई हूं। हम अपनी खुशी बता नहीं सकते।
 

08:26 AM, 02-Sep-2023

सफल लॉन्च के लिए सूर्य नमस्कार और विशेष पूजा की गई
इसरो के आदित्य एल1 मिशन के सफल लॉन्च के लिए दून योग पीठ के केंद्रों पर आध्यात्मिक गुरु आचार्य बिपिन जोशी की मौजूदगी में सूर्य नमस्कार और विशेष पूजा की गई।

08:06 AM, 02-Sep-2023

वाराणसी में हवन किया गया
श्रीहरिकोटा से इसरो के आदित्य एल1 मिशन के सफल लॉन्च के लिए वाराणसी में हवन किया गया।
 

07:55 AM, 02-Sep-2023

इस मिशन से क्या फायदा होगा?
इसरो के मुताबिक, सूर्य हमारे सबसे करीब मौजूद तारा है। यह तारों के अध्ययन में हमारी सबसे ज्यादा मदद कर सकता है। इससे मिली जानकारियां दूसरे तारों, हमारी आकाश गंगा और खगोल विज्ञान के कई रहस्य और नियम समझने में मदद करेंगी। हमारी पृथ्वी से सूर्य करीब 15 करोड़ किमी दूर है। आदित्य एल1 वैसे तो इस दूरी का महज एक प्रतिशत ही तय कर रहा है, लेकिन इतनी सी दूरी तय करके भी यह सूर्य के बारे में हमें ऐसी कई जानकारियां देगा, जो पृथ्वी से पता करना संभव नहीं होता। 

07:43 AM, 02-Sep-2023

कितना मुश्किल होगा भारत का यह मिशन?
जानकारी के अनुसार, आदित्य-एल1 अंतरिक्ष यान को सौर कोरोना (सूर्य की सबसे बाहरी परतों) के दूरस्थ अवलोकन और एल-1 (सूर्य-पृथ्वी लैग्रेंजियन बिंदु) पर सौर हवा के यथास्थिति अवलोकन के लिए बनाया गया है। एल-1 पृथ्वी से करीब 15 लाख किलोमीटर दूर है।

07:09 AM, 02-Sep-2023

आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र का वीडियो
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा आज श्रीहरिकोटा से आदित्य-एल1 मिशन लॉन्च किया जाएगा। वीडियो आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से है।
 

07:05 AM, 02-Sep-2023

आदित्य एल-1 में किन उपकरणों का इस्तेमाल होगा?
  1. विजिबल एमिशन लाइन कोरोनाग्राफ (वीईएलसी): भारतीय ताराभौतिकी संस्थान (बंगलूरू) ने बनाया। यह सूर्य के कोरोना और उत्सर्जन में बदलावों का अध्ययन करेगा।
  2. सोलर अल्ट्रा-वॉयलेट इमेजिंग टेलिस्कोप (सूट): खगोल विज्ञान व खगोल भौतिकी अंतर-विश्वविद्यालय केंद्र (पुणे) ने बनाया। यह सूर्य के फोटोस्फीयर और क्रोमोस्फीयर की तस्वीरें लेगा। यह निकट-पराबैंगनी श्रेणी की तस्वीरें होंगी, यह रोशनी लगभग अदृश्य होती है।
  3. सोलेक्स और हेल1ओएस: सोलर लो-एनर्जी एक्स रे स्पेक्ट्रोमीटर (सोलेक्स) और हाई-एनर्जी एल1 ऑर्बिटिंग एक्स रे स्पेक्ट्रोमीटर (हेल1ओएस) बंगलूरू स्थित यूआर राव सैटेलाइट सेंटर ने बनाए। इनका काम सूर्य एक्सरे का अध्ययन है।
  4. सपेक्स और पापा: भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (अहमदाबाद) ने आदित्य सोलर विंड पार्टिकल एक्सपेरिमेंट (एसपेक्स) और अंतरिक्ष भौतिकी प्रयोगशाला विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (तिरुवनंतपुरम) ने प्लाज्मा एनालाइजर पैकेज फॉर आदित्य (पापा) बनाया है। इनका काम सौर पवन का अध्ययन और ऊर्जा के वितरण को समझना है।
  5. मैग्नेटोमीटर (मैग): इलेक्ट्रो ऑप्टिक्स सिस्टम्स प्रयोगशाला (बंगलूरू) ने बनाया। यह एल1 कक्षा के आसपास अंतर-ग्रहीय चुंबकीय क्षेत्र को मापेगा।

06:51 AM, 02-Sep-2023

कब लॉन्च होगा भारत का पहला सूर्य मिशन?
सूर्य मिशन से संबंधित उपग्रह को शनिवार सुबह 11.50 बजे श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से प्रक्षेपित किया जाएगा। ‘आदित्य एल1’ को सूर्य परिमंडल के दूरस्थ अवलोकन और पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर ‘एल1’ (सूर्य-पृथ्वी लैग्रेंजियन बिंदु) पर सौर हवा का वास्तविक अवलोकन करने के लिए डिजाइन किया गया है। आदित्य एल1 सात पेलोड ले जाएगा, जिनमें से चार सूर्य से प्रकाश का निरीक्षण करेंगे।

06:30 AM, 02-Sep-2023

Aditya L1: आदित्य-एल1 की सफल लॉन्चिंग, लैग्रेंजियन-1 बिंदु तक पहुंचने में 125 दिन लगेंगे; पीएम मोदी ने दी बधाई

Aditya L1 Launch Live News in Hindi: चंद्रयान-3 की सफलता के कुछ दिन बाद भारत शनिवार को अपने पहले सूर्य मिशन ‘आदित्य एल-1’ को प्रक्षेपित करेगा। प्रक्षेपण भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के रॉकेट पीएसएलवी से किया जाएगा। सूर्य के अध्ययन के लिए ‘आदित्य एल-1’ को धरती से 15 लाख किलोमीटर दूर ‘लैग्रेंजियन-1’ बिंदु तक पहुंचने में 125 दिन लगेंगे। प्रक्षेपण के लिए शुक्रवार को  23.10 घंटे की उलटी गिनती शुरू हो गई।

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