सोमनाथ ने पूरी टीम को दी बधाई
आदित्य एल-1 के सफल प्रक्षेपण पर इसरो के अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने कहा कि आदित्य एल1 अंतरिक्ष यान को इच्छित कक्षा में स्थापित किया गया है। मैं आदित्य एल1 को सही कक्षा में स्थापित करने के लिए पीएसएलवी को बधाई देना चाहता हूं।
यह एक सपने के सच होने जैसा: निगार शाजी
आदित्य एल-1 के सफल प्रक्षेपण पर आदित्य एल-1 की परियोजना निदेशक निगार शाजी ने कहा कि यह एक सपने के सच होने जैसा है। मुझे बेहद खुशी है कि आदित्य एल-1 को पीएसएलवी द्वारा इंजेक्ट किया गया है। आदित्य एल-1 ने अपनी 125 दिनों की लंबी यात्रा शुरू कर दी है। एक बार जब आदित्य एल-1 कमिशन हो जाएगा, तो यह देश और वैश्विक वैज्ञानिक बिरादरी के लिए एक बड़ी कामयाबी मैं इस मिशन को संभव बनाने में उनके समर्थन और मार्गदर्शन के लिए पूरी टीम को धन्यवाद देना चाहती हूं।
प्रक्षेपण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, पहली अर्थबाउंड फायरिंग तीन सितंबर को
पीएसएलवी-सी57 द्वारा आदित्य-एल1 का प्रक्षेपण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यान ने उपग्रह को ठीक उसकी इच्छित कक्षा में स्थापित कर दिया है। भारत की पहली सौर वेधशाला ने सूर्य-पृथ्वी L1 बिंदु के गंतव्य के लिए अपनी यात्रा शुरू कर दी है। इसरो का कहना है कि आदित्य-एल1 ने बिजली पैदा करना शुरू कर दिया है। सौर पैनल तैनात हैं। पहली अर्थबाउंड फायरिंग तीन सितंबर को लगभग 11:45 बजे निर्धारित है। इस दौरान मिशन अगली कक्षा में प्रवेश करेगा।
अमित शाह ने दी बधाई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में कहा कि मैं आदित्य एल-1 मिशन के शुभारंभ पर सभी को हार्दिक बधाई देता हूं।
'भारत माता की जय' के नारे लगे
श्रीहरिकोटा से आदित्य-एल1 को लेकर इसरो के पीएसएलवी रॉकेट के उड़ान भरने के दौरान भीड़ ने 'भारत माता की जय' के नारे लगाए।
सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च हुआ आदित्य-एल1
भारत का पहला सूर्य मिशन आदित्य-एल1 आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च हुआ।
देश के पहले सूर्य मिशन ‘आदित्य एल-1’ को प्रक्षेपित किया गया
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने देश के पहले सूर्य मिशन ‘आदित्य एल-1’ को प्रक्षेपित कर दिया है। प्रक्षेपण पीएसएलवी रॉकेट से किया गया।
आदित्य एल-1 का प्रक्षेपण थोड़ी देर में
ISRO के सूर्य मिशन आदित्य एल-1 के प्रक्षेपण को देखने के लिए सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC) शार श्रीहरिकोटा में बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं।
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जी. माधवन नायर ने कही यह बात
आदित्य एल-1 मिशन पर इसरो के पूर्व अध्यक्ष जी. माधवन नायर ने कहा कि यह मिशन बहुत महत्वपूर्ण है। आदित्य एल-1 को लैग्रेंजियन पॉइंट 1 के आसपास रखा जाएगा, जहां पृथ्वी और सूर्य का गुरुत्वाकर्षण बल लगभग शून्य हो जाता है और न्यूनतम ईंधन के साथ, हम वहां अंतरिक्ष यान बनाए रख सकते हैं। इसके अलावा 24/7 अवलोकन संभव है। अंतरिक्ष यान में सात उपकरण लगाए गए हैं। इस मिशन के डेटा से वायुमंडल में होने वाली विभिन्न घटनाओं, जलवायु परिवर्तन अध्ययन आदि को समझाने में मदद मिलेगी।
श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र पहुंचे छात्र
इसरो के आदित्य एल-1 मिशन के लॉन्च को देखने के लिए स्कूली छात्र श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र पहुंचे।
अंतरिक्ष के मौसम और आगामी अंतरिक्ष अभियानों को समझने में बहुत मदद मिलेगी
आदित्य एल1 मिशन पर जवाहरलाल नेहरू तारामंडल में प्रोग्रामिंग मैनेजर प्रेरणा चंद्रा ने कहा कि अन्य देशों की अंतरिक्ष एजेंसियां पहले ही सूर्य पर अवलोकन कर चुकी हैं। आदित्य एल1 के साथ हमारे पास सूर्य के आंकड़े भी मोजूद होंगे, जिससे हमें अंतरिक्ष के मौसम और आगामी अंतरिक्ष अभियानों को समझने में बहुत मदद मिलेगी।
100 मिनट के बाद भारत के सूर्य मिशन की लॉन्चिंग
अब से ठीक 100 मिनट के बाद भारत के सूर्य मिशन आदित्य एल-1 की लॉन्चिंग होगी। पूरा देश टकटकी लगाए इसरो की ओर देख रहा है। देश के कई इलाकों में मिशन की सफल लॉन्चिंग के लिए हवन-पूजन किया जा रहा है।
सफल लॉन्च के लिए सूर्य नमस्कार और विशेष पूजा की गई
इसरो के आदित्य एल1 मिशन के सफल लॉन्च के लिए दून योग पीठ के केंद्रों पर आध्यात्मिक गुरु आचार्य बिपिन जोशी की मौजूदगी में सूर्य नमस्कार और विशेष पूजा की गई।
वाराणसी में हवन किया गया
श्रीहरिकोटा से इसरो के आदित्य एल1 मिशन के सफल लॉन्च के लिए वाराणसी में हवन किया गया।
आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र का वीडियो
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा आज श्रीहरिकोटा से आदित्य-एल1 मिशन लॉन्च किया जाएगा। वीडियो आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से है।