पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद अपने नए आवास 12 जनपथ पहुंचे।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, नेहरू जी, सरदार पटेल, बाबा साहेब आंबेडकर, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरू, चन्द्रशेखर आज़ाद जैसे अनगिनत स्वाधीनता सेनानियों ने हमें राष्ट्र के स्वाभिमान को सर्वोपरि रखने की शिक्षा दी थी। रानी लक्ष्मीबाई, रानी वेलु नचियार, रानी गाइदिन्ल्यू और रानी चेन्नम्मा जैसी अनेकों वीरांगनाओं ने राष्ट्ररक्षा और राष्ट्रनिर्माण में नारीशक्ति की भूमिका को नई ऊंचाई दी थी।
नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आवास पर राष्ट्रपति भवन की गाड़ियां पहुंच चुकी हैं। मुर्मू शपथ ग्रहण से पहले राजघाट जाएंगी।
ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक, मयूरभंज से भाजपा के 6 विधायक, ब्रह्मकुमारी रायरंगपुर शाखा के तीन सदस्य ब्रह्मकुमारी सुप्रिया, बसंती और गोविंद भी समारोह में शामिल होंगे। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, धर्मेंद्र प्रधान, बिश्वेश्वर टुडू, सांसद सुरेश पुजारी, बसंत पांडा, संगीता सिंहदेव व उनके पति केवी सिंहदेव ने भी मुर्मू से मुलाकात की, ये सभी समारोह में शामिल होंगे।
शपथ ग्रहण समारोह में निर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपनी भाभी सुकरी टुडू की लाई पारंपरिक संथाली साड़ी पहन सकती हैं। सुकरी और उनके पति व राष्ट्रपति के भाई तारिनसेन टुडू दिल्ली के लिए रवाना हो चुके थे। वे साथ में मुर्मू के लिए लोकप्रिय स्थानीय मिठाई ‘अरिसा पीठा’ भी ला रहे हैं। सुकरी ने बताया, ‘मुझे नहीं पता कि इस खास मौके पर वे क्या पहनेंगी, राष्ट्रपति भवन ही उनके परिधान निर्धारित करेगा। हालांकि मैं प्रार्थना कर रही हूं कि वे इसे पहन सकें।’
सुबह 9:25 बजे : द्रौपदी मुर्मू गार्ड ऑफ ऑनर के लिए राष्ट्रपति भवन पहुंचेंगी।
सुबह 10:10 बजे : कोविंद-द्रौपदी संसद के केंद्रीय कक्ष में पहुंचेंगे, पहुंचने के साथ राष्ट्रगान होगा।
10:15 बजे : मुख्य न्यायाधीश द्रौपदी मुर्मु को शपथ दिलाएंगे।
25 जुलाई को शपथ लेने वाली 10वीं राष्ट्रपतिः पहली बार 25 जुलाई 1977 को छठे राष्ट्रपति नीलमसंजीव रेड्डी ने शपथ ली थी। मुर्मू 10वीं राष्ट्रपति होंगी।
दिल्ली पहुंचे परिजनः मुर्मू की बेटी बैंक अधिकारी इतिश्री व दामाद गणेश हेमब्रम शपथ समारोह के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं। मुर्मू के भाई तारिनसेन टुडू और भाभी सुकरी टुडू उनके लिए संथाली साड़ी और आदिवासियों की पारंपरिक मिठाई अरिसा पिठा लाई हैं।
शपथ ग्रहण समारोह में उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष, प्रधानमंत्री, कई राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, कई देशों के राजदूत व तीनों सेनाओं के प्रमुख मौजूद रहेंगे। पुराने संसद भवन में शपथ लेने वाली अंतिम राष्ट्रपति। नई संसद से विदाई लेने वाली भी पहली राष्ट्रपति होंगी, क्योंकि वर्तमान भवन में अंतिम सत्र चल रहा है। आगामी शीत सत्र नए भवन में होगा।
दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र नया इतिहास रचने जा रहा है। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज देश के सर्वोच्च सांविधानिक पद की शपथ लेंगी। मुर्मू देश की पहली आदिवासी और दूसरी महिला राष्ट्रपति होने के साथ आजाद भारत में पैदा होने वाली देश की पहली राष्ट्रपति होंगी। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण सुबह 10.15 बजे मुर्मू को संसद के केंद्रीय कक्ष में गौरवपूर्ण माहौल में राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाएंगे। फिर 21 तोपों की सलामी दी जाएगी।