पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बैठक में कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग अनुच्छेद 370 को रद्द होने से नाराज है। हम जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को फिर से बहाल करेंगे। इसके लिए हम शांति का रास्ता अपनाएंगे। इस पर कोई समझौता नहीं होगा। महबूबा ने प्रधानमंत्री से कहा कि अगर आपको अनुच्छेद 370 को हटाना था तो आपको जम्मू-कश्मीर की विधानसभा को बुलाकर इसे हटाना चाहिए था। इसे गैरकानूनी तरीके से हटाने का कोई हक नहीं था। हम अनुच्छेद 370 को संवैधानिक और क़ानूनी तरीके से बहाल करना चाहते हैं।
गुलाम नबी आजाद ने पांच मांगें रखी सरकार के सामने
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि बैठक में हमने कांग्रेस की तरफ से सरकार के सामने 5 बड़ी मांगे सरकार के सामने रखी। पहली मांग थी कि राज्य का दर्जा जल्दी बहाल करे सरकार। उन्होंने कहा कि हमने बैठक में कश्मीरी पंडितों को घाटी में बसाने की बात भी बोली। केंद्र सरकार जल्द से जम्मू-कश्मीर में चुनाव करवाएं। बैठक में अधिकतर पार्टियों ने कहा कि 370 का मामला सुप्रीम कोर्ट में है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री ने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी नेताओं ने पूर्ण राज्य की मांग की है।
अनुच्छेद 370 को खत्म करने का फैसला हमें स्वीकार नहीं : उमर अब्दुल्ला
नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने बैठक में कहा कि 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार के द्वारा 370 को खत्म करने के फैसले को हम स्वीकार नहीं करेंगे। हम अदालत के जरिए 370 के मामले पर अपनी लड़ाई लडेंगे। लोग चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण रूप से राज्य का दर्जा दिया जाए। उन्होंने कहा कि हमने पीएम से अनुरोध किया कि हमारी लड़ाई जारी रहेगी लेकिन कुछ फैसलों को पलटने की जरूरत है जो जम्मू-कश्मीर के हित में बिल्कुल भी नहीं हैं। इसे यूटी का दर्जा दिया गया था, लोगों को यह पसंद नहीं है। वे जम्मू-कश्मीर के लिए पूर्ण राज्य का दर्जा चाहते हैं, जम्मू-कश्मीर कैडर बहाल।
बैठक शानदार रही: पीडीपी नेता मुजफ्फर हुसैन बेग
पीडीपी (पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी) के नेता मुजफ्फर हुसैन बेग ने कहा कि बैठक बहुत शानदार हुई। उन्होंने कहा कि 370 का मामला सु्प्रीम कोर्ट में है और अदालत ही 370 के मामले पर फैसला करेगी। मैंने धारा 370 कि कोई मांग नहीं रखी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि 370 खत्म करने का फैसला जम्मू-कश्मीर विधानसभा के द्वारा होता तो और अच्छा होता। जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिलाने की मांग सभी दलों ने की। पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने पर सीधे कुछ नहीं कहा। उन्होंने कहा कि पहले परिसीमन हो।
जम्मू-कश्मीर को लेकर प्रधानमंत्री मोदी संग बैठक के लिए पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और कांग्रेसी नेता गुलाम नबी समेत कई बड़े नेता पीएम आवास पहुंच गए हैं। जम्मू-कश्मीर के भविष्य को लेकर होने वाली बैठक की पीएम मोदी अगुवाई कर रहे हैं। राज्य में विधानसभा चुनाव कराने समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
जम्मू-कश्मीर पर सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेने के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता फारूक अब्दुल्ला दिल्ली पहुंच गए। गुरुवार को दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती के बयान से किनारा कर लिया। उन्होंने कहा कि हमें पाकिस्तान के बारे में बात नहीं करनी है बल्कि अपने वतन के बारे में चर्चा करनी है। उन्होंने कहा कि महबूबा मुफ्ती का पाकिस्तान पर बयान निजी है। इससे उन्हें कोई लेना देना नहीं है।
जम्मू-कश्मीर के भाजपा नेताओं की पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा संग बैठक भी खत्म हो गई है। ये बैठक करीब 40 मिनट तक चली।
नेशनल कांफ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला दिल्ली में अपने आवास पर पहुंचे। वह आज पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा बुलाई गई जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दलों की सर्वदलीय बैठक में भाग लेंगे।
पीएम मोदी के साथ बैठक से पहले सीपीआई-एम नेता युसुफ तारीगामी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने से किसने रोका? हमारी आवाम के सामने यह भी मुद्दा है कि हमारी एक दूसरे से नाराजगी हो सकती है लेकिन हम अलग नहीं होना चाहते। सरकार ने बिना किसी से पूछे केंद्रशासित प्रदेश में बदल दिया और बांट दिया।
पीएम मोदी के साथ होने वाली बैठक से पहले जम्मू-कश्मीर कांग्रेसी नेताओं का भी मंथन चल रहा है। गुलाम नबी आजाद, जी.ए. मीर, ताराचंद दिल्ली में बैठक करेंगे और पीएम के साथ होने वाली बैठक का एजेंडा तय करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली बैठक से पहले जम्मू-कश्मीर के भाजपा नेता रविन्द्र रैना, कविंदर गुप्ता, निर्मल सिंह भाजपा मुख्यालय पहुंचे हैं। यहां सभी भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात करेंगे।