पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर जताई गर्व, कहा- भारत की सुरक्षा सर्वोपरि
इसके साथ ही पीएम मोदी ने तमिलनाडु में कहा कि आज का भारत अपनी सुरक्षा को सबसे ऊपर मानता है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि इस ऑपरेशन ने पूरी दुनिया को दिखा दिया कि अगर कोई भारत की सुरक्षा और संप्रभुता पर हमला करता है, तो भारत उसकी भाषा में जवाब देना जानता है। पीएम मोदी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत के दुश्मनों और आतंकवादियों के लिए दुनिया में कोई सुरक्षित जगह नहीं है। इस ऑपरेशन ने पूरे देश में एक नई ऊर्जा और आत्मविश्वास जगा दिया है और दुनिया को भारत की ताकत और संकल्प का एहसास कराया है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने देशवासियों में नई उम्मीद और विश्वास पैदा किया है और यह भारत की सुरक्षा नीति का एक बड़ा सफल कदम है।
पीएम मोदी बोले – चोल साम्राज्य है विकसित भारत का प्राचीन रोडमैप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के अरियालुर में चोल साम्राज्य की ताकत और गौरव का जिक्र करते हुए कहा कि चोल काल में भारत ने आर्थिक और सैन्य क्षेत्र में जो ऊंचाइयाँ हासिल की थीं, वे आज भी हमें प्रेरणा देती हैं। उन्होंने बताया कि राजराजा चोल ने एक मजबूत नौसेना की नींव रखी थी, जिसे राजेंद्र चोल ने और अधिक ताकतवर बनाया।
पीएम मोदी ने कहा कि चोल साम्राज्य एक ऐसा प्राचीन मार्गदर्शक है जो हमें बताता है कि अगर भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है, तो हमें अपनी नौसेना, रक्षा बलों को मजबूत करना होगा और नई संभावनाओं की खोज करनी होगी। उन्होंने कहा कि आज का भारत इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है और हमारे प्राचीन इतिहास से सीख लेकर भविष्य की राह तय कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज जब दुनिया अस्थिरता, हिंसा और पर्यावरण जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रही है, ऐसे समय में शिव की विचारधारा हमें समाधान का रास्ता दिखाती है। उन्होंने कहा कि प्रेम ही शिव है। अगर दुनिया इस विचार को अपना ले, तो ज़्यादातर संकट अपने आप खत्म हो सकते हैं। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत इस महान सोच को 'एक विश्व, एक परिवार, एक भविष्य' के रूप में आगे बढ़ा रहा है, जो वैश्विक एकता और शांति का संदेश देती है।
पीएम मोदी बोले -काशी से लाया गया गंगाजल चोल साम्राज्य की विरासत को करता है सम्मानित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्हें खुशी है कि आज काशी से गंगाजल एक बार फिर यहां लाया गया है। उन्होंने कहा कि मैं काशी का जनप्रतिनिधि हूं और मेरा मां गंगा से विशेष जुड़ाव है। प्रधानमंत्री ने कहा कि चोल राजाओं के कार्य और उनसे जुड़ी ऐतिहासिक घटनाएं एक भारत, श्रेष्ठ भारत के महायज्ञ को नई ऊर्जा नई शक्ति और नया उत्साह देती हैं। उन्होंने चोल सम्राटों की विरासत को भारत की एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान चोल राजाओं की विदेश नीति और व्यापारिक संबंधों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि चोल राजाओं ने श्रीलंका, मालदीव और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे देशों के साथ अपने राजनयिक और व्यापारिक संबंधों को काफी मजबूत किया था। उन्होंने कहा कि यह महज एक संयोग है कि मैं कल ही मालदीव से लौटा हूं और आज मुझे इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला है। पीएम मोदी ने कहा कि चोल साम्राज्य का विस्तार सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने समुद्र पार भी भारत की समृद्ध संस्कृति और ताकत को पहुंचाया। यह भारत के प्राचीन सामर्थ्य और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक है।
पीएम मोदी बोले- भगवान शिव से की देश की खुशहाली की प्रार्थना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के प्रसिद्ध बृहदेश्वर मंदिर में दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि भगवान बृहदेश्वर के चरणों में पूजा करने का सौभाग्य मुझे मिला। मैंने 140 करोड़ देशवासियों की भलाई और भारत की निरंतर प्रगति के लिए प्रार्थना की है। मेरी कामना है कि सभी को भगवान शिव का आशीर्वाद मिले। यह मंदिर चोल वंश की स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण है और पीएम मोदी की यह यात्रा भारत की सांस्कृतिक विरासत के सम्मान का प्रतीक मानी जा रही है।
पीएम मोदी ने चोल सम्राट राजेंद्र चोल प्रथम के सम्मान में जारी किया स्मृति सिक्का
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु में ऐतिहासिक चोल सम्राट राजेंद्र चोल प्रथम को श्रद्धांजलि देते हुए उनके सम्मान में एक विशेष स्मृति सिक्का जारी किया। यह सिक्का सम्राट के महान योगदान और भारत के गौरवशाली इतिहास को सम्मान देने के उद्देश्य से जारी किया गया है।
तमिलनाडु के चोलपुरम में पीएम मोदी का भव्य स्वागत
तमिलनाडु के गंगैकोंडा चोलपुरम पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वहां के लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। स्थानीय लोग और अधिकारी प्रधानमंत्री का अभिनंदन करने के लिए मौजूद थे।
तमिलनाडु के गंगैकोंडा चोलपुरम मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महान चोल सम्राट राजेंद्र चोल प्रथम की जयंती समारोह में हिस्सा लिया। यह उत्सव आदि तिरुवाथिरै त्योहार के अवसर पर मनाया गया। पीएम मोदी ने मंदिर में पूजा-अर्चना की और चोल वंश की संस्कृति और विरासत को याद किया। राजेंद्र चोल प्रथम ने चोल साम्राज्य को मजबूत बनाया और दक्षिण भारत के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने मंदिर में पारंपरिक विधि से पूजा की और चोल सम्राट के ऐतिहासिक योगदान को याद किया। राजेंद्र चोल प्रथम को भारत के सबसे शक्तिशाली और विजयी शासकों में गिना जाता है, जिन्होंने चोल साम्राज्य को दक्षिण भारत से लेकर दक्षिण-पूर्व एशिया तक फैलाया था। गंगैकोंडा चोलपुरम मंदिर चोल वंश की शक्ति, संस्कृति और कला का प्रतीक है। प्रधानमंत्री की यह यात्रा तमिल संस्कृति और विरासत के प्रति उनके सम्मान को दर्शाती है।
पीएम मोदी ने गंगैकोंडा चोलपुरम मंदिर में राजा राजेंद्र चोल प्रथम की जयंती पर की पूजा-अर्चना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के प्रसिद्ध गंगैकोंडा चोलपुरम मंदिर में जाकर महान चोल सम्राट राजेंद्र चोल प्रथम की जयंती समारोह में भाग लिया। यह आयोजन आदि तिरुवाथिरै उत्सव के साथ मनाया गया। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री ने मंदिर में पूजा-अर्चना की और सम्राट राजेंद्र चोल के योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि राजेंद्र चोल सिर्फ तमिलनाडु ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के सामरिक और सांस्कृतिक इतिहास के महान शासक रहे हैं।
एआईएडीएमके महासचिव के पलानीस्वामी ने शनिवार रात हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री का स्वागत किया और कुछ मिनटों तक उनसे बातचीत की। इस साल अप्रैल में एआईएडीएमके और भाजपा के बीच चुनावी गठबंधन के बाद यह पहली बार है जब पलानीस्वामी ने प्रधानमंत्री से मुलाकात। यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एआईएडीएमके का कहना है कि 2026 के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद उसे बहुमत मिलेगा और वह अपने दम पर सरकार बनाएगी, जबकि भगवा पार्टी अपने इस रुख पर कायम है कि अगर एनडीए चुनाव जीतता है तो वह सरकार का हिस्सा होगी।
टीएमसी (मूपनार) के शीर्ष नेता जीके वासन भी प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए हवाई अड्डे पर मौजूद थे। एआईएडीएमके समर्थक एक टेलीविजन चैनल से विशेष बातचीत में, पलानीस्वामी ने प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए हुई इस संक्षिप्त मुलाकात को शानदार बताया। प्रधानमंत्री मोदी 26 जुलाई की रात को तूतीकोरिन से लगभग 4,900 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद यहां पहुंचे।
प्रधानमंत्री मोदी के दौरे पर, भाजपा नेता के अन्नामलाई ने कहा, 'गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर 1,000 साल पहले बनाया गया था। यह हजार साल पहले महान चोल राजा राजेंद्र चोल की सेनाओं द्वारा पूरे कडारम क्षेत्र - वर्तमान कंबोडिया, म्यांमार और थाईलैंड - पर विजय प्राप्त करने का भी प्रतीक है। आज का दौरा शानदार है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी यह संदेश दे रहे हैं कि अतीत मायने रखता है। यह राजेंद्र चोल की जयंती का उत्सव भी है। अरियालुर का मानव विकास सूचकांक पूरे तमिलनाडु में सबसे कम है और प्रधानमंत्री के दौरे से हमें उम्मीद है कि यह शहर अपना खोया हुआ गौरव वापस पा लेगा।'
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को लेकर अन्नामलाई ने कहा कि , 'हम उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपने का अधिकार है, लेकिन मैं डीएमके से अनुरोध करता हूं कि वे इस पर राजनीति न करें, क्योंकि तमिलनाडु को मनरेगा के लिए सबसे ज़्यादा धनराशि मिलती है। मैं उम्मीद करता हूं कि मुख्यमंत्री पिछले 11 वर्षों में तमिलनाडु को जो मिला है, उसकी सराहना भी करेंगे। राजनीति सिर्फ़ शिकायतों तक सीमित नहीं रह सकती।'
प्रधानमंत्री के त्रिची दौरे को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ड्रोन्स, यूएवी से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। शहर में जगह-जगह पीएम मोदी का स्वागत करते हुए पोस्टर-बैनर लगे हुए हैं।
इस समारोह के समापन कार्यक्रम में पीएम मोदी के साथ तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि, केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री और संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहेंगे। यह उत्सव तमिल कला, संस्कृति और इतिहास का गौरवशाली संगम है।