बुच के खिलाफ कार्रवाई में विफलता ने सरकार की विश्वसनीयता को धूमिल कियाः कांग्रेस
कांग्रेस ने सेबी अध्यक्ष माधबी बुच के खिलाफ हितों के टकराव का आरोप लगाया और दावा किया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की इस पर निर्णायक कार्रवाई करने में विफलता ने न केवल सरकार की विश्वसनीयता को धूमिल किया है, बल्कि वित्तीय प्रशासन ढांचे को भी खतरे में डाल दिया है।
लोकसभा में अनुदान की अनुपूरक मांगों पर चर्चा के दौरान अदाणी मुद्दे पर सरकार पर हमला करते हुए कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि संयुक्त संसदीय समिति को पूरे मामले की जांच करनी चाहिए।उन्होंने आरोप लगाया कि यह अदाणी द्वारा, अदाणी की, अदाणी के लिए सरकार है। वहीं, समाजवादी पार्टी ने सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया। समाजवादी सांसद लालजी वर्मा ने कहा कि जब तक देश के अन्नदाताओं की हालत में सुधार नहीं होगी, तब तक देश की हालत नहीं सुधरेगी।
राज्यसभा में छह नवनिर्वाचित सदस्यों ने ली शपथ
उच्च सदन में सोमवार को छह नये निर्वाचित सदस्यों ने शपथ ली। इनमें तीन सांसद आंध्र प्रदेश से टीडीपी के सना सतीश बाबू, मस्तान राव यादव बीधा, भाजपा से यागा कृष्णैया, हरियाणा से भाजपा की रेखा शर्मा, ओडिशा से सुजीत कुमार, पश्चिम बंगाल से सीपीआईएम के सांसद जो कि अब टीएमसी में शामिल हो गए, रीताब्रत बनर्जी हैं।
भाजपा ने अपने सभी लोकसभा सांसदों को 17 दिसंबर, 2024 को सदन में उपस्थित रहने के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया है, क्योंकि इस दिन कुछ महत्वपूर्ण विधायी कार्यों पर चर्चा होनी है।
पीएम स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वालों को बांटे गए 13,422 करोड़ रुपये
केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने 8 दिसंबर तक पीएम स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वालों को कुल 13,422 करोड़ रुपये के 94.31 लाख ऋण बांटे किए हैं, सोमवार को एक सवाल के लिखित जवाब में आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने राज्यसभा में यह जानकारी दी।
मंत्री ने कहा कि 94.31 लाख कर्ज में से 40.36 लाख कर्ज रेहड़ी-पटरी लाभार्थियों ने चुका दिए हैं। मोदी सरकार ने 2020 में कोविड-19 प्रकोप के दौरान शहरी रेहड़ी-पटरी वालों के लिए 50,000 रुपये तक के जमानत-मुक्त ऋण देने की माइक्रो-क्रेडिट योजना शुरू की थी। मंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर की आत्मनिर्भर निधि (स्वनिधि) योजना के तहत ऋण बांटने वाली एजेंसियों या कंपनियों के खिलाफ धोखाधड़ी से जुड़ी कोई शिकायत नहीं मिली है। साहू ने कहा कि इस साल जुलाई में मध्य प्रदेश ने पीएम स्वनिधि योजना में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद असम को नवाचार और सर्वोत्तम अभ्यास पुरस्कार श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के तौर पर दूसरा स्थान मिला।
1,065 बड़े बांध 50-100 साल पुराने हैं, 224 एक सदी से ज्यादा पुराने- केंद्र सरकार
जल शक्ति मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि भारत में 1,065 बड़े बांध 50 से 100 साल पुराने हैं, जबकि 224 एक सदी से ज्यादा पुराने हैं। जबकि देश में कुल 6,138 निर्मित और 143 निर्माणाधीन बांध हैं। राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने कहा कि सरकार ने पुराने बांधों से उत्पन्न चुनौतियों का समाधान करने और बांधों के टूटने से होने वाली आपदाओं को रोकने के लिए बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 बनाया है।
उन्होंने कहा कि बांध सिंचाई और बिजली उत्पादन के अलावा बाढ़ को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (एनडीएसए) और सीडब्ल्यूसी द्वारा संयुक्त रूप से संकलित बड़े बांधों के राष्ट्रीय रजिस्टर (एनआरएलडी-2023 संस्करण) के अनुसार, 6,138 निर्मित और 143 निर्माणाधीन बांध हैं, जो कुल मिलाकर 6,281 बड़े बांध हैं। इनमें से केवल 224 बांध 100 साल से अधिक पुराने हैं और 1065 बड़े बांध ऐसे हैं जो 50 से 100 साल पुराने हैं। राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बांध सुरक्षा अधिनियम लागू किया है और बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना (डीआरआईपी) चरण II और III को भी लागू कर रही है, जिसका उद्देश्य 19 राज्यों और तीन केंद्रीय एजेंसियों के 736 बांधों का पुनर्वास करना है।
सेना मुख्यालय से पाकिस्तान के आत्मसमर्पण की तस्वीर हटाई गई- प्रियंका गांधी
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को लोकसभा में दावा किया कि सेना मुख्यालय से पाकिस्तान के भारत के सामने आत्मसमर्पण करने की तस्वीर हटा दी गई है। शून्यकाल में, प्रियंका गांधी ने कहा कि तस्वीर सोमवार को हटा दी गई है, जबकि विजय दिवस भी है। उन्होंने कहा, 'आज, वह तस्वीर सेना मुख्यालय से हटा दी गई है, जहां पाकिस्तानी सेना भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण कर रही है।' कांग्रेस सांसद ने इस दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 के युद्ध में लड़ने वाले सैनिकों और शहीदों की भूमिका को याद किया।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, 'बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों और हिंदुओं के खिलाफ जो अत्याचार हो रहे हैं...इस बारे में कुछ किया जाना चाहिए। इस बारे में बांग्लादेश सरकार से बातचीत होनी चाहिए'।
'वन नेशन वन इलेक्शन' पर टीएमसी सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा, पश्चिम बंगाल में 2024 में 7 चरणों में चुनाव हुए थे और 2021 के विधानसभा चुनाव में 8 चरणों में...आप 7-8 चरणों में चुनाव करा रहे हैं। 140 करोड़ लोगों के लिए एक साथ चुनाव कैसे हो सकते हैं? यह लोगों के अधिकार छीनने के बारे में है...लोगों को 5 साल में 3-4 बार वोट करने का जो अधिकार है, वो बीजेपी, कांग्रेस या टीएमसी ने नहीं दिया है। ये अधिकार देश के 140 करोड़ लोगों को देश के संविधान ने दिया है। इसलिए ये संविधान बदलने की बात है। अगर मैं 5 साल में 3-4 बार वोट करूंगा तो सरकार की जवाबदेही बनी रहेगी...तो ये एक ऐसा बिल है जो लोगों के अधिकार छीन लेगा...जब तक विपक्ष है, हम इस बिल को पास नहीं होने देंगे।
ईवीएम पर सवाल उठाने वालों से चुनाव आयोग के सामने इसे साबित करने के लिए कहने वाले टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के बयान पर भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, 'आज उमर अब्दुल्ला और टीएमसी के (भारत) गठबंधन के अभिषेक बनर्जी ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की तरफ से ईवीएम पर कही गई बातों को चुनौती दी है। चुनाव आयोग ने इस पर कई बार राजनीतिक दलों को बुलाया है। यह स्पष्ट है कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी या डीएमके को माफी मांगनी चाहिए'।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इंडिया ब्लॉक नेता के रूप में सुझाने वाले इंडिया ब्लॉक के सदस्यों पर टीएमसी सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि, 'इंडिया गठबंधन इस पर बैठकर चर्चा करेगा। वह सबसे वरिष्ठ हैं। मुख्यमंत्री के रूप में यह उनका तीसरा कार्यकाल है और वह पहले भी केंद्रीय मंत्री रह चुकी हैं। इसलिए इस बारे में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए... किसी भी पार्टी को छोटा नहीं समझा जाना चाहिए। टीएमसी इंडिया गठबंधन में एकमात्र पार्टी है जिसने भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस को भी हराया है। यह उसकी ताकत को दर्शाता है।
टीएमसी सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा, 'बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अत्याचार, हमारी सरकार इसकी कड़ी निंदा करती है और केंद्र सरकार को इस पर सख्त रुख अपनाना चाहिए। विदेश सचिव ने अपनी यात्रा के दौरान क्या कहा, क्या बातचीत हुई, उन्हें सदन में इस बारे में बोलना चाहिए। विदेश मंत्री को इस पर बयान देना चाहिए'।
राज्यसभा नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, 'बीजेपी आरक्षण के विरोधी है और इसीलिए वे जातीय जनगणना के खिलाफ हैं। मोदी जी को देश के स्वाधिनता आंदोलन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है इसलिए वो इस विषय पर जाना नहीं चाहते।'
राज्यसभा नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, 'जब कई शक्तिशाली देशों में सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार नहीं था, महिलाओं को वोट देने का अधिकार नहीं था, उस समय भारत ने सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार दिया, महिलाओं को मतदान का अधिकार दिया गया। ये कांग्रेस ने दिया, संविधान दिया, आरएसएस, जनसंघ ने इसका विरोध किया।'
लोकसभा में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, 'आज विजय दिवस है। 1971 के युद्ध में जिन बहादुर सैनिकों ने हमारे लिए लड़ाई लड़ी मैं उनको नमन करना चाहती हूं। बांग्लादेश में जो कुछ भी हो रहा था, बांग्लादेश के लोगों, हमारे बंगाली भाइयों और बहनों की आवाज कोई नहीं सुन रहा था। उस समय जनता अपनी नेतृत्व के साथ खड़ी हुईं। उस समय इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं, मैं उन्हें नमन करना चाहती हूं। उन्होंने कठिन से कठिन परिस्थितियों में साहस दिखाया और ऐसा नेतृत्व दिखाया जिससे देश विजयी हुआ। पहला मुद्दा जो मैं चर्चा करना चाहती हूं वह यह है कि इस सरकार को बांग्लादेश में हिंदू और ईसाई अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए, उनसे बातचीत करनी चाहिए और उनका समर्थन लेना चाहिए। दूसरा मुद्दा यह है कि आज सेना के मुख्यालय से एक तस्वीर उतारी गई है जिसमें पाकिस्तानी सेना भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण कर रही है।'
देश के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की कुछ निजी चिट्ठियां सोनिया गांधी के पास हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री संग्रहालय को वापस करने की मांग की जा रही है। आज भाजपा सांसद संबित पात्रा ने लोकसभा में भी ये मुद्दा उठाया।
राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान बोलते हुए विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि 'हमारा संविधान आंदोलन से बना, लड़ाई से बना। हमारी बहादुर नेता इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े किए और बांग्लादेश को आजाद कराया। इस देश की शान पूरी दुनिया में फैली। वहां (बांग्लादेश में) जो गड़बड़ी चल रही है, कम से कम इन (बीजेपी) लोगों को अपनी आंखें खोलनी चाहिए और वहां के अल्पसंख्यकों को बचाने की कोशिश करनी चाहिए।'
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान आपातकाल के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा, 'मैं ऐसे राजनीतिक नेताओं को जानती हूं जिन्होंने उन काले दिनों को याद करने के लिए अपने बच्चों का नाम MISA के नाम पर रखा है और अब उन्हें उनके साथ गठबंधन करने में भी कोई आपत्ति नहीं होगी।'
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान कहा, 'मजरूह सुल्तानपुरी और बलराज साहनी दोनों को 1949 में जेल में डाल दिया गया था। 1949 में मिल मजदूरों के लिए आयोजित एक बैठक के दौरान मजरूह सुल्तानपुरी ने एक कविता पढ़ी जो जवाहरलाल नेहरू के खिलाफ लिखी गई थी और इसलिए उन्हें जेल जाना पड़ा। उन्होंने इसके लिए माफी मांगने से इनकार कर दिया और उन्हें जेल में डाल दिया गया। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का कांग्रेस का रिकॉर्ड इन दो लोगों तक ही सीमित नहीं है। 1975 में माइकल एडवर्ड्स द्वारा लिखी गई एक राजनीतिक जीवनी 'नेहरू' पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। उन्होंने 'किस्सा कुर्सी का' नामक फिल्म पर भी सिर्फ इसलिए प्रतिबंध लगा दिया क्योंकि इसमें प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके बेटे पर सवाल उठाया गया था।'
सरकार ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि पिछले तीन वर्षों में ई-श्रम पोर्टल पर 30 करोड़ से अधिक मजदूरों ने पंजीकरण कराया है और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में पंजीकृत मजदूरों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में ई-श्रम पोर्टल पर 30 करोड़ से अधिक मजदूरों ने पंजीकरण कराया है। उन्होंने यह भी कहा कि 2014-15 में 15.84 करोड़ लोगों ने पंजीकरण कराया था, लेकिन 2023-24 में यह संख्या बढ़कर 29 करोड़ से अधिक हो गई है।
राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान बोलते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 50 से ज्यादा देश आजाद हुए और उनका संविधान लिखा गया, लेकिन कई देश अपना संविधान बदल चुके हैं, लेकिन हमारा संविधान अभी भी मजबूत है। इसमें कई संशोधन हुए हैं, लेकिन यह काफी समय बीत जाने के बाद भी मजबूत है।
राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बोलना शुरू कर दिया है।
संविधान की कार्यवाही शुरू हो गई है। राज्यसभा में आज संविधान पर चर्चा की शुरुआत होगी। केंद्र की तरफ से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण चर्चा की शुरुआत करेंगी। विपक्ष की तरफ से विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे बोलेंगे।
राज्यसभा में केंद्र की ओर से संविधान पर चर्चा का जवाब पीएम मोदी नहीं बल्कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह देंगे। पहले पीएम मोदी के जवाब देने वाले थे, लेकिन अब अमित शाह ये जिम्मेदारी निभाएंगे।