संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि ये जो लोग चुनाव हार गए, ये उनकी ओर से ध्यान भटकाने की हताशापूर्ण कोशिश है...मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं...क्या बेरोजगारी के कारण कोई कुछ भी कर सकता है? क्या कोई हमला कर सकता है? राहुल गांधी आप क्या बात कर रहे हैं इसके बारे में आपको समझ है? जो कुछ हुआ है वे उसका समर्थन करने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए इसके लिए कांग्रेस को पहले जवाब देना चाहिए।
दिल्ली में अनधिकृत इमारतों से जुड़ा बिल लोकसभा में पास हो गया
लोकसभा ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली कानून (विशेष प्रावधान) दूसरा (संशोधन) अधिनियम, 2023 संक्षिप्त चर्चा के बाद ध्वनि मत से पारित किया गया। इस विधेयक पर चर्चा में तीन सदस्यों ने भाग लिया।
लोकसभा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने तीन नए बिल पेश किए हैं। ये बिल IPC और CRPC की जगह लेने के लिए लाए गए हैं।
लोकसभा ने केंद्रीय माल और सेवा कर (दूसरा संशोधन) विधेयक 2023 को पारित किया।
बसपा सांसद श्याम सिंह यादव ने कहा कि 'भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में ऐसा नहीं है कि इतनी बड़ी संख्या में सांसदों को निलंबित किया गया। इससे पता चलता है कि सत्ताधारी पार्टी काफी अहंकारी हो गई है। वह सत्ता के लालची हो गए हैं और अपनी सारी समझ खो चुके हैं।'
विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के चलते राज्यसभा की कार्यवाही 3 बजे तक स्थगित हो गई है। वहीं कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि 'संसद को पूरी तरह से अवैध कर दिया गया है। यह संसद में सबसे कठोर कानून को पारित करने की रूपरेखा बनाई जा रही है।'
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी सांसदों के निलंबन पर भाजपा पर तीखा हमला बोला और कहा कि यह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। खरगे ने कहा कि 'यह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है, यह संसद का अपमान है। वह हमें डराने के लिए सांसदों को निलंबित कर रहे हैं। लेकिन प्रधानमंत्री और गृह मंत्री संसद नहीं आना चाहते। वह वाराणसी और अहमदाबाद से भाषण दे रहे हैं।'
लोकसभा से मंगलवार को निलंबित किए गए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि 'यह साफ है कि वह विपक्ष मुक्त लोकसभा चाहते हैं और ऐसा ही वह राज्यसभा में करेंगे। दुर्भाग्य से हमें भारत में लोकतांत्रिक संसद के लिए श्रद्धांजलि लिखनी शुरू करनी होगी। आज हमने अपने सहयोगियों के साथ एकजुटता दिखाते हुए विरोध प्रदर्शन किया और जो भी वहां मौजूद था, उन्हें पूरे शीतकालीन सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। इसका मतलब है कि वह बिना किसी चर्चा के विधेयक पास करना चाहते हैं। यह संसदीय लोकतंत्र से धोखा है।'
आप सांसद सुशील कुमार रिंकू ने लोकसभा से अपने निलंबन पर कहा कि 'जो सच बोले और जिन्होंने सवाल पूछे, उन्हें आज सदन से निलंबित कर दिया गया। जनता देख रही है कि किस तरह की गंदी राजनीति संसद में हो रही है।'
वी वेंथिलिंगम, गुरजीत सिंह औजला, सुप्रिया सुले, सप्तगिरि उलाका, अदूर प्रकाश, अब्दुल समद समदानी, मनीष तिवारी, प्रद्युत बार्दोलोई, गिरधारी यादव, गीता कोड़ा, फ्रांसिस्को सारदिन्हा, जगत रक्षम, एसआर पार्तिविवन, फारुख अब्दुला, ज्योत्सना महंत, ए गणेश मूर्ति, माला राय, वेलूसामी, ए चंदकुमार, शशि थरूर, कार्ति चिदबंरम, सुदीप बंदोपाध्याय, डिंपल यादव, हसनैन मसूदी, दानिश अली, खदीदुल रहमान, राजीव रंजन सिंह, डीएनवी सेंथिल कुमार, संतोष कुमार, दुआल चंद्र गोस्वामी, रवनीत बिट्टू, दिनेश यादव, के सुधाकरन, मोहम्मद सादिक, एमके विष्णु प्रसाद, पीपी मोहम्मद फैजल, साजदा अहमद, जसवीर सिंह गिल, महाबली सिंह, अमोल कोल्हे, सुशील कुमार रिंकू, सुनील कुमार सिंह, एचटी हसन, एम धनुष कुमार, प्रतिभा सिंह, थोल थोलमावलम, चंद्रेश्वर प्रसाद, आलोक कुमार सुमन, दिलेश्वर कामत को मंगलवार को लोकसभा से निलंबित किया गया है।
संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी ने लोकसभा में कहा कि यह तय हुआ था कि सदन में कोई प्लेकार्ड लेकर नहीं आएगा, लेकिन चुनाव हारने से आई अधीरता में वह ऐसा कदम उठा रहे हैं। यही वजह है कि हमें प्रस्ताव (विपक्षी सांसदों को निलंबित करने वाला) लाना पड़ रहा है।
संसद से मंगलवार को कुछ और विपक्षी सांसदों को निलंबित कर दिया गया। मंगलवार को निलंबित किए गए सांसदों में शशि थरूर, डिंपल यादव, मनीष तिवारी, सुप्रिया सुले और दानिश अली आदि का नाम शामिल है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विपक्षी सांसदों को निलंबित करने का प्रस्ताव लोकसभा में पेश किया। इस प्रस्ताव में मोहम्मद फैसल, कार्ति चिदंबरम, सुदीप बंधोपाध्याय समेत 49 सांसदों का नाम शामिल है। इस तरह अब तक दोनों सदनों से विपक्ष के 141 सांसदों को निलंबित किया जा चुका है। विपक्ष के हंगामे के चलते लोकसभा दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई है।
विपक्ष के हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई है। बता दें कि 92 विपक्षी सांसदों के निलंबन को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। विपक्षी सांसदों के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक सांसद द्वारा राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ की नकल उतारने का मामला सामने आया है। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने इस पर आपत्ति जताई और इसे सदन का अपमान बताया। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि सभापति की नकल उतारने वाले टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी हैं।
92 विपक्षी सांसदों के निलंबन पर एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा 'हम सिर्फ सरकार से जवाब मांग रहे हैं (संसद सुरक्षा में चूक के मामले पर) और चाहते हैं कि सदन में इस पर चर्चा हो। यह एक अहम मुद्दा है लेकिन सरकार इस पर चर्चा से दूर भाग रही है।'
मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने फिर से हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के बीच लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया। बता दें कि विपक्ष संसद में सुरक्षा में चूक के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है और गृह मंत्री से इस मुद्दे पर संसद में बयान देने की मांग पर अड़ा है। इसे लेकर संसद के शीतकालीन सत्र में जमकर हंगामा देखने को मिल रहा है। मंगलवार को संसद में अमर्यादित आचरण के चलते विपक्ष के 78 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था। इससे पहले 14 सांसद पहले से ही पूरे शीतकालीन सत्र के लिए निलंबित चल रहे हैं। इस तरह संसद से निलंबित कुल विपक्षी सांसदों की संख्या 92 हो गई है।
विपक्षी सांसद ने मंगलवार को संसद भवन परिसर में सरकार के खिलाफ नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और एनसीपी चीफ शरद पवार समेत कई शीर्ष नेता मौजूद रहे।
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा के संसदीय दल की मंगलवार को बैठक हुई। इस बैठक में पीएम मोदी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा, अनुराग ठाकुर समेत कई केंद्रीय मंत्री और सांसद शामिल रहे। माना जा रहा है कि इस बैठक में विपक्ष के हंगामे को देखते हुए उससे निपटने की रणनीति बनाई गई है।
वहीं विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने भी संसद में मल्लिकार्जुन खरगे के चैंबर में बैठक की।
सोमवार को संसद सत्र की कार्यवाही के दौरान विपक्ष के 78 सासंदों को निलंबित कर दिया गया था। इस तरह विपक्ष के कुल निलंबित सांसदों की कुल संख्या 92 हो गई है। ऐसी चर्चाएं हैं कि मोदी सरकार को घेरने के लिए विपक्षी गठबंधन के सांसद सामूहिक इस्तीफा दे सकते हैं। बता दें कि साल 1989 में बोफोर्स मुद्दे पर तत्कालीन राजीव गांधी सरकार को घेरते हुए विपक्षी सांसदों ने सामूहिक इस्तीफे दिए थे। ऐसे में अब 92 सांसदों के निलंबन के बाद विपक्षी गठबंधन भी ऐसे ही किसी कदम पर विचार कर सकता है।