लोकसभा में मंगलवार को भाजपा सांसद गोपाल शेट्टी ने वीर सावरकर को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से इस संबंध में अब तक हुई प्रगति के बारे में जानकारी मांगी। निचले सदन में भाजपा सांसद के प्रश्न के लिखित उत्तर में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि भारत रत्न पुरस्कार दिए जाने की सिफारिशें अलग-अलग स्रोतों से नियमित रूप से प्राप्त होती हैं। इस पुरस्कार के लिए किसी औपचारिक सिफारिश की आवश्यकता नहीं है।
संसद की एक समिति ने साइबर धोखाधड़ी के शिकार लोगों को वित्तीय संस्थानों द्वारा तत्काल मुआवजा दिए जाने की वकालत की है। समिति ने कहा कि यह उपभोक्ता संरक्षण की दृढ़ प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करेगा और इन कंपनियों को उनके सुरक्षा उपाय मजबूत करने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा।
जैव विविधता (संशोधन) विधेयक 2023 राज्यसभा में पारित हो गया। यह विधेयक लोकसभा से पहले ही पारित हो चुका है। इसमें जैव संसाधनों के संरक्षण, पेटेंट संबंधी आवेदन की प्रक्रिया को सुगम बनाने पर जोर दिया गया है। राज्यसभा ने विधेयक को चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित कर दिया। लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है। सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
मणिपुर का दौरा करने वाले 21 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के साथ फ्लोर लीडर्स कल सुबह 11.30 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। नेता उनके सामने मणिपुर मुद्दा, हरियाणा मुद्दा और संसद की कार्यप्रणाली उठाएंगे।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि केंद्र सरकार पत्रकारों और मीडियाकर्मियों समेत सभी नागरिकों की सुरक्षा को अहमियत देती है। सरकार इस संबंध में अनेक एजेंसियों और हितधारकों से परामर्श करते हुए एक मानक परिचालन प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को समय-समय पर परामर्श जारी कर कानून व्यवस्था बनाकर रखने को कहा है।
राज्यसभा ने मंगलवार को बहु राज्य सहकारी समिति संशोधन विधेयक 2022 को मंजूरी दे दी। बहु राज्य सहकारी समिति अधिनियम 2002 में संशोधन के प्रावधान वाले इस विधेयक का उद्देश्य सहकारी समितियों के कामकाज को बेहतर, ज्यादा पारदर्शी और जवाबदेह बनाना तथा उनकी चुनाव प्रक्रिया में सुधार लाना है। विधेयक को लोकसभा ने गत सप्ताह मंजूरी दी थी।
मणिपुर के मुद्दे पर संसद में जारी गतिरोध अब भी बरकरार है। मंगलवार को विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी। विपक्षी दलों के सदस्यों के शोर-शराबे के बीच ही निचले सदन में तीन विधेयक पारित हुए और एक विधेयक पेश किया गया।
लोकसभा में जिन तीन विधेयकों को मंजूरी दी गई उनमें ‘जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2023, ‘अपतट क्षेत्र खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2023 और ‘संविधान अनुसूचित जातियां आदेश संशोधन विधेयक, 2023’ शामिल हैं। वहीं, विवादास्पद ‘राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली क्षेत्र सरकार संशोधन विधेयक 2023’ निचले सदन में पेश किया गया। इस विधेयक को पेश किये जाने का विपक्षी दलों ने विरोध किया।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हम ये प्रेस कॉन्फ्रेंस इसलिए कर रहे हैं क्योंकि सरकार हमें संसद में बोलने नहीं दे रही है। पीएम अन्य मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं लेकिन वह हमें जवाब नहीं दे रहे हैं। पीएम मोदी मणिपुर मुद्दे पर बयान देने को तैयार नहीं हैं, वह संसद में नहीं बोल रहे हैं। वे भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं कि विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार नहीं है, लेकिन हम इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पिछले 11 दिनों से इंतजार कर रहे हैं।
जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक लोकसभा से पास
जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2023 लोकसभा में पारित हुआ।
सरकार को मिला बीजद का साथ
सरकार को दिल्ली सेवा विधेयक पर बीजद का साथ मिला है। बीजद ने एलान किया है कि वह दिल्ली सेवा विधेयक को लेकर सरकार का समर्थन करेगी। वहीं विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का विरोध करेगी। बीजद के राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा ने यह जानकारी दी है। बता दें कि बीजद के राज्यसभा में नौ सांसद हैं। बीजद के एलान से सत्ताधारी एनडीए को राज्यसभा में विधेयक पास कराने में खासी मदद मिलेगी।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में दिल्ली सेवा विधेयक पेश कर दिया है। जिसके बाद विपक्ष के सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया है। विधेयक पेश करते हुए अमित शाह ने कहा कि संविधान ने दिल्ली पर फैसले लेने का अधिकार केंद्र सरकार को दिया है।
दिल्ली सेवा विधेयक संघवाद के लिए खतरनाक
स्थगन के बाद अब फिर से सदन की कार्यवाही शुरू हो गई है। लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने दिल्ली सेवा विधेयक (गवर्नमेंट ऑफ नेशनल कैपिटल टेरिटरी ऑफ दिल्ली (संशोधन) विधेयक 2023) का विरोध किया और कहा कि यह विधेयक सहकारी संघवाद के लिए खतरा है।
राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई है। विपक्ष के हंगामे के चलते कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।
विपक्ष द्वारा सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर आठ अगस्त से 10 अगस्त तक चर्चा होगी। प्रधानमंत्री मोदी 10 अगस्त को अविश्वास प्रस्ताव पर जवाब देंगे। बता दें कि विपक्ष मणिपुर मुद्दे पर संसद में चर्चा और प्रधानमंत्री के बयान की मांग कर रहा है। इसी के लिए विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया ताकि अविश्वास प्रस्ताव पर सरकार के मुखिया होने के नाते प्रधानमंत्री संसद में जवाब दें। सरकार के पास बहुमत है, ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव से सरकार को कोई परेशानी नहीं होगी।
संदीप दीक्षित ने कहा कि भाजपा के पास लोकसभा में बहुमत है। ऐसे में यह विधेयक सदन में पास हो जाएगा। यह विधेयक दिल्ली के स्टेटस के हिसाब से सही है अगर आप दिल्ली के शक्तियां देना चाहते हैं तो फिर इसे एक पूर्ण राज्य का दर्जा दे देना चाहिए लेकिन केंद्र शासित प्रदेश होने के नाते दिल्ली अध्यादेश सही है और विपक्ष को इसका विरोध नहीं करना चाहिए।
'दिल्ली अध्यादेश पर केजरीवाल ने पूरे I.N.D.I.A को बनाया'
आज लोकसभा में पेश होने वाले दिल्ली अध्यादेश का दिल्ली सरकार द्वारा विरोध किया जा रहा है। विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A का भी दिल्ली सरकार को समर्थन मिल रहा है। हालांकि अब दिल्ली कांग्रेस के नेता संदीप दीक्षित ने ही दिल्ली अध्यादेश का समर्थन कर दिया है। संदीप दीक्षित ने कहा है कि केजरीवाल ने दिल्ली अध्यादेश पर पूरे विपक्षी गठबंधन को बेवकूफ बनाया है।
राज्यसभा में हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई थी। संसद में मणिपुर के मुद्दे पर हंगामा जारी है। लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित हो गई है।
आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने मंगलवार को अपील की कि भाजपा के सांसद भी दिल्ली अध्यादेश बिल का विरोध करें। लोकसभा की कार्यवाही में आज दिल्ली अध्यादेश को लिस्टेड किया गया है।