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Rajya Sabha Debate: कल दोपहर एक बजे जयशंकर बोलेंगे, तीन बजे नड्डा का संबोधन; शाह दे सकते हैं चर्चा का जवाब

Tue, 29 Jul 2025 04:35 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

खास बातें

राज्यसभा में आज ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा हो रही है। इस पर राजनाथ सिंह ने चर्चा की शुरुआत की, जिसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पहलगाम आतंकी हमले, ट्रंप के दावे पर सरकार को घेरा।
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राज्यसभा में बोलते खरगे - फोटो : राज्यसभा टीवी
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लाइव अपडेट

10:47 PM, 29-Jul-2025

कल जयशंकर के संबोधन के साथ शुरू होगी चर्चा
राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस की शुरुआत कल यानी 30 जुलाई को दोपहर एक बजे विदेश मंत्री एस. जयशंकर के संबोधन से होगी। सूत्रों के मुताबिक, सदन के नेता जे. पी. नड्डा करीब तीन बजे बोलेंगे। इसकी सबसे अधिक संभावना है कि गृहमंत्री अमित शाह इस चर्चा का समापन भाषण देंगे।

10:43 PM, 29-Jul-2025

मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की अवधि बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा के लिए दो घंटे का समय तय
राज्यसभा ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को 13 अगस्त से आगे छह महीने के लिए बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा के लिए दो घंटे का समय तय किया है। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने जानकारी दी कि यह फैसला राज्यसभा की व्यापार सलाहकार समिति ने लिया है। यह चर्चा इस हफ्ते किसी दिन हो सकती है। इससे पहले राज्यसभा सचिवालय ने कहा था कि गृहमंत्री  अमित शाह ने एक प्रस्ताव का नोटिस दिया है, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। प्रस्ताव में कहा गया, यह सदन मणिपुर राज्य के संदर्भ में 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति द्वारा संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत जारी उद्घोषणा को 13 अगस्त 2025 से आगे की छह माह की अवधि तक जारी रखने को स्वीकृति देता है। 

08:23 PM, 29-Jul-2025

हमारा देश तभी प्रभावी हो सकता है जब हम एकजुट हों: शिवसेना सांसद मिलिंद देवरा
शिवसेना सांसद मिलिंद देवरा ने कहा, कश्मीर के पर्यटन में सबसे ज्यादा योगदान महाराष्ट्र का है। इस हमले ने महाराष्ट्र के लोगों के दिलों पर गहरा असर डाला है। महाराष्ट्र सरकार ने कई अन्य सरकारों के साथ मिलकर तुरंत फंसे हुए पर्यटकों को बचाने के लिए विमानों का इंतजाम किया। उन्होंने कहा, अगर ऑपरेशन सिंदूर ने हमें कुछ सिखाया है, तो वह यह है कि जब हमारा देश एकजुट होता है, तभी हम प्रभावी हो पाते हैं और किसी भी लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर सकते हैं।

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08:02 PM, 29-Jul-2025

राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा ने ऑपरेशन सिंदूर के लिए सरकार की सराहना की
बीजू जनता दल से राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले पर दुख जताया। इस हमले में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की जान चली गई हुई। उन्होंने कहा कि यह बहुत दुखद और अस्वीकार्य है कि इन लोगों को उनकी धर्म की वजह से निशाना बनाया गया, जो देश के इतिहास में पहली बार हुआ है। इससे पहले भी आतंकवादी हमले हुए हैं, लेकिन इस घटना से धार्मिक आधार पर टारगेट करने की नई और खतरनाक प्रवृत्ति दिखती है।

उन्होंने बताया कि इस हिंसक घटना में लोगों को उनके परिवार के सामने गोली मारी गई। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया और लोगों में गुस्सा और एकता दोनों पैदा हुई। यह केवल सरकार की नहीं थी, बल्कि पूरे देश की भावनाओं का परिणाम था। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों ने इस भावना को साझा किया और सरकार के संभावित अगले कदमों का समर्थन किया। भारत की जवाबी कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने बहुत सोच-समझकर और ताकत के साथ प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सशस्त्र बलों की जवाबी कार्रवाई को उचित बताया और कहा कि कुछ मतभेद जरूर हैं, लेकिन सरकार की प्रतिक्रिया सही थी।

07:28 PM, 29-Jul-2025

ऑपरेशन सिंदूर पर हर भारतीय को गर्व, सरकारी हमारी रक्षा करने में सक्षम: प्रफुल्ल पटेल
राकांपा सांसद प्रफुल्ल पटेल ने कहा, सरकार ने दृढ़ संकल्प कर दिया था कि हमें इसका जवाब देना होगा और जवाब अपने समय के अनुसार देना होगा। ऐसा नहीं कि आज (हमला) हुआ और हम दो साल-पांच साल रुके हैं। तुरंत 10-15 दिन के भीतर इसका जवाब देने की प्रक्रिया शुरू हुई। जो 22 मिनट का ऑपेशन हुआ और नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, उससे हर भारतीय को गर्व महसूस हुआ कि आज हमारी सरकार हमारी रक्षा करने में सक्षम है। 
 

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07:13 PM, 29-Jul-2025

ऑपरेशन सिंदूर देश के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि: संजय कुमार झा
जदयू के राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने ऑपेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान कहा कि पहलगाम में आतंकी हमले में जान गंवाने वाले 26 लोगों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मुझे ध्यान है कि 22 अप्रैल को जब ये घटना हुई, 24 तारीख को प्रधानमंत्री का कार्यक्रम बिहार में था। बिहार में उनका कार्यक्रम मेरे जिले में था। वह मधुबनी जिले में गए थे और लाखों की संख्या में लोग उन्हें सुनने आए थे। उस दिन प्रधानमंत्री ने कहा था, इस हमले के साजिशकर्ताओं को उनकी कल्पना से परे सजा मिलेगी। आतंकवाद के बचे हुए गढ़ों को खत्म करने का समय आ गया है। 140 करोड़ भारतीयों की इच्छाशक्ति अब आतंकवाद के आकाओं की कमर तोड़कर रहेगी। भारत हर आतंकवादी, आतंकवाद के समर्थकों की पहचान करेगा। उनकी निगरानी करेगा और दंडित करेगा। भारत उन्हें धरती के कोने-कोने तक खदेड़ देगा। आतंकवाद से भारत की आत्मा कभी नही टूटेगी और आतंकवादियों को दंडित किया जाएगा। न्याय सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। यह उन्होंने कहा था और ऑपरेशन सिंदूर की कल्पना शायद वहीं से शुरू हुई। उन्होंने  ऑपेशन सिंदूर के तहत आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना की कार्रवाई और पीएम मोदी की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर देश के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। 

06:56 PM, 29-Jul-2025

अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत आतंकवाद पर कार्रवाई करना हमारा अधिकार: हर्षवर्धन श्रृंगला
राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान मनोनीत राज्यसभा सदस्य हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा, अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करना हमारा अधिकार है। उन्होंने कहा, अमेरिका जैसे अन्य देशों ने भी आतंकवादियों के खिलाफ (तालिबान और आईएसआईएस के खिलाफ) कार्रवाई करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के अनुच्छेद 51 का इस्तेमाल किया है। संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के अनुच्छेद 51 के मुताबिक, अगर किसी देश पर हमला होता है तो उस देश को अपने बचाव के लिए कार्रवाई करने का अधिकार है। लेकिन इस बात की जानकारी तुरंत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को देनी होती है। सुरक्षा परिषद के पास हमेशा अधिकार होता है कि वह शांति बनाए रखने के लिए कोई भी कदम उठा सकता है।

05:21 PM, 29-Jul-2025

भारत की सीमा के 200 किलोमीटर अंदर कैसे घुस गए आतंकवादी: संजय सिंह
ऑपरेश सिंदूर पर चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह ने कहा, कल से लेकर आज तक सरकार की ओर से दोनों सदनों में बहुत सी बातें कही गई हैं। अपने मुंह से खुद ही बखान किया गया। हमने ऐसा कर दिया, हमने वैसा कर दिया। हम भारत की सेना, भारत के बहादुर जवानों को बार-बार नमन करेंगे। उनके शौर्य और वीरता को बार-बार प्रणाम करेंगे। लेकिन आपके नकारेपन पर एक हजार बार सवाल पूछेंगे। क्योंकि सवाल आपसे बनते हैं। जो निर्दोष लोग पहलगाम की बायसरन घाटी में गए थे, उनको आकर पांच खूंखार आतंकवादियों को कैसे मार दिया? भारत की सीमा के 200 किलोमीटर अंदर आंतकवादी कैसे घुस गए? आपकी जो खुफिया विफलता रही, उसके लिए कौन जिम्मेदार है?

04:54 PM, 29-Jul-2025

इसके बाद तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष और द्रमुक के सदस्य तिरुचि शिवा ने सदन को संबोधित किया। शिवा ने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संसद में अनुपस्थिति की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने यह भी कहा कि संसद सत्र शुरू होने से पहले जो सर्वदलीय बैठकें होती हैं, उनमें भी प्रधानमंत्री मौजूद नहीं रहते। शिवा ने कहा, फिर संसद और राजनीतिक दलों का महत्व क्या रह जाता है? यह बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जा सकता। 

04:11 PM, 29-Jul-2025

जेपी नड्डा ने राज्यसभा में बोलना शुरू किया

खरगे के बाद राज्यसभा में जेपी नड्डा ने बोलना शुरू किया। नड्डा ने कहा कि 'विपक्ष के नेता ने लंबा वक्तव्य दिया, लेकिन उनके कद के हिसाब से जिन शब्दों का इस्तेमाल किया गया, वो उनके स्तर के नहीं थे। जिस तरह से उन्होंने प्रधानमंत्री पर टिप्पणी की। मैं उनकी तकलीफ समझ सकता हूं कि प्रधानमंत्री ने उन्हें 11 साल से विपक्ष में बिठाए रखा है। प्रधानमंत्री दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। ये हमारे लिए भी और देश के लिए भी गौरव का विषय है। लेकिन आपकी चिंता पार्टी के लिए इतनी है कि उसमें देश का विषय भी गौण हो जाता है। आप मानसिक संतुलन खोकर ऐसी टिप्पणियां करते हैं।' 

इसके बाद सदन में हंगामा हो गया और कांग्रेस सांसदों ने मानसिक संतुलन खराब होने के शब्द पर कड़ी आपत्ति जताई। इस पर नड्डा ने ये शब्द कार्यवाही से हटाने की अपील की। इससे कुछ देर सदन की कार्यवाही थोड़ी देर के लिए बाधित हुई। खरगे ने बयान को लेकर नड्डा से माफी की मांग की। इस पर नड्डा ने कहा कि 'आपको अगर ठेस पहुंची तो मैं माफी मांगता हूं, लेकिन आप भी भावावेश में इतना बह गए कि प्रधानमंत्री की गरिमा का भी ध्यान नहीं रख पाए।' 

03:52 PM, 29-Jul-2025

'सेना के शीर्ष अधिकारियों के बयानों पर जवाब देना चाहिए'

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि 'सीजफायर के बाद आईएमएफ और विश्व बैंक ने पाकिस्तान के लिए बड़ी आर्थिक सहायता की घोषणा की। इसका भारत ने विरोध क्यों नहीं किया? पाकिस्तान मदद लेने में सफल हो गया और यही पैसा आतंकियों को जाता है। प्रधानमंत्री इस पर चुप क्यों हैं? हमें यही कहना है कि आपने इतनी दोस्ती की, लेकिन एक भी दोस्त आपके साथ नहीं रहा और उलटा पाकिस्तान की मदद की गई। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर तीन शीर्ष अधिकारियों ने कई खुलासे किए। सीडीएस ने सिंगापुर में कहा कि भारत ने टेक्टिकल गलतियां हुईं। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि सीडीएस तो बोलते हैं लेकिन आप नहीं बोलते। इसमें आपकी क्या राय है।' 

'इसके बाद इंडोनेशिया में मिलिट्री अटैचे ने कहा कि राजनीतिक नेतृत्व के जल्दी फैसले नहीं लेने के चलते ऑपरेशन में दिक्कत आई। पाक सेना पर हमले की मंजूरी नहीं दी गई। एक तरफ आप पाकिस्तान में 100 किलोमीटर घुसकर मारा और आपके डिफेंस एक्सपर्ट कह रहे हैं कि फैसले नहीं लेने से नुकसान हुआ।' 

'4 जुलाई 2025 को सेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत, पाकिस्कतान से नहीं चीन से लड़ रहा था। पाकिस्तान को चीन लाइव इनपुट दे रहा था। आप चीन के साथ झूले में खेलिए। ये वही चीन है, जिसे मोदी जी ने गलवान झड़प के बाद क्लीन चिट दी थी। प्रधानमंत्री ने घुसपैठ की बात को मानने से ही इनकार कर दिया था। इन बयानों पर रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री का क्या कहना है? हमें अंधेरे में रखा गया और मीडिया से जानकारी मिल रही थी। किसी भी जानकारी को पहले संसद के सामने रखना चाहिए, अगर ऐसी स्थिति में सरकार, विपक्ष को अवगत करती तो अच्छा होता।'

खरगे ने कहा कि 'हम मांग करते हैं कि पहलगाम हमले में हुई चूक की जिम्मेदारी ली जाए। कारगिल युद्ध के बाद कारगिल रिव्यू कमेटी बनाई गई थी। वैसी ही रिपोर्ट बनाई जानी चाहिए ताकि सबकुछ सामने आ चुके। ये देशहित में है। मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं कि हर बात के लिए कांग्रेस पर आरोप लगाना बंद करो। नेतृत्व का मतलब जिम्मेदारी लेना होता है। प्रधानमंत्री सदन में नहीं बैठते। एक व्यक्ति को बढ़ावा इतना नहीं दिया जाना चाहिए। लोकतांत्रिक तरीके से किसी नेता को जितनी इज्जत मिलनी है वो दो, लेकिन उसे भगवान मत बनाइए।' 

03:38 PM, 29-Jul-2025

'ट्रंप के दावों जवाब दे सरकार'

खरगे ने राज्यसभा में कहा, 'सरकार का कहना है कि पाकिस्तान ने घुटने टेक दिए थे और पाकिस्तान गिड़गिड़ा रहा था, लेकिन फिर अचानक से युद्धविराम की घोषणा हो गई। सवाल ये है कि सीजफायर की घोषणा कहां से हुई और क्यों हुई। इसकी घोषणा हमारे प्रधानमंत्री, गृह मंत्री या विदेश मंत्री ने नहीं की बल्कि अमेरिका के वॉशिंगटन से हुई। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ाई रोकी। राष्ट्रपति ट्रंप एक दो बार नहीं बल्कि 29 बार ये बात दोहरा चुके हैं और मेरा भाषण खत्म होने तक 30 बार हो जाएगा। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने व्यापार का इस्तेमाल कर युद्ध रुकवाया। अब ये व्यापार की बात किसके फायदे की थी? कौन देश को बेचकर पैसा कमाना चाहता है?'

खरगे ने कहा कि 'प्रधानमंत्री गालियों तक का हिसाब रखते हैं, लेकिन भारत के सम्मान के खिलाफ राष्ट्रपति ट्रंप की बात पर मोदी जी क्यों चुप्पी साधे हुए हैं? एक प्रेस कॉन्फ्रेंस ने कहा कि पांच जेट गिराए गए तो ये क्या है। प्रधानमंत्री जी बताएं कि हमारे जेट गिरे क्या? ये प्रधानमंत्री को बताना चाहिए? हम कभी तीसरे पक्ष के पास नहीं जाते और यही हमारी नीति है कि तीसरे पक्ष को शामिल करके हम कोई समझौता नहीं करते, लेकिन सरकार इस नीति के खिलाफ भी चली गई।'

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हम जानना चाहते हैं कि किन शर्तों पर सीजफायर हुआ और पाकिस्तान के बैकफुट पर होने के बावजूद आपने इसे क्यों स्वीकार किया? 
क्या अमेरिका ने इसमें दखल दिया, अगर हां तो आपने ऐसा क्यों करने दिया?
अगर ट्रंप ने सीजफायर कराया तो क्या ये हमारी नीति के खिलाफ नहीं है?
क्या कारोबार की धमकी दी गई? सरकार इन सवालों के जवाब दे। 

खरगे ने कहा कि क्या प्रधानमंत्री के विभिन्न नेताओं के साथ तस्वीर लेने, फोटो लेना ही हमारी विदेश नीति है? सरकार को इवेंटबाजी बंद करके विदेश नीति को मजबूत करने पर फोकस करना चाहिए। हाउडी मोदी जैसे बड़े बड़े आयोजन के बावजूद भारत को मदद नहीं मिला। किसी भी देश ने भारत का खुलकर समर्थन नहीं किया। अमेरिका ने भी पाकिस्तान की खुलकर निंदा नहीं की। पहली बार अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख को खाने पर बुलाया। अमेरिका के सैन्य अधिकारियों ने पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ पक्का साथी बताया। एक तरफ कोई आपका दोस्त बनने को तैयार नहीं है, वहीं आप फोटो खिंचवा रहे हैं।

03:24 PM, 29-Jul-2025

क्या गृहमंत्री को बचाने के लिए एलजी ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली?

खरगे ने कहा कि 'जम्मू कश्मीर के एलजी ने खुद स्वीकारा कि पहलगाम में सुरक्षा में चूक हुई। उन्होंने हमले की जिम्मेदारी ली, लेकिन यह सुरक्षा में चूक है और इसकी जिम्मेदारी गृह मंत्री को लेनी चाहिए न कि एलजी को। आप कांग्रेस को कोसते रहते हैं, लेकिन अपना भी तो कुछ बताइए, कब तक कांग्रेस के नाम पर जिंदा रहेंगे। एलजी ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली तो क्या ये गृह मंत्री को बचाने के लिए दिया गया। या एलजी को ऐसा करने के लिए दिया गया?'

खरगे ने आगे कहा, 'पहलगाम हमले के बाद सभी ने सेना को समर्थन दिया। हमने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में फैसला किया कि ये राजनीति करने का समय नहीं है और एकजुटता दिखाने का समय है। हमने सरकार को समर्थन दिया। देशहित में हमने हर कदम पर सरकार को सपोर्ट किया, लेकिन प्रधानमंत्री विपक्षी पार्टियों के खिलाफ चुनावी भाषण करते फिरते हैं। सिर्फ चार दिनों में पाकिस्तानी फायरिंग में 27 भारतीय नागरिक, जिनमें 5 बच्चे भी शामिल हैं और 70 घायल हो गए इन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भिजवाया जा सकता था, लेकिन सरकार ने ध्यान नहीं दिया वरना इन्हें बचाया जा सकता था। उसके बाद भाजपा के एक राज्यसभा सांसद ने कहा कि पहलगाम हमले में जो लोग मारे गए, उनकी पत्नियों में वीरांगनाओं में जैसा भाव नहीं था, इसलिए वो हाथ जोड़ रहीं थी और गिड़गिड़ा रही थी। आपकी महिलाओं के प्रति ये इज्जत है। ऐसे लोगों को कान पकड़कर बाहर निकालों। इससे बदनामी होती है।' 

'भारतीय सेना की महिला अधिकारी के बारे में मध्य प्रदेश के एक नेता की अपमानजनक टिप्पणी पर खरगे ने कहा कि ऐसे बयानों की निंदा करनी चाहिए। जब तक आप अपने लोगों को कंट्रोल नहीं करते तो दूसरी तरफ से भी प्रतिक्रिया आती है तो ये लोग देशद्रोही करार देते हैं। जैसे देशभक्ति का ठेका सिर्फ इनके पास है। सुप्रीम कोर्ट ने उस मंत्री के बयान की निंदा की, क्या भाजपा ऐसे लोगों को पार्टी से बाहर निकालेंगे।' 
 

02:37 PM, 29-Jul-2025

संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है भारत

बकौल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, 'पाकिस्तान और आतंकवादी भारत को एक नरम देश समझते थे, ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाया कि हम अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। ऑपरेशन सिंदूर एक गेम चेंजर साबित हुआ, भारतीय अब एक नरम राज्य के नागरिक नहीं हैं, बल्कि एक मजबूत राष्ट्र के नागरिक हैं।'

02:20 PM, 29-Jul-2025

सुरक्षा बलों को अपना लक्ष्य चुनने की पूरी स्वतंत्रता दी गई है
16 घंटे की चर्चा में पहले वक्ता के रूप में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा, ऑपरेशन सिंदूर को फिलहाल रोका गया गया है, अगर पाकिस्तान ने कोई और दुस्साहस किया तो इसे फिर से शुरू करने में संकोच नहीं किया जाएगा। देश की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी को रेखांकित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, भारत में आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता है; सुरक्षा बलों को अपना लक्ष्य चुनने की पूरी स्वतंत्रता दी गई है। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाया कि भारत अपनी संप्रभुता और आत्मसम्मान की रक्षा करना जानता है।

02:06 PM, 29-Jul-2025

Rajya Sabha Debate: कल दोपहर एक बजे जयशंकर बोलेंगे, तीन बजे नड्डा का संबोधन; शाह दे सकते हैं चर्चा का जवाब

राज्यसभा में भी ऑपरेशन सिंदूर पर 16 घंटे की चर्चा होनी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा की तरह यहां भी चर्चा शुरू की। उन्होंने कहा, 'मैं अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले को अंजाम देने वाले तीन आतंकवादियों को मार गिराने के लिए सुरक्षा बलों की सराहना करता हूं।' रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में कहा, हमारी सेनाओं ने पाकिस्तान में नागरिकों की जान को कोई नुकसान पहुंचाए बिना आतंकी शिविरों को नष्ट करने का विकल्प चुना। पाकिस्तान भारत में किसी भी लक्ष्य पर हमला नहीं कर सका, हमने सभी हमले रोक दिए। उन्होंने कहा, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में नौ आतंकी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया, 100 से अधिक आतंकवादी, उनके आका और समर्थक मारे गए।

लोकसभा में भी रक्षा मंत्री ने ही शुरू की थी चर्चा
बता दें कि इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को लोकसभा में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना की कार्रवाई- ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की शुरुआत करते हुए सरकार की तरफ से पहले वक्ता के रूप में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि देश की सेना ने पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद करने में पूरी सफलता पाई है। उन्होंने ये भी साफ किया कि भारतीय सेना को किसी भी तरह की सैन्य क्षति नहीं हुई है। राजनाथ सिंह ने विपक्षी दलों को भी आड़े हाथों लिया।

ये भी पढ़ें:- Rajnath Singh: संसद में बोले रक्षा मंत्री, ऑपरेशन सिंदूर में 100+ आतंकी ढेर, इनको PAK सेना-ISI का खुला समर्थन

उन्होंने सभी सवालों के जवाब दिए और कहा कि संसद को एक सुर में देश की सेना के पराक्रम को सलाम करना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में देश की नीति को रेखांकित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, 'वर्ष 2015 में जब प्रधानमंत्री मोदी जी ने लाहौर जाकर नवाज शरीफ से मुलाक़ात की, तो भारत ने फिर से दोस्ती का हाथ बढ़ाया था। हम वाकई शांति की राह पर चलना चाहते थे क्योंकि हमारी मूल प्रकृति बुद्ध की है, न की युद्ध की।'

पहलगाम... ऑपरेशन सिंदूर और भारत का पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में इसी साल 22 अप्रैल को हुए कायराना आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने 6-7 मई की दरम्यानी रात ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। पाकिस्तानी सीमा के भीतर दहशतगर्दों के पनाहगाह को नेस्तनाबूद करने के बाद भारत के सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों ने 33 देशों की राजधानियों का दौरा कर पाकिस्तान और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों को बेनकाब किया।

शिष्टमंडलों ने अल्जीरिया, डेनमार्क, ब्रिटेन, इथियोपिया, फ्रांस, इटली जैसे देशों में भारत का पक्ष मजबूती से रखा। ग्रीस, बहरीन, कतर, रूस, जापान और यूएई जैसे देशों में भी दहशतगर्दों के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति बताई गई। वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत की कूटनीतिक मुहिम के तहत अलग-अलग दलों में शामिल 51 सांसदों के अलावा कई राजनयिक, पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजनयिकों ने पाकिस्तानी दुष्प्रचार को धराशायी किया। अब संसद के मानसून सत्र में पहलगाम और ऑपरेशन सिंदूर पर विस्तृत चर्चा हुई।
 

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