आपातकाल और अमृतपाल सिंह पर लोकसभा में दिए गए अपने बयान पर कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, ‘मैंने गरीबों, किसानों के बारे में बात की कि कैसे किसानों को दिया गया एमएसपी का वादा पूरा नहीं किया जा रहा है। मैंने पूरे बजट के बारे में, देश की स्थिति के बारे में और जिस तरह से देश आर्थिक रूप से डूब रहा है, उसके बारे में बात की।’
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा लोकसभा में 'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख अमृतपाल सिंह को लेकर दिए गए बयान पर कहा, ‘यह मामला कोर्ट में है और अमृतपाल सिंह पर गंभीर आरोप हैं। ऐसे में संसद में यह बातें करना सही नहीं है। कांग्रेस पार्टी ने कब किससे क्या छीना है यह सबके सामने है।’
पंजाब के पूर्व सीएम और कांग्रेस सांसद चरनजीत सिंह चन्नी ने ‘वारिस पंजाब दे’ के प्रमुख और खडूर साहिब से सांसद अममृतपाल सिंह को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘वे हर दिन आपातलकाल की बात करते हैं लेकिन, देश में आज जो अघोषित आपातकाल है, उस बारे में क्या कहेंगे? एक व्यक्ति, जिन्हें पंजाब के 20 लाख लोगों ने सांसद चुना, वे जेल में बंद हैं। वे अपने लोकसभा क्षेत्र के लोगों की आवाज रखने के लिए सदन में मौजूद नहीं हैं। क्या यह आपातकाल नहीं है?’
कांग्रेस सांसद शशि थरुर ने कहा, "जब हम (विपक्ष) बजट पर भाषण देंगे तो हमारी जो समीक्षा है हम उसे संसद में मंत्रियों को बताएंगे ताकि वे जवाब दें। कल मैंने पूछा कि स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में क्या दिया गया है और क्या नहीं दिया गया है? क्योंकि इन दोनों ही मंत्रालयों का बजट कम हो चुका है। हमें ऐसा लगा कि दो राज्यों को प्राथमिकता दी गई है क्योंकि ये दो राज्य उनके गठबंधन के साथी हैं। इस पर बोलना हमारा फर्ज है।"
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बयान पर कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा, "प्रधानमंत्री का ही बजट है, उन्हीं का कैबिनेट है तो जिम्मेदारी उन्हीं की है। स्वाभाविक रूप से उन्हें विपक्ष घेरेगा। प्रमुख विपक्षी पार्टी होने के नाते हम आवाज तो उठाएंगे।"
केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा, "संसदीय कार्य मंत्री ने जो भी कहा है हम उनके साथ खड़े हैं। विपक्ष इसे सकारात्मक तरीके से ले, मुझे खुशी है कि सदन इस बार चल रहा है। एक अच्छी शुरूआत हुई है।"
भाजपा राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, "किसी भी प्रदेश के साथ कोई भी भेदभाव नहीं हुआ है। विपक्ष का रवैया नाकारात्मक ही नहीं शर्मनाक है क्योंकि विपक्ष के पास कोई विषय नहीं है। अब उनके पास बोलने के लिए कुछ नहीं रहा तो वे बजट और नीति आयोग को निशाना बना रहे हैं।"
किरेन रिजिजू के बयान पर राजद सांसद मनोज कुमान झा ने कहा, "अभी इंतजार करिए बहुत झटके लगने वाले हैं, हम आपको सरोकार पर लेकर आएंगे। ये ध्रुवीकरण की राजनीति, हिंदू-मुसलमान भारत-पाकिस्तान नहीं चलेगा।"
केेंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बयान पर निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा, "यह लोग अपने ही बजट को देख लें। बजट में कुछ है ही नहीं। स्वास्थ्य के लिए नहीं है, मनरेगा के लिए कुछ नहीं है, MSP के लिए कुछ नहीं है, OBC-ST और SC के लिए कुछ नहीं है बजट।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद में दिवंगत पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी को पुष्पांजलि अर्पित की।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया, "ये मॉनसून सत्र है और एक तरीके से ये बजट सत्र ही है। इस सत्र में जो बजट पेश किया गया, कल बजट पर चर्चा का पहला दिन था। देश देखना चाहता है कि बजट पर अच्छी चर्चा हो सार्थक चर्चा हो लेकिन कल विपक्ष के कुछ नेताओं ने जिस तरीके से बजट पर बात की जैसा भाषण दिया वो बजट सत्र की गरिमा को गिरा कर इन्होंने सदन का अपमान किया है। कल विपक्ष ने बजट पर कुछ नहीं कहा केवल राजनीति की है। दो चीजें विपक्ष ने कल की हैं, उन्होंने देश के जनादेश का अपमान किया है और PM को गाली देने का काम किया है। ये लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। NDA के लोगों ने बजट के बारे में अच्छी तरह से सुझाव दिया। विपक्ष के लोगों ने बजट के अच्छे प्रावधान का जिक्र ना करते हुए केवल गाली देने का काम किया है। राजनीतिक बात करके PM को गाली देना किसी को शोभा नहीं देता है। मैं संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते अपील करता हूं कि बजट सत्र में बजट पर चर्चा होनी चाहिए।"
संसद के मानसून सत्र में पेश हुए बजट को लेकर विपक्ष की तरफ से आज भी जबरदस्त प्रदर्शन के आसार हैं। गौरतलब है कि आज बजट पर चर्चा का दूसरा दिन है। इसे लेकर सरकार पहले ही विपक्ष से सार्थक चर्चा की अपील कर चुका है। हालांकि, इंडिया गठबंधन के घटक दलों के सांसदों ने केंद्रीय बजट में विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों के साथ किए गए भेदभाव और अन्याय को लेकर संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया था।