लोकसभा के बाद आज सुबह ग्यारह बजे तक स्थगित हुआ राज्यसभा की कार्रवाई
गहन चर्चा और बहस के बाद राज्यसभा की कार्रावाई चार अप्रैल सुबह ग्यारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। बता दें कि इससे पहले लोकसभा के बाद राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित किया गया, जिसके बाद अब ये विधेयक कानून बनने से केवल एक कदम दूर है। जहां अब इसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा जाएगा।
वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 राज्यसभा में पारित; विधेयक के पक्ष में 128 वोट, विधेयक के खिलाफ 95 वोट पड़े।
राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर बहस जारी रहने के दौरान कांग्रेस सांसद एवं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी संसद पहुंचीं।
राज्यसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 पर मतदान जारी
किरेन रिजिजू दे रहे जवाब
प्रमोद तिवारी ने राज्यसभा का समय बढ़ाने पर सवाल खड़े किए
राज्यसभा में चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने राज्यसभा का समय बढ़ाने पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि ऐसा करने के लिए सदन के सभी सदस्यों की आम सहमति ली जानी जरूरी थी।
भूदान नहीं, अब भू हड़प का सिलसिला चल रहा है : सुधांशु
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने वक्फ मामले में गांधी परिवार पर हमला बोलते हुए कहा, कभी देश में भूदान आंदोलन हुआ करता था, लेकिन आज 'गांधियों' के नेतृत्व में भू हड़प का सिलसिला चल पड़ा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर शिया और सुन्नी के लिए अलग-अलग वक्फ बोर्ड क्यों बनाए गए? कुछ लोग मुस्लिम उम्मा का सपना देख रहेथे, लेकिन इस विधेयक के बाद अब उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है। विपक्षी दलों के लोग अल्पसंख्यकों की बात तो करते हैं, लेकिन जब उनके अधिकारों की बात आती है तो उन्हें भी तौलने लगते हैं। जो लोग कह रहे हैं कि कानून को नहीं मानेंगे, अदालत के आदेश को भी नहीं मानेंगे, तो इसका मतलब यह है कि वे अपनी खुदाई में जी रहे हैं।
सुधांशु त्रिवेदी ने राज्यसभा में पढ़ा शेर
राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल 2025 पर बोलते हुए भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा - हमारी सरकार ने पहली बार मुस्लिम समाज के अंदर भी ईमानदारी से सबको समान प्रतिनिधि देते हुए एक नई सुबह के नए वक्फ का आगाज किया है। इसके लिए मैं सरकार को बधाई देता हूं। इस दौरान सुधांशु त्रिवेदी ने कहा- कि हमारी सरकार शराफत अली और गरीब मुस्लिम के साथ खड़ी है। हमारी सरकार ने इसे उम्मीद नाम दिया ये उम्मीद ईमानदार मुसलमान के लिए हैं।
इस दौरान सुधांशु त्रिवेदी ने एक शेर भी पढ़ा....
तेरी तमन्ना है पर हम खार न बोने देंगे।
तुझे हम राह की दीवार न होने देंगे।
तू सबको रौंदकर आगे बढ़ना चाहते हैं,
हम तेरी इतनी रफ्तार न होंने देंगे।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा- हमारी सरकार ने जो संशोधन किए हैं अब ये मजहबी हुकूमत के फरमान से नहीं बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान से चलने वाला है।
'बिहार में जाति आधारित जणगणना हुई, मुस्लिम समाज का भला होगा'
बिहार से निर्वाचित जदयू सांसद संजय कुमार झा ने भी चर्चा में भाग लिया। जदयू सांसद ने कहा कि बिहार में जाति आधारित जनगणना कराने के बाद सरकार के पास वैज्ञानिक आंकड़े हैं। इसलिए वे पूरे विश्वास के साथ कह रहे हैं कि इस विधेयक के कानून बनने के बाद पसमांदा मुस्लिम समाज के लोगों को बड़ी संख्या में लाभ मिलेगा। उन्होंने आगे कहा- देश में 14 लॉ ट्रिब्यूनल है, सभी को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपील की जा सकती है। बिहार में एक दिन भी कर्फ्यू नहीं लगा।
लोकसभा की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित की गई।
लोकसभा में वायुयान वस्तुओं में हित संरक्षण 2025 पारित हुआ।
राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल 2025 पर बोलते हुए शिवसेना सांसद मिलिंद मुरली देवरा ने कहा- आज फैशन बन गया है, कि सरकार अल्पसंख्यकों के खिलाफ है। मैं कश्मीर से 370 हटने के बाद तीन बाद वहां गया, 370 हटने के बाद सबसे ज्यादा फायदा कश्मीरी मुसलमानों को हुआ है। मेरी सभी मुसलमान भाईयों-बहनों से अपील है कि भ्रम और अफवाह पर ध्यान न दें।
टीएमसी और एमडीएमके ने वक्फ संशोधन बिल 2025 का विरोध किया।
लोकसभा की कार्यवाही का समय वायुयान वस्तुओं में हित संरक्षण 2025 पर चल रही चर्चा पूरी होने और बिल पर मतदान तक बढ़ा दिया गया है। नागर विमानन मंत्री वायुयान वस्तुओं में हित संरक्षण 2025 पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने वक्फ संशोधन विधेयक पर कहा, 'वक्फ इस समय की जरूरत थी... इससे 140 करोड़ देशवासी खुश हैं। मुस्लिम समाज के लोग खुश हैं... पहले वक्फ का गलत तरीके से उपयोग किया जाता था... अब पूरे भारत में खुशी की लहर है।'
हम ही को कातिल कहेगी दुनिया और हमारा ही कत्लेआम होगा : प्रतापगढ़ी
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने एक शेर के जरिए सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा, हम ही को कातिल कहेगी दुनिया और हमारा ही कत्लेआम होगा। उन्होंने मौलाना अबुल कलाम आजाद के ऐतिहासिक बयान का जिक्र करते हुए कहा, आजादी के वक्त जब मुसलमानों को देश छोड़ने की सलाह दी जा रही थी, मौलाना आजाद ने जामा मस्जिद की सीढ़ियों पर खड़े होकर कहा था कि यही तुम्हारा वतन है। वक्फ संशोधन के बाद मौलाना आजाद को कब्र से निकलकर उसे अपनी संपत्ति बतानी होगी। कांग्रेस सांसद ने कहा, गृह मंत्री और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने सदन में झूठ बोला कि वक्फ न्यायाधिकरण के फैसलों को हाईकोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकती जबकि वक्फ कानून 1995 की धारा 83(9) के तहत फैसलों को हाईकोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। उन्होंने दिल्ली की 123 वक्फ संपत्तियों पर सरकार की नजर होने का आरोप लगाया।उत्तर प्रदेश से निर्वाचित भाजपा सांसद बोले- अभिजात्य वर्ग के मुस्लिम लंबे समय तक एंजॉय करते रहे
वक्फ विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए उत्तर प्रदेश के भाजपा सांसद बृज लाल ने कहा कि इस संशोधन विधेयक के माध्यम से सरकार कई समुदाय के लोगों की भलाई करने वाली है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक वक्फ की आड़ में अभिजात्य वर्ग के मुस्लिम लंबे समय तक अपनी मनमानी और एंजॉय करते रहे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने भूमि के संबंध में इन्क्वायरी के जो प्रावधान किए हैं, वे बेहद जरूरी हैं। संशोधन विधेयक के कानून बनने पर भूमि विवाद के संबंध में बोर्ड अंतिम फैसला लेगा। इसलिए पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दृष्टि से कानून में किए जा रहे बदलाव अहम हैं।
केरल के आईयूएमएल सांसद हारिस बीरन ने सांसदों के हंगामे के बीच चर्चा में भाग लिया
वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में केरल से निर्वाचित इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) सांसद हारिस बीरन ने भी भाग लिया। उनके वक्तव्य के दौरान सांसदों ने जमकर हंगामा किया। इस समय पीठासीन सभापति हरिवंश ने उनसे कहा कि वे हंगामे की परवाह किए बिना अपनी बातें सदन के रिकॉर्ड पर रखें। उन्होंने विधेयक के कई प्रावधानों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने सरकार के प्रस्तावों पर पूछा, आखिर सरकार धार्मिक मुद्दों पर हस्तक्षेप क्यों करना चाहती है? उन्होंने कहा कि सेक्युलरिज्म केरल की विरासत है। पूरा राज्य इस विचार के साथ है। उन्होंने कहा कि केरल के लोगों को अपने हितों से जुड़े फैसलों के लिए किसी बाहरी व्यक्ति की जरूरत नहीं है। बीरन ने अपने संबोधन में गुजरात के 2002 दंगे का भी जिक्र किया और कहा कि सरकार ने विधेयक में कई आपत्तिजनक प्रावधान किए हैं, इसलिए वे इसकी मुखालफत कर रहे हैं।
केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने भी हस्तक्षेप किया
रिजिजू के हस्तक्षेप करने के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि कई सांसद अनर्गल बयान देते हैं, जिनका सरकार खंडन करती है। उनके सामने भी कई परिस्थितियां ऐसी आई हैं, जब उनका जवाब सुनने के बजाय विपक्षी सांसद सदन से चले जाते हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
केंद्रीय मंत्री ने किया हस्तक्षेप, वक्फ संपत्ति और मंदिरों की तुलना को गलत बताया
सिब्बल के वक्तव्य के बीच हस्तक्षेप करते हुए अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष के वरिष्ठ सांसदों की तरफ से कई ऐसी बातें कही गई हैं, जिनका जवाब देना जरूरी है। हालांकि, जब उनकी जवाब देने की बारी आएगी, सदस्य सदन में मौजूद नहीं रहेंगे। रिजिजू ने कहा कि कई ऐसे मुद्दे उठाए जा रहे हैं, जिनसे कन्फ्यूजन होता है। दक्षिण भारत के मंदिरों की जमीन पर बात की गई, इनकी तुलना वक्फ से करना ठीक नहीं है।
निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल ने कहा- गैर मुस्लिमों को भी वक्फ बनाने का अधिकार
कपिल सिब्बल ने लाहौर हाईकोर्ट समेत कई अदालती फैसलों का हवाला देते हुए कहा, केवल ये कहना कि सिर्फ मुस्लिम ही वक्फ दे सकते हैं, चौंकाने वाला है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों में वक्फ संपत्तियों की निगरानी कर सकती है। सरकार को ये ध्यान रखना होगा कि तमिलनाडु समेत केवल चार राज्यों में ही 10 लाख एकड़ जमीन पर हिंदू मंदिर और दूसरे तीर्थस्थान बने हैं। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों में जरूरी सुधार किए जाने चाहिए। महिलाओं के अधिकार का जिक्र करते हुए सिब्बल ने कहा कि संपत्ति पर महिलाओं का भी बराबर हक होना चाहिए। सरकार को इस संबंध में कानून बनाने का आश्वासन देना चाहिए। वक्फ बोर्ड को को वैधानिक इकाई बताते हुए सिब्बल ने कहा, इसमें सरकार नियुक्तियां करती रही है। इसमें अगर कोई गलती या कुप्रबंधन होता था तो मुतलवल्ली के कारण होता था। इसे सुधारने की जरूरत है। सिब्बल ने कहा कि वे विधेयक के विरोध में अपना मतदान करेंगे। हालांकि, सरकार को समझना चाहिए कि वास्तविक रूप से वक्फ का मुद्दा कुछ और है।
NCP सांसद ने कानून में बदलाव का समर्थन किया, महाराष्ट्र के पुराने साथियों पर कटाक्ष
एनसीपी सांसद प्रफुल्ल पटेल ने भी वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन किया। उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (शरद चंद्र पवार) के सदस्यों पर कटाक्ष करते हुए मुंबई में हुए दंगों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वक्फ से जुड़े कानून में बदलाव का समर्थन करते हुए प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि जातिगत व्यवस्था देश की बड़ी समस्या थी। मंडल आयोग के आने के बाद कई समस्याओं से निजात मिली। उन्होंने मराठी भाषा में अपने वक्तव्य के दौरान महाराष्ट्र से निर्वाचित सांसदों को उनके पुराने दिन याद दिलाए।
लोकसभा की कार्यवाही का समय एक घंटे के लिए बढ़ाया गया। सदन में वायुयान वस्तुओं में हित संरक्षण 2025 पर चर्चा चल रही है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर आज सदन में शून्यकाल की अवधि बढ़ाकर पांच घंटे से अधिक कर दी गई। आज शून्यकाल में 202 सांसदों ने बात की। इससे पहले 18 जुलाई 2019 को विस्तारित शून्यकाल में 161 सांसदों ने बात की थी।
वायुयान वस्तुओं में हित संरक्षण विधेयक 2025 पर लोकसभा में चर्चा शुरू।
लोकसभा ने तटीय नौवहन विधेयक, 2024 पारित किया। इस विधेयक का उद्देश्य तटीय नौवहन से संबंधित कानूनों को समेकित और संशोधित करना, तटीय व्यापार को बढ़ावा देना और घरेलू भागीदारी को बढ़ावा देना है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारत के पास सुरक्षा और वाणिज्य के लिए नागरिकों के स्वामित्व वाला तटीय बेड़ा हो।
राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल 2025 पर बोलते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि कल लोकसभा में आधी रात तक चर्चा चली और बिल पास हुआ। मैंने किरेन रिजिजू जी का पूरा भाषण सुना और आज भी सभी के भाषण सुन रहा हूं। कभी-कभी लगता है सत्ता पक्ष से कुछ अच्छा बोला जा रहा है और विपक्ष की तरफ से कुछ अच्छा बोला जा रहा है। कुल मिलाकर संसद में भ्रम की स्थिति है। तो हमें लगता है कि संसद के माध्यम से देश की जनता में भी भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है। यह बिल पूरी तरह से असंवैधानिक है। सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा, इस सरकार को 2014 से 2024 तक याद नहीं रहा कि वक्फ के पास कितनी संपत्ति और कितना पैसा है। जब उन्होंने अन्य सारी संपत्ति बेच ली तब देखा कि कहां बची है। यादव ने कहा, सभी लोग मिल कर काम करेंगे तभी देश की तरक्की हो सकती है। सभी धर्मों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए और मुसलमानों को यह नहीं लगना चाहिए कि उनके साथ अन्याय हो रहा है।
रामगोपाल यादव ने कहा, इस सरकार की बात पर भरोसा करना कठिन है क्योंकि उसने अतीत में जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया। ऐसे में सरकार पर कोई भरोसा कैसे कर सकता है? यादव ने विधेयक के प्रावधानों पर संदेह जताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का उदाहरण सामने है जहां लोगों को नमाज अदा नहीं करने दिया गया, यहां तक कि लोगों को अपनी छतों पर नमाज अदा करने की अनुमति भी नहीं दी गयी।
राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल 2025 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा- जिस विषय पर मैं बोलने जा रहा हूं, उसमें सुधार कम और संशय ज्यादा है। न्याय कम है, पक्षपात ज्यादा है। संविधान ने जो दिया है यह बिल छीनने की कोशिश कर रहा है। इस में शोधन कम साजिश ज्यादा कहनी चाहिए। जब कानून की बराबरी ना हो वह सत्ता की चालाकी बन जाता है। यह कानून नहीं कानूनी भाषा में लिपटी हुई मनमानी है।
पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस प्रमुख एच.डी. देवेगौड़ा ने कहा, 'मुझे प्रधानमंत्री को बधाई देनी चाहिए। क्यों? जिस संपत्ति का उल्लेख किया गया है, वह लगभग 1.2 लाख करोड़ रुपये की है। ये संपत्तियां सरकार द्वारा नहीं, बल्कि दानदाताओं द्वारा दी गई हैं... यदि दानदाताओं ने दी है और उसका दुरुपयोग किया गया है और इसमें निहित स्वार्थ है, तो अब वर्तमान प्रधानमंत्री इस पर मुहर लगाना चाहते हैं, ताकि दानदाताओं की संपत्ति, जो किसी विशेष उद्देश्य के लिए समुदाय को दी गई है, उसे अमीर लोगों या समुदाय में उन लोगों द्वारा हड़पने की अनुमति न दी जाए, जो इस संपत्ति को हड़पने के लिए पर्याप्त रूप से शक्तिशाली हैं'।
वक्फ संशोधन बिल पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा- मुझे उम्मीद है कि सदन इस बिल का समर्थन करेगा। इस बिल का मूल उद्देश्य वक्फ की संपत्ति का रखरखाव करना है। इस बिल पर काफी चर्चा हुई है। मैं इस बिल को लेकर कहना चाहता हूं, इसके खिलाफ जो भ्रम फैलाया जा रहा है उसका विरोध करता हूं। इस बिल को लेकर 2013 बने जेपीसी में सिर्फ 13 सदस्य थे, अब इस बिल को लेकर बने जेपीसी में 31 सदस्य थे। वाद-विवाद में दोनों पक्षों ने अपनी बातें कही और जरूरी नहीं की दोनों एक-दूसरे की बातों से सहमत हों। इस बार 284 हितधारकों के साथ विचार-विमर्श किया गया और यूपीए के जमाने में मात्र 18 हितधारकों के साथ चर्चा की गई थी। विपक्ष को इस बिल में कुंभ दिख रहा है, बिहार का चुनाव दिख रहा है, इस बिल में केरल का सिनेमा दिख रहा है।
सदन के नेता जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कहा- प्रधानमंत्री मोदी जी सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के साथ चले हैं। हमें वोटबैंक की राजनीति से बाहर निकल करके देशहित की बात करने की जरूरत है। मैं जानना चाहता हूं, कि पिछले 70 साल किन लोगों ने उन्हें डरा कर रखा है। आपने 70 साल का परीक्षण करके देख लिया, बांट-बांट कर देख लिया। 2013 में संशोधन के बाद भी आप विपक्ष में बैठ गए हैं। हम पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि, हमने वक्फ बोर्ड पर हाथ डाल दिया। ये एक तरीके से हमारे को कब्जे में लेने की बात है।
जेपी नड्डा ने कई मुस्लिम देशों का जिक्र करते हुए कहा, वहां पर वक्फ की संपत्ति का रखरखाव सरकारें करती हैं। लेकिन हम तो बस रखरखाव और नियमों से चलने की बात कर रहे हैं। हमारा प्रयास है कि वक्फ की संपत्ति का दुरुपयोग न हो इस लिए ये बिल लाया गया है। इस दौरान जेपी नड्डा ने 2013 वक्फ बिल की कमियां और 2025 के वक्फ बिल की खूबियां भी गिनाई। जेपी नड्डा ने कहा - विपक्ष के लोग जेब में संविधान की किताब लेकर घूमते हैं, हमेशा दिखाते रहते हैं, लेकिन पढ़ते नहीं, इस्तेमाल नहीं करते हैं। संविधान का इस्तेमाल हम करते हैं।
अपने संबोधन के आखिरी में जेपी नड्डा ने कहा- 2013 से 2025 से बीच में मुस्लिम भाईयों का नुकसान हुआ है। जमीन माफिया ने बहुत मलाई खायी है। और कांग्रेस पार्टी इन मलाईखोरों से दूर रहे हालां कि ये काफी मुश्किल है। इस दौरान जेपी नड्डा ने आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि उनके नेता ने कहा था, दिल्ली में सरकार बनाने के लिए मोदी जी को दोबारा जन्म लेना पड़ेगा। जनता ने उन्हें इसी बार दिखा दिया। मैं भगवान से विनती करता हूं कि उन्हें सुबुद्धि आए और ऐसा भाषण दें कि उसमें से आधी से ज्यादा बातें सदन से न निकाल दी जाएं।
राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल पर बोलते हुए शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने कहा - मुसलमानों की इतनी चिंता कभी जिन्ना ने की। मुझे तो लगा कब्र से जिन्ना की आत्मा आप में घुस गई है। संजय राउत ने दावा किया ट्रंप ने टैरिफ लगाया है, उसे ध्यान भटकाने के लिए ये बिल ले आए हैं। संजय राउत ने कहा- आप ही लोग मुसलमानों पर तमाम आरोप लगाते हैं तो आप लोग मुसलमानों के संपत्ति की चिंता कब से करने लगे। वहीं इस दौरान सत्ता पक्ष के शोर पर संजय राउत ने कहा- मुझे मत बताओ हिंदुत्व, मेरा जन्म हिंदुत्व के लिए हुआ है। संजय राउत ने आरोप लगाया कि आप ये जमीनें बेचकर कर ही रहेंगे। आप हमारे हिंदुत्व के जमीन की रक्षा नहीं कर पा रहे हैं। इस बिल को लेकर आप उद्देश्य साफ नहीं है, आप लोग व्यापारी लोग है। ये बिल हमारे समाज के हित में नहीं है।
वक्फ संशोधन बिल 2025 पर बोलते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा के सांसद सरफराज अहमद ने कहा - मैं इस बिल का कभी भी समर्थन नहीं करूंगा। इस दौरान उन्होंने कहा- वक्फ ने जमीनें नहीं हड़पी हैं। वक्फ की जमीनों पर दूसरे लोगों ने कब्जा किया है, उसे खाली कराने की बात नहीं की जा रही है। सरकार प्रैक्टिस इस्लाम की बात कर रही है, ये सब बेकार की बातें हैं। वक्फ पर बनी जेपीसी को लेकर सरफराज अहमद ने कहा- जेपीसी में जो सुझाव आए, उसमें से कितने बिल में रखे गए हैं। इसकी भी संख्या सरकार को बतानी चाहिए। इस बिल को फिर से विचार के लिए भेजा जाए और फिर से लाया जाए।
राज्यसभा में राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज कुमार झा ने वक्फ संशोधन बिल 2025 का विरोध किया। उन्होंने कहा- विधेयक पर पुनर्विचार किए जाने की जरूरत है, इसलिए सरकार को इस तरह के कानून बनाने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। मनोज झा ने संबोधन के दौरान कहा, इस देश के मुसलमान पर इस मिट्टी पर कर्ज है। इस कर्ज के रिश्ते को व्यापारी के रिश्ते की तरह मत देखिए।
वक्फ संशोधन विधेयक पर राज्यसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने के. रहमान खान की अध्यक्षता वाली पिछली संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट का हवाला दिया। उन्होंने बुनियादी ढांचे की चुनौतियों, अपर्याप्त जनशक्ति, धन की कमी और मुतवल्ली की नियुक्ति या हटाने पर अत्यधिक जोर देने के बारे में चिंताओं को उजागर किया।
राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन बिल को लेकर कहा- जो मुसलमान अपनी प्रॉपर्टी को ट्रस्ट के माध्यम से चलाना चाहते हैं, वो चला सकता है, उसके लिए कोई बंधन नहीं है। वक्फ एक्ट के अंदर यह पूरी छूट दी गई है। वक्फ बोर्ड वक्फ प्रॉपर्टी को सही तरीके से चला रहा है या नहीं, इसकी निगरानी रखने के लिए बनाया है, न कि प्रॉपर्टी को चलाने के लिए।
राज्यसभा में बीजू जनता दल और वाईएसआर कांग्रेस ने वक्फ संशोधन बिल 2025 का विरोध किया।
वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर बोलते हुए टीएमसी सांसद नदीमुल हक ने कहा, 'इस विधेयक में एक शर्त का उल्लेख है कि कोई व्यक्ति कम से कम 5 वर्षों तक इस्लाम का पालन करने के बाद ही वक्फ बना सकता है। मैं पूछना चाहता हूं - कौन प्रमाण पत्र देगा कि कोई व्यक्ति मुसलमान है? यह असंवैधानिक है और अनुच्छेद 14 के खिलाफ है।'
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा, 'मेरा काम यह नहीं है कि मैं किसी नेता पर कमेंट करूं... 1986 में मुस्लिम महिला संरक्षण अधिनियम पास हुआ था, जिसमें कहा गया था कि अगर तलाकशुदा महिला को देखने वाला कोई नहीं है तो उन्हें वक्फ बोर्ड से महाना भत्ता दिलवाया जाएगा... 2 साल बाद मैंने इस पर प्रश्न किया कि किस वक्फ बोर्ड ने कितने रुपए का प्रावधान किया?.. 2 साल बाद जवाब आया कि किसी वक्फ बोर्ड ने कोई प्रावधान नहीं किया है... इसका मतलब वक्फ बोर्ड में कहीं न कहीं गड़बड़ है। इसके सुधार की आवश्यकता है।'
वक्फ विधेयक पर राज्यसभा में बोलते हुए कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा, 'आप (सत्ता पक्ष) सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करते हैं और फिर हम पर ध्रुवीकरण करने का आरोप लगाते हैं... यह विधेयक पूरी तरह से झूठ पर आधारित है और पिछले 6 महीनों में गलत सूचना अभियान चलाया गया है। भाजपा की फर्जी फैक्ट्री गलत सूचना फैलाने में लगी हुई है।'
वक्फ संशोधन विधेयक 2025 के विरोध में DMK सांसद संसद में काले कपड़े पहनकर आए। उन्होंने कहा, 'यह लोकसभा द्वारा पारित एक कठोर कानून है।'
रिजिजू ने कहा कि दुनिया का सबसे ज्यादा वक्फ संपत्ति भारत में है और भारत में सबसे ज्यादा जमीन भी वक्फ बोर्ड के पास है। रेलवे और रक्षा क्षेत्र की संपत्ति देश की संपत्ति है और ये सभी देशवासी की सुविधा और रक्षा के लिए इस्तेमाल होती है। संशोधन के बाद वक्फ संपत्ति की पूरी ट्रैकिंग होगी। इससे गरीब मुसलमानों का भला होगा। रिजिजू ने कहा कि जो संपत्ति वक्फ के पास पंजीकृत है तो उसमें कोई छेड़छाड़ नहीं होगी, लेकिन जो मामला विवादित है, उसमें अदालत फैसला करेगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जमीन, राज्य सरकार का मामला है और केंद्र का उसमें कोई दखल नहीं होगा।
रिजिजू ने कहा कि विधवा और अनाथ बच्चों के लिए संरक्षण होना चाहिए। इसलिए जिस संपत्ति में महिला का अधिकार है, उसे वक्फ संपत्ति घोषित नहीं किया जा सकेगा। विधेयक से यह सुनिश्चित किया गया है पूरे परिवार की संपत्ति को वक्फ संपत्ति घोषित नहीं किया जा सकेगा।
2013 में तत्कालीन सरकार ने दिल्ली के प्रीमियम इलाके में स्थित 123 संपत्तियों को डी-नोटिफाई करके दिल्ली वक्फ बोर्ड को सौंप दिया। जबकि इनका कोर्ट में केस चल रहा था। ये संपत्तियां शहरी विकास मंत्रालय के अधीन थीं। इनमें सीजीओ कॉम्पलेक्स समेत कई अहम संपत्ति शामिल हैं। हमने संशोधन किया है कि पांच साल इस्लाम का पालन करने वाला व्यक्ति ही संपत्ति को वक्फ घोषित कर सकता है। साथ ही वक्फ बोर्ड में मुस्लिमों के सभी वर्गों जैसे शिया सुन्नी वर्ग के लोग शामिल होंगे। हमने वक्फ बोर्ड को समावेशी बनाने की कोशिश की है। सेंट्रल वक्फ काउंसिल के 22 सदस्यों में से तीन सांसद, 10 सदस्य मुस्लिम वर्ग के हो सकते हैं। मुस्लिमों में भी दो सदस्य महिलाएं होनी जरूरी हैं। वक्फ काउंसिल में चार से ज्यादा गैर मुस्लिम सदस्य नहीं होंगे। साथ ही दो पूर्व जज, सचिव स्तर के अधिकारी, चार नामी हस्तियां हो सकती हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये सवाल ही नहीं उठता है कि मुसलमानों के धार्मिक मामलों या वक्फ के मामलों में गैर मुस्लिम का कोई दखल होगा। अगर कोई मुसलमान खुद ट्रस्ट बनाकर अपनी संपत्ति का प्रबंधन करना चाहता है तो उसे वक्फ बोर्ड में शामिल करने की जरूरत नहीं है। इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। अगर कोई अपनी संपत्ति वक्फ बोर्ड को देता है तो उस संपत्ति का ही प्रबंधन वक्फ बोर्ड करता है और वक्फ बोर्ड सिर्फ संपत्ति के प्रबंधन के लिए है, इसमें धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप का कोई सवाल नहीं है। वक्फ संपत्ति की देखरेख करने वाले मुतवल्ली पर निगरानी करने के लिए वक्फ बोर्ड बनाया गया है।
रिजिजू ने कहा कि देश की आजादी के बाद 1954 में वक्फ को लेकर राज्यों में बोर्ड का गठन हुआ। 1995 में इसे लेकर विस्तृत कानून आया। वक्फ को लेकर स्पष्ट कानून आए। साल 2013 में यूपीए सरकार ने चुनाव के वक्त वक्फ कानून में कुछ बदलाव किए। उस वक्त भी जेपीसी गठन हुआ, जिसमें 13 सदस्य थे। इस बार 31 सदस्य थे। उस बार जेपीसी की बैठक 22 हुईं और इस बार 36 बैठकें। उस समय 14 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों से चर्चा हुई और इस बार 25 राज्यों के साथ ही कई अन्य संगठनों और सांसदों से चर्चा की गई। साथ ही लाखों की संख्या में सुझाव मिले। पहले समिति ने सिर्फ जम्मू, श्रीनगर औऱ लेह का ही दौरा किया, लेकिन इस बार 10 शहरों में समिति के सदस्यों ने दौरा किया।
किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक के समर्थन में छोटे-बड़े एक करोड़ सुझाव मिले हैं। संयुक्त संसदीय समिति ने 10 शहरों में जाकर विधेयक को लेकर लोगों की राय जानी और 284 संगठनों से बातचीत की गई।
वक्फ संशोधन विधेयक पर आज राज्यसभा में चर्चा हो रही है। कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन पार्टी की तरफ से बहस की शुरुआत करेंगे। सैयद नासिर हुसैन कांग्रेस संसदीय समिति के राज्यसभा में पार्टी व्हिप भी हैं। सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करेंगे।
वक्फ संशोधन विधेयक राज्यसभा में पेश कर दिया गया है। अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में बिल पेश कर अपना संबोधन शुरू कर दिया है।
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने पर संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, 'कल 12 घंटे वक्फ पर चर्चा हुई...उसके बाद वोटिंग हुई और यह सब साढ़े 14 घंटे चला। सरकार सीधे इस बिल को पास करा सकती थी लेकिन इस बिल को JPC में भेजने का प्रस्ताव सरकार ने खुद किया था। कल पूरा देश देख रहा था कि 12 घंटे चर्चा में उन्होंने हिस्सा लिया लेकिन फिर भी वे कह रहे थे कि उन्हें (विपक्ष) बोलने नहीं दिया जा रहा है। कल ये जो बिल पास हुआ है इससे सभी को फायदा होगा, लेकिन असदुद्दीन ओवैसी ने इस बिल को फाड़ दिया। वो इस पर विरोध कर सकते थे लेकिन बिल नहीं फाड़ सकते थे।'
कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा, 'जबलपुर से एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई, जहां विश्व हिंदू परिषद द्वारा दो फादर पर हमला किया गया। यह भाजपा-संघ परिवार RSS और भाजपा द्वारा अल्पसंख्यकों पर किए जा रहे हमलों का एक उदाहरण है। जहां भी उन्हें मौका मिल रहा है, वे ईसाइयों पर हमला कर रहे हैं। केरल के सांसदों ने संसद के अंदर विरोध प्रदर्शन किया। हमने संसद में एक प्रस्ताव भी रखा, जिसे स्पीकर ने अनुमति नहीं दी।'
कर्नाटक में सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट को बंगलूरू में पांच एकड़ जमीन आवंटित करने में हुए कथित घोटाले पर राज्यसभा में हंगामा हो गया। भाजपा का आरोप है कि खरगे ने सत्ता का दुरुपयोग किया। राज्यसभा में भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने यह मुद्दा उठाया। इस पर खरगे ने नाराजगी जताते हुए कहा कि 'अगर मुझ पर लगे आरोप साबित हो जाते हैं तो मैं संसद से इस्तीफे के लिए तैयार हूं'। खरगे ने अनुराग ठाकुर को आरोप साबित करने की चुनौती भी दी।
लोकसभा में आज कांग्रेस अमेरिका द्वारा लगाए गए पारस्परिक टैरिफ का मुद्दा उठाएगी। प्रश्नकाल के दौरान यह मुद्दा उठ सकता है। संसद की कार्यवाही शुरू हो चुकी है। अमेरिका द्वारा भारत पर 26% 'रेसिप्रोकल टैरिफ' लगाए जाने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि 'जो इनकी (अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी) दोस्ती है और जिस तरह से वे गले मिलते हैं और बात करते हैं, उससे पता चलता है कि अमेरिका एक व्यापारी है जिसके व्यापार में हमारा देश फंस गया।'
लोकसभा में पारित हुए वक्फ संशोधन विधेयक पर भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा, 'जब जवाहरलाल नेहरू जी ने ये बिल बनाया था तब किसी को याद नहीं आया कि ये कानून क्यों बन रहा। 1995 तक के कानून में कोई दिक्कत नहीं थी और किसी को तकलीफ नहीं थी जैसा गृह मंत्री जी ने बोला, लेकिन 2013 में एक नया परिवर्तन हुआ। गृह मंत्री ने बताया कि 1913-2013 तक 70 लाख एकड़ की जमीन थी और 2013-2024 में 21 लाख एकड़ जमीन बढ़ गई..हमने किसी के द्वारा जमीन दान करते हुए नहीं सुना। कोई अमीर मुसलमान ने बड़ी संपत्ति वक्फ किया हो ये हमने कभी नहीं सुना तो ये 21 लाख एकड़ जमीन कहां से पैदा हो गई...विपक्षी को दिक्कत यह है कि 2029 आते-आते इसी वक्फ से कमाई 10,000 करोड़ से ऊपर होगी और हमारे विरोधी दल के सांसद है उनसे हर कोई पूछेगा कि 70 साल में आपने जिस वक्फ संपत्ति से 5 रुपए का भी मदद नहीं किया और उसी से मोदी जी ने कैसे हजारों और करोड़ का मदद करके दिखाया।'
कांग्रेस की संसदीय समिति की बैठक हुई। इस बैठक के दौरान सोनिया गांधी ने कहा कि 'कल वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को लोकसभा में पारित कर दिया गया और आज यह राज्यसभा में पेश होगा। इस पर हमारी पार्टी का रुख साफ है कि यह संविधान का उल्लंघन है। यह भाजपा की ध्रुवीकरण की रणनीति का ही हिस्सा है।'
कांग्रेस सांसद और JPC सदस्य इमरान मसूद ने कहा, 'संविधान को रौंदा जा रहा है। यह दुखद है कि संख्या (सांसदों की) के आधार पर चीजें चल रही हैं। हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और अदालत जाएंगे।'
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने पर कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा, 'देश की संसद रात 2 बजे तक चलाई जा रही थी और रात 1:30 बजे अमेरिका ने टैरिफ लगा दिया। देश और खासकर भाजपा के मतदाताओं को यह समझना चाहिए कि टैरिफ के मुद्दे से लोगों को भटकाने के लिए यह वक्फ(संशोधन) विधेयक पहले से ही योजनाबद्ध मुद्दा था ताकि अमेरिका 26% टैरिफ लगा सके।'
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने पर कहा, 'नफरत की नींव पर यह बिल पास किया गया है। यह बिल कहीं न कहीं अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित करने के लिए और उनके मनोबल को तोड़ने के लिए लाया गया है। ऐसा लगता है कि एक बदले की भावना के साथ यह बिल लाया गया।'
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी संसद पहुंचे।
वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित होने पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, 'कांग्रेस ने 2013 में तुष्टीकरण के लिए जो गलतियां की थीं, हमने उसे सुधारा है। गरीबों और महिलाओं का स्थान रखा गया है। हमें उम्मीद है कि भविष्य में गरीबों को उनकी ज़मीन पर हक़ मिलेगा।'