आज सुबह 11 बजे तक लोकसभा स्थगित
तीन मार्च सुबह 11 बजे तक के लिए लोकसभा स्थगित की गई है।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर मणिपुर के मुद्दे पर लोकसभा में बोल रहे हैं। थरूर ने कहा, हमने एक भयानक घटना देखी है, जो धीरे-धीरे और खतरनाक होती गई। मई 2023 में शुरू हुई हिंसा आज भी जारी है और राष्ट्रपति शासन लागू होने में 21 महीने लग गए। इस दौरान 250 से ज्यादा लोग मारे गए, शायद 300 से भी अधिक। 5600 से ज्यादा हथियार और 6.5 लाख गोलियां पुलिस के गोदामों से लूट ली गईं। 70 हजार से ज्यादा लोग बेघर हुए, 1 लाख प्रभावित हुए, और हजारों अब भी राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। गृह मंत्री यहां मौजूद हैं, और यह सब तब हो रहा है जब स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है।
वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 लोकसभा में पारित
वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 रात 1.56 बजे लोकसभा में पारित हुआ। विधेयक पर 1 घंटे 50 मिनट तक वोटिंग चली। विधेयक के समर्थन में 288 वोट पड़े, जबकि विरोध में 232 वोट पड़े।
असदुद्दीन ओवैसी ने एक और संशोधन पेश किया। संशोधन संख्या 66-68 को अस्वीकार कर दिया गया। सौगत रॉय ने एक और संशोधन पेश किया। इसे भी अस्वीकृत कर दिया गया।
खंड 15 विधेयक का अंग बना। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने संशोधन प्रस्ताव संख्या 111 पेश किया। इसे भी ध्वनिमत से स्वीकार किया गया। रिजिजू ने संशोधन संख्या 112 पेश किया। इसे भी स्वीकार कर लिया गया। इसके बाद खंड 15-ए संशोधन के बाद विधेयक का अंग बन गया।
वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर लोक सभा में वोटिंग चल रही है। सरकार के संशोधन प्रस्ताव पर मतदान के बाद विपक्ष के प्रस्ताव पर मतदान कराया गया। जिसमें अधिकांश संशोधन वोटिंग के दौरान खारिज कर दिए गए। कुल 439 वोट दर्ज किए गए। जिसमें पक्ष में 196 और विपक्ष में 243 वोट पड़े।
केसी वेणुगोपाल ने एक और संशोधन पेश किया, इसे भी ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया गया। मोहम्मद जावेद का संशोधन भी अस्वीकार किया गया।
हैदराबाद से निर्वाचित सांसद असदुद्दीन ओवैसी का एक और संशोधन अस्वीकार हुआ। एनके प्रेमचंद्रन की तरफ से पेश एक और संशोधन खारिज हुआ। सौगत रॉय का एक और संशोधन अस्वीकृत हुआ।
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने भी संशोधन पेश किया। इसे ध्वनिमत से स्वीकार कर लिया गया। के सुधाकरन की तरफ से पेश एक अन्य संशोधन खारिज हुआ। बिहार से निर्वाचित सांसद राजेश रंजन की तरफ से पेश संशोधन भी स्वीकार नहीं किया गया।
वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर लोक सभा में वोटिंग चल रही है। विपक्ष के कई संशोधन वोटिंग के दौरान गिर चुके हैं।
केरल से निर्वाचित कांग्रेस सांसद के सुधाकरन की तरफ से पेश संशोधन को भी अस्वीकार कर दिया गया। केरल के ही ईटी मोहम्मद बशीर का संशोधन भी अस्वीकार किया गया। के राधाकृष्णन का संशोधन भी अस्वीकार हुआ। संशोधनों पर ध्वनिमत से मतदान कराया गया। अधिकांश को स्वीकार नहीं किया गया।
वोटिंग के दौरान एनके प्रेमचंद्रन का संशोधन अस्वीकृत कर दिया गया। वहीं, शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने संशोधन वापस लिया। इसके अलावा, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई, इमरान मसूद की तरफ से पेश संशोधन भी खारिज हुआ। साथ ही कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल, मोहम्मद जावेद का संशोधन भी अस्वीकृत हुआ। वहीं, असदुद्दीन ओवैसी की तरफ से पेश संशोधन भी निरस्त किया गया।
प्रस्ताव पर वोटिंग के पक्ष में पड़े 288 वोट
लोक सभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर मतदान के प्रस्ताव पर वोटिंग के पक्ष में 288 वोट पड़े। वहीं, विरोध में 232 सांसदों ने अपना मत दिया। अब संशोधन पर मतदान हो रहा है।
वक्फ संशोधन बिल 2025 पर मतदान प्रक्रिया जारी
वक्फ संसोधन विधेयक पर 11 घंटे की चर्चा के बाद लोकसभा में बिल पर मतदान प्रक्रिया जारी है। कुल 390 वोट दर्ज हुए। स्पीकर की ओर से विधेयक पर घोषणा का इंतजार है।
वक्फ संशोधन बिल 2025 पर चर्चा के दौरान अपनी बात रखते हुए लोकसभा सांसद और वक्फ बिल पर जेपीसी के चेयरमैन रहे जगदम्बिका पाल का कहना है कि उन्हें जेपीसी का प्रमुख बनाए जाने पर खुशी हुई और उन्होंने पार्टी को धन्यवाद दिया। जगदंबिका पाल ने कहा- सच्चर कमेटी इन्होंने बनाई है, सच्चर कमेटी की सिफारिशों की चिंता नहीं हुई। हम सच्चर कमेटी की सिफारिशों को लागू कर रहे हैं। इस दौरान जगदम्बिका पाल ने एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी पर वक्फ संशोधन बिल को फाड़ने के लिए उनकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ओवैसी ने बिल को असंवैधानिक कहा, लेकिन बिल को फाड़ना असंवैधानिक कार्य है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार ने जेपीसी द्वारा दिए गए सभी सुझावों को मान लिया है।
वक्फ बिल के विरोध में बोलते हुए एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने एक पंक्ति के साथ अपने भाषण की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि ये विधेयक भारत के मुसलमानों के इबादत पर हमला है। केंद्र सरकार ने मुसलमानों के खिलाफ एक जंग छेड़ दिया है। और ये जंग मेरे ऊपर है। इस दौरान उन्होंने कहा कि ये अनुच्छेद 25, 26 का उल्लंघन है। उन्होंने आगे कहा कि वक्फ बिल मुस्लिमों के साथ अन्याय है। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि इसका मकसद मुसलमानों को जलील करना है। इसके बाद उन्होंने कहा कि मैं गांधी की तरह वक्फ बिल को फाड़ता हूं।
वक्फ संशोधन विधेयक पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा के नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि वक्फ (संशोधन) विधेयक मुसलमानों को हाशिए पर धकेलने और उनके निजी कानूनों और संपत्ति के अधिकारों को हड़पने के उद्देश्य से बनाया गया एक हथियार है। आरएसएस, भाजपा और उनके सहयोगियों द्वारा संविधान पर यह हमला आज मुसलमानों पर लक्षित है, लेकिन भविष्य में अन्य समुदायों को निशाना बनाने के लिए एक मिसाल कायम करता है। कांग्रेस पार्टी इस कानून का कड़ा विरोध करती है क्योंकि यह भारत के मूल विचार पर हमला करता है और अनुच्छेद 25, धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करता है।
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी ने वक्फ बिल का विरोध किया और कहा कि मंत्री जी ने बिल प्रस्तुत करते हुए कुछ बिंदुओं पर विशेष बल दिया और इन्हीं पर मेरे सवाल केंद्रित हैं। वक्फ की संपत्तियों को संरक्षित करने के उद्देश्य से इस संशोधन बिल की जरूरत क्यों आ गई। आप वैसे भी उस दिशा में सहयोग कर सकते थे। अलग बिल बनाकर के आपने ये प्रयास किया और मंत्रीजी ने कहा कि पसमांदा तबके के मुसलमान को अधिकार देना चाहते हैं। देश के बहुसंख्यक तबके का रिजर्वेशन ये सरकार खा गई। उत्तर प्रदेश के पिछड़ों का, अल्पसंख्यकों का कितना दर्द है, ये समझ आ रहा है।
पंजाब की बठिंडा लोकसभा सीट से शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि जिस पार्टी का तीन टर्म से एक मुस्लिम एमपी नहीं है। एक भी मुस्लिम महिला एमपी नहीं है। जो पार्टी मुस्लिम विरोध की राजनीति करती आई है, उनको कौन सा ईद का चांद दिख गया। जुबान पर दुआ है लेकिन दिल तो इनका काला है।
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि पूरी दुनिया में मुसलमान सबसे अधिक कहीं सुरक्षित है तो वह देश भारत है। हमने कभी किसी का कुछ छीना नहीं है, जो शरणार्थी बनकर आया है, उसे दिया ही है। इस भारत के ऊपर आप संदेह जता रहे हैं, क्या स्थिति है वक्फ बोर्ड की मुस्लिम देशों में, भारत में वक्फ बोर्ड है और इसकी प्रॉपर्टी को कानून सुरक्षा दिया गया है। इसके बावजूद हंगामा क्यों बरपा है। अगर मोदीजी महिला को सुरक्षा दे रहे हैं तो किसी को क्या दिक्कत हो सकती है। वक्फ का मतलब दान होता है। हिंदू, ईसाई, सब में दान का महत्व है। दीन जनों को दान करो, ईश्वर मिलेंगे। वहीं इस्लाम में भी जकात, सदका के नाम से जिक्र किया गया है। वक्फ दान की जमीन परमार्थ के लिए बनाया गया है, आज लोग इस संशोधन को असंवैधानिक बता रहे हैं।
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने वक्फ बिल का विरोध करते हुए कहा कि मंत्री जी सबसे पहले आप बौद्ध धर्म की परिकल्पना समझ लीजिए। इस्लाम से पहले बौद्ध धर्म आया, क्यों आया। मानवता और इंसानियत को बचाने के लिए गुरु गोविंद सिंह जी ने कुर्बानी दी थी, हिंदू को बचाने के लिए नहीं। ये लोग मंडल के खिलाफ कमंडल लाए थे और लगभग 13 हजार ओबीसी का कत्ल हुआ था। किसी दल का विरोध करने नहीं आया हूं। वक्फ बिल के खिलाफ जो बिल लाया, आप कहते हैं उसे सुरक्षित करने और महिलाओं के लिए है। आप महिलाओं के आरक्षण का बिल इसीलिए नहीं लाते हैं क्योंकि आप दलित-पिछड़ी महिलाओं को आरक्षण देना नहीं चाहते। जगदंबिका पाल ने पप्पू यादव की बात पर आपत्ति करते हुए कहा कि चाहता हूं कि इनके खिलाफ कार्रवाई हो।
लोकसभा की कार्यवाही का समय वक्फ संशोधन बिल 2025 के पारित होने तक बढ़ाई गई। बता दें कि, दो अप्रैल को तीसरी बार लोकसभा की कार्यवाही का समय बढ़ाया गया है।
वक्फ संशोधन विधेयक पर राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने कहा, 'मुझे लगता है कि अखिलेश यादव के पास तर्क नहीं थे और कहीं न कहीं वह भी चाहते हैं कि यह विधेयक पारित हो जाए। उनकी पार्टी शुरू से ही अल्पसंख्यक वोट के बल पर टिकी रही है और अब जब उनकी पार्टी का अस्तित्व खतरे में है तो उन्हें अपनी बची-खुची पार्टी को बचाने के लिए स्टैंड लेना पड़ रहा है'।
राज्यसभा में कल (3 अप्रैल 2025) दोपहर एक बजे वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा की जाएगी।
लोकसभा की कार्यवाही का समय रात 10 बजे तक के लिए बढ़ाई गई। आज दिन दूसरी बार लोकसभा की कार्यवाही का समय बढ़ाया गया है।
इस दौरान सीएए और अनुच्छेद 370 की चर्चा करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- सीएए लागू होने के बाद किसी मुस्लिम की नागरिकता गई हो तो बता दें। अनुच्छेद 370 पर बातें कही गईं कि खून की नदियां बहेंगी, जबकि जम्मू-कश्मीर में आज उमर अब्दुल्ला जीतकर लौटे हैं। वहां विकास, पर्यटन बढ़ा है, आतंकवाद खत्म होगा। गृह मंत्री ने आगे कहा- मुसलमानों को हम नहीं, आप डरा रहे हैं और डरा-डराकर वोट बैंक बना रहे हैं।
अपने संबोधन के आखिरी में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- इनको न पिछड़ों की चिंता है, न मुसलमानों की, ये सालों से जातिवादी औऱ तुष्टिकरण के आधार पर काम करते हैं। इसी आधार पर काम करके अपने परिवार की राजनीति बढ़ाई है। और मोदी जी की सरकार ने इसे खत्म करने का काम किया है। जनता ने तीन टर्म मोदी जी को चुना और तीन टर्म भारतीय जनता पार्टी की रहने वाली है। मैं इस बिल को लेकर किरेन रिजिजू को बधाई देना चाहता हूं।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा - वक्फ मुस्लिम भाइयों के दान से बनाया ट्रस्ट है, उसमें सरकार कोई दखल नहीं करना चाहती है। मुतवल्ली भी उनका होगा, लाखों करोड़ों की भूमि और इनकम 126 करोड़ रुपया। विपक्ष पूछता है कि आय का क्या उद्देश्य है। आज आरजेडी के सारे सदस्य बोले- 2013 का जब संशोधन आया, तब लालू जी ने क्या कहा, ये कहा कि सारी जमीनें हड़प ली गई हैं। पटना में ही डाकबंगले की जितनी प्रॉपर्टी थी, सब पर बड़ी बिल्डिंग बन गई है। हम समर्थन करते हैं लेकिन चाहते हैं कि एक कड़ा कानून लाइए।
'न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र पर भी प्रतिबंध लगा दिए गए थे'
इस दौरान सदन में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- 2013 में किया संशोधन सिर्फ पांच घंटे के बाद हुआ था, इस बार दोनों सदनों में 16 घंटे चर्चा हो रही है। इसे लेकर जो समिति भी बनाई गई, राज्य सरकारों के प्रतिनिधि आए, अध्ययन दौरे तीन किए गए। 92.68 लाख के करीब सुझाव ऑनलाइन आए आप ऐसे इसे खारिज नहीं कर सकते हो। यहां जो सदस्य हैं, वो किसी परिवार की कृपा से चुनकर नहीं आए हैं, एक सदस्य ने कहा है कि पुराने कानून में अपील का प्रावधान था। उसमें स्पष्ट था कि कोई भी निर्णय हो, अपील नहीं हो सकती, न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र पर भी प्रतिबंध लगा दिए गए थे। अभी फैशन है संविधान लहराने का, संविधान के हिसाब से कोई भी फैसला कोर्ट के दायरे से बाहर कैसे हो सकता है। आपने वोटबैंक के लिए ऐसा किया था, हम खारिज कर रहे हैं, ऐसा नहीं चलेगा। एक सदस्य ने कह दिया कि माइनॉरिटी इस कानून को स्वीकार नहीं करेगी, क्या धमका रहे हो भाई। संसद का कानून है, सबको स्वीकार करना पड़ेगा।
विपक्ष अल्पसंख्यकों को भड़का रहा है- अमित शाह
गृह मंत्री ने कहा कि- विपक्ष अल्पसंख्यकों को भड़का रहा है। वक्फ मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधि निकाय नहीं है और ये बिल जन कल्याण के लिए है, वोटबैंक के लिए हैं। 1913 से लेकर 2013 तक वक्फ बोर्ड की कुल भूमि 18 लाख एकड़ थी और 2013 से 2025 तक 21 लाख भूमि बढ़ गई है। इसमें 2013 के बाद खासी बढ़ोत्तरी हुई है। किसी की जमीन घोषणा मात्र से वक्फ की जमीन नहीं बनेगी। आदिवासियों की जमीन को सुरक्षा मिलेगी, और वक्फ करने के लिए स्वामित्व होना चाहिए, दान अपनी जमीन का किया जा सकता है, गांव की जमीन का नहीं। रजिस्ट्रेशन के बगैर कोई संपत्ति वक्फ की नहीं होगी।
इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि, देशभर में कितनी जमीनों को वक्फ की संपत्ति घोषित की गई या उनपर जबरन कब्जा किया। अमित शाह ने कहा- उत्तर रेलवे की जमीन वक्फ को दे दी गई, हिमाचल में वक्फ की जमीन बताकर मस्जिद बनाने का काम हुआ। इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु से कर्नाटक तक के उदाहरण दिए। इस दौरान उन्होंने, मणिपट्टी समिति की रिपोर्ट में एक लाख 38 हजार एकड़ जमीन किराये पर दिए जाने, सौ साल की लीज पर निजी संस्थानों की जमीन हस्तांतरित किए जाने, विजयपुर गांव की 1500 एकड़ भूमि पर दावा करके विवाद में डाले जाने, फाइव स्टार होटल को 12000 महीने के किराए पर देने का जिक्र भी किया। गृह मंत्री ने कहा कि ये पैसा गरीब मुसलमान का है, ये धन्नासेठों की चोरी के लिए नहीं है। कर्नाटक में एक मंदिर पर क्लेम किया, 600 एकड़ जमीन पर दावा किया, ईसाई समुदाय की ढेर सारी जमीनों पर भी दावा कर दिया, कई समूह वक्फ बिल का विरोध कर रहे हैं। गृह मंत्री ने कहा- तेलंगाना में 1700 एकड़ जमीन पर, असम में मोरेगांव जिले की जमीन पर दावा हुआ, हरियाणा की गुरुद्वारे से संबंधित भूमि वक्फ को सौंप दिया. प्रयागराज में चंद्रशेखर आजाद पार्क को भी वक्फ घोषित कर दिया।
'बिल को लेकर मुस्लिम भाइयों डराया जा रहा है'
गृह मंत्री ने कहा- वक्फ बिल वक्फ की जमीन के रख-रखाव के लिए है। अगले चार साल सभी मुस्लिम समझ जाएंगे इस बिल का क्या फायदा होगा। लेकिन विपक्ष इस बिल को लेकर अफवाह फैला रहा है। इस बिल को लेकर मुस्लिम भाइयों डराया जा रहा है। इस दौरान फिर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- अपनी संपत्ति का दान किया जाता है, सरकारी जमीन का नहीं, मंदिर या मस्जिद और चर्च सरकारी जमीन पर नहीं बन सकते हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- अगर मान लिजिए कोई विदेश गया है, कोई दूसरे शहर में नौकरी करने गया है, तो उसकी जमीन को वक्फ बोर्ड की जमीन घोषित करना कहां का न्याय है। इसलिए वक्फ परिषद में कलेक्टर को रखा गया है। अमित शाह ने कहा कि लोगों को डराया जा रहा है कि पूर्वव्यापी प्रभाव से आएगा, इसके पहले तीन पेज और धाराएं पढ़ ली होतीं तो पता होता, इसमें स्पष्ट लिखा है कि यह कानून जिस दिन भारत सरकार गजट नोटिफिकेशन जारी करेगी, उसके बाद होगा।
लोकसभा में वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- वक्फ एक अरबी शब्द है जिसका इतिहास कुछ हदीसों से जुड़ा मिलता है। आज जिस अर्थ में इसका उपयोग किया जाता है, अल्लाह के नाम पर संपत्ति का दान। वक्फ में व्यक्ति पवित्र दान करता है। दान उसी चीज का किया जा सकता है जो हमारा है, मैं सरकारी संपत्ति या किसी दूसरे की संपत्ति का दान नहीं कर सकता। ये सारी बहस इसी बात पर है।
'कई सदस्यों के मन में वक्फ बिल पर भ्रांतियां है'
गृह मंत्री ने आगे कहा- वक्फ के खिलाफ भ्रम फैलाया गया है। गृह मंत्री ने आगे कहा कि- कई सदस्यों के मन में वक्फ बिल पर भ्रांतियां है। वक्फ शब्द का अर्थ अल्लाह के नाम पर संपत्ति का दान है। गृह मंत्री अमित शाह ने इस दौरान कहा- वक्फ परिषद और वक्फ बोर्ड 1995 से है, लेकिन वोट बैंक के लिए विपक्ष वक्फ बिल का विरोध करा रहा है। अपने संबोधन के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कि, वक्फ बोर्ड में एक भी गैर मुस्लिम नहीं आएगा। गृह मंत्री ने कहा कि- अगर 2013 में संशोधन नहीं होता तो ये बिल नहीं आता। उस दौरान संशोधन करके दिल्ली के लुटियंस की 125 संपत्तियां वक्फ को दे दीं गई। वक्फ बोर्ड में जो संपत्तियां बेच खाने वाले, सौ-सौ साल के लिए औने-पौने दाम पर किराए पर देने वाले लोग है, वक्फ बोर्ड और वक्फ परिषद उन्हें पकड़ने का काम करेगा।
लोकसभा की कार्यवाही का समय 8 बजे तक बढ़ाया गया।
राज्यसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित।
राज्यसभा में इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल 2025 पारित हुआ।
वक्फ संशोधन विधेयक पर पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुवेंदु अधिकारी ने कहा, 'यह (केंद्र सरकार का) एक ऐतिहासिक फैसला है।
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान कहा, 'यह विधेयक नहीं बल्कि उम्मीद (एकीकृत वक्फ प्रबंधन सशक्तिकरण, दक्षता और विकास) है। इस उम्मीद में सशक्तिकरण, दक्षता और विकास है। इसे देखते हुए देश की जनता इसका समर्थन कर रही है। कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया, चर्च ऑफ भारत, केरल काउंसिल ऑफ चर्चेज और केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल, ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच जैसे कई संगठनों ने इसका समर्थन किया है। मैं इसके लिए उनका धन्यवाद करता हूं। वक्फ में संशोधन का समय आ गया है क्योंकि यह अत्याचार और भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। इसे खत्म करने और इसमें संशोधन करने का समय आ गया है। भारत को वक्फ के डर से मुक्ति चाहिए क्योंकि कांग्रेस के शासन में बने वक्फ कानून का मतलब था 'खाता न बही, जो वक्फ कहे वही सही'।
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा, 'वक्फ संशोधन विधेयक टेबल हो गया है और पास भी होगा...यह बहुत स्वागत योग्य है'।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, 'वक्फ संशोधन का जो बिल सदन में आया है उसे कैबिनेट ने पास किया, संसद में प्रस्तुत हुआ। जेपीसी में भेजा गया। वहां विस्तार से चर्चा हुई। आज फिर से सदन में उस पर चर्चा हो रही है। बिल में देश के गरीब मुसलमानों के लिए सब अच्छा है। कुछ मुट्ठी भर लोगों के कैद में जो पूरा वक्फ बोर्ड रहता था उससे बाहर निकलने का रास्ता बना है। इससे कांग्रेस, सपा, टीएमसी बेचैन है।'
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर गठित संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, 'उन्होंने विधेयक के पीछे की सोच और इससे होने वाले लाभ को स्पष्ट कर दिया है। अभी तक वक्फ संपत्तियों का डिजिटलीकरण और पंजीकरण नहीं था। वक्फ संपत्तियों से होने वाली आय लगातार कम होती जा रही है और इससे किसी को कोई लाभ नहीं हो रहा था। हमने वक्फ बोर्ड में महिलाओं को मौका दिया है... विपक्ष यहां सिर्फ तुष्टीकरण के लिए भाषण दे रहा है और मुसलमानों को सिर्फ अपना वोट बैंक समझता है'।
कांग्रेस सांसद और इमरान मसूद ने वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान कहा, 'WAMSI पोर्टल का बार-बार जिक्र हो रहा था...10 साल बहुत लंबा समय होता है। आप 10 साल में सभी संपत्तियों का पंजीकरण नहीं कर सके...आप 10 साल में यह काम नहीं कर सके लेकिन अब आप कहते हैं कि संपत्तियों का पंजीकरण 6 महीने के भीतर करना होगा और अगर ऐसा नहीं किया जाता है, तो वे संपत्तियां अब वक्फ की नहीं रहेंगी। पंजीकरण कौन करेगा? आपके अधिकारी। जब यह 10 साल में नहीं किया जा सका तो 6 महीने में कैसे किया जाएगा? यह एक संविधान विरोधी विधेयक है।'
सदन में शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा, 'शिवसेना और मेरे नेता एकनाथ शिंदे की ओर से मैं इस विधेयक का पूर्ण समर्थन करता हूं। यह एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण दिन है...पहले अनुच्छेद 370, फिर ट्रिपल तलाक और CAA, और अब यह विधेयक गरीबों के कल्याण के लिए इस सदन में लाया गया है...उनका (UBT के अरविंद सावंत) भाषण सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ। यह बहुत चौंकाने वाला था। मैं UBT से एक सवाल पूछना चाहता हूं, उन्हें अपनी अंतरात्मा से पूछना चाहिए कि क्या वे आज बालासाहेब (ठाकरे) जीवित होते तो भी यही बोलते? आज यह स्पष्ट है कि UBT किसकी विचारधारा को अपना रही है और इस विधेयक का विरोध कर रही है। उनके पास अपनी गलतियों को सुधारने, अपने इतिहास को फिर से लिखने और अपनी विचारधारा को जीवित रखने का एक सुनहरा अवसर था...लेकिन UBT ने पहले ही उनकी विचारधारा को कुचल दिया...अगर बालासाहेब आज यहां होते और UBT का असहमति नोट पढ़ते, तो उन्हें बहुत दुख होता'।
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर दिल्ली वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष और AAP नेता अमानतुल्लाह खान ने कहा, 'कल अमित शाह ने 123 जगहों का जिक्र किया और कहा कि ये मुख्य जगहों की जमीनें हैं जिसमें हम कोर्ट नहीं जा सकते अपील नहीं कर सकते। इसके पीछे और क्या मकसद है?...ये कहना बेकार है कि कोई भी जमीन को वक्फ की जमीन बता दी जाए... ये वक्फ की जमीनों पर कब्जा कर करके कई चीजें बना रहे हैं। राजस्व रिकॉर्ड में जो वक्फ के पास नहीं है उस पर ये कब्जा कर लेंगे।'
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'वक्फ बोर्ड का जो बिल आया है, हम उसका समर्थन करते हैं...मुस्लिम महिलाओं को फिर एक बार वक्फ बोर्ड में भी जगह देने का काम इस बिल ने किया है। यह बिल किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं है...जो गलतियां हुई थीं, उनको सुधारने वाला यह बिल है'।
वक्फ संशोधन विधेयक पर भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा, 'इस विधेयक में वक्फ की जायदाद और मजबूत होगी। इससे किसी को खतरा नहीं होगा। इसमें महिलाओं को प्रतिनिधित्व मिलेगा... वक्फ गरीबों और अनाथों के लिए होता है। इसका लाभ कोई और ले रहा था उनसे जरूर हक छिनेगा और आम मुसलमान तक ये पहुंचेगा। आज वक्फ बिल पास होकर रहेगा।'
वक्फ संशोधन विधेयक पर AAP सांसद संजय सिंह ने कहा, 'ये बिल्कुल एक नाजायज बिल है। देश के अंदर झगड़ा कराने के मकसद से, बिहार और बंगाल के चुनाव को देखते हुए ये बिल लाया गया है। इसका मकसद केवल विवाद खड़ा करना है। 2013 में जो बिल पास हुआ था उसका भाजपा ने खुद समर्थन किया था। फिर आप ये बिल क्यों लेकर आ रहे हैं?।
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कहा, 'वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा हो रही है। चर्चा की शुरुआत से ही ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है जैसे यह बिल मुस्लिम विरोधी है...लेकिन बिल मुस्लिम विरोधी बिल्कुल नहीं है...वक्फ एक तरह का ट्रस्ट है जो मुसलमानों के हित में काम करने के लिए बनाया गया है। यह कोई धार्मिक संस्था नहीं है...ट्रस्ट को मुसलमानों के सभी वर्गों के साथ न्याय करने का अधिकार होना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है...आज एक नैरेटिव बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी को कोसा जा रहा है, अगर आपको वो पसंद नहीं हैं तो उनकी तरफ न देखें लेकिन उनके अच्छे काम की प्रशंसा करिए'।
गौरव गोगोई ने वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा, 'सरकार अल्पसंख्यकों के प्रति सहानुभूति दिखा रही है, लेकिन उनकी डबल इंजन सरकार ने लोगों को सड़कों पर ईद की नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी। सबसे पहले, उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि लोकसभा में उनके कितने अल्पसंख्यक सांसद हैं।'
लोकसभा में वक्फ विधेयक पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष संविधान उल्लंघन का आरोप लगा रहा है, लेकिन अगर आप कानून के किसी हिस्से का उल्लेख करते हैं तो पूरे तथ्य का उल्लेख करें। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ये विधेयक संविधान के अनुरूप है। उन्होंने ये भी कहा कि वक्फ बोर्डों में पिछड़े वर्ग के मुसलमानों को प्रतिनिधित्व नहीं दिया जाता। यह खुद अपने आप में संविधान में मिले अधिकारों का उल्लंघन है।
लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने वक्फ संशोधन विधेयक पर कहा, 'आप (सरकार) क्या संदेश देना चाहते हैं? जिस समुदाय ने भारत की आज़ादी के लिए लड़ाई लड़ी, जिस समुदाय ने 1857 में मंगल पांडे के साथ अपने प्राणों की आहुति दी, आप उस समुदाय की छवि को धूमिल करना चाहते हैं? जब आप अंग्रेजों को दया याचिकाएं लिख रहे थे, जब आप लोग भारत छोड़ो आंदोलन का समर्थन नहीं कर रहे थे, उस समुदाय ने भारत छोड़ो आंदोलन का समर्थन किया था। आप उस समुदाय की छवि को धूमिल करना चाहते हैं जिसने 1924 में जिन्ना के दो-राष्ट्र सिद्धांत को पूरी तरह से खारिज कर दिया था। यह आपकी फूट डालो और राज करो की नीति है। हमारे लिए राष्ट्रवाद का मतलब है एकजुट होना।'
वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि अभी तक ये पार्टी अभी तक अपने अध्यक्ष का चुनाव नहीं कर सकी है। इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा के 10-12 करोड़ पंजीकृत सदस्य हैं, इसलिए राष्ट्रीय अध्यक्ष के लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव में थोड़ा समय लग रहा है, लेकिन मैं ये बात गारंटी से कह सकता हूं कि आपकी पार्टी में अध्यक्ष के चुनाव में बिल्कुल भी समय नहीं लगेगा। आप 20-25 साल अध्यक्ष रहेंगे। अमित शाह की टिप्पणी पर अखिलेश यादव भी मुस्कुराते हुए नजर आए।
वक्फ संशोधन विधेयक पर कांग्रेस की तरफ से गौरव गोगोई ने भी अपने विचार रखे। अपने संबोधन में गौरव गोगोई ने कहा कि दिल्ली में 1970 के मामले पर सरकार ने गुमराह किया है। दरअसल किरेन रिजिजू ने कहा कि 'दिल्ली में 1970 से मामला चल रहा है, जो सीजीओ कॉम्पलेक्स और संसद भवन समेत कई संपत्तियों से जुड़ा हुआ है। दिल्ली वक्फ बोर्ड ने इन पर भी दावा किया था, लेकिन यूपीए सरकार में 123 संपत्तियों को डी-नोटिफाइ करके वक्फ बोर्ड को सौंप दिया गया था। अगर आज यह संशोधन पेश नहीं करते तो ये संसद भवन पर भी वक्फ संपत्ति का दावा किया जा सकता था।' हालांकि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आरोपों से इनकार किया और देश को गुमराह करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने अपने संबोधन में सवाल उठाया कि 'क्या अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने ही यह विधेयक तैयार किया है या फिर इसे किसी अन्य विभाग ने तैयार किया है? ये विधायक कहां से आया है? आज देश में अल्पसंख्यकों की हालत ऐसी हो गई है कि आज सरकार को उनके धर्म का प्रमाण पत्र देना पड़ेगा...क्या वे दूसरे धर्मों से प्रमाण पत्र मांगेंगे कि आपने पांच साल पूरे किए हैं या नहीं? इस बिल में ऐसा क्यों पूछा जा रहा है? सरकार धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप क्यों कर रही है?'
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'आज हमारे देश में कुल वक्फ संपत्ति 4.9 लाख से बढ़कर 8.72 लाख हो गई है। अगर इन 8.72 लाख वक्फ संपत्तियों का सही ढंग से प्रबंधन किया जाए, तो इससे न केवल मुसलमानों का जीवन बेहतर होगा, बल्कि पूरे देश की तकदीर भी बदल जाएगी।'
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'इस विधेयक में कुछ विसंगतियां थीं, इसलिए इसमें संशोधन करना आवश्यक था। मैंने पहले भी कहा था कि कोई भी भारतीय वक्फ बना सकता है, लेकिन 1995 में ऐसा नहीं था। 2013 में आपने इसमें बदलाव किए और अब हमने 1995 के प्रावधान को बहाल कर दिया है, जिससे यह सुनिश्चित हो गया है कि केवल वही व्यक्ति वक्फ बना सकता है जिसने कम से कम पांच साल तक इस्लाम का पालन किया हो।'
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ी वक्फ संपत्ति भारत में है। ऐसा कहा जाता है कि भारत में रेलवे और रक्षा क्षेत्र के बाद तीसरी सबसे ज्यादा जमीन वक्फ बोर्ड के पास है, लेकिन रेलवे और रक्षा क्षेत्र की संपत्ति देश की संपत्ति है, जबकि वक्फ बोर्ड की संपत्ति निजी संपत्ति है। वक्फ बोर्ड के पास लाखों एकड़ जमीन और लाखों करोड़ की संपत्ति है तो देश के गरीब मुसलमानों के लिए इसका इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा रहा है?
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा कि साल 2013 में यूपीए सरकार ने वक्फ बोर्ड को ऐसा अधिकार दिया कि वक्फ बोर्ड के आदेश को किसी सिविल अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती। वक्फ के किसी आदेश को चुनौती नहीं दी जा सकती थी। रिजिजू ने कहा कि अगर यूपीए सरकार सत्ता में होती तो संसद इमारत, एयरपोर्ट समेत पता नहीं कितनी इमारतों को वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया जाता क्योंकि इन पर भी दावा किया जा रहा था। केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि वक्फ संशोधन विधेयक से सरकार धार्मिक मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी, ये विधेयक सिर्फ संपत्ति के प्रबंधन का मामला है। उन्होंने विपक्ष पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने विधेयक के विरोध में कहा कि जेपीसी के पास विधेयक में संशोधन करने का अधिकार नहीं है। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि नियमों के तहत जेपीसी के पास विधेयक में संशोधन का पूरा अधिकार है।
वक्फ संशोधन विधेयक पर AIMPLB के प्रवक्ता डॉ. सैयद कासिम रसूल इलियास ने कहा, 'अगर यह विधेयक संसद में पारित हो जाता है, तो हम इसके खिलाफ़ देशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे। हम चुप नहीं बैठेंगे। हम अपने पास उपलब्ध सभी कानूनी और संवैधानिक प्रावधानों का उपयोग करेंगे। जब तक प्रस्तावित संशोधन वापस नहीं लिए जाते, हम शांतिपूर्ण आंदोलन चलाएंगे।' वक्फ संशोधन विधेयक पर AIMPLB के प्रवक्ता डॉ. सैयद कासिम रसूल इलियास ने कहा, 'यह विधेयक भेदभावपूर्ण और सांप्रदायिकता से प्रेरित है...दुख की बात है कि जेपीसी में जो विपक्ष के सदस्य थे उनकी बात को भी माना नहीं गया।'
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश कर दिया गया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने यह विधेयक पेश किया। विधेयक पेश होते ही विपक्ष ने इसका विरोध शुरू कर दिया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उन्हें विधेयक की प्रति देर से मिली और उन्हें विधेयक की समीक्षा के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया।
आज वक्फ संशोधन विधेयक 2024 लोकसभा में पेश किया जाएगा। सपा सांसद बीरेन्द्र सिंह ने कहा, 'सवाल यह उठता है कि जमीन का मामला कहां नहीं है? क्या हिंदू या ईसाई संप्रदाय से जुड़े हुए लोगों के बीच नहीं है? केवल मुस्लिम समुदाय को टारगेट करते हुए यह बिल लाया जा रहा है जिस पर हमें(विपक्ष) आपत्ति है... हमारा मत है कि धार्मिक मामलों में छेड़-छाड़ नहीं होनी चाहिए और होगी तो हम उसका विरोध करेंगे।'
वक्फ संशोधन अकादमी पर एनसीपी-एससीपी न्यूनतम सुप्रिया सुले ने कहा, "...हम भारत गठबंधन के साथ हैं और भारत गठबंधन पूरी ताकत से एक साथ रहेगा।"
आम आदमी पार्टी ने लोकसभा सांसदों को आज संसद में उपस्थित रहने के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया है।
संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हो गई है। लोकसभा में प्रश्नकाल के बाद दोपहर 12 बजे वक्फ विधेयक पेश किया जाएगा।
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी संसद भवन पहुंचे। वक्फ विधेयक के विरोध में उन्होंने काले रंगा कुर्ता पायजामा पहना। इस दौरान उनके हाथ में एक तख्ती भी थी, जिस पर लिखा था- वक्फ विधेयक को नकारें...
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