भाजपा सांसद भीम सिंह ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने हर क्षेत्र में मजबूत नींव रखी है और 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य इसी आधार पर पूरा होगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की उपलब्धियां इतनी व्यापक हैं कि उन पर कई ग्रंथ लिखे जा सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सदन में बोलकर चला जाता है और चर्चा में भाग नहीं लेता।
उन्होंने सरकार की आर्थिक, सुरक्षा और विकास नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना है, आतंकवाद और उग्रवाद पर काबू पाया गया है और बुनियादी ढांचे में बड़ा विस्तार हुआ है। मनरेगा और मजदूर योजनाओं पर विपक्ष के आरोपों को गलत बताया। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस के कई आरोप निराधार साबित हुए। उन्होंने प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील की। इसके बाद कई और सांसदों ने भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद किया। फिर राज्यसभा कल तक के लिए स्थगित कर दी गई।
भाजपा सांसद धर्मशिला गुप्ता ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि यह विकसित भारत 2047 के संकल्प का स्पष्ट और दूरदर्शी दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के नेतृत्व में योजनाओं को जमीन पर उतारा गया है, जिससे महिलाओं, गरीबों, किसानों और युवाओं को सीधा लाभ मिला है। उन्होंने महिला आरक्षण कानून, स्वयं सहायता समूह, जनधन खाते, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास और शौचालय योजनाओं को बड़े बदलाव का आधार बताया।
उन्होंने कहा कि जनधन और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से बिचौलिया व्यवस्था खत्म हुई है। आयुष्मान भारत, शिक्षा और पोषण योजनाओं का भी उल्लेख किया। पश्चिम बंगाल में आयुष्मान योजना लागू न होने पर आलोचना की। कृषि, रेलवे और मत्स्य पालन में केंद्र की पहलों की सराहना की और बिहार में डबल इंजन सरकार के विकास मॉडल का जिक्र किया। उन्होंने घुसपैठ का मुद्दा भी उठाया और अभिभाषण का पूर्ण समर्थन जताया।
मस्थान राव यादव ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि यह भाषण विकसित भारत 2047 की स्पष्ट और प्रेरक रूपरेखा देता है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के सहयोग से ही बड़े राष्ट्रीय लक्ष्य पूरे हो सकते हैं और आंध्र प्रदेश सरकार केंद्र की योजनाओं के साथ तालमेल में काम कर रही है। उन्होंने पीएम किसान योजना और राज्य की आय सहायता योजना के समन्वय को सहकारी संघवाद का उदाहरण बताया। उन्होंने विपक्ष पर संसद में गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि इससे सदन की गरिमा घटती है। यादव ने वाइजैग स्टील प्लांट और पोलावरम परियोजना पर राज्य सरकार के प्रयासों का बचाव किया और पिछली सरकार पर काम धीमा करने का आरोप लगाया। मेडिकल कॉलेज, पीपीपी मॉडल, एआई और निवेश जैसे मुद्दों पर भी सरकार के कदमों को विकासोन्मुख बताया।
भाजपा सांसद दोरजी त्शोरिंग लेप्चा ने सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद देते हुए कहा कि यह भाषण विकसित भारत 2047 और आत्मनिर्भर भारत की स्पष्ट रूपरेखा पेश करता है। उन्होंने कहा कि पिछले दशक में 25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी रेखा से बाहर आए और यह जनकल्याणकारी योजनाओं की सफलता है। भारत का खाद्य और दुग्ध उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है, जो किसानों और सहकारी व्यवस्था की जीत है। उन्होंने 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य और पूर्वोत्तर में हजारों किलोमीटर सड़क निर्माण का भी उल्लेख किया।
लेप्चा ने कहा कि सिक्किम को मेडिकल कॉलेज मिला, डोकलाम क्षेत्र पर्यटन के लिए खुला है और बौद्ध सर्किट जैसे प्रोजेक्ट क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे। साथ ही उन्होंने सिक्किम से जुड़ी लंबित मांगें भी उठाईं, जिनमें जनजातीय सीट, भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करना और अन्य मुद्दे शामिल हैं।
सभापति महोदय मैं आपको धन्यवाद करता हूं कि आपने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के समर्थन देने बोलने के लिए मुझे मौका दिया। सभापति महोदय आप सभी लोगों को बताना चाहूंगा अध्यक्ष स्पीकर महोदय ने बड़ा सोच समझ करके एक दलित व्यक्ति को कल सभापति बनने का मौका दिया। लेकिन मुझे दुख है कि कल कुछ सांसदों ने राहुल गांधी के इशारे पर उनके ऊपर कागज फाड़ कर फेंके।
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने सदन में अपने संबोधन के दौरान कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश की आर्थिक नींव काफी मजबूत हुई है और वैश्विक संकटों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने कहा कि महंगाई नियंत्रण में रही है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग को सीधा लाभ मिला है। लोगों की आय, बचत और खरीद क्षमता बढ़ी है। देवगौड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौतों के लिए बधाई दी और कहा कि किसानों और डेयरी क्षेत्र के हितों से समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे प्रधानमंत्री की नीयत और काम को समझें। खुद को किसान बताते हुए देवगौड़ा ने कर्नाटक समेत कई राज्यों में पेयजल संकट का मुद्दा भी उठाया और हाथ जोड़कर केंद्र से जल समस्या के समाधान की मांग की।
सासंद पवित्रा मार्गरीटा ने कहा कि हजारों वर्षों से असम भारत का एक अभिन्न अंग है। यहां हजारों वर्षों से सनातन की परंपरा रही है। यहां भी सभी गौरवशाली भारतीय है। मैने अभी जल्दी में रेड द माउंट बिट्स का इंटरव्यू सुना जो 11 अप्रैल 1947 को रिकॉर्ड किया गया था। माउंटबेटन ने उस बातचीत में बताया कि जिन्ना शायद असम के बंटवारे की मांग कर सकते हैं। इस पर नेहरू ने कहा कि ये तो पूरी तरह से उचित है। ये सुनकर मैं हैरान हो गया। लेकिन असम के सपूत लोकप्रिय गोपीनाथ बोदलोय और असम वासी ने इसका विरोध किया उस संकट काल में असम वासियों का साथ दिया। महात्मा गांधी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनके भाई स्वतंत्रता सेनानी शरद चंद्र बोस ये सब साथ कड़े रहें। इसीलिए असम आज पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है।
लोकसभा में हंगामा जारी रहने के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब नहीं दे सके। पीठासीन सभापति संध्या राय ने शाम पांच बजे कार्यवाही शुरू होने के बाद सांसदों से सदन चलने देने की अपील की। हालांकि, आक्रोशित सांसद अपनी मांग पर अड़े रहे और पीएम मोदी अपना वक्तव्य पेश नहीं कर सके।
बिहार से निर्वाचित राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा ने सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की किताब से अंशों को उद्धृत करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। इसके बाद तमिलनाडु से निर्वाचित सांसद कमल हासन ने महात्मा गांधी, पेरियार और अन्य हस्तियों का जिक्र करते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने खास तौर पर इसका उल्लेख किया कि ये हासन का पहला भाषण है, इसलिए कोई भी सदस्य उनके वक्तव्य के दौरान व्यवधान पैदा करने का प्रयास न करे।
कमल हासन ने अपने संबोधन में कई ऐतिहासिक तथ्यों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सिनेमा ने उनको एक ऐसा मंच मुहैया कराया, जहां से उन्होंने पूरी दुनिया के सामने अपनी बातें कहीं। संसद के बजट सत्र में अपने वक्तव्य का जिक्र करते हुए हासन ने कहा, 'ये कहा जा सकता है कि हाईस्कूल से ड्रॉपआउट के महात्मा गांधी की पुण्यतिथि का जिक्र करते हुए हासन ने कहा कि पेरियार और गांधी को उन्होंने ऐसे समय में श्रद्धांजलि दी, जब उनकी आयु महज कुछ दिनों की थी।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं पांच मुद्दे उठाऊंगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए महिलाओं सिर्फ वोटबैंक है। उन्होंने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि आपने (भाजपा) देश की हालात खराब कर दी है। अपने संबोधन में विरोधी राजनीतिक दल को घेरते हुए खरगे ने कहा कि भाजपा ने किसी महिला को अध्यक्ष नहीं बनाया। यहां पढ़ें खरगे का पूरा वक्तव्य
इससे पहले लोकसभा की कार्यवाही 11 बजे शुरू होते ही पांच मिनट के भीतर स्थगित करनी पड़ी। 12 बजे भी हंगामा जारी रहा और महज 15 मिनट की कार्यवाही के बाद कार्यवाही दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी। दो बजे भी हंगामा जारी रहा और कार्यवाही पांच बजे तक स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में दोपहर दो बजे से शुरू हुई कार्यवाही के बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है। इस चर्चा की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सरकार का पक्ष रखा। हंगामे के लिए उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथ लिया और कहा कि संसदीय मर्यादा को तार-तार किया गया है। इसके बाद खरगे ने सरकार की नीतियों को कटघरे में खड़ा किया।
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा, 'हम चाहते हैं कि सदन चले और सभी सांसद अपनी बात रखें लेकिन विपक्ष के नेता और बाकी सांसदों को बोलने नहीं दिया जा रहा है। हमारे बहुत सारे मुद्दे हैं और हम चाहते हैं कि सदन चले और लोगों के संज्ञान में बाते आएं।'
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी समेत टीएमसी सांसदों ने सस्पेंड किए गए विपक्षी सांसदों से बात की। संसद के गेट पर धरने पर बैठे सांसदों के पास अभिषेक बनर्जी गए और उनके संवाद किया।
कांग्रेस सांसदों ने 'नेता प्रतिपक्ष को बोलने दो' के नारे लगाए और संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।
संसद के बाहर विपक्षी सासंदों के प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर सीढ़ियों पर फिसल गए, जिनकी मदद के लिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव दौड़े।
लोकसभा में बीते दो दिनों से जारी हंगामा थमने के आसार नहीं दिख रहे हैं। आज दो बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी नारेबाजी का दौर जारी रहा। हंगामे के कारण पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने लोकसभा की कार्यवाही शाम पांच बजे तक स्थगित कर दी। दूसरी तरफ राज्यसभा में भी केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते पर सरकार की तरफ से आधिकारिक बयान दिया। इससे पहले गोयल ने लोकसभा में भी यही जानकारी दी थी। यहां पढ़ें पूरा बयान
केंद्रीय मंत्री नड्डा ने लिया चर्चा में भाग
राज्यसभा में जारी कार्यवाही के बीच कई सांसदों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सांसदों से शांतिपूर्ण तरीके से सदन चलाने की अपील की। करीब 15 मिनट से अधिक समय तक सांसदों के हंगामे के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में अपना वक्तव्य पेश किया।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने विपक्षी दलों की नारेबाजी के बीच आज लोकसभा में अपना पूरा बयान पढ़ा। उन्होंने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील के संबंध में कहा कि किसानों और पशुपालकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। गोयल ने इस बात पर लगातार जोर दिया कि देश के हितों के साथ समझौता कर लेने जैसे आरोप बेबुनियाद हैं। विपक्ष जानबूझकर संसदीय गरिमा के साथ खिलवाड़ कर रहा है।
अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर लोकसभा में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सरकार की तरफ से आधिकारिक बयान दिया। उन्होंने बताया कि भारत के हितों के साथ समझौता नहीं किया गया है। सरकार किसानों और देश के कारोबारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इससे पहले गोयल ने मंगलवार को भी इस विषय पर प्रेस वार्ता की थी। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते में देशहित से समझौता नहीं होने दिया है।
लोकसभा में सरकार के खिलाफ नारेबाजी और विपक्षी दलों की तरफ से हंगामे के दौर जारी है। स्पीकर ओम बिरला को सदन की कार्यवाही चंद मिनटों में ही स्थगित करनी पड़ी। बुधवार को प्रश्नकाल शुरू होने के बाद पीएमजीकेएवाई और जनवितरण प्रणाली (पीडीएस) के असर को लेकर झारखंड से निर्वाचित भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सवाल पूछा। इस बीच नारेबाजी का दौर जारी रहा। हंगामे के बीच ही केंद्रीय राज्यमंत्री निमुबेन जयंतीभाई बांभणिया ने सवाल का जवाब दिया। स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही संचालन में मदद की अपील की और कहा कि मर्यादित आचरण करते हुए संसद की गरिमा बनाए रखना सभी सांसदों का दायित्व है। हंगाना न थमने के कारण उन्होंने सदन की कार्यवाही को 12 बजे तक स्थगित कर दिया। राज्यसभा में कार्यवाही जारी है।