राज्यसभा में भी आज बजट 2026 पर चर्चा पूरी हो गई। चर्चा के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पर चर्चा का जवाब दिया। उन्होंने भावी निवेश, टैक्स नीति और सरकार की तरफ से अलग-अलग विभागों में किए गए बजटीय आवंटन एलान को लेकर विस्तार से जवाब दिया।
करीब तीन घंटे की चर्चा के बाद आज लोकसभा में इंडस्ट्रियल रिलेशन्स कोड (अमेंडमेंट) बिल, 2026 पारित हो गया। कुछ अन्य अहम विधायी कामकाज के बाद लोकसभा की कार्यवाही 13 फरवरी, 2026 की सुबह 11:00 बजे तक स्थगित कर दी गई।
आम आदमी पार्टी के नेता अनुराग ढांढा ने संसद से लेकर सड़कों तक पर एपस्टीन फाइल्स के जिक्र पर बयान दिया है। अमेरिका में जारी एपस्टीन फाइल्स को लेकर उपजे विवाद पर आम आदमी पार्टी (AAP) नेता ने तीखा सवाल किया। पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांढा ने कहा, मोदी सरकार के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कल स्वीकार किया कि वह एपस्टीन से मिले थे। लेकिन इस दौरान भी उन्होंने झूठ बोला। बकौल ढांढा, पुरी ने कहा कि वह कभी अकेले जेफरी एपस्टीन से नहीं मिले, जबकि उन्होंने एपस्टीन से भारतीय जनता पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के तौर पर भी कई बार मुलाकात की है।
विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने के संबंध में संसद परिसर में राहुल गांधी ने एक प्रश्न के जवाब में मीडियाकर्मियों से कहा, आप (पत्रकार) पूरी तरह से भाजपा के कर्मचारी नहीं हैं। कम से कम थोड़ा तो निष्पक्ष होकर काम करने की कोशिश कीजिए, यह बेहद शर्मनाक है... हद से ज्यादा हो रहा है। आप जिम्मेदार लोग हैं। मीडियाकर्मियों की निष्पक्षता आपकी जिम्मेदारी है। आप बस उनकी दी हुई बात को मानकर हर रोज अपना पूरा कार्यक्रम नहीं चला सकते। आप इस देश का अपमान कर रहे हैं।
लोकसभा में औद्योगिक संबंध संहिता संशोधन बिल पर चर्चा हो रही है। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने विधेयक पेश किया। उन्होंने समझाया कि कानून में बदलाव का मकसद देश में सकारात्मक बदलाव करना है।
यहां पढ़ें विधेयक पर मांडविया के बयान की पूरी खबर
महिला-पुरुष के समान वेतन वाले प्रावधान पर संसद ने लगाई मुहर
विपक्ष और श्रम संगठनों के भारी विरोध बीच बृहस्पतिवार को संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा से औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक पास हो गया। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि विधेयक में श्रम कानूनों को लेकर नए प्रावधान नहीं किए गए हैं। इसकी जगह श्रम कानूनों के एकीकरण के बाद भविष्य में संभावित कानूनी जटिलताओं को रोकने और श्रम सुधारों कि क्रियान्वयन में स्पष्टता लाने की व्यवस्था की गई है। सबसे महत्वपूर्ण बात महिला-पुरुष के लिए समान वेतन का प्रावधान किया गया है। विधेयक पर दोनों सदनों में लंबी चर्चा हुई। भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने संशोधन विधेयक को मजदूरों के हित में बड़ा और ऐतिहासिक कदम बताया, जबकि विपक्ष ने मजदूर करार दिया। दोनों सदनों में चर्चा का जवाब देते हुए मांडविया ने कहा, इसमें ट्रेड यूनियनों के पंजीकरण, औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सेवा शर्तों व औद्योगिक विवादों के निपटाने के बारे में स्पष्ट व्याख्या है। यह सुनिश्चित किया गया कि पूर्व कानूनों के तहत हुईं कार्रवाइयों की वैधता पर सवाल न उठे।
विधेयक पर हंगामा
औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक-2026 पर विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा में प्रश्नकाल नहीं चल सका। विपक्ष ने सरकार पर श्रमिकों के अधिकारों को सीमित करने और उद्योगों को मनमानी करने की छूट देने का आरोप लगाया।
संसद में हंगामे और हंगामा-व्यवधान के मामले में विपक्षी दलों पर सरकार के आरोपों से जुड़े एक सवाल पर प्रियंका गांधी ने पलटवार किया। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार खुद संसद में चर्चा करने से भाग रही है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की इस बात पर कि सरकार राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज मोशन का नोटिस ला सकती है, प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, 'प्रिविलेज नोटिस, FIR या केस - उन्हें जो करना है करने दें। राहुल गांधी पर इन सबसे कोई असर नहीं पड़ेगा।
कांग्रेस हड़ताल करने वाले लोगों के साथ
उन्होंने देशव्यापी हड़ताल के सवाल पर कहा, सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है। जिस तरह की ट्रेड डील उन्होंने साइन की है, उसका नतीजा किसानों को भुगतना पड़ेगा। हम आज लेबर यूनियनों की हड़ताल में उनका साथ दे रहे हैं।
संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हो गई है। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान सरकार सांसदों के सवालों के जवाब दे रही है। राज्यसभा में अहम विधायी कामकाज कराए जा रहे हैं। लोकसभा की कार्यवाही चंद मिनटों बाद ही स्थगित करनी पड़ी। पीठासीन स्पीकर कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने तख्तियां लेकर लोकसभा के वेल में घुसे सांसदों से अपनी सीट पर वापस लौटने और कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने की अपील की। हालांकि, उन्होंने स्पीकर की मांग को अनसुना करते हुए नारेबाजी और विरोध-प्रदर्शन जारी रखा। इस कारण कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। राज्यसभा में कामकाज जारी है।
ज्यादा आयकर संग्रह का मतलब मध्य वर्ग का दमन नहीं : निर्मला
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में कहा कि ज्यादा आयकर संग्रह का मतलब यह नहीं है कि देश में मध्य वर्ग का दमन हो रहा है या कुचला जा रहा है। केंद्रीय बजट 2026-27 पर बहस का बृहस्पतिवार को जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मध्य वर्ग के दमन का कोई सबूत नहीं है, हां, मध्य वर्ग के विस्तार के सबूत जरूर हैं। विपक्ष के इस आरोप पर कि मध्य वर्ग अमीर और गरीब के बीच फंसा हुआ है, सीतारमण ने कहा, ऐसा इसलिए लगता है क्योंकि व्यक्तिगत आयकर संग्रह कॉरपोरेट टैक्स से अधिक है। पिछले दस वर्षों में किए गए आर्थिक सुधारों के कारण ऐतिहासिक रूप से मध्य वर्ग का विस्तार हुआ है और इसके पर्याप्त से अधिक सबूत मौजूद हैं। अब औपचारिक क्षेत्र में अधिक आय दिखाई दे रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, अर्थव्यवस्था अब संकीर्ण नहीं रही और न ही यह केवल अभिजात वर्ग तक सीमित है। मध्य वर्ग का दायरा बढ़ रहा है। 2013-14 व 2024-25 के बीच, करदाताओं की संख्या 5.26 करोड़ से बढ़कर 12.13 करोड़ हो गई। इनमें रिटर्न दाखिल करने वाले या टीडीएस कटौती कराने वाले शामिल हैं। पिछले 11 वर्षों में, करदाताओं की संख्या दोगुनी हो गई है। यह 7.9 प्रतिशत की सीएजीआर से बढ़ी है। इसलिए, यह इस देश में मध्य वर्ग का सबसे बड़ा संरचनात्मक विस्तार है। लोग खुद कर देने के लिए आगे आ रहे हैं, क्योंकि हमने कर दरों का दायरा विस्तृत कर दिया है। उन्होंने कहा, 12 लाख तक की व्यक्तिगत आय पर लोगों को कोई कर नहीं देना होता। वेतनभोगियों के लिए यह सीमा 12.75 लाख रुपये है। अगर 12.75 लाख रुपये कमाने वाले वेतनभोगी को कर नहीं देना पड़ता, तो फिर दमन कहां है? मानक कटौती भी बढ़ा दी गई है। नई कर व्यवस्था ने फाइलिंग और ड्यू डिलिजेंस को सरल बना दिया है। इसके अलावा, जीएसटी की दरें घटाई गई हैं जिससे चीजें सस्ती हुईं और घरेलू खर्चों में कमी आई है।
जम्मू-कश्मीर के युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए मोदी सरकार प्रतिबद्ध : शोभा
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार जम्मू-कश्मीर के युवाओं को राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें गलत रास्ते पर जाने से रोकने के लिए लगातार कोशिशें कर रही है। उन्होंने यह बात उच्च सदन में प्रश्नकाल में पूरक सवालों के जवाब में कही। उन्होंने कहा कि कभी पत्थरबाजी के लिए पहचाना जाने वाला जम्मू-कश्मीर अब रोजगार सृजन व विकास की ओर बढ़ रहा है। बीते सात वर्षों में यहां 1.6 लाख नए लोग ईपीएफओ से जुड़े हैं। जम्मू-कश्मीर बैंक ने क्रेडिट गारंटी योजना के तहत करीब 14,490 करोड़ रुपये के ऋण दिए हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं। इसके अलावा, क्रिकेट बैट निर्माण के लिए नौ विशेष क्लस्टर बनाए गए हैं। श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि देश में 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए सामान्य स्थिति पर अनुमानित बेरोजगारी दर 2019-20 के 4.8 फीसदी से घटकर 2023-24 में 3.2 फीसदी हो गई। जम्मू-कश्मीर में बेरोजगारी दर 6.7% से घटकर 6.1% हो गई।
आईएएस, आईपीएस और आईएफएस के 2,800 पद रिक्त
सरकार ने बृहस्पतिवार को संसद को बताया कि तीन अखिल भारतीय सेवाओं आईएएस, आईपीएस और आईएफएस में 2,800 से अधिक पद रिक्त हैं। इनमें से अकेले आईएएस स्तर पर 1,300 अधिकारियों की कमी है। कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि 1 जनवरी, 2025 को संकलित सिविल सूची के अनुसार भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में 1,300 रिक्तियां, भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में 505 रिक्तियां और भारतीय वन सेवा (आईएफएस) में 1,029 रिक्तियां हैं। इस तरह आईएएस में कुल स्वीकृत 6,877 पदों में लगभग 18.9 प्रतिशत रिक्तियां हैं। आईपीएस के कुल स्वीकृत 5,099 पदों में 9.9 प्रतिशत और आईएफएस में स्वीकृत 3,193 पदों में लगभग 32.2 प्रतिशत रिक्तियां हैं।
परमाणु क्षेत्र : भारत का 2047 तक 100 गीगावाट क्षमता तक पहुंचने का लक्ष्य
केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में देश के परमाणु कार्यक्रम के विस्तार और आत्मनिर्भरता पर विस्तृत जानकारी साझा की। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि भारत की परमाणु क्षमता 2031-32 तक लगभग 22,380 मेगावाट और 2047 तक 100 गीगावाट तक पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पहली बार परमाणु क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोला गया है, जो पांच साल पहले तक अकल्पनीय था। कुडनकुलम परमाणु संयंत्र के बारे में बताते हुए मंत्री ने कहा कि इसकी तीसरी इकाई 2026 और चौथी इकाई 2027 तक पूरी होने की संभावना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी भू-राजनीतिक परिस्थिति इस परियोजना को प्रभावित नहीं करेगी। उन्होंने याद दिलाया कि कुडनकुलम की नींव 1988 में रखी गई थी, लेकिन निर्माण अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में 2002 में शुरू हुआ। 2014 में वर्तमान सरकार के आने के बाद ही इसकी पहली इकाई चालू हो सकी। एक और बड़ी उपलब्धि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 10 फरवरी 2026 को सुबह 5:30 बजे राजस्थान के रावतभाटा परमाणु ऊर्जा प्रोजेक्ट ने 700 मेगावाट की अपनी पूरी क्षमता हासिल कर ली है। 2014 में देश की परमाणु क्षमता 4780 मेगावाट थी, जो अब तेजी से बढ़ रही है।
फिल्मों का टिकट मूल्य तय करे केंद्र : जया
संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और सांसद जया बच्चन के बीच मनोरंजन कर और टिकटों की ऊंची कीमत के मुद्दे पर तीखी नोक-झोंक देखने को मिली। वित्त मंत्री राज्यसभा में मनोरंजन उद्योग के बजट संबंधी जवाब दे रही थीं। इस दौरान जया बच्चन ने उन्हें बीच में टोकते हुए कहा, आपने बहुत अच्छे जवाब दिए हैं। आप एक शानदार कहानीकार हैं। हमारे लिए, मनोरंजन ही सब कुछ है। मैं मनोरंजन उद्योग और टिकटों की कीमतों की बात कर रही हूं। हम सबसे अधिक कर देने वाला उद्योग हैं। टिकटों की कीमत तय करना सरकार का विषय है। इस पर सीतारमण ने कहा, उन्होंने (जय बच्चन) जो विशेष प्रश्न उठाया है कि मनोरंजन उद्योग को नुकसान हो रहा है क्योंकि टिकट की कीमतें बहुत अधिक हैं। वित्त मंत्री ने कहा, हमें मनोरंजन कर जमा करना होगा, लेकिन टिकटिंग प्रदेश का विषय है। इस बारे में मुझसे पूछने का कोई अर्थ नहीं है।
खरगे ने उठाया कार्यस्थलों पर जातिगत भेदभाव का मुद्दा
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कार्यस्थलों पर जाति आधारित भेदभाव को लेकर उच्च सदन में चिंता जताई और सरकार से ऐसे मामलों की समयबद्ध जांच का आग्रह किया। शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए खरगे ने कहा कि ओडिशा में एक समुदाय के लोग अपने बच्चों को दलित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के बनाए भोजन को ग्रहण नहीं करने दे रहे। ऐसा भेदभाव बच्चों के विकास को प्रभावित करेगा। खरगे ने कहा कि कार्यस्थलों पर जातिगत भेदभाव देश के कई हिस्सों में लगातार सामने आ रहा है।
हवाई नेविगेशन के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए खर्च होंगे 3,490 करोड़ रुपये
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने देश में हवाई नेविगेशन के बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने के लिए 3,490 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में बताया कि यह राशि 2026-2028 की अवधि के दौरान खर्च की जाएगी। इसमें से 1,532 करोड़ रुपये विशेष रूप से हवाई यातायात प्रबंधन प्रणालियों के स्वचालन के लिए रखे गए हैं। यह निवेश बढ़ते हवाई यातायात की मांग को पूरा करने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा, एएआई ने अपने हवाईअड्डों पर साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए आईआईटी मद्रास को सलाहकार नियुक्त करने का प्रस्ताव दिया है। यह कदम पिछले वर्ष दिल्ली हवाईअड्डे पर एटीसी सिस्टम में आई तकनीकी खराबी जैसी घटनाओं को रोकने में मदद करेगा।
हवाईअड्डों पर विमानों से पक्षियों के टकराने की घटनाएं बढ़ीं
सरकार ने लोकसभा को बताया कि देश के हवाईअड्डों पर विमानों से पक्षियों के टकराने की घटनाओं में कमी नहीं आई है। 2024 में ऐसी 1,278 घटनाएं हुई थीं, जो 2025 में बढ़कर 1,782 हो गईं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से उपलब्ध डाटा के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में देश के हवाईअड्डों पर विमानों से पक्षी टकराने की 6,337 घटनाएं दर्ज की गईं।