लोकसभा ने वित्त विधेयक, 2024 को ध्वनिमत से मंजूरी दी।
रेल मंत्री अश्विनी लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि रेलवे में पिछले पांच वर्षों यानी 2018-2019 से 2022-2023 तक और चालू वर्ष यानी 2023-2024 से 31.12.2023 के दौरान 3,02,550 (अनंतिम) उम्मीदवारों को विभिन्न समूह 'सी' पदों (स्तर 1 सहित और सुरक्षा संबंधी पोस्ट) के खिलाफ सूचीबद्ध किया गया है।
केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद गिरिराज सिंह ने कहा, "प्रधानमंत्री ने सीधा कहा कि इन्होंने (कांग्रेस) सालों तक राज किया। अंग्रेजों की गुलामी की, अंग्रेजों की अवधारणा को रखा और ये भी कहा कि जो देश को तोड़ना चाहता है वे खुद टूट जाएगा। आज देश 5वीं अर्थव्यवस्था में गया है आने वाले 5 साल में तीसरी अर्थव्यवस्था बनेगा।"
केंद्रीय बजट सत्र 2024 के दौरान राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण पर कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा, "... पूरे समय कांग्रेस की आलोचना ही तो थी, इसके अलावा भाषण क्या था?... ऐसी तमाम बाते थीं जिस पर मल्लिकार्जुन खरगे जवाब देना चाहते थे... हमारा(कांग्रेस) जीवन देश की एकता के लिए ही समर्पित हुआ है। इंदिरा गांधी, राजीव गांधी सब देश की एकता के लिए समर्पित हो गए..."
पीएम नरेंद्र मोदी के भाषण पर केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा, "कांग्रेस की बातों के गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लिए जो नींव रखी है, 10 साल में भारत को एक ताकतवर देश बनाया है। अगले 25 साल में देश को पूर्ण रूप से विकसित राष्ट्र बनाना है। आने वाले 1000 साल में देश कहां होना चाहिए उतनी दूर दृष्टि प्रधानमंत्री ने दी है। हम फक्र करते हैं कि देश को ऐसा प्रधानमंत्री मिला है। हर देश को ऐसा प्रधानमंत्री बार-बार नहीं मिलता है।"
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सरकार द्वारा चलायी जा रहीं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा, 'ग्रीन हाइड्रोजन, एथेनॉल की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। इससे जो पैसा बचेगा, वो किसान की जेब में जाएगा। देश के किसानों को जैविक खेती की तरफ आगे बढ़ा रहे हैं। यूएन के माध्यम से श्रीअन्न का अभियान चलाया। आने वाले वर्षों में भारत के किसानों के सुपरफूड की चर्चा होगी। किसानों के लिए ड्रोन दीदी कार्यक्रम की शुरुआत की है। नैनो यूरिया, नैनो डीएपी के क्षेत्र में सफलता पायी है। सहकारिता क्षेत्र में नया मंत्रालय बनाया है। पशुपालन, मछलीपालन की दिशा में भी हम तेजी से विकास करेंगे।'
'जी20 की सफलता ने साफ कर दिया है कि विश्व का ध्यान हमारी तरफ गया है और टूरिज्म पर फोकस हुआ है। आने वाले पांच सालों में डिजिटल इकॉनोमी भारत का सामर्थ्य बढ़ाने वाली है। एआई समेत आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल हमारे देश में हो रहा है। जमीन स्तर पर बहुत बड़ा बदलाव हो रहा है, जिनमें तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। विकसित भारत शब्दों का खेल नहीं है, ये हमारा समर्पण है। हमारी हर सांस, हर पल और हर सोच देश के लिए समर्पित है। आने वाली सदियां इस स्वर्णकाल को याद करेंगी। जीवन के हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां और नई ताकत आ रही है।इसी के साथ राष्ट्रपति के अभिभाषण का अभिनंदन करते हुए मैं अपनी वाणी को विराम देता हूं।'
'क्या कल हिमालय ये बोलना शुरू कर दे कि नदियां मेरे यहां से बहती हैं, तो मैं पानी नहीं दूंगा। अगर राज्य कोयला देने से मना कर दें तो देश कैसे चलेगा। कोविड के समय में ऑक्सीजन की जरूरत थी अगर उस समय पूर्व के लोग बोलते कि हम ऑक्सीजन नहीं देंगे...ये देश को तोड़ने का प्रयास हो रहा है। हमारा टैक्स, हमारी मनी की बातें हो रही हैं, ये देश को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।'
प्रधानमंत्री ने कहा, 'इनका हाथ, जहां भी लगता है, उसका डूबना तय है। देश में भ्रम मत फैलाइए। इन लोगों की मर्यादा इतनी है कि इन्होंने अपने युवराज को एक स्टार्टअप बनाकर दिया है, और वो नॉन स्टार्टर है। वो लॉन्च ही नहीं हो पा रहा है। मेरा सौभाग्य रहा कि मैं लंबे समय तक राज्य का मुख्यमंत्री रहा तो मुझे स्थानीय लोगों की एस्पिरेशन का पता है। हम राज्यों के विकास से ही राष्ट्र का विकास कर सकते हैं और इस पर कोई विवाद नहीं हो सकता। राज्यों के बीच तंदरुस्त स्पर्धा होनी चाहिए। कोविड के समय में भी मैंने राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ 20 बैठकें की। केंद्र और राज्यों ने मिलकर उस मुश्किल का सामना किया और राज्यों को भी इसका क्रेडिट लेने का अधिकार है। जी20 का आयोजन हम दिल्ली में कर सकते हैं, लेकिन हमने राज्यों में इसकी बैठकें की। सभी राज्यों में बैठकें हुईं, सभी को इसका यश मिला। पूरी दुनिया को हमारे देश के कोने-कोने का एक्सपोजर मिले, हमारा यही प्रयास है।'
प्रधानमंत्री ने कहा, 'सरकारी कंपनियों को लेकर हम पर आरोप लगाए जा रहे हैं। जिनका कोई आधार नहीं है। लोगों को याद है कि मारुति के शेयर की चर्चाएं होती थी। मैं उसके विस्तार में नहीं जाना चाहता। बीएसएनल, एमटीएनएल को बर्बाद करने वाले कौन हैं? जरा याद कीजिए एचएएल की क्या हालत करके रखी गई थी। जिन्होंने एचएएल को तबाह कर दिया, वो एचएएल के गेट पर जाकर भाषण झाड़ रहे थे। एयर इंडिया को किसने तबाह किया, ये हालत कौन लाया। कांग्रेस पार्टी और यूपीए उनकी बर्बादी से मुंह नहीं मोड़ सकते। मैं आजाद भारत में पैदा हुआ, मेरे विचार आजाद और मेरे सपने भी आजाद हैं। हम गुलामी की मानसिकता को ढोने वाले नहीं हैं।'
'हमने जो भी काम किया है, वो एससी, एसटी, ओबीसी के लिए किया है। हमारी योजनाओं से उन्हें अच्छी जीवन जीने का मौका मिला है। हमने इन्हीं वर्ग के लिए पीएम आवास, मुफ्त राशन, मुफ्त इलाज और उज्जवला योजनाएं काम कर रही हैं। लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया जाता है। एससी-एसटी के लिए जो स्कॉलरशिप दी जाती है, वह बढ़ी है। उच्च शिक्षा में नामांकन बढ़े हैं और ड्रॉपआउट की संख्या घटी है। एकलव्य स्कूल खोले जा रहे हैं।'
प्रधानमंत्री ने कहा,'जाति के मामले पर कांग्रेस अपने गिरेबान में झांके। दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों की कांग्रेस जन्मजात विरोधी है, अगर बाबा साहेब आंबेडकर नहीं होते तो पता नहीं एससी, एसटी को आरक्षण भी मिलता या नहीं। मैं आदरपूर्वक नेहरू जी को ज्यादा याद करता हूं। एक बार नेहरू जी ने एक चिट्ठी लिखी और ये चिट्ठी मुख्यमंत्रियों को लिखी थी। उन्होंने लिखा था- 'मैं किसी भी आरक्षण को पसंद नहीं करता और खासकर नौकरी में आरक्षण तो कतई नहीं। मैं ऐसे किसी भी कदम के खिलाफ हूं, जो अकुशलता को बढ़ावा दे, जो दोयम दर्जे की तरफ ले जाए।' तभी मैं इन्हें जन्मजात विरोधी कहता हूं। उन्होंने लिखा 'नौकरियों में आरक्षण मिला तो सरकारी कामकाज का स्तर गिर जाएगा। अगर उस समय नौकरियों में भर्ती होते तो आज प्रमोशन पाकर यहां होते।'
'नेहरू जी ने जो कहा, वो कांग्रेस के लिए हमेशा से पत्थर की लकीर होता है। मैं अनगिनत उदाहरण दे सकता हूं और वो मैं जम्मू कश्मीर का देना चाहूंगा। नेहरू ने कश्मीर के एससी, ओबीसी और एसटी को सात दशकों तक उनके अधिकारों से वंचित रखेगा। हमने आर्टिकल 370 को निरस्त किया, तब जाकर इतने दशकों के बाद एसटी,एससी ओबीसी को वो अधिकार मिले, जिन्हें रोक कर रखा गया था। जम्मू कश्मीर में फोरेस्ट राइट एक्ट, प्रिवेंशन ऑफ एट्रोसिटी एक्ट नहीं था, ये हमने 70 हटाकर अधिकार दिए। हमारे एससी समुदाय में भी सबसे पीछे बाल्मिकी समाज रहा, लेकिन हमारे बाल्मिकी परिवारों को जम्मू कश्मीर में डोमिसाइल का अधिकार नहीं दिया गया। मैं आज देश को भी अवगत करना चाहता हूं कि स्थानीय निकायों में कल 6 फरवरी को विधेयक लोकसभा में बिल पारित हो गया।'
"मैं एक कोट पढ़ता हूं। महंगाई दर बीते दो वर्षों से लगातार बढ़ रही है। करेंट अकाउंट डेफिसिट हमारी उम्मीदों से ज्यादा बढ़ रहा है। यह कोट यूपीए सरकार के कार्यकाल में प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह ने कहा था। इनके ही नेता ने यह कहा था। मैं एक और कोट पढ़ता हूं- सरकारी ऑफिसों का दुरुपयोग होता है। यह भी मैंने नहीं कहा था। यह भी मनमोहन सिंह ने कहा था। तब देश में गली गली में आंदोलन चल रहे थे। अब मैं तीसरा कोट पढ़ूंगा। इस संशोधन की कुछ पंक्तियां हैं। टैक्स कलेक्शन में भ्रष्टाचार होता है, इसके लिए जीएसटी लाना चाहिए। राशन में गलती होती है। इसके लिए उपाय करने होंगे। सरकारी ठेके किसे दिए जा रहे हैं, इस पर भी शक होता है। यह भी तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह ने ही कहा था। इससे पहले भी एक प्रधानमंत्री ने कहा था कि सरकार से एक रुपया जाता हो तो सिर्फ 15 पैसे पहुंचते हैं।"
प्रधानमंत्री ने कहा 'जिस कांग्रेस की अपने नेता की कोई गारंटी नहीं, अपनी नीति की कोई गारंटी नहीं, वो मोदी की गारंटी पर सवाल उठा रहे हैं। हम ऐसा क्यों कहते हैं हम ऐसा क्यों देख रहे हैं। देश उनके 10 साल के कार्यकाल से क्यों नाराज था। इतना गुस्सा देश को क्यों आया। ये सब हमारे कहने से नहीं हुआ है। ये खुद के उनके कर्म हैं। जब लोगों ने उन्हें बहुत कुछ कहा हो तो मैं कुछ कहने की क्या जरूरत है।'
'मैंने सुना है लोकतंत्र में आपका कहने का अधिकार है और हमारी सुनने की जिम्मेदारी है। आज जो भी बातें हुई हैं, उसे मुझे देश के सामने रखना चाहिए। जब मैं सुनता हूं तब मेरा विश्वास पक्का हो गया कि यह पार्टी (कांग्रेस) सोच से भी आउटडेटेड हो गई है। जब सोच आउटडेटेड हो गई है, तो उनका काम भी आउटडेटेड हो गया है। देखते ही देखते इतने दशकों तक देश पर राज करने वाला दल, इतना बड़ा दल, उसका यह हाल हो गया। हमें खुशी नहीं हो रही, हमें संवेदना है। लेकिन डॉक्टर क्या करेगा, जब मरीज ऐसा हो तो। ये बात सही है कि आज बहुत बड़ी बातें होती हैं, सुनने की ताकत भी खो चुके हैं। लेकिन मैं तो देश के सामने बात रखने के लिए जरूर कहूंगा। जिस कांग्रेस ने सत्ता के लालच में सरेआम लोकतंत्र का गला घोंट दिया था। जिस कांग्रेस ने दर्जनों बार लोकातांत्रिक तरीकों से चुनकर आई सरकारों को रातों रात भंग कर दिया। बर्खास्त कर दिया। जिस कांग्रेस ने देश के संविधान-लोकतंत्र की मर्यादाओं को जेल के पीछे बंद कर दिया था। जिस कांग्रेस ने अखबारों पर ताले लगाने की कोशिश की। जिस कांग्रेस ने देश को तोड़ने का नया नैरेटिव गढ़ने का काम किया है। जो उत्तर-दक्षिण को तोड़ने की बात कह रही है। वह हमें फेडरलिज्म पर प्रवचन दे रही है।'
'जिस कांग्रेस ने जाति और भाषा के नाम पर देश को बांटने में कोई कसर नहीं छोड़ी, जिस कांग्रेस ने आतंकवाद और अलगाववाद को अपने हित में पनपने दिया। जिस कांग्रेस ने पूर्वोत्तर को हिंसा, अलगाव और पिछड़ेपन में ढकेल दिया। जिस कांग्रेस के राज में नक्सलवाद को देश के लिए बड़ी चुनौती बनाकर छोड़ दिया। जिस कांग्रेस ने देश की बहुत बड़ी जमीन दुश्मनों के हवाले कर दी। जिस कांग्रेस ने देश की सेनाओं का आधुनिकीकरण होने से रोक दिया, वह आज हमें आंतरिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा पर भाषण दे रहे हैं।'
'जो कांग्रेस आजादी के बाद से ही कन्फ्यूज रही कि उद्योग जरूरी हैं या खेती जरूरी है। जो कन्फ्यूज रही कि राष्ट्रीयकरण करना है या निजीकरण करना है। जो कांग्रेस 10 वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था को 12 से 11 नंबर पर ला पाई। हमारे समय में अर्थव्यवस्था पांचवें नंबर पर आई। और ये हमें आर्थिक नीतियों पर भाषण दे रही है। जिस कांग्रेस ने कभी ओबीसी को आरक्षण नहीं दिया। जिसने सामान्य वर्ग के गरीबों को आरक्षण नहीं दिया। जिसने बाबासाहेब के बजाय अपने ही परिवारों को भारत रत्न दिया। जिस कांग्रेस ने देश के सड़कों-चौक चौराहों को अपने ही परिवार के नाम दे दिए, वे हमें सामाजिक न्याय का पाठ पढ़ा रहे हैं।'
प्रधानमंत्री ने विपक्षी पर निशाना साधते हुए कहा 'मैंने भी तब प्रार्थना की थी। की क्या थी मैं तो करता ही रहता हूं। पश्चिम बंगाल से एक आवाज आई थी कि कांग्रेस 40 पार नहीं कर पाएगी। मैं प्रार्थना करता हूं कि आप 40 बचा पाएं।'
'आज भी आप न सुनने की तैयारी के साथ आए हैं। लेकिन मेरी आवाज को आप दबा नहीं सकेंगे। देश की जनता ने इस आवाज को ताकत दी हुई है। देश की जनता के आशीर्वाद से आवाज निकल रही है। इसलिए इस बार मैं भी पूरी तैयारी से आया हूं। मैंने सोचा था उस वक्त कि अगर आप जैसे व्यक्ति सदन में आए हैं, तो मर्यादाओं का पालन करेंगे। लेकिन तब आपने क्या जुर्म किया था उस वक्त।'
पीएम मोदी ने कहा 'संविधान की यात्रा के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर राष्ट्रपति जी के भाषण का एक एतिहासिक महत्व भी रहता है। उन्होंने अपने भाषण में भारत के उज्ज्वल भविष्य के प्रति विश्वास को प्रकट किया है और भारत के कोटि-कोटि जनों का जो सामर्थ्य है, उसे भी बहुत कम शब्दों और बहुत शानदार तरीके से सदन में प्रस्तुत किया है। मैं राष्ट्रपति जी के इस प्रेरक उद्भोदन के लिए और राष्ट्र को दिशा देने के लिए उन्हें धन्यवाद देता हूं।'
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान हरियाणा से सांसद कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि मोदी सरकार की उपलब्धियों की सूची अंतहीन है, लेकिन कुछ लोग इसे देख नहीं पा रहे हैं। भगवान श्रीराम की उनके जन्मस्थान में वापसी की उपलब्धि को नकारा नहीं जा सकता। इसके बावजूद विपक्षी सांसदों ने राष्ट्रपति के अभिभाषण में भगवान राम के नाम के कई बार जिक्र पर सवाल उठाया था। कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि ये आस्था, संस्कृति और परंपराओं का मामला है।
समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण में युवा शक्ति, किसान, महिला सशक्तिकरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने कंपनियों के साढ़े दस लाख करोड़ माफ किए हैं, लेकिन सरकार ने किसानों का लोन माफ करने से इनकार कर दिया। संसद में महिला आरक्षण विधेयक पारित हुआ, लेकिन अभी ये विधेयक लागू होने में कई साल लगेंगे। जया बच्चन ने सवाल उठाया कि अगर इस विधेयक को लागू होने में अभी कई साल लगेंगे तो फिर इसे अभी लाने का क्या मतलब है? इसके लिए क्यों विशेष सत्र बुलाया गया। जातीय जनगणना पर सरकार की चुप्पी पर सपा सांसद ने कहा कि ये भी गरीबों के अधिकारों और हितों का उल्लंघन है।'
दोपहर दो बजे राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलेंगे पीएम मोदी। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी।
केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने कहा है 'बीते 10 वर्षों में सरकार ने पीएम मोदी के नेतृत्व में जिस तरह से काम किया है, उससे देश में बड़े सकारात्मक बदलाव हुए हैं। प्रधानमंत्री ने जनता के साथ बेहतर तरीके से संवाद किया है और देश में एक सकारात्मक माहौल है।'
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ से शिकायत की कि उनके भाषण के कुछ अंश हटा दिए गए हैं। खरगे ने उनके भाषण के हटाए गए अंशों को फिर से जोड़ने की मांग की है।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने आज लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव दिया है, जिसमें चीन से सीमा पर जारी तनाव के मुद्दे पर चर्चा की मांग की गई है।
बुधवार को राज्यसभा में प्रधानमंत्री के अभिभाषण के बाद अंतरिम बजट और जम्मू कश्मीर के अंतरिम बजट पर भी चर्चा होगी। सरकार द्वारा पार्लियामेंट स्टैंडिंग कमेटी की 62वीं रिपोर्ट पर क्या कार्रवाई की गई, इसकी जानकारी राज्यसभा में सांसद हरनाथ सिंह यादव और रामनाथ ठाकुर देंगे।