लोगों की तकलीफ और लोकतंत्र पर हमला होगा चर्चा में खास
कांग्रेस के लोकसभा में उपनेता गौरव गोगोई ने कहा कि एसआईआर और वोट चोरी से जुड़े सभी अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों की तकलीफ और लोकतंत्र पर हमले को चर्चा के जरिए सामने लाना है।
हर दल से एक नेता को बोलने का मौका
समाजवादी पार्टी के नेता हरेंद्र मलिक ने बताया कि ‘जन महाभियोग’ की कार्यवाही में प्रत्येक दल से केवल एक नेता बोलेगा। संबंधित दल का प्रमुख स्वयं बोल सकता है।
'खरगे के आवास पर सीमित लोगों की होगी मौजूदगी'
कांग्रेस नेता उदित राज ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के प्रस्तावित सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम को लेकर कहा कि इसमें सीमित संख्या में लोग शामिल होंगे। यह कार्यक्रम संसद की कार्यप्रणाली और उसमें आए बदलावों को दिखाने के लिए एक नाटकीय प्रस्तुति जैसा होगा। उन्होंने बताया कि यह आयोजन मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हो रहा है, इसलिए जगह की सीमित क्षमता के कारण अधिक लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। उदित राज ने कहा कि गठबंधन का मुख्य कार्यक्रम 1 नवंबर को होने वाली रैली है, जिसमें इंडिया गठबंधन के सभी दल और लोकतांत्रिक ताकतें शामिल होंगी।
इंडिया गठबंधन के कार्यक्रम पर भाजपा का हमला
भाजपा नेता सुशील कुमार सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के प्रस्तावित सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष के आवास पर मॉक पार्लियामेंट आयोजित करना देश के लोकतंत्र का मजाक उड़ाने जैसा है। यह सिर्फ एक नाटकीय प्रदर्शन है। सुशील सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों का जनता और संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सुप्रीम कोर्ट और संसद जैसी संस्थाओं का भी सम्मान नहीं करता। उन्होंने दावा किया कि इस तरह के राजनीतिक ड्रामे सफल नहीं होंगे।
विपक्ष के प्रस्तावित महाभियोग कार्यक्रम पर श्याम रजक का तंज
जेडीयू विधायक श्याम रजक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रस्तावित सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष बैलेट पेपर और ईवीएम, दोनों से हुए चुनाव हार चुका है और अब अपनी हार के लिए अलग-अलग मुद्दे उठा रहा है। श्याम रजक ने आरोप लगाया कि विपक्ष धीरे-धीरे जनता से दूर होता जा रहा है। जनता से जुड़ने और उनकी समस्याओं पर चर्चा करने के बजाय विपक्ष दूसरे मुद्दों में उलझा हुआ है। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी बैठक करना चाहता है तो करे, लेकिन जनता पहले ही उससे दूरी बना चुकी है।
'महाभियोग को राजनीतिक ड्रामा न बनाएं'
महाराष्ट्र के मुंबई में भाजपा नेता राम कदम ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के प्रस्तावित 'पीपुल्स इम्पीचमेंट' कार्यक्रम पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महाभियोग एक गंभीर संवैधानिक प्रक्रिया है, इसे राजनीतिक ड्रामे में नहीं बदलना चाहिए। अगर विपक्ष को कोई आपत्ति है तो उसे न्यायपालिका का रुख करना चाहिए या चुनाव आयोग को सबूत सौंपने चाहिए। राम कदम ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की विपक्ष की मांग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि चार राज्यों में विधान परिषद की 28 सीटों पर बैलेट पेपर से हुए चुनाव में कांग्रेस को केवल एक सीट मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि हार के बाद विपक्ष चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराता है।
संजय जायसवाल का तंज, कहा - यह नाटक है
भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के प्रस्तावित सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम पर विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि विपक्ष ने संसद के पूरे मानसून सत्र को चलने नहीं दिया। विपक्ष संसद के भीतर अपनी बात रखने के बजाय बाहर मॉक पार्लियामेंट आयोजित कर रहा है। संजय जायसवाल ने इसे नाटकीय प्रदर्शन बताते हुए कहा कि एक तरफ विपक्ष संसद की कार्यवाही नहीं चलने देता और दूसरी तरफ संसद के बाहर अपनी अलग संसद चलाता है। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए दुखद बताया।
ज्ञानेश कुमार पर वी. शिवदासन का आरोप, बोले- लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे
सीपीआई (एम) सांसद वी. शिवदासन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार आरएसएस और भाजपा के हितों के लिए काम कर रहे हैं। शिवदासन ने कहा कि उन्हें इतने बड़े संवैधानिक पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार और उनकी टीम देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है। शिवदासन के मुताबिक, सीपीआई (एम) और वामपंथी दल ज्ञानेश कुमार और उनकी टीम के खिलाफ व्यापक अभियान चला रहे हैं।
मॉक पार्लियामेंट पर जगदंबिका पाल का सवाल, बोले- संसदीय लोकतंत्र में ऐसा कोई प्रावधान नहीं
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने इंडिया गठबंधन के सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम के तहत आयोजित मॉक पार्लियामेंट पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश के लोग पहली बार मॉक पार्लियामेंट जैसी चीज देख रहे हैं। जगदंबिका पाल के मुताबिक, संसदीय लोकतंत्र में मॉक पार्लियामेंट का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि संसद में सदस्य या तो सत्ता पक्ष में होते हैं या विपक्ष में। सभी सांसदों को देश की जनता ने चुनकर संसद भेजा है। उन्होंने याद दिलाया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता सरकार चुनती है और सांसदों को लोकसभा में प्रतिनिधित्व का अवसर देती है।
खरगे के आवास पर जुटने लगे कांग्रेस नेता
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के प्रस्तावित सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम को लेकर दिल्ली में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कार्यक्रम से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर कांग्रेस नेताओं का पहुंचना शुरू हो गया। गठबंधन की ओर से इस आयोजन के जरिए चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपनी आपत्तियां दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
चुनाव आयोग पर अवधेश प्रसाद का हमला, बोले- लोकतंत्र की जड़ें कमजोर करने की कोशिश
समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के 'पीपुल्स इम्पीचमेंट' कार्यक्रम में चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और चुनाव आयोग देश में लोकतंत्र को खत्म करना चाहते हैं। अवधेश प्रसाद ने कहा कि किसी भी देश में लोकतंत्र की मजबूती का आकलन वहां के चुनाव आयोग की निष्पक्षता, ईमानदारी और स्वतंत्रता से किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत का चुनाव आयोग निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से काम नहीं कर रहा है तथा सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहा है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जन महाभियोग कार्यक्रम टला
सूत्रों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'सार्वजनिक महाभियोग' का कार्यक्रम, जो शुक्रवार को यहां आयोजित होने वाला था, शहर के मौसम को देखते हुए टाल दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि अब यह 'सार्वजनिक महाभियोग' 31 अक्तूबर को होने की संभावना है। यह तारीख विपक्षी गठबंधन की रामलीला मैदान में होने वाली रैली से एक दिन पहले की है, जो मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) और मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) के खिलाफ आयोजित की जा रही है। बता दें कि विपक्षी गठबंधन को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब और तालकटोरा स्टेडियम जैसी अन्य जगहें नहीं मिल पाईं, जिसके बाद इस जगह (खरगे के आवास) को चुना गया था। गुरुवार को हुई इस तैयारी बैठक में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश और के.सी. वेणुगोपाल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मीरा कुमार, टीएमसी के डेरेक ओ'ब्रायन, समाजवादी पार्टी के हरेंद्र मलिक, जेएमएम की महुआ माजी और सीपीआई (एम) के जॉन ब्रिटास समेत कई अन्य नेता शामिल हुए थे।
कार्यक्रम टलने पर विपक्ष ने क्या कहा?
जन महाभियोग कार्यक्रम को एक दिन के लिए टाले जाने के बाद विपक्षी नेताओं ने साफ किया है कि कार्यक्रम अब कल इसी समय आयोजित किया जाएगा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि पूरा विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट है और अलग-अलग जगह हो रहे प्रदर्शन असल में एक ही विरोध का हिस्सा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को दिल्ली पहुंचने से रोका जा रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि कार्यक्रम रद्द नहीं हुआ है, बल्कि इसे सिर्फ एक दिन आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि कल इसी वक्त महाभियोग कार्यक्रम होगा और विपक्ष पीछे हटने वाला नहीं है। राहुल ने यह भी कहा कि अलग-अलग दलों और संगठनों के प्रदर्शन को अलग-अलग नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि सभी का उद्देश्य एक ही है।
तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने भी विपक्षी एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक इस लड़ाई में एक साथ है और विपक्ष यह लड़ाई जीतेगा। उनके बयान से यह संकेत देने की कोशिश की गई कि कार्यक्रम टलने के बावजूद विपक्षी गठबंधन की रणनीति में कोई बदलाव नहीं आया है।
समाजवादी पार्टी के नेता धर्मेंद्र यादव ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने कई सीटें जुगाड़ के सहारे जीती हैं, जबकि जिन सीटों पर उसे हार मिली है वहां उसे बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि आज प्रस्तावित कार्यक्रम अब कल आयोजित किया जाएगा और इसमें समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी शामिल होंगे।