प्रधानमंत्री ने कहा कि 'असली लौह पुरुष को याद करते हैं, जिन्होंने पत्थर, चाकू और विभिन्न साजिशों का सामना किया, लेकिन कभी भी भारत की एकता से समझौता नहीं किया। इतिहास में सच्चाई दर्ज होनी चाहिए न कि कांग्रेस का तोड़-मरोड़कर पेश किया गया पक्ष। 86 वर्षों तक इस सच को राजनीतिक फायदे के लिए छिपाकर रखा गया। इतिहासकार रिजवान कादरी इसे सबके सामने लाए। यह इस बात की याद दिलाता है कि आजादी की लड़ाई के दौरान सरदार पटेल ने न सिर्फ अंग्रेजों से, बल्कि अंदरूनी धोखे से भी लड़ाई लड़ी थी।'
पीएम मोदी ने कहा कि 'आज देश में रिकॉर्ड हाइवे और एक्सप्रेस वे बन रहे हैं। वंदे भारत और नमो भारत जैसी ट्रेन भारतीय रेल को बदल रही हैं। छोटे शहर भी अब एयरपोर्ट की सुविधा से जुड़ रहे हैं। इस आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से भारत को लेकर दुनिया का नजरिया ही पूरी तरह बदल रहा है। इसने पूरब से पश्चिम, उत्तर से दक्षिण देश की दूरियों को भी कम किया है।'
प्रधानमंत्री ने कहा कि 'सरदार साहब ने देश की संप्रभुता को सबसे ऊपर रखा लेकिन दुर्भाग्य से सरदार साहब के निधन के बाद के वर्षों में देश की संप्रभुता को लेकर तब की सरकारों में उतनी गंभीरता नहीं रही। एक ओर कश्मीर में हुई गलतियां, दूसरी ओर पूर्वोत्तर में पैदा हुई समस्याएं और देश में जगह-जगह पनपा नक्सलवाद-माओवादी आतंक, ये देश की संप्रभुता को सीधी चुनौतियां थी लेकिन उस समय की सरकारों ने सरदार साहब की नीतियों पर चलने की जगह रीढ़विहीन रवैये को चुना। इसका परिणाम देश ने हिंसा और रक्तपात के रूप में झेला। 2014 के बाद हमारी सरकार ने नक्सलवाद और माओवादी आतंक पर प्रचंड प्रहार किया।'
पीएम मोदी ने कहा कि 'आज हमारे देश की एकता और अंदरूनी सुरक्षा को घुसपैठियों से गंभीर खतरा है। दशकों से, विदेशी घुसपैठिए हमारे देश में घुस रहे हैं, इसके संसाधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं, और इसका जनसांख्यिकी का संतुलन बिगाड़ रहे हैं। दुर्भाग्य से, पिछली सरकारों ने इस गंभीर मुद्दे को नजरअंदाज किया और इस समस्या से आंखें मूंद लीं। वोट-बैंक की राजनीति के चक्कर में, उन्होंने जानबूझकर देश की सुरक्षा से समझौता किया। पहली बार, देश ने इस चुनौती का सीधे सामना करने और अपनी अखंडता की रक्षा करने के लिए एक मजबूत और निर्णायक रुख अपनाया है।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'सरदार पटेल मानते थे कि इतिहास लिखने में समय नहीं गंवाना चाहिए, हमें तो इतिहास बनाने के लिए मेहनत करनी चाहिए। उनकी ये भावना हमें उनकी जीवनगाथा में दिखाई देती है। सरदार साहब ने जो नीतियां बनाई, जो निर्णय लिए, उन्होंने नया इतिहास रचा। आजादी के बाद 550 से ज्यादा रियासतों को साथ जोड़ने के असंभव कार्य को उन्होंने संभव करके दिखा दिया। एक भारत-श्रेष्ठ भारत का विचार उनके लिए सर्वोपरि था।'
पीएम मोदी ने कहा कि 'सरदार साहब चाहते थे कि जैसे उन्होंने बाकी रियासतों का विलय किया, वैसे ही ओर कश्मीर का विलय हो, लेकिन, पंडित नेहरू ने उनकी वो इच्छा पूरी नहीं होने दी। कश्मीर को अलग संविधान और अलग निशान से बांट दिया गया। कश्मीर पर कांग्रेस ने जो गलती की थी, उसकी आग में देश दशकों तक जलता रहा।'
राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम में अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, 'सरदार पटेल अमर रहें, आज हम सब एक महान क्षण के साक्षी बन रहे हैं। देशभर में हो रही एकता दौड़ कोटि-कोटि भारतीयों का उत्साह बढ़ा रही है। हम नए भारत की संकल्प शक्ति को साक्षात महसूस कर रहे हैं। हर ऐसी बात जो देश की एकता को कमजोर करती है। हर देशवासी को उससे दूर रहना है। ये राष्ट्रीय कर्तव्य है, ये सरदार साहब को सच्ची श्रद्धांजलि है। यही आज देश की जरूरत है। यही आज एकता दिवस का हर भारतीय के लिए संदेश भी है, संकल्प भी है।'
केवड़िया के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड के दौरान भारतीय वायु सेना की सूर्य किरण एरोबैटिक टीम (SKAT) ने आसमान को तिरंगे के रंग में रंग दिया।
राष्ट्रीय एकता दिवस पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, 'सरदार वल्लभभाई पटेल (स्वतंत्रता संग्राम के दौरान) सभी आंदोलनों की रीढ़ थे और उन्होंने उनकी सफलता सुनिश्चित की। उनके सभी कदम आज भी प्रासंगिक हैं।'
'राष्ट्रीय एकता दिवस' परेड में BSF, CRPF, CISF, ITBP और SSB की टुकड़ियां के साथ-साथ असम, त्रिपुरा, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, जम्मू और कश्मीर, केरल, आंध्र प्रदेश राज्यों के पुलिस बल भी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर एकता की शपथ दिलाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर 'राष्ट्रीय एकता दिवस' परेड की सलामी ली।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर शक्ति स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर दिल्ली के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम से 'रन फॉर यूनिटी' को झंडी दिखाई।
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'आज का दिन हमारे लिए विशेष दिन है। हर 31 अक्टूबर को हम एकता दौड़ सरदार पटेल साहब के सम्मान में आयोजित करते हैं। आज सरदार पटेल साहब की 150वीं जयंती है और इसके मद्देनजर प्रधानमंत्री मोदी ने तय किया है कि इसको एक विशेष आयोजन के रूप में देशभर में मनाया जाएगा। आजादी के आंदोलन में और आजादी के बाद भारत के अभी के मानचित्र के निर्माण में सरदार पटेल की बहुत बड़ी भूमिका रही है।'
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के सम्मान में मनाए जाने वाले राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
पीएम मोदी ने सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'भारत सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देता है। वे भारत के एकीकरण के पीछे मुख्य शक्ति थे, इस तरह उन्होंने शुरुआती वर्षों में हमारे देश की किस्मत को आकार दिया। राष्ट्रीय एकता, सुशासन और जनसेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। हम एक एकजुट, मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के उनके विजन को बनाए रखने के अपने सामूहिक संकल्प को भी दोहराते हैं।'
गुजरात सरकार ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जाकर लौह पुरुष को नमन करने के बाद सैन्यकर्मियों की परेड की सलामी लेंगें। समारोह का एक प्रमुख आकर्षण सशस्त्र बलों की गणतंत्र दिवस शैली की परेड है। इसमें सजावटी झांकियां भी शामिल होंगी। परेड के दौरान राज्य की झांकियों सहित 10 झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी। गुजरात की झांकी देश को एकजुट करने में सरदार पटेल के अमूल्य योगदान को दर्शाएगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की। देश के पहले गृह मंत्री और विभिन्न रियासतों को भारत के साथ मिलाकर देश को एकजुट करने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल की आज 150वीं जयंती है। राष्ट्रपति के साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली के उप-राज्यपाल वीके सक्सेना और दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने भी सरदार पटेल को श्रद्धांजलि दी।