महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख चंद्रकांत पाटिल, प्रवीण दारेकर और अन्य पार्टी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस के आवास से रवाना हुए।
महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता अतुल लोंधे ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फर्जी पत्र को लेकर ट्वीट किया, "हम महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल से इस फर्जी पत्र को जारी करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते हैं। संवैधानिक संस्था, राज्यपाल का दुरुपयोग किया जा रहा है।"
महाराष्ट्र के राज्यपाल द्वारा 30 जून को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराने को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहा एक पत्र फर्जी है। महाराष्ट्र राजभवन ने इसकी पुष्टि की है।
महाराष्ट्र भाजपा के नेता देवेंद्र फडणवीस ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से राज्य में फ्लोर टेस्ट कराने की मांग कर दी है। फडणवीस ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि राज्य की महाविकास अघाड़ी सरकार अल्पमत है और उसके 39 विधायक बाहर हैं। यह विधायक सरकार को समर्थन नहीं देते हैं। भाजपा नेता ने कहा, "हमने कोश्यारी को बताया कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार अल्पमत में है क्योंकि शिवसेना के 39 विधायक कांग्रेस और राकांपा से नाता तोड़ना चाहते हैं।"
महाराष्ट्र भाजपा के नेता और राज्य के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस मंगलवार रात राज्यपाल के घर पहुंच गए। आज ही दिल्ली से लौटे फडणवीस राज्यपाल से बहुमत परीक्षण की मांग कर सकते हैं।
शिवसेना नेता संजय राउत ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले बागी धड़े के खिलाफ आक्रामक टिप्पणी करते हुए मंगलवार को कहा कि जिन लोगों ने पार्टी नेतृत्व से विश्वासघात किया है, उन्हें इधर-उधर घूमने-फिरने में सक्षम नहीं होना चाहिए। मुंबई में अलीबाग में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘विश्वासघाती सड़कों पर घूमने में सक्षम नहीं होने चाहिए।’’ राउत ने उस दावे को लेकर पार्टी के बागी विधायकों की खिंचाई की, जिसमें कहा गया है कि वे पार्टी की हिंदुत्व की छवि को बचाने के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बागी विधायकों में से आधे से अधिक पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) में थे।
शिवसेना सांसद संजय राउत ने उस दावे को लेकर पार्टी के बागी विधायकों की खिंचाई की है, जिसमें कहा गया है कि वे पार्टी की हिंदुत्व की छवि को बचाने के लिए लड़ रहे हैं। राउत ने मंगलवार को कहा कि बागी विधायकों में से आधे से अधिक पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) में थे। इस बीच बागी विधायकों और उनके नेता तथा महाराष्ट्र के वरिष्ठ मंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के वैचारिक रूप से समान पार्टी भाजपा से अलग होने और राकांपा तथा कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने के फैसले का उन्होंने समर्थन नहीं किया था। मुंबई के पास अलीबाग में एक जनसभा में राउत ने कहा कि एकनाथ शिंदे का समर्थन करने वाले बागी विधायक कह रहे हैं कि उनका मकसद पार्टी संस्थापक बालासाहेब ठाकरे द्वारा परिकल्पित ‘हिंदुत्व’ की रक्षा करना है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की सांसद सुप्रिया सुले ने मंगलवार को इस बात पर नाराजगी जतायी कि जो भी असहमति प्रकट करता है उसे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का नोटिस थमा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां बहुत गंभीर काम करती हैं, लिहाजा उन्हें पूरी तरह से स्वतंत्र होना चाहिए। सुले ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जिस प्रवर्तन निदेशालय को कुछ वर्ष पहले तक लोग जानते भी नहीं थे, उसके नोटिस ऐसे जारी किए जा रहे हैं, जैसे खैरात (दान) बांटी जा रही हो।
महाराष्ट्र कैबिनेट बैठक पर राज्य के मंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने कहा कि कैबिनेट बैठक में कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई, कैबिनेट में सिर्फ एजेंडा पर जो चीज़े थी वो मंजूर हो गए और कुछ मुद्दें बाकी हैं तो शायद कल उस पर चर्चा हो।
महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के वैजापुर से शिवसेना के बागी विधायक रमेश बोर्नारे ने मंगलवार को कहा कि वह मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत करने वाले एकनाथ शिंदे के साथ मजबूती से खड़े हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि शिंदे ‘‘हमारे साथ कुछ भी बुरा नहीं होने देंगे।’’ शिवसेना के मौजूदा नेतृत्व पर निशाना साधते हुए बोर्नारे ने कहा कि उसे इस बात पर आत्ममंथन करना चाहिए कि ‘‘51 विधायक’’ क्यों शिंदे के साथ हो गए हैं। हालांकि विधायकों की इस संख्या की पुष्टि होना अभी बाकी है। शिवसेना के भीतर एक मंडली पर निशाना साधते हुए बोर्नारे ने दावा किया, ‘‘मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आसपास के लोग मुझे उनसे मिलने नहीं देते हैं। संजय राउत जैसे नेताओं ने हमारे खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया है। हालांकि, हम जानते हैं कि शिंदे हमारे साथ कुछ भी बुरा नहीं होने देंगे।’’
उद्धव ठाकरे की ओर से बुलाई गई कैबििनेट बैठक आखिरकार खत्म हो गई। महाराष्ट्र के मंत्री असलम शेख ने बताया कि कैबिनेट बैठक में महाराष्ट्र में बारिश कम होने, पानी की कटौती, कहीं पर बारिश ज्यादा हुई, कोरोना के मामले, कृषि समेत महाराष्ट्र से संबंधित सभी मुद्दों पर अच्छी चर्चा हुई। इसमें कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई है।
बागी विधायकों को लेकर महाराष्ट्र सरकार की चिंता बढ़ती जा रही है। इस बीच राज्य कैबिनेट की बैठक मुंबई में शुरू हो गई है।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा से मिलने दिल्ली स्थित उनके आवास पहुंचे।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने गुवाहाटी में पार्टी विधायकों से चर्चा करने की अपील की और कहा कि आप में से कई लोग हमारे संपर्क में हैं, आप अभी भी दिल से शिवसेना में हैं, कुछ विधायकों के परिवार के सदस्यों ने भी मुझसे संपर्क किया और अपनी भावनाएं बताई। उन्होंने कहा, "पिछले कुछ दिनों से गुवाहाटी में फंसे विधायकों को लेकर हर दिन नई जानकारी सामने आ रही है. शिवसेना परिवार के मुखिया के रूप में मैं आपकी भावनाओं का सम्मान करता हूं और अगर आप आगे आकर बोलेंगे तो हम कोई रास्ता निकाल लेंगे।"
राष्ट्रावादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता सुप्रिया सुले ने शिवसेना में चल रही उथल-पुथल पर बयान दिया है। उन्होंने कहा, "उनका (एकनाथ शिंदे) प्रस्ताव जो भी हो। आज उद्धव ठाकरे ने जो अपील की है वो एक बड़े भाई की तरह की है। जो भी समस्या है घर में होनी चाहिए, अगर वो आकर उद्धव जी से बात कर सकें तो समाधान निकल सकता है। बात होना जरूरी है।
महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना के विधायकों के विद्रोह के बाद मची उथल-पुथल को "शिवसेना का अंदरूनी झगड़ा" बताते हुए भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने मंगलवार को दावा किया कि उनकी पार्टी इस राजनीतिक संकट को दूर खड़े होकर देख भर रही है। विजयवर्गीय ने कहा,‘‘महाराष्ट्र के मौजूदा राजनीतिक संकट के पीछे हमारी कोई भूमिका नहीं है। यह शिवसेना का अंदरूनी झगड़ा है। हम दूर खड़े होकर इसे सिर्फ देख रहे हैं।’’ बागी विधायकों के खिलाफ शिवसैनिकों के उग्र प्रदर्शनों पर भाजपा महासचिव ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में आतंक और भय फैलाते हुए वहां ‘‘पश्चिम बंगाल जैसे हालात’’ बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कथित अराजकता का माहौल बनाने की ऐसी कोशिशों को महाराष्ट्र की जनता कतई पसंद नहीं करेगी।
शिवसेना के बागी नेता उदय सामंत ने कहा है कि मेरे गुवाहाटी आने की वजह वह साजिशें हैं, जिनकी वजह से शिवसेना कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि राकांपा और कांग्रेस ने हाल ही में राज्यसभा चुनाव में संभाजी छत्रपति के चुनाव में बाधा डाली थी। सामंत ने कहा कि वे इसीलिए बागी नेताओं के साथ हैं, क्योंकि शिंदे बालासाहेब के हिंदुत्व की विचारधारा को बढ़ा रहे हैं। मैं अभी भी शिवसेना में हूं और मुझे आम शिवसैनिक समझने की गलती न की जाए।
शिवसेना सांसद संजय राउत को ईडी ने दूसरा समन भेजा है। अब उन्हें पूछताछ के लिए एक जुलाई को बुलाया।
शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे उन विधायकों से नाम का खुलासा करें जो उनके संपर्क में हैं। शिंदे ने होटल के बाहर संवाददाताओं से कहा कि उनके पास 50 विधायकों का समर्थन है। शिवसेना ने दावा किया है कि गुवाहाटी में शिंदे के साथ होटल में ठहरे हुए पार्टी के करीब 20 विधायक उसके संपर्क में है और वे महाराष्ट्र लौटना चाहते हैं।
उद्धव ठाकरे कैबिनेट की बैठक अब शाम पांच बजे होगी। पहले यह बैठक दोहपर 2:30 बजे होने वाली थी।
शिवसेना के बागी विधायकों के खिलाफ मंगलवार को राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस ने पोस्टर वार किया। गुवाहाटी में बागी विधायकों के खिलाफ पोस्टर लगाए गए। इनमें लिखा था, सारा देश देख रहा है, गुवाहाटी में छुपे गद्दारों को...
एकनाथ शिंदे
दादा भुसे
अब्दुल सत्तार
दीपक केसरकर
गुलाबराव पाटील
राजेन्द्र पाटील
बच्चू काडू
संदीपन भूमरे
प्रकाश आबिदकर
उदय सामंत
संजय रैमुलकर
शंभुराज देसाई
संजय शिरसाट
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आज दोपहर 2.30 बजे कैबिनेट की बैठक बुलाई है। वहीं बागी एकनाथ शिंदे को भाजपा डिप्टी सीएम बना सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि शिंदे गुट के आठ विधायकों को कैबिनेट मंत्री और पांच को राज्य मंत्री बनाया जा सकता है।