मुझे बिल्कुल भी आश्चर्य नहीं- प्रियंका चतुर्वेदी
शिव सेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि मुझे बिल्कुल भी आश्चर्य नहीं है। हमने सुना था 'वही होता है जे मंजूर-ए-खुदा' होता है'... 2014 के बाद एक नई परंपरा शुरू हुई है, 'वही होता है' जो मंजूर-ए-नरेंद्र मोदी और अमित शाह होता है। यही हम महाराष्ट्र में होते हुए देख रहे हैं... यह नैतिकता का एक दुर्भाग्यपूर्ण समझौता है। कुछ ऐसा किया जा रहा है जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 'अवैध' और 'असंवैधानिक' करार दिया था 'कानूनी' हो गया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
भरत गोगावले की व्हिप के रूप में नियुक्ति वैध
एकनाथ शिंदे नियमानुसार पार्टी के नेता बने- स्पीकर नार्वेकर
स्पीकर राहुुल नार्वेकर ने विधायकों की अयोग्यता की याचिका खारिज कर दी। इस पर फैसला सुनाते हुए उन्होंने कहा कि जब पार्टी में बंटवारा हुआ था उस समय शिंदे के समर्थन में 37 विधायक थे। उन्होंने यह भी कहा कि एकनाथ शिंदे नियमानुसार पार्टी के नेता बने। 21 जून को ही एकनाथ शिंदे पार्टी के नेता बन गए थे।
शिंदे गुट ही असली शिवसेना
विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर ने असली पार्टी की उद्धव की दलील को भी खारिज कर दिया। उन्होंने निष्कर्ष देते हुए कहा कि जब बागी गुट बना उस वक्त शिंदे गुट ही असली शिवसेना था। 22 जून के मुताबिक शिंदे गुट ही असली शिवसेना के रूप में मान्य है। स्पीकर के इस फैसले से उद्धव गुट को बड़ा झटका लगा है।
महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि मैं स्पीकर के रूप में 10वीं धारा के तहत अधिकार क्षेत्र का प्रयोग कर रहा हूं। अनुसूची का क्षेत्राधिकार सीमित है और यह वेबसाइट पर उपलब्ध ईसीआई के रिकॉर्ड से आगे नहीं जा सकता है और इसलिए मैंने प्रासंगिक नेतृत्व संरचना का निर्धारण करते समय इस पहलू पर विचार नहीं किया है।
महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि शिवसेना के 2018 संशोधित संविधान को वैध नहीं माना जा सकता क्योंकि यह भारत के चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में नहीं है। रिकॉर्ड के अनुसार, मैंने वैध संविधान के रूप में शिव सेना के 1999 के संविधान को ध्यान में रखा है।
चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में भी असली शिवसेना शिंदे गुट
उन्होंने आगे कहा कि मैनें चुनाव आयोग के फैसले को ध्यान में रखा है। चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में भी असली शिवसेना शिंदे गुट ही है। उन्होंने फैसला सुनाते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने भी शिंदे गुट को ही असली शिवसेना कहा है।
स्पीकर नार्वेकर ने बताया फैसले का आधार
स्पीकर राहुल नार्वेकर ने 1200 पन्नों के आदेश को पढ़ते हुए कहा कि इस मामले में दाखिल याचिकाओं को छह समूहों में रखा गया। पहले ग्रुप वन के तहत सुभाष देसाई की याचिका पर वे फैसला पढ़ रहे हैं।
महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का दिन अहम साबित हो सकता है। महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित 16 विधायकों की अयोग्यता मामले में फैसला सुनाना शुरू कर दिया है। अभी वे 1200 पन्नों के आदेश के अहम बिंदु पढ़ रहे हैं।
थोड़ी देर में आएगा फैसला
INDIA गठबंधन की सीट शेयरिंग पर उद्धव शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कहा, "कल दिल्ली में हुई बैठक में कांग्रेस, शिवसेना और NCP के नेता मौजूद रहे। लगभग 3 घंटे तक हमारी बातचीत हुई और बातचीत अच्छी रही। हमने तय किया है कि हमें एक साथ लड़ना है। हमने वन टू वन सीट पर भी चर्चा की है, कौन कहां लड़ेगा लगभग ये भी तय हो गया है। वंचित बहुजन आघाडी को साथ लेने का निर्णय हुआ।"
शिवसेना विधायक की अयोग्यता पर आज होने वाले फैसले पर महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा, "अपात्रता की याचिका पर सुनवाई पूरी हो चुकी है... आज उस पर फैसला सुनाया जाएगा। यह निर्णय कानून में जो प्रावधान है, सर्वोच्च न्यायालय ने जो सिद्धांत स्थापित किए हैं उनके आधार पर ही लिया जाएगा..."
नार्वेकर ने किया पलटवार
इसके अलावा, एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि जब किसी मामले की सुनवाई कर रहा कोई व्यक्ति उस व्यक्ति से मिलता है जिसके खिलाफ सुनवाई हो रही है, तो संदेह पैदा होता है। वहीं, नार्वेकर ने भी ठाकरे और पवार के बयानों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई नियम नहीं है कि किसी मामले की सुनवाई करते समय कोई स्पीकर अन्य महत्वपूर्ण काम नहीं कर सकता।
उद्धव शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कहा, "विधानसभा स्पीकर का एक प्रोटोकॉल होता है। अगर विधानसभा स्पीकर एक पीठासीन पद पर बैठे हैं तो अपनी कुर्सी छोड़कर जो आरोपी है जिनपर हमने याचिका दायर की है उनसे जाकर मुलाकात नहीं सकते। फिर वे कहते हैं कि वे फैसला देंगे, यह कौनसा फैसला है यह मैच फिक्सिंग है। PM मोदी महाराष्ट्र आने वाले हैं, क्या उन्हें पता नहीं है कि फैसला आने वाला है... दिल्ली से लेकर यहां तक इस मामले में मैच फिक्सिंग हो रही है..."
मुलाकात पर बिफरे उद्धव ठाकरे
फैसले के दिन पहले नार्वेकर और शिंदे की मुलाकात पर बवाल शुरू हो गया है। उद्धव गुट के नेता उद्धव ठाकरे ने मातोश्री पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मुलाकात पर कटाक्ष किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर न्यायाधीश ही आरोपी से मिलेंगे तो न्यायाधीश से क्या ही उम्मीद कर सकते हैं। ठाकरे ने कहा कि नार्वेकर की शिंदे से मुलाकात एक न्यायधीश की अपराधी से मुलाकात की तरह है। ऐसे में हम किस तरह के न्याय की उम्मीद करें। नार्वेकर का फैसला ही अब तय करेगा कि देश में लोकतंत्र है या नहीं। फैसले के बाद साफ हो जाएगा कि क्या दोनों नेता मिलकर लोकतंत्र की हत्या करेंगे या नहीं।
महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का दिन अहम साबित हो सकता है। महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित 16 विधायकों की अयोग्यता मामले में अपना फैसला सुनाएंगे। बता दें, सर्वोच्च अदालत ने 10 जनवरी तक फैसला सुनाने का निर्देश दिया था। मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी है। ऐसे में उम्मीद है कि आज फैसला आ जाएगा। महाराष्ट्र विधानसभा के अनुसार, नार्वेकर शाम चार बजे फैसला सुनाएंगे, जो राजनीति के लिए अहम सबित होगी। हालांकि, उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का दावा है कि सरकार स्थिर रहेगी।