चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मणिपुर में सत्तारूढ़ भाजपा गठबंधन सरकार ने 31 सीटों की जादुई संख्या को प्राप्त कर लिया है। हींगांग सीट पर मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के पी शरतचंद्र सिंह को 18,271 मतों से हराया।
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने इंफाल में पार्टी कार्यालय में पार्टी के अन्य नेताओं के साथ भाजपा की जीत का जश्न मनाते हुए खुशी में डांस किया।
भाजपा नेता मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर पणजी विधानसभा सीट से हार गए हैं। उन्हें भारतीय जनता पार्टी के अतानासियो मोनसेरेट ने 716 वोटों से हराया है। उत्पल निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव में खड़े हुए थे। वहीं गोवा के सीएम प्रमोद सांवत को कड़ी टक्कर मिल रही है। वह सिर्फ 666 वोटों से आगे चल रहे हैं।
भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि गोवा के लोगों ने हमें स्पष्ट बहुमत दिया है। हम 20 सीट के करीब पा रहे हैं। लोगों ने पीएम मोदी पर भरोसा जताया है। जहां तक सरकार का सवाल है तो निर्दलीय प्रत्याशी और एमजीपी हमारे साथ है। हम सबको साथ लेकर अपनी सरकार बनाएंगे।
गोवा में आम आदमी पार्टी दो सीटों पर जीतती दिखाई दे रही है। इस बीच आप नेता अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि, आप गोवा में दो सीटें जीत रही है। दोनों प्रत्याशियों को बधाई। उन्होंने कहा कि, यह गोवा में ईमानदार राजनीति की शुरुआत है।
मणिपुर में जनता दल यूनाइटेड का भी खाता खुल गया है। यहां पर तिपइमुख सीट से जदयू के नंगुसंगलुर सानाटे ने जीत हासिल की है।
गोवा में किसी भी पार्टी को बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है। रुझानों में भाजपा यहां बहुमत से सिर्फ दो सीट दूर है। इस बीच भाजपा नेता व गोवा सीएम प्रमोद सावंत ने कहा है कि वह महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी व निर्दलीय प्रत्याशी से समर्थन लेकर सरकार बनाएंगे।
गोवा-मणिपुर के दोपहर 12 बजे तक के रुझानों के मुताबिक, दोनों राज्यों में भाजपा सरकार बनती दिखाई दे रही है। मणिपुर में भाजपा जहां 31 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है तो गोवा में पार्टी 18 सीटों पर आगे चल रही है। हालांकि, गोवा में सीएम प्रमोद सावंत को कड़ी टक्कर मिल रही है। वह सिर्फ 400 वोटों से आगे चल रहे हैं।
गोवा में भारतीय जनता पार्टी 17 सीटों पर आगे चल रही है। यहां पर 13 सीटों पर कांग्रेस बढ़त बनाए हुए है। चुनाव आयोग के मुताबिक सीएम, प्रमोद सावंत यहां अभी भी करीब 400 वोटाें से पीछे चल रहे हैं।
मतगणना के दूसरे घंटे में सामने आए रुझानों में तस्वीर बदलती हुई दिख रही है। गोवा में भाजपा जहां 16 सीटों पर आगे चल रही है तो मणिपुर में पार्टी 29 सीटों पर आगे है। दोनों ही राज्यों में भाजपा बहुमत के करीब है।
गोवा में भाजपा को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। यहां 18 सीटों पर भाजपा आगे चल रही है। वहीं 11 सीटों पर कांग्रेस को बढ़त मिलती दिख रही है।
गोवा के शुरुआती रुझानों में दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। यहां सीएम प्रमोद सावंत संक्वेलिम सीट पर पिछड़ गए हैं। कांग्रेस उम्मीदवार उनसे 400 वोट आगे चल रहे हैं।
गोवा में एक बार फिर से भाजपा व कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। यहां सभी 40 सीटों के शुरुआती रुझान सामने आने लगे हैं। भाजपा जहां 17 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, तो कांग्रेस 18 सीटों पर आगे चल रही है। टीएमसी गठबंधन चार तो अन्य एक पर आगे चल रहे हैं।
गोवा में भाजपा को कांग्रेस से कांटे की टक्कर मिल रही है। यहां की सभी 40 सीटों के शुरुआती रुझान सामने आए हैं। कांग्रेस 20 सीटों पर आगे चल रही है तो वहीं भाजपा 16 पर बढ़त बनाए हुए है। टीएमसी गठबंधन चार सीटों पर आगे है।
मणिपुर में कांग्रेस काफी पिछड़ते हुए दिखाई दे रही है। यहां 23 सीटों पर शुरुआती रुझान सामने आने लगे हैं। 16 सीटों पर भाजपा बढ़त बनाए हुए है, तो कांग्रेस सिर्फ एक सीट पर आगे है।
मणिपुर में भी शुरुआती रूझान सामने आने लगे हैं। यहां भाजपा सात सीटों पर आगे चल रही है। वहीं कांग्रेस एक सीट पर बढ़त बनाए हुए हैं। अन्य दल भी पांच सीटों पर आगे चल रहे हैं।
गोवा में भाजपा व कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर दिखाई दे रही है। यहां सात सीटों पर कांग्रेस आगे चल रही है तो भाजपा चार सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। वहीं महाराष्ट्रवादी गोमांतक दो सीटों पर आगे है।
गोवा में मतगणना से पहले ही सियासी हलचल तेज हो गई है। यहां पर कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर है। खबरों के मुताबिक, मतगणना शुरू होने से पहले ही गोवा में कांग्रेस ने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है।
चुनावों से पहले, मणिपुर भाजपा अध्यक्ष ए शारदा देवी ने भविष्यवाणी की थी कि 2022 के विधानसभा चुनावों में पार्टी कुल 60 निर्वाचन क्षेत्रों में से 40 से अधिक सीटें जीतेगी। पार्टी ने सभी 60 सीटों पर चुनाव लड़ा है। दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता ओकराम इबोबी सिंह ने भी विश्वास जताया था कि उनकी पार्टी राज्य में सत्ता में वापसी करेगी क्योंकि लोग भाजपा सरकार के “खोखले वादों और झूठ” से तंग आ चुके हैं।
गोवा में सत्तारूढ़ भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है, जबकि विपक्षी दल कांग्रेस को उम्मीद है कि इस बार उसके पक्ष में स्पष्ट जनादेश मिलेगा। 40 विधानसभा वाले इस राज्य में बहुमत के लिए किसी पार्टी या गठबंधन के 21 सदस्य होने चाहिए। 2017 के चुनाव में 17 सीटें जीतने के बावजूद कांग्रेस सत्ता पर काबिज नहीं हो सकी थी क्योंकि 13 सीटें जीतने वाली भाजपा ने कुछ निर्दलीय विधायकों और क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन कर मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व में सरकार बना ली थी।