पांच राज्यों में चुनाव की घोषणा पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "राजस्थान में 23 नवंबर को चुनाव हैं। हम राजस्थान में अपने 3 उम्मीदवार पहले ही घोषित कर चुके हैं और जल्द ही तेलंगाना के लिए भी घोषणा करेंगे। हमारी पार्टी चुनाव के लिए तैयार है... मुझे यकीन है कि तेलंगाना में लोग हमारे उम्मीदवारों का समर्थन करेंगे... हम स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं।"
छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और मिज़ोरम के आगामी विधानसभा चुनाव के तारीखों की घोषणा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, "...17 अक्तूबर से 30 नवंबर तक पूरे देश में किसी को भी वोटर लिस्ट से संबंधित कोई भी परिवर्धन, विलोपन और संशोधन कराना है तो उसका स्वागत है, वे ऐसा करा सकते हैं..."
| राज्य | मतदान की तारीख |
| मिजोरम | 7 नवंबर |
| छत्तीसगढ़ | 7 नवंबर, 17 नवंबर |
| मध्यप्रदेश | 17 नवंबर |
| राजस्थान | 23 नवंबर |
| तेलंगाना | 30 नवंबर |
| नतीजे | 3 दिसंबर |
दिल्ली: छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और मिज़ोरम के आगामी विधानसभा चुनाव के तारीखों की घोषणा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, "... PwD के कुल मतदाताओं की संख्या 17.34 लाख है, अगर वे मतदान केंद्र पर आकर मतदान नहीं कर सकते हैं तो उन्हें उनके घर से भी मतदान करने की सुविधा मिलेगी..."
पहली बार विशिष्ट संवेदनशील आदिवासी समूहों (Particularly Vulnerable Tribal Groups) का सौ फीसदी पंजीयन कराया गया है। 17 अक्तूबर को मतदाता सूची सार्वजनिक करा दी जाएगी। 30 नवंबर तक मतदाता सूची में बदलाव कराए जा सकेंगे।
इस बार 1.77 लाख मतदान केंद्र होंगे। 1.01 लाख मतदान केंद्रों में वेब कास्टिंग की व्यवस्था रहेगी।
किस राज्य में कितने मतदान केंद्र?
| राज्य | मतदान केंद्र |
| मध्यप्रदेश | 64,523 |
| राजस्थान | 51,756 |
| छत्तीसगढ़ | 24,109 |
| तेलंगाना | 35,356 |
| मिजोरम | 1,276 |
60.2 लाख नए मतदाता पहली बार वोट डालेंगे। इनकी उम्र 18 से 19 साल के बीच है। 15.39 लाख वोटर ऐसे हैं, जो 18 साल पूरे करने जा रहे हैं और जिनकी एडवांस एप्लीकेशन प्राप्त हो चुकी हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि कुल 16.14 करोड़ मतदाता इन चुनावों में अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। इनमें 8.2 करोड़ पुरुष मतदाता, 7.8 करोड़ महिला मतदाता होंगे। इस बार 60.2 लाख नए मतदाता पहली बार वोट डालेंगे।
| राज्य | कुल मतदाता |
| मध्यप्रदेश | 5.6 करोड़ |
| राजस्थान | 5.25 करोड़ |
| तेलंगाना | 3.17 करोड़ |
| छत्तीसगढ़ | 2.03 करोड़ |
| मिजोरम | 8.52 लाख |
मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनावों की तारीखों के एलान के लिए चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस जारी है।
आगामी विधानसभा चुनाव पर राजद सांसद मनोज झा ने कहा, "...हमें उम्मीद है कि यह चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होंगे... उन्हें(चुनाव आयोग) कोशिश करनी होगी कि नियम सबके लिए समान हो, यही उनकी(चुनाव आयोग) उपलब्धि और जनतंत्र में लोगों की उपलब्धि है।"
आगामी विधानसभा चुनाव पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा ने कहा, "अभी चुनाव तारीखों की घोषणा होगी, देखते है चुनाव आयोग क्या तारीख देता है और कितने चरणों में चुनाव होता है, हमारी पूरी तैयारी है...5 राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, हमें पूरा विश्वास है कि हम जीतेंगे।"
आगामी विधानसभा चुनाव पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंह देव ने कहा, "... जितना जल्दी (चुनाव) हो उतना अच्छा है... आजकल तो चुनाव के लिए तैयारी करने के लिए 5 साल होते हैं, जिस दिन से जिम्मेदारी मिलती है उसी दिन से आप जो भी काम करते हैं वह चुनाव की तैयारी के तौर पर देखा जाता है..."
आगामी विधानसभा चुनाव पर शिवसेना-उद्धव बालासाहेब के सांसद संजय राउत ने कहा, "...5 राज्यों में से 3 राज्यों में जब 5 साल पहले चुनाव हुए थे तब INDIA यानी कांग्रेस जीती थी, इस बार सभी राज्यों में INDIA जीतेगा चाहे मध्य प्रदेश हो या राजस्थान और तेलंगाना बोनस है, तेलंगाना में भी कांग्रेस जीतेगी। तेलंगाना में भाजपा को 10 सीटें भी नहीं मिल रही..."
छत्तीसगढ़ की बात करें तो विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस-भाजपा ने एड़ी चोटी का जोर लगाना शुरू कर दिया है। चुनाव के पहले कांग्रेस सरकार ने गारंटियों को जना के सामने रखा है। वहीं, भाजपा केंद्र की योजनाओं और प्रधानमंत्री के चेहरे के दम पर सत्ता में आने की उम्मीद कर रही है। इसके अलावा आम आदमी पार्टी ने भी फ्री बिजली और फ्री पानी की घोषणा करके राज्य में अपना दावा ठोक रही है।
इससे पहले 2018 में आए चुनाव नतीजों के बाद राज्य में 15 साल बाद कांग्रेस ने सरकार बनाई। भूपेश बघेल राज्य के मुख्यमंत्री बने। आइये जानते हैं राज्य में बीते पांच साल में हुए सियासी घटनाक्रमों के बारे में...
राजस्थान में विधानसभा चुनाव का एलान जल्द हो सकता है। चुनाव आयोग ने सोमवार दोपहर 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। इस दौरान चुनाव की तारीखों का एलान किया जा सकता है। बात अगर राजस्थान विधानसभा की करें तो यहां 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद काफी कुछ बदल गया है। इस दौरान राजस्थान की जनता ने कांग्रेस की अंदरूनी कलह, सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच जारी शीतयुद्ध और भी काफी कुछ है। इन सब के बीच आइए जानते हैं बीते पांच साल में राज्य की सियासत में क्या-क्या बदला? 2018 के चुनाव नतीजे क्या रहे? कब-कब गहलोत सरकार पर संकट आया? राज्य में कांग्रेस की जीत का नेतृत्व करने वाले सचिन पायलट ने कब-कब गहलोत सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कीं? आइये जानते हैं
मध्यप्रदेश में चुनावी बिगुल आज बजने जा रहा है। चुनाव आयोग दोपहर 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए चुनाव तारीखों का एलान कर सकता है। ऐसे में राज्य की सियासी स्थिति के बारे में विस्तार से जानना जरूरी है। मध्यप्रदेश बीते पांच साल में दो सरकारें देख चुका है। 2018 में आए चुनाव नतीजों के बाद राज्य में 15 साल बाद कांग्रेस ने सरकार बनाई। कमलनाथ राज्य के मुख्यमंत्री बने। हालांकि, राज्य की कमलनाथ सरकार 15 महीने तक ही चल सकी। 15 महीने बाद एक बार फिर राज्य में भाजपा की सत्ता में वापसी हुई। आइए जानते हैं राज्य में बीते पांच साल में हुए सियासी उठापटक के बारे में...
निर्वाचन आयोग आज यानी सोमवार दोपहर 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा। इसमें पांच राज्यों में होने वाले चुनावों का एलान किया जा सकता है। गौरतलब है कि इस साल के अंत तक पांच राज्यों- मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में चुनाव होने हैं। पांचों राज्यों में कुल 679 विधानसभा सीटें हैं। मध्य प्रदेश में इस वक्त भाजपा की सरकार है। वहीं, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस शासन में है। तेलंगाना में के. चंद्रशेखर राव वाली भारत राष्ट्र समिति यानी बीआरएस की सरकार है। मिजोरम में जोरमथंगा की मिजो नेशनल फ्रंट सत्ताधारी पार्टी है। पढ़ें पूरी खबर...
सूत्रों के मुताबिक, वर्ष 2018 में हुए विधानसभा चुनावों की तर्ज पर इस बार भी राजस्थान, मिजोरम, तेलंगाना और मध्य प्रदेश में एक चरण तथा नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ में दो चरणों में मतदान हो सकता है। मिजोरम विधानसभा का कार्यकाल 17 दिसंबर जबकि राजस्थान विधानसभा का कार्यकाल 14 जनवरी, मध्य प्रदेश 6 जनवरी, तेलंगाना 16 जनवरी और छत्तीसगढ़ विधानसभा का कार्यकाल 3 जनवरी को समाप्त हो रहा है।
सूत्रों की मानें तो नवंबर के दूसरे हफ्ते से दिसंबर के पहले सप्ताह के बीच मतदान कराया जा सकता है और नतीजे 15 दिसंबर से पहले घोषित किए जा सकते हैं। चुनाव आयोग की पुलिस, सामान्य और व्यय पर्यवेक्षकों के साथ दिन भर चली बैठक का मकसद रणनीति को सुव्यवस्थित करना था ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आदर्श आचार संहिता प्रभावी ढंग से लागू हो और धन तथा बाहुबल चुनाव को किसी तरह प्रभावित न करें। साथ ही निष्पक्ष, पारदर्शी और समावेशी चुनाव कराने के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित हो।
Assembly Election 2023 EC Press Conference Live News in Hindi: निर्वाचन आयोग आज दोपहर 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा। इसमें पांच राज्यों में होने वाले चुनावों का एलान किया जा सकता है। गौरतलब है कि इस साल के अंत तक पांच राज्यों- मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में चुनाव होने हैं।