केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत को फोन करके राज्य में चक्रवाती तूफान ताउते से निपटने के लिए की गई तैयारियों के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी। शाह ने राज्य की मौजूदा स्थिति के अलावा चक्रवात से निपटने के लिए उपलब्ध संसाधनों तथा आपात परिस्थिति के लिए तैनात किए गए केन्द्रीय और राज्य सरकार की एजेंसियों के बारे में भी जानकारी मांगी।
चक्रवाती तूफान ताउते के कारण केरल के तिरुवनंतपुरम में एक तटीय गांव वलियाथुरा में कई घर क्षतिग्रस्त हो गए। वहां की एक स्थानीय महिला का कहना है कि मेरा घर तेज ज्वार से आधा-नष्ट हो गया है। मैं अपने घर को ज्वार से बह जाने से बचाने के लिए एक-एक करके भारी पत्थर ले जा रही हूं।
ताउते के रौद्र रूप को देखते हुए एनडीआरएफ ने 79 राहच बचाव दल तो तैनात कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 18 मई को ये तूफान गुजरात के समुद्री तट से टकराएगा। विभाग ने बताया कि इस तूफान की रफ्तार 150-160 किमी रही इस दौरान तेज हवाएं और भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है।
चक्रवात ताउते बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया है और वह गुजरात तट की ओर बढ़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया, 'इसके उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ने और 17 (मई) की शाम तक गुजरात तट पर पहुंचने की बहुत संभावना है और यह 18 मई को तड़के पोरबंदर और (भावनगर जिले में) महुवा के बीच से राज्य के तट को पार करेगा।' आईएमडी ने कहा कि उसने गुजरात तथा दमन एवं दीव के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
चक्रवात तूफान ताउते को लेकर गृह मंत्री अमित शाह की महाराष्ट्र और गुजरात के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक खत्म हो गई है। बैठक में गृह मंत्री ने अस्पतालों में पावर बैकअप बनाए रखने पर जोर दिया। वहीं गृह मंत्रालय में एक कंट्रोल रूम तैयार किया गया है। बैठक में कोविड मरीजों का ख्याल रखने पर जोर दिया गया।
चक्रवाती तूफान ताउते को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की बैठक शुरू हो गई है। कोरोना की वजह से यह बैठक वर्चुअल तरीके से की जा रही है और इसमें महाराष्ट्र और गुजरात के मुख्यमंत्री मौजूद है। वहीं बैठक में ताउते के खतरे और इससे निपटने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी।
ताउते चक्रवात की स्थिति को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में ताउते की स्थिति और इससे निपटने पर चर्चा की जाएगी।
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने बनासकांठा जिले में कहा कि राज्य सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है और एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात क्षेत्रों में जिला प्रशासनों को सतर्क कर दिया गया है जिनके चक्रवात से प्रभावित होने की संभावना है। एनडीआरएफ की टीमें राज्य में पहुंच रही हैं।
आईएमडी ने कहा- चक्रवाती तूफान ताउते तीव्र तूफान में बदल गया है, आज सुबह 2.30 बजे ये पंजिम-गोवा के दक्षिण-पश्चिम से 170 किमी. और मुंबई से दक्षिण में 490 किमी. दूर था। 18 मई की सुबह गुजरात के तट पर पोरबंदर और महुवा (भावनगर) को पार करेगा।
गृह मंत्रालय ने 17 और 18 मई को उत्तर पश्चिमी अरब सागर और गुजरात तट से मछली पकड़ने का कार्य पूरी तरह से स्थगित करने की सलाह दी।
गृह मंत्रालय के परामर्श में कहा गया है कि मोरबी, कच्छ, देवभूमि द्वारका और जामनगर जिले के तटीय क्षेत्रों के दो-तीन मीटर ऊंची समुद्री लहर से जलमग्न होने और पोरबंदर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, अमरेली, भावनगर में 1-2 मीटर लहर से जलमग्न होने तथा गुजरात के शेष तटीय जिलों में 0.5-1 मीटर लहर से जलमग्न होने की आशंका है।
आईएमडी ने कहा- चक्रवाती तूफान ताउते 15 मई को रात 11.30 बजे अरब सागर के उपर पहुंचा जो पंजिम-गोवा से 170 किमी. और मुंबई से दक्षिण में 520 किमी. दूर था। ये बाद में तीव्र तूफान में बदल जाएगा और 18 मई की सुबह गुजरात के तट पर पोरबंदर और महुवा (भावनगर) को पार करेगा।
ग्रेटर मुंबई नगर निगम ने कहा कि तूफान के मद्देनजर 580 कोरोना मरीजों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया जाएगा।
परामर्श में कहा गया है कि 17 मई की सुबह से उत्तर पश्चिमी अरब सागर के साथ लगने वाले इलाके और दक्षिण गुजरात तट से लगे इलाके में समुद्र बहुत अशांत रहेगा।
गृह मंत्रालय ने कहा कि 17 मई को सौराष्ट्र के तटीय जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होगी और सौराष्ट्र एवं कच्छ में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होगी तथा जूनागढ़ और गिर सोमनाथ जिलों में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुजरात सरकार को जारी एक परामर्श में कहा कि बहुत भीषण चक्रवाती तूफान से फूस के घरों, सड़कों, बिजली और संचार लाइनों को नुकसान होने की संभावना है, खासकर सौराष्ट्र क्षेत्र के जिलों जैसे देवभूमि द्वारका, कच्छ, पोरबंदर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, जामनगर, अमरेली, राजकोट और मोरबी जिलों में।
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने बनासकांठा जिले में संवाददाताओं से कहा कि राज्य सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है और एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात क्षेत्रों में जिला प्रशासनों को सतर्क कर दिया गया है जिनके चक्रवात से प्रभावित होने की संभावना है। एनडीआरएफ की टीमें राज्य में पहुंच रही हैं।
मौसम विभाग के अलर्ट के बाद हवाईअड्डा प्राधिकरण (एएआई) भी तूफान की चाल पर पूरी नजर रख रहा है। हालांकि प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि अभी हवाई अड्डों को बंद करने की नौबत नहीं है। क्योंकि अभी तक यह पता नहीं चला है कि कौन सा इलाका अधिक प्रभावित होगा। उधर, विमानन कंपनियों ने एहतियातन अपने यात्रियों को अलर्ट जारी कर दिया है कि तूफान के कारण उनकी उड़ानों का संचालन प्रभावित हो सकता है।
एनडीआरएफ महानिदेशक एसएन प्रधान ने ट्वीट कर बताया कि इन टीमों के सभी सदस्यों को कोरोना का टीका लग चुका है। उन्होंने बताया कि गुजरात के लिए भुवनेश्वर से भी टीमें रवाना हो चुकी हैं। मौसम विभाग के मुताबिक गुजरात में 18 मई की दोपहर तक तूफान दस्तक दे सकता है।
केरल के सीएम पिनराई विजयन के कार्यालय ने कहा कि तूफान के मद्देनजर राज्य में 71 राहत केंद्र खोले गए हैं। कैंपों में 543 परिवारों के 2094 लोगों ने शरण ली हुई है।
एनडीआरएफ ने तूफान ताउते से निपटने के लिए टीमों की संख्या शनिवार को 53 से बढ़ाकर 100 कर दी। इनमें 42 टीमों को केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, गुजरात और महाराष्ट्र में तैनात कर दिया गया है और 26 को स्टैंडबाय पर रखा गया है। इसके अलावा 32 टीमों को बैकअप में रखा गया है जिन्हें जरूरत के आधार पर एयरलिफ्ट कर मोर्चे पर लगाया जाएगा।