महाराष्ट्र- मुंबई के दहिसर में एनडीआरएफ की टीम रास्ते में गिरे पेड़ों को हटाने के काम में जुट गई है।
आईएमडी के मुताबिक, ताउते अब अत्याधिक गंभीर चक्रवाती तूफान से गंभीर चक्रवाती तूफान में बदला और सौराष्ट्र के ऊपर पहुंचा। तूफान का मुख्य हिस्से ने सौराष्ट्र तट को पार कर लिया है। पिछला हिस्सा जमीन पर लैंड कर रहा है।
चक्रवात ताउते के कारण पश्चिमी तट पर बनी विषम परिस्थितियों के बीच भारतीय नौसेना ने मुंबई तट के पास दो नौकाओं में सवार 400 से ज्यादा लोगों को बचाने के लिये अपने अग्रिम पंक्ति के तीन युद्धपोतों को तैनात किया है।
नौसेना के अधिकारियों ने कहा कि बेहद विपरीत मौसमी परिस्थितियों और काफी अशांत समुद्र में ‘जीएएल कंस्ट्रक्टर’ पर सवार 137 में से 38 लोगों को बचा लिया गया है। नौसेना के अधिकारी ने बताया कि दो नौकाओं की मदद के लिए आईएनएस कोलकाता, आईएनएस कोच्चि और आईएनएस तलवार को तैनात किया गया है।
नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने बताया कि बंबई हाई इलाके में स्थित हीरा तेल क्षेत्र में नौका ‘पी-305’ की मदद के लिए आईएनएस कोच्चि को बचाव में मदद के लिए भेजा गया है, उस नौका पर 273 लोग सवार हैं। उन्होंने बताया कि आईएनएस तलवार को भी खोज एवं राहत अभियान के लिए तैनात किया गया है।
कमांडर मधवाल ने बताया कि ‘जीएएल कंस्ट्रक्टर’ नामक नौका से भी आपात संदेश मिला था जिस पर 137 लोग सवार हैं और वह मुंबई तट से आठ नॉटिकल मील दूर स्थित है जिसकी मदद के लिए आईएनएस कोलकाता को रवाना किया गया है।
ताउते तूफान से जूझने के बाद मुंबई में उड़ान सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। बता दें कि तूफान के चलते सेवाओं पर रोक लगा दी गई थी।
भारतीय रेलवे ने कहा है कि ताउते के मजबूत होकर ‘विकराल चक्रवाती तूफान’ का रूप धरने के मद्देनजर उसके आपात मोचन दल और वाहन बिल्कुल चौकस हैं। रेल मंत्रालय ने एक प्रेस बयान में कहा कि जोन और संभागीय नियंत्रण कक्ष स्थिति पर नजर रख रहे हैं और वे निरंतर दक्षिण रेलवे, दक्षिण पश्चिम रेलवे, कोंकण रेलवे, मध्य रेलवे एवं पश्चिम रेलवे के सभी सभी स्टेशनों के संपर्क में हैं। उसने कहा कि रेलवे संभाग एवं जोन निगरानी एवं किसी भी आकस्मिक स्थिति में योजना बनाने के लिए लगातार राज्य सरकारों के संपर्क में हैं। बयान में कहा गया है, ‘दुर्घटना राहत ट्रेनें, चिकित्सा राहत वाहन और टावर वैगन जैसे रेलवे के सभी आपात मोचन तंत्र को किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत उपयोग के लिए बिल्कुल तैयार रखा गया है। स्टोन डस्ट, बोल्डर आदि वस्तुओं का भी भंडार भी किसी टूट-फूट की स्थिति के लिए तैयार रखा गया है।’
महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में भीषण चक्रवाती तूफान ‘ताउते’ से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई वहीं तीन नाविक लापता हैं। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि जिन लोगों की मृत्यु हुई, उनमें से तीन रायगढ़, एक सिंधुदुर्ग औक दो लोगों की मौत नवी मुंबई व उल्हासनगर में उन पर पेड़ गिर जाने से हो गई। एक सरकारी बयान के अनुसार सिंधुदुर्ग जिले में आनंदवाड़ी हार्बर पर खड़ीं दो नौकाएं डूब गईं। दोनों नौकाओं पर सात लोग सवार थे।
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता नवाब मलिक ने सोमवार को कहा कि चक्रवाती तूफान ताउते के कारण राज्य के कोंकण क्षेत्र के किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। तूफान की वजह से हुई भारी बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मलिक ने कहा कि मुंबई में भारी बारिश के कारण कोविड-19 के 193 मरीजों को बांद्रा-कुर्ला कॉम्पलेक्स में बनाए गए अस्थायी केंद्र में स्थानांतरित किया गया है।
‘ताउते’ के भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने और सोमवार शाम तक गुजरात की ओर बढ़ने की संभावनाओं के बीच 410 यात्रियों वाली दो नौकाएं मुंबई तट से दूर चली गई हैं।
चक्रवाती तूफान ताउते के कारण मुंबई में सोमवार अपराह्न 114 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चली। स्थानीय निकाय के अधिकारियों ने बताया कि आज दिन भर में यह सबसे तेज आंधी है। बीएमसी की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, दक्षिण मुंबई के कोलाबा इलाके में अफगान चर्च स्थित मौमस विभाग के केंद्र ने दोपहर करीब दो बजे हवा की रफ्तार 114 किलोमीटर प्रतिघंटा दर्ज की। बीएमसी ने मुंबई में मौसम निगरानी के लिए 60 स्वचालित (ऑटोमैटिक) मौसम केंद्र बनाए हैं।