चक्रवाती तूफान 'फेंगल' ने शुरू किया लैंडफॉल: आईएमडी
आईएमडी के मुताबिक, चक्रवाती तूफान फेंगन ने शनिवार को पुडुचेरी के पास लैंडफॉल करना शुरू कर दिया है और इसे पूरी तरह से तट पर पहुंचने करीब चार घंटे लग सकते हैं। आईएमीए के क्षेत्रीय मौसम केंद्र के अतिरिक्त निदेशक एस. बालाचंद्रन ने पीटीआई से कहा कि लैंडफॉल की प्रक्रिया 30 नवंबर को शाम 5.30 बजे के आसपास हुई थी।
पचास से अधिक उड़ाने रद्द की गईं
चक्रवाती तूफान के कारण चेन्नई हवाई अड्डे का संचालन एक दिसंबर की सुबह चार बजे तक बंद कर दिया गया। यह कदम रनवे और टैक्सीवे पर भारी जलभराव और खराब मौसम की स्थिति के कारण उठाया गया। इस दौरान पचास से अधिक उड़ाने रद्द हो गईं और कई यात्री परेशान हो गए। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रनवे और टैक्सीवे पर जलभराव हो गया था, जिसके चलते 55 उड़ाने रद्द की गईं और 19 उड़ानों को डायवर्ट कर दिया गया। इन उड़ानों में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों ही तरह की सेवाएं शामिल थीं। जब हवाई अड्डा संचालित हो रहा था, उस समय 12 उड़ाने देरी से चल रही थीं।
चेन्नई हवाई अड्डा ने एक्स पर कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही है, ताकि मौसम की स्थिति में सुधार के बाद उड़ानों का संचालन जल्द शुरू किया जा सके। 4 बजकर 30 मिनट पर एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी संबंधित पक्षों और आईएमडी के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान आईएमडी ने जानकारी प्रदान की।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने एक्स पर एक पोस्ट में का, चक्रवाती तूफान 'फेंगल'पिछले छह घंटों में दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से सात किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा है और 30 नवंबर को दोपहर दो बजकर 30 मिनट पर यह उसी क्षेत्र में 12.3° उत्तर अक्षांश और 80.5° पूर्व देशांतर पर था। यह महाबलीपुरम से 50 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, पुडुचेरी से 80 किलोमीटर उत्तर पूर्व और चेन्नई से 90 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में है।
चक्रवात 'फेंगल' ने तमिलनाडु और पुडुचेरी के कई हिस्सों ने दस्तक दे दी है। 'फेंगल' के कारण कई इलाकों में बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उधर, चेन्नई हवाई अड्डे पर भी तूफान का असर पड़ा है, जहां उड़ाने प्रभावित हुई हैं। हवाई अड्डे को सात बजे तक के लिए बंद कर दिया गया है। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
तूफान के कारण एक व्यक्ति की बिजली का करंट लगने से मौत हो गई। प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री एम.के स्टालिन ने नियंत्रण कम में पहुंच हालात की निगरानी शुरू कर दी है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बदल (एनडीआरएफ) की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में तैनात की गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपा जा सके और लगोों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
तमिलनाडु के उप मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने चक्रवाती तूफान फेंगल के मद्देनजर विभिन्न इलाकों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की।
भारी बारिश के बीच मरक्कनम के कुछ हिस्सों में जलभराव हुआ।
चक्रवाती तूफान ‘फेंगल’ के शनिवार को दिन में पुडुचेरी पहुंचने की संभावना के बीच शनिवार सुबह यहां भारी बारिश हुई जिसके बाद जिला प्रशासन ने करीब 12 लाख निवासियों को एसएमएस के जरिए अलर्ट भेजकर उन्हें सतर्क रहने को कहा है। जिलाधिकारी ए कुलोथुंगन ने कहा कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। हमने निचले इलाकों से लोगों को निकाला है और उनके लिए आश्रय स्थल भी तैयार किए गए हैं। भोजन के पैकेट की आपूर्ति की भी व्यवस्था की गई है।
तमिलनाडु के कई इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी है। साथ ही समुद्र में ऊंची लहरें भी उठ रही हैं। तूफान की आहट के बीच कई उड़ानें रद्द की गई हैं, जबकि रेलवे ने भी कई ट्रेनों को रद्द कर दिया है।
फेंगल चक्रवाती तूफान की बारिश शुरू हो गई है। तमिलनाडु में तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने बताया कि तूफान थोड़ी देर पुडुचेरी के तटवर्ती क्षेत्र से होकर गुजरेगा। इस दौरान हवा की रफ्तार 145 किमी रहने के आसार हैं।
तमिलनाडु में तूफान के चलते उड़ानें रद्द कर दी हैं। इसलिए चेन्नई एयरपोर्ट आज शाम सात बजे से कल सुबह सात बजे तक बंद रहेगा।
चेन्नई में खराब मौसम की स्थिति के कारण, उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। साथ ही कुछ उड़ानें रद्द भी हो सकती हैं। इंडिगो एयरलाइन ने यात्रियों से फ्लाइट के स्टेटस देखने के लिए अपनी वेबसाइट से जानकारी की बात कही है। कंपनी ने कहा कि फ्लाइट कैंसल होने की स्थिति में कंपनी के वेबसाइट पर जाकर रिफंड का ऑप्शन चुन सकते हैं। इसके अलावा अपनी सुविधानुसार वैकल्पिक उड़ान बुक कर सकते हैं।
'फेंगल' के प्रभाव से भारी बारिश के कारण चेन्नई के शोलिंगनल्लूर ओल्ड महाबलीपुरम रोड पर जलभराव देखने को मिल रहा है।
इस तूफान का नाम 'फेंगल' सऊदी अरब की तरफ से प्रस्तावित किया गया है। यह एक अरबी शब्द है, जो भाषाई परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का मिश्रण है। यह शब्द वर्ल्ड मीटियोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन (WMO) और संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग (UNESCAP) के नामकरण पैनल में क्षेत्रीय विविधता को दर्शाता है।
चक्रवातों के नामों का चयन करते समय यह सुनिश्चित किया जाता है कि नामों का उच्चारण आसान हो, वे याद रखने में सरल हों, और सांस्कृतिक रूप से निष्पक्ष हों। यह ध्यान रखा जाता है कि नाम ऐसे हों जिनसे अलग-अलग क्षेत्रों और भाषाओं के बीच कोई विवाद पैदा न हो या किसी का अपमान न हो।
तमिलनाडु सरकार ने 30 नवंबर को घर से बाहर नहीं निकलने का आग्रह किया है। शैक्षणिक संस्थानों में शनिवार को अवकाश घोषित कर दिया गया है। आईटी कंपनियों से अपने कर्मचारियों से घर से ही काम लेने को कहा गया है। जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर के बाद तट के करीब ईस्ट कोस्ट रोड और ओल्ड महाबलीपुरम रोड पर सार्वजनिक परिवहन निलंबित कर दिया गया है। राज्य के विभिन्न जिलों में 2,229 राहत शिविर बनाए गए हैं। अब तक, 164 परिवारों के कुल 471 लोगों को तिरुवरूर और नागपट्टिनम जिलों के छह राहत केंद्रों में रखा गया है।
तमिलनाडु सरकार ने बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी के बाद करीब चार हजार नावें समुद्र से वापस लौट आई हैं। जिलों में नावें, जनरेटर, मोटर पंप और अन्य सभी आवश्यक मशीनरी और उपकरण तैयार हैं। निजी कंपनियों से उनके कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहने को कहा गया है। साथ ही समुद्र तट के नजदीकी सड़कों पर आवाजाही बंद कर दी गई है। जरूरत के हिसाब से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं।
पूर्वी नौसेना कमान ने अपना डिजास्टर रिस्पॉन्स सिस्टम एक्टिव कर दिया है। गाड़ियों को भोजन, पीने के पानी और दवाओं सहित जरूरी राहत सामग्री से भरा जा रहा है। बाढ़ संभावित इलाकों में फ्लड रिस्पॉन्स टीमें तैनात की हैं। वहीं, तमिलनाडु ने इमरजेंसी से निपटने के लिए दो टोल-फ्री नंबर 112 और 1077 जारी किए हैं। साथ ही एक व्हाट्स ऐप नंबर 9488981070 भी जारी किया गया है। राज्य ने करीब दो हजार राहत शिविर तैयार किए हैं। तिरुवरुर और नागपट्टनम जिलों के 6 राहत केंद्रों में 164 परिवारों के कुल 471 लोगों को ठहराया गया है।
तूफान का सबसे ज्यादा असर तमिलनाडु पर पड़ रहा है। भारी बारिश की वजह से राज्य में धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। नागपट्टिनम जिले में करीब 800 एकड़ से ज्यादा की फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गई है। इसके अलावा कामेश्वरम, विरुंधमावडी, पुडुपल्ली, वेद्रप्पु, वनमादेवी, वल्लपल्लम, कल्लिमेडु, ईरावायल और चेम्बोडी जिले भी तूफान की चपेट में हैं। चेन्नई और उसके आसपास के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई है। राज्य के भीतरी इलाकों में 3 दिसंबर तक भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है।
बंगाल की खाड़ी से उठा फेंगल तूफान शनिवार शाम तक पुडुचेरी के कराईकल और तमिलनाडु के महाबलीपुरम जिले के बीच समुद्र तट से टकराएगा। मौसम विभाग ने इस दौरान 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान जताया है। तमिलनाडु और पुडुचेरी के कुछ इलाकों में भारी बारिश की भी आशंका है।
फेंगल के कारण पुडुचेरी के कई तटीय क्षेत्रों में समुद्र में उथल-पुथल और तेज हवाएं देखी गई हैं।