चक्रवात दाना के चलते पश्चिम बंगाल में कोलकाता हवाई अड्डे पर शुक्रवार को उड़ान परिचालन फिर से शुरू हो गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। वहीं पूर्वी रेलवे के सियालदह डिवीजन के दक्षिणी खंड पर ट्रेन सेवाएं भी फिर से शुरू हो गईं। हवाई अड्डे के अधिकारियों ने दाना के चलते गुरुवार शाम से उड़ान संचालन निलंबित कर दिया था। भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण के प्रवक्ता ने बताया कि कोलकाता-इंफाल मार्ग पर इंडिगो की उड़ान शुक्रवार सुबह रवाना हुई। जबकि दिल्ली से विस्तारा की फ्लाइट यहां पहुंची। वहीं शुक्रवार को उड़ान के दौरान विमान की विंड शील्ड में दरार आ जाने के बाद कोलकाता जाने वाले एक विमान की आपातकालीन लैंडिंग हुई। एलायंस एयर एटीआर-72 विमान 72 यात्रियों के साथ गुवाहाटी से कोलकाता के लिए उड़ान भर रहा था। विंड शील्ड में दरार आने के बाद विमान को उतारा गया।
तमिलनाडु: मदुरै शहर के कई हिस्सों में बारिश के कारण जलभराव हुआ।
मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने चक्रवात दाना पर कहा, "यह धीरे-धीरे अभी उत्तर पश्चिम दिशा की ओर बढ़ सकता है और आज शाम तक यह कमजोर होते हुए एक गहरे दबाव में बदल जाएगा। लेकिन बारिश जारी रहेगी, भारी से बहुत भारी बारिश अभी हो रही है। मयूरभंज, भद्रक, बालासोर, केओन्झार में बारिश होगी।"
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को बताया कि चक्रवात दाना के कारण राज्य में एक व्यक्ति की मौत हो गई। प्रसासन ने निचले इलाकों से लगभग 2.16 लाख लोगों को सुरक्षित निकाला। सीएम ममता ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि चक्रवात से प्रभावित सभी लोगों तक राहत सामग्री पहुंचे।
ओडिशा के केंद्रपाड़ा में चक्रवाती तूफान दाना से बचने के लिए बनाए गए राहत-बचाव शिविर में एक बुजुर्ग की मौत हो गई। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। मृतक की पहचान 82 वर्षीय हेमलता नायक के तौर पर की गई है। वह बंकुआल गांव की रहने वाली थी। उन्हें गुरुवार को राहत-बचाव शिविर में स्थानांतरित किया गया था। राजनगर के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) निशांत मिश्रा ने कहा, "महिला की मौत अचानक हृदयगति रूक जाने के कारण हुई, और यह चक्रवात से संबंधित घटना नहीं है।"
आईएमडी के डीजी डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने चक्रवात दाना पर कहा, 'यह धीरे-धीरे अभी उत्तर पश्चिम दिशा की ओर बढ़ सकता है और आज शाम तक यह कमजोर होते हुए एक गहरे दबाव में बदल जाएगा, लेकिन बारिश जारी रहेगी, भारी से बहुत भारी बारिश अभी हो रही है। ओडिशा के मयूरभंज, भद्रक, बालासोर, केओन्झार में बारिश होगी।'
वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया, 'हमारी नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार चक्रवात के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई।'
NDRF DIG मोहसिन शाहिदी ने चक्रवात 'दाना' पर बताया, 'आधी रात से शुरू हुई लैंडफॉल प्रक्रिया सुबह साढ़े आठ बजे खत्म हुई। यह चक्रवाती तूफान में बदल गया है और अगले 6 घंटों में गहरे दबाव में बदल जाएगा। फिलहाल, किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। कुछ जगहों पर पेड़ गिरने और जलभराव की खबरें हैं। फिलहाल ओडिशा और पश्चिम बंगाल में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। जहां तक झारखंड और आंध्र प्रदेश की बात है, वहां इसका कोई खास असर नहीं है।'
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चक्रवात 'दाना' पर कहा, 'हम सभी DM, SP, BDO, SDO व आपदा प्रबंधन विभाग का धन्यवाद करते हैं। हम लगातार DM से संपर्क में हैं और वे हमें स्थिति से अवगत करा रहे हैं। हमने निचले इलाकों से 2 लाख 16 हजार लोगों को निकाला है। राहत शिविर में सबके खाने-पीने आदि की व्यवस्था की गई है।'
ओडिशा सरकार के विशेष सचिव गंगाधर नायक ने चक्रवात 'दाना' पर कहा, 'चक्रवाती तूफान के तट से टकराने के बाद, बालेश्वर में भारी बारिश हो रही है। सुबह से तेज हवाएं चल रही थी लेकिन अब हवा की गति थोड़ी कम हो गई है। हालांकि बारिश जारी है। प्रशासन ने हालात से निपटने की पूरी तैयारी की है।'
भद्रक में NDRF इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार ने कहा, 'हम विभिन्न स्थानों पर सड़क साफ करने में लगे हुए हैं, अब तक हमने 100 मीटर सड़क साफ कर दी है। भद्रक जिले में हमारी कुल 3 टीमें हैं, जबकि धामरा में दो टीमें तैनात हैं... यह काम तब तक जारी रहेगा जब तक हमें जिला प्रशासन से मंजूरी नहीं मिल जाती कि कोई रिक्वायरमेंट नहीं है।'
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बताया कि चक्रवाती तूफान 24 और 25 अक्तूबर की मध्य रात्रि ओडिशा के तट से टकराया। यह प्रक्रिया सुबह सात बजे तक जारी रही, लेकिन प्रशासन की सतर्कता और तैयारियों के चलते किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। सरकार ने 'जीरो कैजुअलटी' का लक्ष्य तय किया था, जिसे हासिल किया। करीब छह लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया। छह हजार गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानांतरित किया गया।
चक्रवात दाना के कारण ओडिशा के धामरा, भद्रक में समुद्र में ऊंची लहरें, तेज़ हवाएं और बारिश देखी गईं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के अनुसार अब तक लगभग 5.84 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
चक्रवाती तूफान दाना के चलते कई जगहों पर पेड़ गिर गए हैं। भद्रक जिले में इसके चलते कई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं, जिन्हें प्रशासन द्वारा हटवाया जा रहा है।
चक्रवात दाना से जुड़ी ताजा जानकारी में मौसम विभाग ने बताया कि भीषण चक्रवाती तूफान 'दाना' 10 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ रहा है। आज तड़के 05.30 बजे यह ओडिशा के धामरा से लगभग 20 किमी उत्तर-उत्तरपश्चिम और भितरकनिका के हबलीखाटी नेचर कैंप से 40 किमी उत्तर-उत्तरपश्चिम में रहा।
ओडिशा में चक्रवात दाना के असर के कारण बहुत तेज हवाएं चल रही हैं। भारी बारिश से धामरा और भद्रक में तबाही का मंजर देखा जा रहा है।
चक्रवात दाना के कहर की एक तस्वीर में ओडिशा के भद्रक जिले में अपनी नाव को सुरक्षित किनारे लगाने की कोशिश करते मछुआरों को संघर्ष करते देखा गया। दक्षिण पूर्व रेलवे ने 150, पूर्वी तटीय रेलवे ने 198, पूर्वी रेलवे ने 190 और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 14 ट्रेनें रद्द की हैं। नौसेना ने बताया कि बचाव अभियान के लिए आंध्र प्रदेश, ओडिशा व प. बंगाल में प्रभारी अफसरों के साथ समन्वय करते हुए व्यापक आपदा प्रतिक्रिया तंत्र को सक्रिय किया है।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) व अग्निशमन की 288 टीमें चक्रवात से होने वाले नुकसान से बचाव में जुटी हैं। बचाव अभियान में नौसेना के दो जहाजों को भी लगाया गया है।
ओडिशा तट पर बृहस्पतिवार देर रात को पहुंचे चक्रवात की जद में कुल सात राज्य हैं। इनमें से तीन राज्यों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बंगाल के शमशेरगंज और फरक्का में आंधी-तूफान की चपेट में आकर तीन नावें पलट गईं और 16 मछुआरे लापता हो गए। भुवनेश्वर व कोलकाता हवाईअड्डों से करीब 300 उड़ानें रद्द कर दी गईं। रेलवे ने कुल 552 ट्रेनें रद्द की हैं। बीजू पटनायक एयरपोर्ट पर सुरक्षाबल मुस्तैद हैं। उड़ानों की सेवा ठप है।
एहतियात बरतने के उपाय करते हुए ओडिशा और बंगाल में हवाईअड्डे बंद रखने का फैसला लिया गया है। कोलकाता और भुवनेश्वर हवाईअड्डे बृहस्पतिवार शाम से 15 घंटे यानी आज भी बंद रहेंगे।
चक्रवात के मद्देनजर अधिकारियों ने श्रद्धालुओं को पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर न जाने की सलाह दी है। 12वीं सदी के पुरी मंदिर पर आपदा का असर न्यूनतम करने की कोशिशें की जा रही हैं। परिसर से अस्थायी टेंट हटा दिए हैं। एस्बेस्टस की छतों पर रेत की बोरियां रखी गई हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने कोणार्क में 13वीं सदी के सूर्य मंदिर को दो दिन के लिए बंद कर दिया है। पर्यटकों को समुद्र तटों पर जाने से रोक दिया गया है।
ओडिशा में तेज बारिश और हवाओं के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों में ओडिशा के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बाढ़ आने का खतरा है। जिन जिलों में अचानक बाढ़ आने की आशंका है, उनमें अंगुल, बालासोर, बौध, भद्रक, कटक, ढेंकनाल, गजपति, गंजम, जगतसिंहपुर, जाजपुर, कंधमाल, क्योंझर, खुर्दा, मयूरभंज, नयागढ़ और पुरी शामिल हैं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हावड़ा में राज्य सरकार के नियंत्रण कक्ष में देर रात तक मौजूद रहीं। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक रात ढाई बजे के बाद भी ममता अधिकारियों के बीच रहीं और हालात की समीक्षा की। राज्य सरकार चक्रवात दाना की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।
ओडिशा के मुख्य सचिव मनोज आहूजा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने खुद चक्रवात से बचाव की तैयारियों की समीक्षा की है। सभी जिलों का आकलन करने के बाद लगभग 6 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है। भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। चक्रवात से बचाव के लिए एहतियाती तौर पर बिजली सप्लाई बंद कर दी गई है, 25 अक्तूबर तक दूरसंचार भी बंद रहेगा। स्थिति से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने कई वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों को तैनात किया है।
चक्रवात दाना के असर को लेकर ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती ने कहा, "उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना भीषण चक्रवाती तूफान पिछले 6 घंटों के दौरान 15 किमी/घंटा की गति से उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ा है... इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और अगले 3-4 घंटों के दौरान पुरी और बंगाल में सागर द्वीप के बीच उत्तर ओडिशा तट और पश्चिम बंगाल तट को पार करने की संभावना है। तूफान के तट से टकराने की प्रक्रिया 25 अक्तूबर की सुबह तक जारी रहेगी।
ओडिशा में चक्रवात 'दाना' की दस्तर के बाद संभावित असर को लेकर IDCO के प्रबंध निदेशक भूपेंद्र सिंह पूनिया ने कहा, लोगों से अपील है कि जिला प्रशासन के निर्देशों और सलाह का पालन करें।जितनी जल्दी हो सके सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। जिला प्रशासन अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहा है। राहत और बचाव कार्य में लगी टीमों का मकसद है कि जो भी व्यक्ति असुरक्षित जगह पर है, उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाए। पूनिया ने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि हम सरकार के मिशन को हासिल करेंगे, हताहत होने वाले लोगों की संख्या जीरो रखने का प्रयास जारी है।'
चक्रवात दाना की दस्तक के साथ ही पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर में तेज हवाएं चल रही हैं।
पश्चिम बंगाल में चक्रवाती तूफान दाना के असर पर मौसम विशेषज्ञ जीसी देबनाथ ने कहा, तूफान के तट से टकराने की प्रक्रिया आधी रात से शुरू होने के बाद सुबह तक जारी रहेगी। कोलकाता पर इसका सीधा असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, इसके असर से राजधानी में बारिश का अनुमान है। अगले 24 घंटे के भीतर, कोलकाता में भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवात दाना बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में पिछले 3 घंटों के दौरान 13 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ा है। 24 अक्तूबर की देर रात लगभग 10.30 बजे चक्रवात दाना ओडिशा के पारादीप से लगभग 50 किमी पूर्व में था। लगभग इसी समय चक्रवात दाना ओडिशा के ही धामरा से 60 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व और पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप से 170 किमी दक्षिण-दक्षिणपश्चिम में था।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चक्रवात 'दाना' के कारण होने वाले असर की समीक्षा के लिए हावड़ा में राज्य सरकार के नियंत्रण कक्ष का दौरा किया। उन्होंने हालात की निगरानी कर रहे अधिकारियों से जानकारी ली।
ओडिशा में चक्रवाती तूफान के कारण भारी वर्षा और 16 जिलों में अचानक बाढ़ आने का खतरा भी मंडरा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने मौसम विभाग के अधिकारियों से मुलाकात कर हालात की जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने राज्य के मंत्रियों को भी मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि हालात की गंभीरता को भांपते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भी सीएम माझी से बात की। उन्होंने केंद्र सरकार की तरफ से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।
चक्रवाती तूफान के बीच गूंजी किलकारियां
सीएम माझी के मुताबिक 5.8 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि चक्रवात के कारण राहत केंद्रों में स्थानांतरित की गई 4,431 गर्भवती महिलाओं में से 1,600 ने बच्चों को जन्म दिया है। सरकार की तरफ से भोजन, दवा, पानी और अन्य आवश्यक सामान उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
ओडिशा और पश्चिम बंगाल में चक्रवात दाना दस्तक दे रहा है। मौसम विभाग ने बताया कि भीषण चक्रवाती तूफान के तटीय क्षेत्र से टकराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया के शुक्रवार सुबह तक जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक तट से टकराने की प्रक्रिया चार से पांच घंटे तक चल सकती है। तूफान पिछले छह घंटों में 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ा। इसके बाद केंद्रपाड़ा जिले के भीतरकनिका और भद्रक जिले के धामरा के बीच पहुंचा। चक्रवात दाना के लैंडफॉल के दौरान बेहद तेज हवाएं चल रही हैं।
तेज हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित होगा
मौसम विभाग के मुताबिक हवा की गति करीब 110 किलोमीटर प्रति घंटे रिकॉर्ड की गई। भुवनेश्वर में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक उमाशंकर दास ने बताया कि जब चक्रवात दाना का केंद्र जमीन पर पहुंचेगा, तो हवा की गति 120 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।