विश्व जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार देर रात दुबई से दिल्ली पहुंचे। एयरपोर्ट पर अधिकारियों ने उनका स्वागत किया और पीएम मोदी गाड़ी में सवार होकर अपने आवास के लिए रवाना हो गए।
पीएम मोदी की यात्रा पर विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान कई शीर्ष नेताओं के साथ बैठकें हुईं। उन्होंने बताया कि तीन बैठकें सीओपी28 से इतर आयोजित हुईं। विनय क्वात्रा ने बताया कि ग्रीन क्रेडिट इनिशिएटिव की शुरुआत दो देशों और यूरोपीय संघ के साझा प्रयासों के तहत की गई है। विदेश सचिव ने बताया कि पीएम मोदी ने स्वीडन, फ्रांस, इस्राइल और मोजाम्बिक के राष्ट्राध्यक्षों के साथ भी बातें कीं।
दुबई में आयोजित सीओपी28 समिट के लिए कई देशों के प्रतिनिधि संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे हैं। इनमें केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, शायद इस सप्ताह के अंत में वे भारत का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात पर राष्ट्रपति रूटो ने कहा, हमारी संक्षिप्त बातचीत हुई... मैं भारत आने के लिए उत्सुक हूं... भारत और केन्या के बीच शानदार संबंध हैं। जी 20 समूह में अफ्रीका की स्थायी सदस्यता पर रूटो ने कहा, हम यह सुनिश्चित करने के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद देना चाहते हैं।
COP28 वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन समिट में ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम का जिक्र करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उच्च स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित किया। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैंने हमेशा महसूस किया है कि कार्बन क्रेडिट का दायरा बहुत सीमित है। एक तरह से यह फिलॉसफी व्यावसायिक तत्व से प्रभावित है।" उन्होंने कहा, "मैंने कार्बन क्रेडिट की व्यवस्था में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना की बड़ी कमी देखी है।" पीएम मोदी ने कहा कि हमें समग्र रूप से एक नई फिलॉसफी पर जोर देना पड़ेगा। वही ग्रीन क्रेडिट की नींव है।
सीओपी-28 के दौरान भारत और सर्बिया संबंधों पर सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने कहा, "हमारे बीच बहुत अच्छे संबंध हैं। मैंने भारत का दौरा किया और गुजरात गया। मैंने कई साल पहले पीएम मोदी से बात की थी। इस बीच हमारे बीच राष्ट्रपति और भारत के उपराष्ट्रपति सर्बिया गए। हम अपने संबंधों को बहुत अच्छे तरीके से संभाल रहे हैं। वुसिक ने का, उन्होंने अपना निमंत्रण पीएम मोदी को अभी अनौपचारिक तरीके से दिया है मुझे उम्मीद है कि हम जल्द से जल्द सर्बिया में उनकी मेजबानी करने में सक्षम होंगे।
सीओपी28 समिट में अपने संबोधन की शुरुआत में पीएम मोदी ने जलवायु परिवर्तन को गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि कार्बन उत्सर्जन में 45 फीसद की कमी लाने का संकल्प लेना होगा। उन्होंने भारत की मेजबानी में अगला सम्मेलन आयोजित कराने का प्रस्ताव भी रखा। प्रधानमंत्री ने कहा कि वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए सबके हितों की सुरक्षा बहुत जरूरी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों के बीच हमें सफल होना ही होगा। उन्होंने ग्रीन क्रेडिट इनिशिएटिव की भी वकालत की। पीएम मोदी ने कहा कि 2030 तक कार्बन उत्सर्जन घटाने पर तत्परता से काम किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सभी देशों को एक-दूसरे का साथ देना चाहिए। पीएम मोदी ने यूएई और भारत के रिश्तों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों की साझेदारी आने वाले दिनों में अहम भूमिका निभाएगी। प्रधानमंत्री ने 21 घंटे के अपने प्रवास के दौरान सात बड़ी बैठकों में भाग लिया।
2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य
पीएम मोदी ने COP33 सम्मेलन भारत में कराए जाने का प्रस्ताव दिया और कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने में सबकी भागीदारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भारत ने इकोलॉजी और अर्थव्यवस्था के उत्तम संतुलन का उदाहरण विश्व के सामने रखा है। भारत में विश्व की 17 प्रतिशत आबादी होने के बावजूद ग्लोबल कार्बन एमिशन में हमारी हिस्सेदारी 4 प्रतिशत से भी कम है। उन्होंने कहा कि भारत 2030 तक गैर जीवाश्म ईंधन का शेयर बढ़ा कर 50 प्रतिशत करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। उन्होंने कहा कि हम 2070 तक नेट जीरो के लक्ष्य की ओर भी बढ़ते रहेंगे।
भारत विश्व की उन कुछ अर्थव्यवस्थाओं में एक है, जो राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC) का लक्ष्य पूरा करने की राह पर है। उन्होंने कहा कि कार्बन उत्सर्जन से संबंधित लक्ष्यों को भारत 11 साल पहले ही हासिल कर चुका है। उन्होंने कहा कि गैर जीवाश्म इंधन का लक्ष्य भारत समय से पहले ही हासिल कर चुका है।
सीओपी28 के अध्यक्ष सुल्तान अल जाबेर और संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन के अध्यक्ष साइमन स्टिल के साथ उद्घाटन पूर्ण सत्र में शामिल होने वाले मोदी एकमात्र नेता थे। प्रधानमंत्री ने ऊर्जा के इस्तेमाल को घटाने और प्रारूपों के रुपांतरण के बीच संतुलन बनाए रखने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में ऊर्जा परिवर्तन "न्यायसंगत और समावेशी" होना चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि इस दृष्टिकोण को अपनाने से कार्बन उत्सर्जन 2 बिलियन टन तक कम किया जा सकता है।
LiFE आंदोलन के समर्थन में पीएम मोदी
उन्होंने विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद करने के लिए अमीर और तकनीक से लैस विकसित देशों से प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान पर भी जोर दिया। बता दें कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती की गंभीरता को देखते हुए पीएम मोदी पर्यावरण के लिए जीवन शैली (Lifestyle for Environment या LiFE आंदोलन) का भी समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने अलग-अलग देशों से धरती के अनुकूल जीवन पद्धती अपनाने और गहन उपभोक्तावादी व्यवहार से दूर जाने की अपील कर रहे हैं।
संयुक्त अरब अमीरात में सीओपी-28 शिखर सम्मेलन पर श्रीलंका के राजदूत उदय इंद्ररत्न ने कहा, यूएई बहुत बड़े और महत्वपूर्ण सीओपी-28 कार्यक्रम की मेजबानी कर रहा है। उन्होंने कहा, यह बेहद सफल होने जा रहा है...हमें बहुत खुशी है कि भारत के प्रधानमंत्री और श्रीलंका के राष्ट्रपति भी इस शहर में हैं। भारत के साथ हमारे बहुत अच्छे संबंध हैं। पड़ोसी के रूप में साथ रहने का यह समय वास्तव में अच्छा है।
बहरीन के राजा से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि बहरीन के महामहिम राजा हमद बिन ईसा अल खलीफा के साथ सार्थक बातचीत हुई। पीएम मोदी ने कहा कि भारत बहरीन के साथ मजबूत और स्थायी संबंधों को गहराई से महत्व देता है।
COP28 में जॉर्डन के राजा से मिले पीएम मोदी
PM नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा, "COP28 में जॉर्डन के महामहिम राजा अब्दुल्ला द्वितीय से मिलकर खुशी हुई। हमारी चर्चाएं समृद्ध और दोनों देशों की गहरी दोस्ती को प्रतिबिंबित करती रही। हम अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए तत्पर हैं।"
नीदरलैंड के प्रधानमंत्री से पीएम मोदी की मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में नीदरलैंड के प्रधानमंत्री मार्क रुटे से मुलाकात की। PM मोदी ने ट्वीट किया, "नीदरलैंड के अपने मित्र मार्क रुटे के साथ विचारों का आदान-प्रदान करना हमेशा ताज़गी भरा होता है।"
सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने कही यह बात
COP28 शिखर सम्मेलन में ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने कहा कि जिस तरह से हम राष्ट्रों को ऊर्जावान बनाते हैं, जिस तरह से हम अपनी अर्थव्यवस्थाओं में सुधार करते हैं, वह रातोंरात नहीं होने वाला है। इंसान इसी तरह काम करता है। सबसे पहले हम सोचते हैं किसी चीज के बारे में, फिर हम बात करते हैं, फिर हम उसमें अपनी भावनाएं निवेश करते हैं, हम सहमत होते हैं, हम असहमत होते हैं और कहीं न कहीं हम इसे सुधारने के लिए भी काम करते हैं। सीओपी कोई पूर्ण समाधान नहीं है। यह जागरूकता और कार्रवाई दोनों लाने का एक प्रयास है।
वैश्विक नेताओं ने फैमली फोटो के लिए पोज दिया
सीओपी-28 शिखर सम्मेलन, संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के लिए पहुंचे वैश्विक नेताओं ने फैमली फोटो के लिए पोज दिया।
प्रधानमंत्री मोदी दुबई प्रदर्शनी केंद्र पहुंचे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुबई प्रदर्शनी केंद्र पहुंचे, जहां COP28 आयोजित किया जा रहा है।
21 घंटे के अपने प्रवास के दौरान पीएम का कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुबई में करीब 21 घंटे के अपने प्रवास के दौरान सात द्विपक्षीय बैठकों में शामिल होंगे। वे चार भाषण भी देंगे। पीएम मोदी जलवायु परिवर्तन संबंधी कार्यक्रमों में दो विशेष पहलों में भी भाग लेंगे। अधिकारियों ने बताया कि विश्व के कई नेताओं के साथ उनके अनौपचारिक बैठकें हो सकती हैं।
COP 28 Climate Summit Live Updates in Hindi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुबई में करीब 21 घंटे के अपने प्रवास के दौरान सात द्विपक्षीय बैठकों में शामिल हुए। सीओपी-28 में अपने उद्घाटन संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि पर्यावरण और जलवायु से जुड़ी चुनौतियों पर सबको मिलकर काम करने की जरूरत है। पीएम मोदी के दौरे के बारे में अधिकारियों ने बताया कि विश्व के कई नेताओं के साथ उनकी अनौपचारिक बैठकें हो सकती हैं।