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ब्रिक्स सम्मेलन LIVE: पीएम मोदी की यूएन के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ बैठक, दिल्ली में जुटे दिग्गज

Fri, 11 Sep 2026 10:46 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला।

खास बातें

BRICS Summit 2026 Live Updates: राजधानी नई दिल्ली के 'भारत मंडपम' में 12 और 13 सितंबर को आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए वैश्विक नेताओं का आगमन जारी है। सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा और युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो समेत 21 देशों के प्रतिनिधि और शीर्ष नेता नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। इस महासम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूसी राष्ट्रपति पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन सहित कई शीर्ष नेताओं के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच नई दिल्ली इस ऐतिहासिक वैश्विक महाकुंभ की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। अपडेट्स अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें...
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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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लाइव अपडेट

10:44 PM, 11-Sep-2026

भारत की तारीफ में क्या बोले ईरानी विदेश मंत्री अराघची?

दिल्ली में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान भारत को एक बड़े उभरते हुए देश के रूप में देखता है, जो इस समय ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स वर्तमान समय में बेहद महत्वपूर्ण संस्था है और अहम भूमिका निभा रहा है।

अराघची ने कहा, 'मुझे पूरा विश्वास है कि भारत ब्रिक्स समूह और इसके सदस्य देशों का शानदार तरीके से नेतृत्व करने में सक्षम है।' उन्होंने कहा कि ब्रिक्स के भीतर अलग-अलग मुद्दों पर अलग-अलग राय हैं, लेकिन सभी सदस्य देश इस बात पर सहमत हैं कि राष्ट्रीय मुद्राओं को मजबूत किया जाना चाहिए और सदस्य देशों के बीच व्यापार राष्ट्रीय मुद्राओं के माध्यम से होना चाहिए। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि हालांकि, ब्रिक्स की एक साझा मुद्रा बनाने का मुद्दा अभी विचाराधीन है।

10:43 PM, 11-Sep-2026

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: इंडोनेशिया के राष्ट्रपति पहुंचे दिल्ली

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो 2026 के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे।

09:23 PM, 11-Sep-2026

बुरुंडी गणराज्य के राष्ट्रपति नदायिशिमिये पहुंचे दिल्ली

बुरुंडी गणराज्य के राष्ट्रपति एवरिस्ट नदायिशिमिये 2026 के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत पहुंचे।

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08:11 PM, 11-Sep-2026

पीएम मोदी से मिले यूएन महासचिव गुटेरेस

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।

07:01 PM, 11-Sep-2026

पीएम मोदी और पेजेशकियन की द्विपक्षीय बैठक शुरू

ब्रिक्स बिजनेस फोरम में शामिल होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक में पश्चिम एशिया संघर्ष से लेकर भारत की ऊर्जा जरूरतों तक बातचीत होने की संभावना है। दोनों नेताओं की बैठक से पहले मुलाकात में गर्मजोशी नजर आई। इस बैठक में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से भी मुलाकात की। दो सप्ताह से भी कम समय में दोनों नेताओं की यह दूसरी मुलाकात है।

दोनों नेताओं ने भारत और ईरान के बीच द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद ब्रिक्स से संबंधित बैठकों में ईरान की नियमित और उच्चस्तरीय भागीदारी के लिए आभार जताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि ग्लोबल साउथ के देशों के बीच लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता की भावना विकसित करने में ब्रिक्स में काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने ब्रिक्स बिजनेस फोरम के नेताओं के सत्र में राष्ट्रपति पेजेशकियन की भागीदारी के लिए भी उनका धन्यवाद किया।

दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम पर विचारों का आदान-प्रदान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि सभी मुद्दों का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए किया जाना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जाने की जरूरत पर भी जोर दिया। साथ ही नौवहन और वाणिज्य की स्वतंत्रता तथा नाविकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई।

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06:25 PM, 11-Sep-2026

पीएम मोदी बोले- हर साल करें ब्रिक्स की प्रगति की समीक्षा

दिल्ली में ब्रिक्स बिजनेस फोरम के नेताओं के सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने इस मंत्र को अपनी आर्थिक और व्यापार नीतियों की नींव बनाया है।

लचीलेपन का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने ऊर्जा से लेकर तकनीक तक विभिन्न क्षेत्रों में फैली आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक विविध और भरोसेमंद बनाया है। उन्होंने कहा कि इसी लचीलेपन के कारण वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी भारत आज विकास और स्थिरता का भरोसा देता है।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत सड़कों, रेलवे, बंदरगाहों और हवाई अड्डों का तेजी से विस्तार कर रहा है। इसके साथ ही जहाज निर्माण, सेमीकंडक्टर, क्वांटम तकनीक, महत्वपूर्ण खनिज और जैव प्रौद्योगिकी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में नई क्षमताएं विकसित की जा रही हैं। 
उन्होंने कहा कि भारत की यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने बड़े पैमाने पर वित्तीय समावेशन और डिजिटल लेनदेन को नई गति दी है। आज दुनिया के वास्तविक समय में होने वाले भुगतान में 50 प्रतिशत भुगतान इस तकनीक के जरिये होते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर व्यापार बाधाएं बढ़ रही हैं, वहीं भारत आर्थिक पुल बना रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 से भारत ने करीब 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। पीएम मोदी ने कहा, 'हमारा दृष्टिकोण व्यापारिक बाधाओं को कम करने और कारोबार के लिए अवसर बढ़ाने पर केंद्रित है।' उन्होंने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत कृषि, स्वास्थ्य, कौशल और स्मार्ट ग्रिड जैसे क्षेत्रों में नए सहयोग नेटवर्क स्थापित किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि स्टार्टअप और एमएसएमई को बाजार और वित्त से जोड़ने के लिए ब्रिक्स इन्क्यूबेटर नेटवर्क, ब्रिक्स एमएसएमई पोर्टल और ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड जैसी पहल शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा कि सभी देश इन सहयोग ढांचों का लाभ उठाकर निवेश और प्रतिभाओं के आदान-प्रदान को बढ़ा सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक व्यापार में प्रगति तभी संभव है, जब समुद्री मार्ग सुरक्षित हों, आपूर्ति मार्ग खुले रहें और नाविक सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा कि भारत नौवहन की स्वतंत्रता और नाविकों की सुरक्षा का दृढ़ समर्थक है। पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स महिला बिजनेस अलायंस भी भारत के दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भारत चाहता है कि महिला उद्यमी देश की विकास गाथा का नेतृत्व करें। उन्होंने बताया कि भारत में आयोजित इस गठबंधन की बैठक में करीब 200 महिला कारोबारी नेताओं ने हिस्सा लिया।

ब्रिक्स के तीसरे दशक में प्रवेश का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल से कई लक्ष्य तय करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, 'क्या आप ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार की शीर्ष 10 बाधाओं को दूर करने पर एक रिपोर्ट तैयार कर सकते हैं? क्या हम हर साल 100 ब्रिक्स स्टार्टअप को दूसरे ब्रिक्स बाजारों में विस्तार करने में मदद कर सकते हैं? क्या हम अपने कारोबारों के बीच 1,000 नई साझेदारियां बना सकते हैं?'

पीएम मोदी ने कहा कि इन तीनों मानकों पर हर साल प्रगति की समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की महत्वाकांक्षाओं को कार्रवाई और सामूहिक ताकत को वैश्विक समाधानों में बदलना चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स को आगे बढ़ना चाहिए और दुनिया को भी आगे बढ़ाना चाहिए।

06:11 PM, 11-Sep-2026

पीएम मोदी बोले- चार देशों का समूह आज 21 की संख्या तक पहुंचा

ब्रिक्स बिजनेस फोरम में शामिल सभी नेताओं का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वागत किया। पीएम मोदी ने कहा कि 2006 में जब ब्रिक्स समूह की शुरुआत हुई थी, तब इसमें महज चार देश शामिल थे। आज ब्रिक्स और ब्रिक्स के सहयोगी देशों को मिलाकर 21 देशों का परिवार हो चुका है।

दिल्ली में ब्रिक्स बिजनेस फोरम के नेताओं के सत्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज ब्रिक्स देश दुनिया की 50 प्रतिशत आबादी, 40 प्रतिशत वैश्विक जीडीपी और वैश्विक व्यापार के 25 प्रतिशत से अधिक हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, 'इन वर्षों में जहां वैश्विक जीडीपी लगभग ढाई गुना बढ़ी है, वहीं ब्रिक्स देशों की संयुक्त जीडीपी करीब साढ़े चार गुना बढ़ी है। दूसरे शब्दों में, ब्रिक्स की आर्थिक ताकत बाकी दुनिया की तुलना में लगभग दोगुनी गति से बढ़ी है।'

मोदी ने कहा कि ब्रिक्स देश वैश्विक नवाचार और समाधान के प्रमुख केंद्रों के रूप में भी उभर रहे हैं। जमीनी स्तर की पहलों से लेकर अत्याधुनिक तकनीकों तक, नवाचार की नई संभावनाएं सदस्य देशों में आकार ले रही हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स का बढ़ता आकार, गति और आशावाद हमारे बीच स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। भारत में आयोजित यह मंच अब तक का सबसे बड़ा ब्रिक्स बिजनेस फोरम है।"

06:08 PM, 11-Sep-2026

रूसी राष्ट्रपति बोले- प्रतिस्पर्धा करने से डरते हैं पश्चिमी देश

ब्रिक्स बिजनेस फोरम में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि ब्रिक्स देशों के आपसी संबंध मजबूत हो रहे हैं। आपसी कारोबार को बढ़ावा देना हमारा लक्ष्य है। ब्रिक्स देशों के बीच दुनिया का करीब 40 फीसदी व्यापार होता है। ब्रिक्स के जरिए मुश्किलों का सामना कर सकते हैं। भारत की आईटी कंपनियां तेजी से आगे बढ़ ही हैं। जीडीपी में जी-7 से ब्रिक्स आगे निकल गया है। 

उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश प्रतिस्पर्धा करने से डरते हैं। रूस पर गलत प्रतिबंध थोपे गए हैं। इन प्रतिबंधों के बावजूद रूस आगे बढ़ा है। दुनिया में गहरे संरचनात्मक और व्यापक बदलाव हो रहे हैं। 

दिल्ली में ब्रिक्स बिजनेस फोरम के नेताओं के सत्र को संबोधित करते हुए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में दुनिया की 40 प्रतिशत से अधिक जीडीपी ब्रिक्स देशों से आई है, जबकि तथाकथित जी7 देशों की हिस्सेदारी केवल 29 प्रतिशत रही है।

पुतिन ने कहा, 'इसी अवधि में वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि की बात करें तो इसमें आधे से अधिक योगदान ब्रिक्स देशों का रहा है, जबकि जी7 का योगदान केवल 18 प्रतिशत रहा। ऐसा क्यों है? इसका जवाब सरल है। ब्रिक्स देश दुनिया की आधी से अधिक आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं और यही वजह है कि उनके घरेलू बाजारों में काफी गतिशीलता और जीवंतता है।'

पुतिन ने कहा कि कभी-कभी प्रतिस्पर्धा बेहद खराब रूप ले लेती है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति राज्यों और सरकारों के स्तर पर भी देखने को मिल रही है। पुतिन ने कहा, 'कभी-कभी इसके लिए अपनाए जाने वाले उपाय भौतिक रूप ले लेते हैं। पाइपलाइनों को नष्ट किया जाता है, अंतरराष्ट्रीय परिवहन गलियारों को बाधित करने की कोशिश की जाती है और समुद्री जहाजों को जब्त किया जाता है। अवैध प्रतिबंध लगाए जाते हैं और उन लोगों के खिलाफ तथाकथित द्वितीयक प्रतिबंधों की धमकी भी दी जाती है, जो किसी और के हितों का पालन नहीं करना चाहते बल्कि अपने हितों को देखते हैं।'

रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि रूस पर 30,000 से अधिक प्रतिबंध लगाए गए हैं। यह संख्या दुनिया के अन्य सभी देशों पर लगाए गए कुल प्रतिबंधों की संख्या से लगभग दोगुनी है। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल परिस्थिति के बावजूद रूस सक्रिय रूप से काम कर रहा है और उसने बड़ी सफलता हासिल की है। पुतिन ने कहा कि रूस ने अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता को मजबूत किया है और विश्वसनीय तथा भरोसेमंद साझेदारों के साथ संबंध विकसित कर रहा है। पुतिन ने कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान रूस की आर्थिक वृद्धि दुनिया की औसत आर्थिक वृद्धि से अधिक रही है।

06:01 PM, 11-Sep-2026

ब्राजील के विदेश मंत्री विएरा बोले- ब्रिक्स ने खुद को मजबूत किया

दिल्ली में ब्रिक्स बिजनेस फोरम के नेताओं के सत्र को संबोधित करते हुए ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा ने कहा कि दुनिया के वैश्विक परिदृश्य में गहरे बदलाव हो रहे हैं और इसके पीछे ग्लोबल साउथ की अर्थव्यवस्थाओं की दशकों से जारी लगातार वृद्धि प्रमुख वजह है।

उन्होंने कहा, '1960 के दशक से लेकर आज तक दुनिया की जीडीपी में निम्न और मध्यम आय वाले देशों की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत से बढ़कर 50 प्रतिशत से अधिक हो गई है। आज ब्रिक्स देश दुनिया के आर्थिक उत्पादन में 40 प्रतिशत का योगदान देते हैं।'

विएरा ने कहा कि हालिया विस्तार के बाद ब्रिक्स ने खुद को दुनिया की कुछ सबसे गतिशील और समृद्ध अर्थव्यवस्थाओं को जोड़ने वाले मंच के रूप में मजबूत किया है। उन्होंने कहा, 'ऐसे समय में जब वैश्विक अर्थव्यवस्था संरक्षणवाद, आर्थिक दबाव और एकतरफा प्रतिबंधों से खतरे में है, हमारे उत्पादन क्षेत्रों के बीच संबंधों को मजबूत करना पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है।'

05:54 PM, 11-Sep-2026

ब्रिक्स बिजनेस फोरम में पेजेशकियन बोले- दुनिया कठिन दौर से गुजर रही

दिल्ली में ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भारत में बैठक की मेजबानी के लिए सरकार और लोगों का आभार जताया। उन्होंने ब्रिक्स सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की भी सराहना की।

पेजेशकियन ने कहा, 'मेरे लिए यह बेहद संतोष की बात है कि मैं आज निजी क्षेत्र, कारोबारी प्रतिष्ठानों और उद्यमियों के प्रतिनिधियों के बीच मौजूद हूं। ये लोग ब्रिक्स के भीतर सहयोग के विचार को ठोस आर्थिक वास्तविकताओं में बदल सकते हैं।' उन्होंने कहा कि दुनिया आज सबसे जटिल दौर में से एक से गुजर रही है। भू-राजनीतिक अनिश्चितता, आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान और राजनीतिक दबाव बनाने के लिए आर्थिक साधनों के बढ़ते इस्तेमाल ने देशों के लिए आर्थिक माहौल को और जटिल बना दिया है।

ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे में सवाल उठता है कि इन चुनौतियों पर ब्रिक्स की प्रतिक्रिया क्या होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'हमारा मानना है कि ब्रिक्स की वास्तविक ताकत केवल उसके सदस्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं के आकार तक सीमित नहीं है। इसकी ताकत तब और स्पष्ट होती है, जब इन क्षमताओं को व्यापार, निवेश और संयुक्त वित्तपोषण के नेटवर्क में बदला जाता है।' उन्होंने कहा कि इसका अर्थ संभावित सहयोग से आगे बढ़कर व्यावहारिक और प्रभावी सहयोग की ओर बढ़ना है।

05:32 PM, 11-Sep-2026

ब्रिक्स बिजनेस फोरम में क्या बोले पीयूष गोयल?

दिल्ली में ब्रिक्स बिजनेस फोरम के नेताओं के सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग का लाभ उन लोगों तक पहुंचे, जो अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि इसका लाभ किसानों तक पहुंचना चाहिए, कारोबार और अन्य क्षेत्रों में महिलाओं को सशक्त बनाना चाहिए और युवा उद्यमियों तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए संपत्ति और समृद्धि के अधिक अवसर उपलब्ध कराने चाहिए।

गोयल ने कहा कि आज सदस्य देशों और साझेदार देशों के 2,000 से अधिक कारोबारी नेता और प्रतिनिधि यहां जुटे हैं। यह अब तक आयोजित सबसे बड़ा ब्रिक्स बिजनेस फोरम है। उन्होंने बताया कि फोरम में गैर-शुल्क बाधाओं, वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं पर उनके प्रभाव, कृषि और कृषि-तकनीक, सेवा व्यापार, महिला नेतृत्व वाले उद्यमों और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट पूरी कर ली है, जिसमें 44 से अधिक सिफारिशें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ब्रिक्स महिला बिजनेस अलायंस की पिछले दो दिनों में बैठक हुई और इसमें ब्रिक्स देशों में महिला नेतृत्व वाले कारोबारों की बड़ी भूमिका के लिए आगे की दिशा तय की गई।

05:27 PM, 11-Sep-2026

पुतिन ने दिया पीएम मोदी को रूस आने का निमंत्रण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस साल दोनों नेताओं की यह दूसरी मुलाकात है। दोनों ने भारत-रूस के बीच राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, कौशल आधारित श्रम आवाजाही और लोगों के बीच संपर्क समेत विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा की।

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने बहुपक्षीय मंचों पर भारत-रूस सहयोग को लेकर विचारों का आदान-प्रदान किया। खास तौर पर भारत की 2026 की अध्यक्षता में ब्रिक्स के भीतर सहयोग पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने आपसी हित से जुड़े प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार साझा किए। इनमें पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र के संघर्ष शामिल रहे। इन संघर्षों का समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर असर पड़ा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर कहा कि संघर्षों के समाधान का रास्ता संवाद और कूटनीति से होकर जाता है। उन्होंने कहा कि भारत शांति के प्रयासों में मदद के लिए तैयार है। दोनों नेताओं ने भारत और रूस के बीच विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के प्रयास जारी रखने पर सहमति जताई। दोनों देशों के बीच यह साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच भी इसमें मजबूती बनी हुई है।

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए रूस आने का निमंत्रण दिया। प्रधानमंत्री ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया। शिखर सम्मेलन की तारीख दोनों देशों की आपसी सुविधा के अनुसार राजनयिक माध्यमों से तय की जाएगी।

05:18 PM, 11-Sep-2026

ब्रिक्स बिजनेस फोरम की बैठक में पहुंचे पीएम मोदी के साथ कई देशों के दिग्गज

भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित 11 सदस्य देशों के प्रमुख नेता, मंत्री और दिग्गज उद्योगपति हिस्सा ले रहे हैं। इस बैठक में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा भी मौजूद रहे। दिल्ली में ब्रिक्स बिजनेस फोरम 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स देशों के नेताओं, ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल के अध्यक्षों और ब्रिक्स महिला बिजनेस अलायंस की अध्यक्षों के साथ समूह तस्वीर खिंचवाई।

05:11 PM, 11-Sep-2026

इनोप्रॉम प्रदर्शनी में पीएम मोदी और पुतिन ने कई स्टॉल्स का किया दौरा

इनोप्रॉम प्रदर्शनी के दौरान पीएम मोदी और पुतिन ने कई स्टॉल्स पर जाकर विभिन्न उद्योग से जुड़ी जानकारी ली। इस दौरान दोनों नेताओं ने हवाई जहाजों के इंजन से लेकर बुलेट ट्रेन से जुड़े प्रोजेक्ट्स को देखा।

04:46 PM, 11-Sep-2026

द्विपक्षीय बैठक के बाद दिखी कार डिप्लोमेसी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्विपक्षीय बैठक खत्म होने के बाद एक ही कार इनोप्रॉम प्रदर्शनी देखने पहुंचे। इनोप्रॉम एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक प्रदर्शनी है, जो मुख्य रूप से रूस में आयोजित होने वाला सबसे बड़ा औद्योगिक और व्यापार मेला है।

04:39 PM, 11-Sep-2026

पीएम मोदी और पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक खत्म

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय बैठक करीब 45 मिनट तक चली। इस दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, व्यापार और लोगों के बीच संपर्क सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ पश्चिम एशिया और ब्लैक सी क्षेत्र में जारी संघर्षों पर भी चर्चा की।

04:20 PM, 11-Sep-2026

पुतिन को किताब भेंट कर क्या बोले पीएम मोदी?

पुतिन को तिरुक्कुरल भेंट करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ये किताब मानव मूल्यों से जुड़ी हुई है। ये हमारे देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने में सहयोग करेगी। गौरतलब है कि तिरुवल्लुवर एक भारतीय तमिल कवि और दार्शनिक थे। वे तिरुक्कुरल के लेखक के रूप में सबसे प्रसिद्ध हैं , जो नैतिकता , राजनीतिक और आर्थिक मामलों और प्रेम पर दोहों का संग्रह है। यह ग्रंथ तमिल साहित्य की एक असाधारण और व्यापक रूप से प्रशंसित कृति मानी जाती है।

04:01 PM, 11-Sep-2026

पीएम मोदी ने पुतिन को भेंट की तिरुक्कुरल की रूसी भाषा की प्रति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को तमिल संत तिरुवल्लुवर द्वारा लिखी गई तिरुक्कुरल का रूसी भाषा में अनुवादित संस्करण भेंट किया। 

03:50 PM, 11-Sep-2026

पीएम मोदी और पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

सूत्रों ने बताया, 'पीएम मोदी-पुतिन द्विपक्षीय बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है:

  • महत्वाकांक्षी व्यापार लक्ष्य: 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य।
  • भारत में इनोप्रोम: रूस के साथ औद्योगिक सहयोग का विस्तार।
  • रेल और सुरंग निर्माण: रेल क्षेत्र और सुरंग निर्माण में सहयोग बढ़ाना।
  • इस्पात मूल्य श्रृंखला: इस्पात क्षेत्र में पूरी मूल्य श्रृंखला विकसित करने पर सहयोग।
  • अधिक कारोबारी अवसर: दोनों देशों के बीच कारोबार के लिए अधिक अवसर पैदा करना।
  • रूसी बाजार तक व्यापक पहुंच: भारतीय उत्पादों और कंपनियों के लिए रूसी बाजार तक पहुंच बढ़ाना।
  • नागरिक परमाणु सहयोग: ईंधन चक्र और संयंत्रों के जीवन चक्र से जुड़ी सहायता सहित नागरिक परमाणु सहयोग।

03:48 PM, 11-Sep-2026

पीएम मोदी और पुतिन की द्विपक्षीय बैठक शुरू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक शुरू हो चुकी है। दोनों नेताओं के बीच यह बैठक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 से इतर हो रही है। दोनों नेताओं के बीच बैठक से पहले गर्मजोशी से मुलाकात हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाया।

03:38 PM, 11-Sep-2026

पीएम मोदी और पुतिन पहुंचे भारत मंडपम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत मंडपम पहुंचे। जानकारी के अनुसार दोनों नेता एक ही कार में सवार थे। संभावना जताई जा रही है कि दोनों नेताओं के बीच सुखोई-57 की खरीद से लेकर कई मुद्दों पर बातचीत हो सकती है। 

03:13 PM, 11-Sep-2026

थोड़ी देर में पीएम मोदी और पुतिन के बीच होगी द्विपक्षीय बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच कुछ ही देर में भारत मंडपम में द्विपक्षीय बैठक होगी। इससे पहले केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को नई दिल्ली में रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव से मुलाकात की। यह बैठक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर हुई।

03:04 PM, 11-Sep-2026

दुनिया का नेतृत्व करने की ऐतिहासिक जिम्मेदारी ब्रिक्स के पास: असम सीएम हिमंत बिस्व सरमा

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत से पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने वैश्विक परिस्थितियों और भारत की अध्यक्षता पर अहम बयान दिया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि भारत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन एक विशिष्ट और बड़ी उपलब्धि है। इस समय पूरा विश्व गंभीर संकटों से गुजर रहा है, विशेष रूप से 'होर्मुज जलडमरूमध्य'के आसपास की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। ऐसे वैश्विक तनाव के बीच दुनिया को शांति और स्थिरता की ओर ले जाने की एक बड़ी और ऐतिहासिक जिम्मेदारी ब्रिक्स देशों के कंधों पर है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि भारत की अध्यक्षता में यह सम्मेलन वैश्विक शांति, समृद्धि और राष्ट्रों के बीच मजबूत सहयोग स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।  

02:54 PM, 11-Sep-2026

जब कई देश सीमाओं पर दीवारें बना रहे, तब ब्रिक्स पुलों का निर्माण कर रहे हैं: रूसी विधायक अभय कुमार सिंह

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान रूस के कुर्स्क शहर के विधायक (डेपुटैट) और भारतीय मूल के नेता अभय कुमार सिंह ने वैश्विक परिदृश्य में ब्रिक्स संगठन की प्रासंगिकता पर बड़ा बयान दिया है। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए अभय कुमार सिंह ने कहा कि यह समय दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ब्रिक्स कोई युद्ध का मंच नहीं है, बल्कि यह अर्थव्यवस्था, संस्कृति और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने वाला साझा मंच है।

उन्होंने वैश्विक कूटनीति पर टिप्पणी करते हुए आगे कहा, 'आज जब दुनिया के कई देश अपनी सीमाओं पर दीवारें खड़ी करने में व्यस्त हैं, उस दौर में ब्रिक्स देश नए पुलों का निर्माण कर रहे हैं। हम दुनिया भर में दोस्त बना रहे हैं और एक-दूसरे को आमंत्रित कर रहे हैं। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ब्रिक्स संगठन की भूमिका पूरी दुनिया के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है।'

02:48 PM, 11-Sep-2026

18वें ब्रिक्स सम्मेलन के लिए ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन पहुंचे दिल्ली

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। पिछले आठ वर्षों में किसी ईरानी राष्ट्रपति की यह पहली भारत यात्रा है। भारत पहुंचने के बाद राष्ट्रपति पेजेशकियन आज शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक करेंगे। 
 

 

02:46 PM, 11-Sep-2026

आईएमएफ ने की भारत की विकास दर की तारीफ: रविशंकर प्रसाद का कांग्रेस पर पलटवार

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत की मजबूत विकास दर की सराहना की है। इस समय दिल्ली में ब्रिक्स जैसा ऐतिहासिक सम्मेलन आयोजित हो रहा है और आज पूरी दुनिया दिल्ली में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि एक तरफ पूरा विश्व भारत का लोहा मान रहा है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के लोग पूछ रहे हैं कि ब्रिक्स से क्या होगा? जब आप सत्ता में थे, तब आपने देश का क्या हाल बना रखा था?

02:43 PM, 11-Sep-2026

चीन यात्रा पर स्पष्टीकरण की मांग, रूस पर जताया पूरा भरोसा: प्रमोद तिवारी 

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने भारत-चीन संबंधों और भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी पर बड़ा बयान दिया है। चीनी नेतृत्व की भारत यात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रमोद तिवारी ने कहा कि हर किसी का अपना दृष्टिकोण होता है। हमारा मानना है कि अगर चीनी राष्ट्रपति और शीर्ष नेतृत्व का दौरा हुआ है, तो इस मुलाकात और यात्रा को लेकर स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए। सम्मेलन समाप्त होने के बाद हम इस पर विस्तार से बात करेंगे कि इस दौरे से कुछ हासिल हुआ या नहीं।'

उन्होंने यह भी कहा कि रूस हमारे लिए हमेशा से एक बेहद भरोसेमंद और विश्वसनीय साझेदार रहा है। मुझे पूरा विश्वास है कि ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर रूस के साथ हमारी अत्यंत सकारात्मक और परिणामदायक चर्चा होगी।

02:17 PM, 11-Sep-2026

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस पहुंचे दिल्ली, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने किया स्वागत

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस नई दिल्ली पहुंच गए हैं। दिल्ली पहुंचने पर केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने हवाई अड्डे पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। अपनी इस यात्रा के दौरान संयुक्त राष्ट्र प्रमुख आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक करेंगे, जिसमें वैश्विक शांति, बहुपक्षीय सहयोग, जलवायु परिवर्तन और दुनिया भर में जारी मौजूदा संघर्षों पर अहम चर्चा होने की संभावना है।

02:16 PM, 11-Sep-2026

गृह मंत्री अमित शाह ने वैश्विक नेताओं का किया स्वागत, कहा- हम मिलकर बनाएंगे उज्ज्वल भविष्य

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के भव्य शुभारंभ से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर वैश्विक नेताओं का स्वागत किया है। गृह मंत्री शाह ने लिखा, 'ब्रिक्स 2026 के लिए मंच पूरी तरह तैयार है! दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत, हमारे संबंधों को मजबूत करने, आपसी सहयोग को गति देने और एक बेहतर दुनिया के लिए साझी समृद्धि को बढ़ाने के उद्देश्य से मंथन और कार्रवाई के लिए वैश्विक नेताओं का सहर्ष स्वागत करता है। हम सब मिलकर एक उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करेंगे।'

 

01:40 PM, 11-Sep-2026

नागरिक उड्डयन और हेलीकॉप्टर क्षेत्र में भारत हमारा बड़ा साझेदार: मैक्सिम एंड्रियानोव

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान 'रशियन हेलीकॉप्टर्स ग्रुप' के इंटरनेशनल मार्केटिंग मैनेजर मैक्सिम एंड्रियानोव ने नागरिक उड्डयन और हेलीकॉप्टर क्षेत्र में भारत और रूस के बीच दशकों पुरानी साझेदारी की सराहना की है। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए एंड्रियानोव ने कहा, 'भारत और रूस के बीच सिविल एविएशन और हेलीकॉप्टर उद्योग में लंबे समय से मजबूत साझेदारी रही है और इस क्षेत्र में भारत हमारा बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा साझेदार है।

उन्होंने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान सदस्य देशों के बीच आपदा प्रबंधन, जंगलों की आग और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए एक साझा आपातकालीन तंत्र बनाने पर सकारात्मक चर्चा हुई है, जो ब्रिक्स देशों के बीच तकनीकी और उड्डयन सहयोग को एक नए स्तर पर ले जाएगा।

01:36 PM, 11-Sep-2026

ग्लोबल साउथ के लिए परिणाम देने का सही मौका है भारत की अध्यक्षता: UNDP भारत प्रमुख एंजेला लुसिगी

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान 'संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम' भारत की रेजीडेंट रिप्रेजेंटेटिव एंजेला लुसिगी ने भारत के नेतृत्व और क्षमता की जमकर तारीफ की है। लुसिगी ने कहा कि दुनिया की लगभग 50 फीसदी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाले इस ब्रिक्स महासम्मेलन में भारत की अध्यक्षता एक अत्यंत महत्वपूर्ण मोड़ पर हो रही है। यह भारत की अध्यक्षता का ही अवसर है जो 'दक्षिण-दक्षिण सहयोग' को केवल प्रतिनिधित्व तक सीमित न रखकर इसे ठोस परिणामों में बदलने का काम करेगा।

उन्होंने कहा कि भारत अब पारंपरिक विकास सहायता से आगे बढ़कर तकनीक, ज्ञान और क्षमताओं को साझा करने के मॉडल पर काम कर रहा है। भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) और कृषि बीमा मॉडल दुनिया के अन्य विकासशील देशों के लिए बेहद प्रासंगिक और अनुकरणीय है।

01:35 PM, 11-Sep-2026

ब्रिक्स ट्रेड वर्किंग ग्रुप के अध्यक्ष एमथो जुलू बोले- दोनों देशों की साझेदारी बेहद सफल

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान 'दक्षिण अफ्रीकी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री' के अध्यक्ष और 'ब्रिक्स ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट वर्किंग ग्रुप' के चेयरमैन एमथो जुलू ने भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच व्यापारिक और ऐतिहासिक संबंधों की सराहना की है। द्विपक्षीय व्यापारिक संभावनाओं पर जोर देते हुए एमथो जुलू ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार का इतिहास काफी पुराना है। ब्रिक्स के गठन से पहले भी भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच ऐतिहासिक और मजबूत सहयोग रहा है और दोनों देश एक-दूसरे का बहुत सम्मान करते हैं।

उन्होंने आगे कहा, 'आज कई भारतीय कंपनियों ने दक्षिण अफ्रीका में बड़ा निवेश किया हुआ है, वहीं दक्षिण अफ्रीकी कंपनियां भी भारत में निवेश को लेकर काफी उत्सुक हैं। यह साझेदारी बेहद सफल रही है, जिसमें विकास की अपार संभावनाएं हैं। दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक बन सकती हैं और हमारे ऐतिहासिक संबंधों को व्यापार के जरिए एक नए स्तर पर ले जाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।'

01:33 PM, 11-Sep-2026

वैश्विक तनाव के बीच शांति के लिए पीएम मोदी की कोशिशें अहम: डॉ. सुधीर मिश्रा 

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान ब्रह्मोस एयरोस्पेस के पूर्व सीईओ और एमडी डॉ. सुधीर कुमार मिश्रा ने वैश्विक परिस्थितियों पर अपनी राय व्यक्त करते हुए भारत की शांति पहल की सराहना की है। डॉ. सुधीर मिश्रा ने कहा कि यह ब्रिक्स सम्मेलन दुनिया में जारी दो बड़े संघर्षों और अनिश्चितता के दौर के बीच आयोजित हो रहा है। यह स्थिति दिलचस्प भी है और निराशाजनक भी। भारत हमेशा से वैश्विक शांति और स्थिरता का पक्षधर रहा है। दुनिया में शांतिपूर्ण और बेहतर माहौल बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न वैश्विक समूहों और नेताओं के साथ संवाद स्थापित करने की विशेष पहल की है।

12:46 PM, 11-Sep-2026

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू की उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठकों का पूरा कार्यक्रम


11 सितंबर (आज का कार्यक्रम)

  • व्लादिमीर पुतिन (राष्ट्रपति, रूस): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक।
  • मसूद पेजेशकियन (राष्ट्रपति, ईरान): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय चर्चा।
  • एंटोनियो गुटेरेस (महासचिव, संयुक्त राष्ट्र): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वैश्विक मुद्दों पर वार्ता।

12 सितंबर (शनिवार)
  • अबी अहमद अली (प्रधानमंत्री, इथियोपिया): पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक।
  • अनवर इब्राहिम (प्रधानमंत्री, मलेशिया): पीएम मोदी के साथ वार्ता।
  • शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (क्राउन प्रिंस, अबू धाबी): पीएम मोदी के साथ मुलाकात।
  • ले मिन्ह हुंग (प्रधानमंत्री, वियतनाम): पीएम मोदी के साथ बैठक।
  • मसूद पेजेशकियन (राष्ट्रपति, ईरान): राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ शिष्टाचार मुलाकात।
  • शी जिनपिंग (राष्ट्रपति, चीन): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय वार्ता।

13 सितंबर (रविवार)
  • कासिम-जोमार्ट तोकायेव (राष्ट्रपति, कजाकिस्तान): पीएम मोदी के साथ बैठक।
  • फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर (राष्ट्रपति, फिलीपींस): पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय चर्चा।
  • अब्देल फतह अल-सीसी (राष्ट्रपति, मिस्र): पीएम मोदी के साथ वार्ता।
  • माटामेला सिरिल रामफोसा (राष्ट्रपति, दक्षिण अफ्रीका): पीएम मोदी के साथ उच्चस्तरीय बैठक।
  • एवरिस्टे नदायिशिमिये (राष्ट्रपति, बुरुंडी): पीएम मोदी के साथ मुलाकात।
  • कासिम शेट्टिमा (उपराष्ट्रपति, नाइजीरिया): पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत।
  • जेसिका अलुपो (उपराष्ट्रपति, युगांडा): पीएम मोदी के साथ बैठक।

12:09 PM, 11-Sep-2026

तेहरान से दिल्ली के लिए रवाना हुए ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, आज पीएम मोदी से होगी अहम द्विपक्षीय वार्ता

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन तेहरान से नई दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। भारत आगमन के बाद राष्ट्रपति पेजेशकियन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच चाबहार पोर्ट परियोजना, क्षेत्रीय शांति, व्यापार विस्तार और पश्चिम एशिया में जारी तनाव समेत कई महत्वपूर्ण रणनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। भारत और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऐतिहासिक और बहुआयामी संबंधों को मजबूत करने के लिहाज से यह द्विपक्षीय वार्ता बेहद खास मानी जा रही है।

12:07 PM, 11-Sep-2026

शी जिनपिंग के भारत दौरे से मजबूत होंगे व्यापारिक संबंध, यू लू ने आर्थिक रिश्तों के भविष्य को बताया बेहद उज्ज्वल

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नई दिल्ली आगमन से ठीक पहले दोनों देशों के व्यापारिक दिग्गजों के बीच खासा उत्साह देखा जा रहा है। भारत-चीन आर्थिक संबंधों की संभावनाओं पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए 'चाइना चैंबर ऑफ कॉमर्स' की उपाध्यक्ष यू लू ने कहा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग का यह दौरा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग को नई गति देने वाला एक बेहद रोमांचक क्षण है। भारत और चीन के आर्थिक संबंधों का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल नजर आ रहा है। हमें पूरा भरोसा है कि शिखर सम्मेलन और राष्ट्रपति के इस दौरे के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों और निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।" उल्लेखनीय है कि 12 और 13 सितंबर को आयोजित होने वाले इस सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच उच्चस्तरीय वार्ता संभावित है, जिससे दोनों देशों के व्यावसायिक माहौल को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

11:52 AM, 11-Sep-2026

ब्रिक्स समिट 2026: दक्षिण अफ्रीका, युगांडा और उरुग्वे से भारत पहुंचे विदेशी मेहमान, जोरदार स्वागत

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए शुक्रवार सुबह से ही विदेशी मेहमानों का भारत में आगमन शुरू हो गया है। शुक्रवार सुबह विदेश मंत्रालय ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, उरुग्वे के विदेश मंत्री मारियो लुबेटकिन और युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो का भारत पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया। 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट पर मेहमानों के आगमन की जानकारी साझा की। विदेश मंत्रालय ने पोस्ट में लिखा कि दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा का 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली में हार्दिक स्वागत है। हवाई अड्डे पर उनका स्वागत केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने किया।

मंत्रालय ने बताया कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच लंबे समय से मजबूत और दोस्ताना संबंध रहे हैं, जो हमारी रणनीतिक साझेदारी पर आधारित हैं। ब्रिक्स के साझेदार देशों के रूप में ग्लोबल साउथ के हितों को आगे बढ़ाने और उनके विकास के लिए मिलकर काम करने की हमारी प्रतिबद्धता मजबूत और अटूट है।

11:30 AM, 11-Sep-2026

यह भारत की बड़ी ताकत: शशि थरूर

शशि थरूर ने ब्रिक्स की अहमियत बताते हुए कहा कि सबसे पहले, हम ग्लोबल साउथ के लिए एक अहम मंच दे रहे हैं। आप जानते हैं, ग्लोबल साउथ में 100 से ज्यादा देश हैं, लेकिन यहां हमारे पास ग्लोबल साउथ के 11 मुख्य देश हैं जो मिलकर विचारों की विविधता और उन देशों की रेंज का प्रतिनिधित्व करते हैं जिनकी अध्यक्षता हम इस खास मौके पर कर रहे हैं। थरूर ने ब्रिक्स देशों की ताकत बताते हुए आगे कहा, 'यह ग्रुपिंग, यानी 11 ब्रिक्स देश, दुनिया की ज्यादातर आबादी और ग्लोबल जीडीपी के 41 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं।'

समिट की मेजबानी को प्रतिष्ठा का मामला बताते हुए थरूर ने कहा, 'इस इवेंट की ग्लोबल स्तर पर बहुत अहमियत है। यह कोई छोटी बात नहीं है। यह ऐसी चीज है जिसे बाकी दुनिया को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए। थरूर ने आगे कहा कि दूसरी बात एक दर्जन राष्ट्राध्यक्षों और सरकारों के प्रमुखों का आना बड़ी बात है। न सिर्फ ब्रिक्स के सदस्य बल्कि कुछ ऑब्जर्वर भी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री स्तर पर आ रहे हैं, यह हमारे लिए बहुत प्रतिष्ठा की बात है। यह एक खास तरह की कूटनीतिक रूप से सबको साथ लाने की क्षमता को दिखाता है, जिसकी ग्लोबल मंच पर अपनी अहमियत है।

10:22 AM, 11-Sep-2026

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अमुंगे अलुपो पहुंचीं नई दिल्ली

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अमुंगे अलुपो नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। पालम वायु सेना स्टेशन और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर विदेश मंत्रालय और भारत सरकार के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने उनका पारंपरिक अंदाज और गर्मजोशी के साथ भव्य स्वागत किया। 12 और 13 सितंबर को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने जा रहे इस महासम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, बहुपक्षीय सहयोग और ग्लोबल साउथ के हितों को बढ़ावा देने के लिए दुनिया भर के प्रमुख नेताओं और उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों का भारत पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है।

09:41 AM, 11-Sep-2026

पूरी दुनिया की नजरें भारत-चीन सहयोग पर, चीनी पत्रकार ली जिंगजिंग ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दौरे को बताया अहम

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे को चीनी पत्रकार और सीजीटीएन की रिपोर्टर ली जिंगजिंग ने बेहद महत्वपूर्ण करार दिया है। बदलती वैश्विक व्यवस्था के बीच भारत और चीन के संबंधों पर अपनी बात रखते हुए ली जिंगजिंग ने कहा कि पूरी दुनिया आज भारत और चीन के आपसी सहयोग की ओर देख रही है। इस बदलते वैश्विक परिवेश में दोनों देशों का एक साथ मिलकर काम करना बेहद महत्वपूर्ण है और यही वजह है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग का यह सम्मेलन में शामिल होना बेहद खास माना जा रहा है। 

09:27 AM, 11-Sep-2026

नाइजीरिया की विदेश मंत्री बियांका ओडुमेगू ओजुक्वू पहुंचीं नई दिल्ली

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नाइजीरिया की विदेश मामलों की राज्य मंत्री बियांका ओडुमेगू ओजुक्वू नई दिल्ली पहुंच गई हैं। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। 12 और 13 सितंबर को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने जा रहे इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के लिए वैश्विक नेताओं और विदेशी प्रतिनिधियों के भारत पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है।

08:45 AM, 11-Sep-2026

रूस-भारत संबंधों और वैश्विक शांति पर बोले सलमान खुर्शीद, कहा-विपक्षी दल को भी प्रक्रिया में रखना होता बेहतर  

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान रूस की मौजूदगी और यूक्रेन व पश्चिम एशिया संघर्ष पर पूर्व विदेश मंत्री और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि रूस भारत का समय की कसौटी पर खरा उतरा मित्र देश रहा है। हम इस रिश्ते को सिर्फ उनसे मिलने वाले सस्ते ईंधन तक सीमित नहीं रख सकते। अब हम उन्हें भी जरूरत के समय पेट्रोल आदि की आपूर्ति कर रहे हैं, और हमारे यूरोपीय साझेदार भी इस बात को भली-भांति समझते हैं।

सलमान खुर्शीद ने भारत की कूटनीतिक भूमिका पर जोर देते हुए आगे कहा कि हमारा मानना है कि यूरोपीय और पश्चिम एशियाई संघर्ष को समाप्त करने के लिए भारत और अधिक प्रयास कर सकता था और भारत को रूस तथा यूक्रेन दोनों से सही प्रतिक्रियाएं भी मिली हैं। यह कोई केवल सरकार का मुद्दा नहीं बल्कि राष्ट्रीय मुद्दा है, क्योंकि सम्मेलन में पूरा भारत भाग ले रहा है। चूंकि विपक्ष भी देश की जनता का प्रतिनिधित्व करता है, ऐसे में सम्मेलन की तैयारियों या अनौपचारिक बैठकों के दौरान विपक्ष के नेता को भी साथ रखा जाता तो यह ज्यादा बेहतर होता। हालांकि मुझे नहीं लगता कि यह मौजूदा सरकार की शैली है, फिर भी देखते हैं आगे क्या परिणाम निकलकर आते हैं।

08:43 AM, 11-Sep-2026

संसद में जुटेंगे केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री, जनता को ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए एक ही बस से पहुंचेंगे भारत मंडपम

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान राजधानी दिल्ली में आम जनता को वीआईपी मूवमेंट और ट्रैफिक जाम की समस्या से बचाने के लिए एक अनोखी पहल की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, सम्मेलन में शामिल होने वाले देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार के मंत्री अलग-अलग गाड़ियों के काफिले में जाने के बजाय एक ही बस में सवार होकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचेंगे। योजना के मुताबिक, सभी नेता पहले संसद भवन परिसर में एकत्रित होंगे और फिर वहां से एक साथ बस में सवार होकर मुख्य आयोजन स्थल 'भारत मंडपम' के लिए रवाना होंगे। सरकार का यह कदम शहर में वीआईपी काफिलों की आवाजाही को सीमित करने, यातायात को सुचारू बनाए रखने और आम लोगों को होने वाली असुविधा को न्यूनतम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

08:42 AM, 11-Sep-2026

रंग-बिरंगे पोस्टरों और बैनरों से सजी राजधानी दिल्ली, 12-13 सितंबर को भारत मंडपम में जुटेगे 21 देशों के नेता

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए देश की राजधानी नई दिल्ली को बेहद खूबसूरत रंग-बिरंगे पोस्टरों, बैनरों और विशेष रोशनी से सजाया गया है। राजधानी के साउथ एवेन्यू और तीन मूर्ति मार्ग समेत कई प्रमुख क्षेत्रों में इस भव्य वैश्विक आयोजन की तैयारियां और सुंदर नजारे साफ दिखाई दे रहे हैं। इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी 12 और 13 सितंबर को प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम कॉम्प्लेक्स में की जा रही है। दो दिनों तक चलने वाले इस उच्च स्तरीय सम्मेलन में दुनिया भर के शीर्ष नेता आपसी सहयोग, आर्थिक साझेदारी और वैश्विक रणनीतियों पर गहन मंथन करेंगे। इस बार सम्मेलन में 11 सदस्य देश और 10 साझेदार देश हिस्सा ले रहे हैं, जिससे वैश्विक मंच पर भारत का नेतृत्व और भी सशक्त होकर सामने आ रहा है।
 

 

08:40 AM, 11-Sep-2026

फिलीपींस की विदेश सचिव एम. थेरेसा पी. लाजारो पहुंचीं नई दिल्ली

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए फिलीपींस की विदेश सचिव मारिया थेरेसा पी. लाजारो नई दिल्ली पहुंच चुकी हैं। हवाई अड्डे पर पहुंचने पर विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
 

 

08:38 AM, 11-Sep-2026

ब्रिक्स सम्मेलन 2026: नई दिल्ली में तैयारियां पूरी, विदेश मंत्रालय ने बताया टीम वर्क का नतीजा

नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं, जिसको लेकर विदेश मंत्रालय और भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के बीच व्यापक समन्वय देखा जा रहा है। तैयारियों की जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय में पीआर के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी वसुदेव रवि ने कहा कि भारत के पास बीते एक साल से ब्रिक्स की अध्यक्षता है। इस दौरान भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के नेतृत्व में कई संयुक्त कार्य समूहों की बैठकें देशभर में आयोजित की गईं। अब शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को दिल्ली के भारत मंडपम कॉम्प्लेक्स में आयोजित हो रहा है, जहां इससे जुड़े कुछ शुरुआती कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय के लिए भारत सरकार के सहयोगियों, दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय के साथ सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर समन्वय स्थापित करना एक बड़ा प्रयास रहा है। यह एक पूरा टीम वर्क है और हम 12-13 सितंबर को एक सफल शिखर सम्मेलन की उम्मीद करते हैं।

06:41 AM, 11-Sep-2026

ब्रिक्स से इतर द्विपक्षीय संवाद भी: भारत-रूस ब्रह्मोस, सुखोई से लेकर एस-400 तक कई समझौते करेंगे

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा का केंद्रीय आकर्षण भारत-रूस रक्षा सहयोग होने जा रहा है। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व की मुलाकात में रक्षा, ऊर्जा और स्वतंत्र विदेश नीति के मोर्चे पर आज कई बड़े फैसले होने की उम्मीद है। रक्षा गलियारों में निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह यात्रा किस तरह दोनों देशों की सामरिक साझेदारी को नए पायदान पर ले जाएगी।

06:20 AM, 11-Sep-2026

2026 समिट का फोकस भी ‘ब्रिक्स’

2026 ब्रिक्स समिट का केंद्रीय मार्गदर्शक विषय भी ‘ब्रिक्स’ यानी बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी है। इसका अर्थ है लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के निर्माण। यह विषय इस लिए चुना गया क्योंकि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए ब्रिक्स के बीच व्यापक सहयोग जरूरी है। साथ ही यह विषय भारत की मौजूदा उपलब्धियों और संस्थागत प्रभाव को बढ़ाने वाले दृष्टिकोण को दिखाता है। 

05:15 AM, 11-Sep-2026

साल 2026 में 20 देशों का ये सम्मेलन क्यों है इतना खास?

तेजी से बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में भारत, चीन और रूस जैसे बड़े देशों की भागीदारी वाले ब्रिक्स को एक विकल्प की तरह देखा जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि;

  • ब्रिक्स देशों में सामूहिक रूप से विश्व की 49% आबादी रहती है।
  • विश्व जीडीपी में सदस्य देशों की 40 फीसदी हिस्सेदारी है।
  • वैश्विक व्यापार में हिस्सा 26%।
  • दुनिया के कुल तेल उत्पादन का 30 फीसदी ब्रिक्स देशों में।
  • 2024 में ब्रिक्स देशों का आपसी व्यापार 1.17 ट्रिलियन डॉलर है।
ब्रिक्स : दुनिया की आधी आबादी, जीडीपी 40% 
  • 4 से 11 हुए सदस्य : ब्राजील, रूस, भारत और चीन को मिलाकर बनाए गए ब्रिक का पहला शिखर सम्मेलन 2009 में हुआ था।  
  • 2011 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद नाम ब्रिक्स हो गया। 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब व यूएई और 2025 में इंडोनेशिया शामिल हुआ।

04:15 AM, 11-Sep-2026

पहली बार सामने होंगे यूएई व ईरान के शीर्ष नेता

पुतिन और जिनपिंग के अलावा समिट में राष्ट्र प्रमुखों की बात करें तो दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, ईरान के मसूद पेजेश्कियन, मिस्र के अब्देल फतह अल-सीसी, इंडोनेशिया के प्राबोवो सुबियांतो व मलयेशिया के अनवर इब्राहिम शामिल होंगे। पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद पहली बार ईरान के पेजेश्कियन और अबूधाबी के क्राउन प्रिंस जायद अल नाहयान आमने-सामने होंगे। यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी आ रहे हैं।

03:15 AM, 11-Sep-2026

पुतिन भारत पहुंचे, आज पीएम मोदी के साथ होगी द्विपक्षीय वार्ता

रूस के राष्ट्रपति पुतिन दिल्ली पहुंच गए हैं। वे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्ता करेंगे। केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने एयरपोर्ट पर पुतिन का स्वागत किया।

पुतिन के अलावा ब्राजील समेत कुछ और देशों के मेहमान भी भारत पहुंच चुके हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक ब्राजील से विदेश मंत्री माउरो विएरा प्रतिनिधि के तौर पर दिल्ली पहुंचे हैं।

02:50 AM, 11-Sep-2026

पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वाार्ता अहम रक्यों?

भारत आ रहे बड़े देशों के राष्ट्राध्यक्ष ब्रिक्स सम्मेलन से इतर पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग की यात्रा और पीएम मोदी की वार्ता के नतीजे अस्थिर वैश्विक हालात खासकर पश्चिम एशिया और यूक्रेन युद्ध के बीच, ब्रिक्स देशों में सहयोग पर असर डालेंगे। मोदी-शी व मोदी-पुतिन की बैठकों पर दुनिया की भी निगाहें हैं क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों से परेशान देश चीन-भारत के बीच का तनाव खत्म होते देखना चाहते हैं।

02:15 AM, 11-Sep-2026

बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान को ब्रिक्स समिट का न्योता नहीं

रूस के राष्ट्रपति पुतिन के भारत आगमन के बाद शुक्रवार को ही  पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता होनी है। दोनों देश रक्षा व ऊर्जा विशेषकर सुखोई-57 और नए परमाणु संयंत्राें को लगाने समेत कई मुददों पर चर्चा करेंगे। पड़ोसी मुल्क- बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को नहीं बुलाया गया है। बांग्लादेश सरकार के मुताबिक बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान को ब्रिक्स समिट के लिए न्योता नहीं दिया गया है।

01:45 AM, 11-Sep-2026

चीनी राष्ट्रपति और पीएम मोदी के बीच द्विपक्षीय वार्ता की भी योजना

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट में शामिल होंगे। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा, शी शनिवार को दिल्ली पहुंचेंगे। सात वर्षों में उनकी यह पहली भारत यात्रा होगी। पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी होगी।

01:15 AM, 11-Sep-2026

रूस के उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव भी पहुंचे

ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के लिये रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव भी नई दिल्ली पहुंचे हैं। मंटुरोव के बाद एक रूसी प्रतिनिधिमंडल भी भारत आएगा। इसके बाद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन रात करीब तीन बजे दिल्ली पहंचेंगे। पुतिन के अलावा चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भी भारत आने की योजना है। जिनपिंग 12 सितंबर की दोपहर दिल्ली पहुंचेंगे।

12:18 AM, 11-Sep-2026

ब्रिक्स सम्मेलन LIVE: पीएम मोदी की यूएन के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ बैठक, दिल्ली में जुटे दिग्गज

ब्रिक्स देशों के शिखर सम्मेलन का आयोजन इस साल भारत में हो रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स समिट 2026 में शामिल होने के लिए रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव दिल्ली पहुंच चुके हैं। ब्रिक्स देशों की शिखर बैठक के लिए ब्रिक्स समूह में शामिल अन्य देशों के मेहमान भी दिल्ली पहुंचने वाले हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी देर रात भारत आएंगे। पुतिन समेत अन्य सदस्य देशों के मेहमान राष्ट्रीय राजधानी आने के बाद दो दिवसीय सम्मेलन में भाग लेंगे।

ब्रिक्स देशों में कितने नाम?
ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के अलावा ब्रिक्स देशों में साल 2024 में पांच और देश- मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जुड़े। 2025 में इंडोनेशिया को भी इस समूह से जोड़ा गया। ऐसे में 11 देशों के इस समूह के प्रतिनिधि भारत की राष्ट्रीय राजधानी पहुंचेंगे। कुछ देशों को मेहमान की तरह भी आमंत्रित किया गया है। ऐसे में बैठक में कुल 20 मेहमान देश शामिल होंगे। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से जुड़े नेताओं, पदाधिकारियों के बयान और सम्मेलन से जुड़े तमाम
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