बिहार चुनाव के बाद कामाख्या एनालिटिक्स ने जो एग्जिट पोल अनुमान जारी किए हैं, उसके मुताबिक एनडीए को 167 से 187 सीटें मिल सकती हैं। महागठबंधन को 54 से 74 सीटें मिलने का अनुमान है। प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी को 0-2 सीटें मिल सकती हैं। अन्य और निर्दलीय प्रत्याशियों के खाते में 2-7 सीटें जा सकती हैं।
बिहार में दोनों चरणों के मतदान समाप्त होने के बाद अब तक 11 एग्जिट पोल अनुमान सामने आ चुके हैं। मैट्रिज आईएएनएस, पीपल्स पल्स, जेवीसी पोल, पीपल्स इनसाइट, चाणक्य स्ट्रैटजीज, चाणक्य स्ट्रैटजीज, पोलस्ट्रैट, पोल डायरी, प्रजा पोल एनालिटिक्स, टीआईएफ रिसर्च, पी-मार्क और डीवी रिसर्च के अनुमानों में एनडीए को प्रचंड बहुमत मिलने के आसार हैं।
बिहार में मतदान के बाद अब 11 सर्वे एजेंसियों के एग्जिट पोल अनुमान आ चुके हैं। सभी एग्जिट पोल एजेंसियों के आकलन के मुताबिक एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिलने का अनुमान है।
बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 के मतदान समाप्त हो चुके हैं। अब तक सामने आए नौ एग्जिट पोल अनुमानों के मुताबिक बिहार में एक बार फिर नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली NDA के जीतने के आसार हैं।
अधिकांश एग्जिट पोल अनुमान में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल दलों को स्पष्ट बहुमत मिलने के आसार हैं।
2020 में एक बार फिर एनडीए और महागठबंधन के बीच मुकाबला देखने को मिला, लेकिन इस बार दलों में हेर फेर था। पिछली बार के समीकरण इस बार बदल चुके थे। इस बार एनडीए में भाजपा के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू भी शामिल थी। इसके साथ वीआईपी और हम भी एनडीए का हिस्सा था। महागठबंधन की बात करें तो इसमें राजद, कांग्रेस और बाकि वाम दल शामिल थे। एग्जिट पोल की बात करें तो महागठबंधन को पूर्ण बहुमत मिलते हुए दिखाया गया था। किसी ने अपने पोल में एनडीए को बहुमत का आंकड़ा नहीं दिया था। लेकिन दोनों के बीच कांटे की टक्कर दिखाई गई थी।
केवल दो एग्जिट पोल टुडेज चाणक्य और टाइम्स नेटवर्क ने महागठबंधन को बहुमत नहीं दिया था, बाकि सभी ने महागठबंधन को सौ से अधिक सीटें मिलते हुए दिखाया था। इस आंकड़े के साथ महागठबंधन सरकार बनते हुए नजर आ रही थी।
एबीपी- सी वोटर के द्वारा एनडीए को 104-128, महागठबंधन को 108-131 और अन्य को 6-23 सीट मिलती हुई दिखाई गई थी।
आजतक-एक्सिस माय इंडिया ने एनडीए को 69-91, महागठबंधन को 139-161 और अन्य को 6-10 सीटें मिलते हुए दिखाई थी।
रिपब्लिक भारत जन की बात में एनडीए को 91-117, महागठबंधन को 118-138 और अन्य को 3-6 सीटें मिली थी।
टुडेज चाणक्य के अनुसार बताया गया था कि एनडीए को 82, महागठबंधन को 106 और अन्य को 52 सीटें मिलेगी।
टाइम्स नेटवर्क ने एनडीए को 116, महागठबंधन को 120 और अन्य को छह सीटें दिखाई थी।
दुनिया में चुनावी सर्वे की शुरुआत सबसे पहले अमेरिका में हुई।
जॉर्ज गैलप और क्लॉड रोबिंसन ने अमेरिकी सरकार के कामकाज पर लोगों की राय जानने के लिए ये सर्वे किया था।
बाद में ब्रिटेन ने 1937 और फ्रांस ने 1938 में अपने यहां बड़े पैमाने पर पोल सर्वे कराए।
इसके बाद जर्मनी, डेनमार्क, बेल्जियम तथा आयरलैंड में चुनाव पूर्व सर्वे कराए गए।
एग्जिट पोल के बारे में रोचक जानकारी:
एग्जिट पोल की शुरुआत नीदरलैंड के समाजशास्त्री और पूर्व राजनेता मार्सेल वॉन डैम ने की थी।
वॉन डैम ने पहली बार 15 फरवरी 1967 को इसका इस्तेमाल किया था। उस समय नीदरलैंड में हुए चुनाव में उनका आकलन बिल्कुल सटीक रहा था।
भारत में एग्जिट पोल की शुरुआत इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ पब्लिक ओपिनियन (आईआईपीयू) के प्रमुख एरिक डी कोस्टा ने की थी।
1996 में एग्जिट पोल सबसे अधिक चर्चा आए। उस समय दूरदर्शन ने सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसायटीज (सीएसडीएस) को देशभर में एग्जिट पोल कराने के लिए अनुमति दी थी।
1998 में पहली बार टीवी पर एग्जिट पोल का प्रसारण किया गया।
ओपिनियन पोल: एजेंसियां ओपिनियन पोल चुनाव से पहले कराती हैं और इसमें सभी लोगों को शामिल किया जाता है। भले ही वो मतदाता है या नहीं। ओपिनियन पोल के नतीजे के लिए चुनावी दृष्टि से अलग-अलग क्षेत्रों के अहम मुद्दों पर जनता की नब्ज को टटोलने की कोशिश की जाती है। इसके तहत हर क्षेत्र में यह जानने का प्रयास किया जाता है कि सरकार के प्रति जनता की नाराजगी है या फिर उसके काम से संतुष्ट है।
एग्जिट पोल: एग्जिट पोल वोटिंग के तुरंत बाद कराया जाता है, जिसमें केवल मतदाताओं को ही शामिल किया जाता है। एग्जिट पोल में वही लोग शामिल होते हैं, जो मतदान कर बाहर निकलते हैं। एग्जिट पोल निर्णायक दौर में होता है। इससे पता चलता है कि लोगों ने किस पार्टी पर भरोसा जताया है। एग्जिट पोल का प्रसारण मतदान के पूरी तरह से खत्म होने के बाद ही किया जाता है। 11 नवंबर को मतदान खत्म होने के बाद एग्जिट पोल दिखाए जाएंगे।
एग्जिट पोल एक तरह का चुनावी सर्वे होता है। मतदान वाले दिन जब मतदाता वोट देकर पोलिंग बूथ से बाहर निकलता है तो वहां अलग-अलग सर्वे एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद होते हैं। वह मतदाता से मतदान को लेकर सवाल पूछते हैं। इसमें उनसे पूछा जाता है कि उन्होंने किसको वोट दिया है? इस तरह से हर विधानसभा या लोकसभा के अलग-अलग पोलिंग बूथ से मतदाताओं से सवाल पूछा जाता है। मतदान खत्म होने तक बड़ी संख्या में आंकड़े एकत्र हो जाते हैं। इन आंकड़ों को जुटाकर और उनके उत्तर के हिसाब से अंदाजा लगाया जाता है कि पब्लिक का मूड किस ओर है? गणितीय मॉडल के आधार पर ये निकाला जाता है कि कौन सी पार्टी को कितनी सीटें मिल सकती हैं? इसका प्रसारण मतदान खत्म होने के बाद ही किया जाता है।
चुनाव आयोग ने 11 नवंबर को शाम 6:30 बजे तक प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या किसी अन्य तरीके से प्रसार के माध्यम से एग्जिट पोल के किसी भी प्रकाशन पर प्रतिबंध लगा रखा है। यानी, मंगलवार 11 नवंबर की शाम 6.30 बजे बाद ही एग्जिट पोल सामने आएंगे। तमाम सर्वे एजेंसियां इस बात का अनुमान जातएंगी की बिहार में किस पार्टी की सरकार बन सकती है? किस पार्टी को कितनी सीटें मिल सकती हैं?
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की 122 सीटों पर मंगलवार शाम मतदान खत्म हो गया। इसे पहले 6 नवंबर को पहले चरण की 121 सीटों पर मतदान हुआ था। पहले चरण में 65 फीसदी से अधिक मतदान हुआ है। बिहार में लंबे समय बाद 60 फीसदी से अधित मतदान देखने को मिला है। आज शाम को चुनाव खत्म होने के बाद कई पोल एजेंसियां सर्वे जारी कर रही हैं। आईए जानते हैं आज के एग्जिट पोल........