आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने एससी-एसटी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में भारत बंद के ऐलान पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा, "हम लोग हमेशा से कहते आए हैं कि केंद्र सरकार ने जानबूझकर ऐसा माहौल बनाया है जहां वंचित वर्ग है जो पिछड़े हैं दलित और आदिवासी अपने आप को असुरक्षित महसूस करते हैं। अभी जो लेटरल एंट्री का आदेश आया था उसे विपक्ष के दबाव में सरकार को वापस लेना पड़ा। आज का भारत बंद कोई राजनीतिक बंद नहीं है, ये गैर- राजनीतिक लोगों ने बुलाया है। मैं सबसे अपील करता हूं कि अमन और शांति बनाए रखें। हिंसा किसी चीज का जवाब नहीं है।"
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति द्वारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में और एससी-एसटी आरक्षण को वापस लेने की मांग को लेकर भारत बंद की घोषणा करने पर कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा, "ये ऐसा मुद्दा है जिसे सरकार को बहुत संजीदगी से समझते हुए देखना पड़ेगा। जमीन के हालात को समझना पड़ेगा। क्रीमी लेयर जैसी चीजें हुई हैं। सरकार संवेदनशीलता से सभी वर्गों के बारे में सोचे।
भारत बंद पर भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उनके पार्टी का विरोध प्रदर्शन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बुलाया गया है। कोर्ट के फैसले में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के भीतर उप-वर्गीकरण बनाने और "क्रीमी लेयर" अवधारणा को लागू करने की अनुमति दी गई थी।
आरक्षण समर्थक समूहों के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होने के लिए लखनऊ में आंबेडकर चौक पर बड़ी संख्या में बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक जुटे। प्रयागराज में, बंद के मद्देनजर त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) के जवानों को तैनात किया गया। आगरा में, विरोध-प्रदर्शनों के एक समूह ने पैदल मार्च निकाला और नारे लगाए और कानपुर में भी इसी तरह के दृश्य देखे गए। शहर में बसों का संचालन भी सामान्य रहा।
उन्नाव, अलीगढ़, मुजफ्फरनगर, संभल, जालौन, इटावा, मथुरा, हाथरस और गोरखपुर समेत अनेक जिलों में भी आरक्षण के समर्थन में विभिन्न संगठनों द्वारा जुलूस निकाले जाने और प्रदर्शन किये जाने की खबरें मिली हैं। प्रयागराज में बहुजन समाज पार्टी के एक कार्यकर्ता ने पार्टी कार्यालय में ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, “बसपा कार्यकर्ता आरक्षण को समाप्त करने के विरोध में हैं। हम इस बारे में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे।” पश्चिमी उत्तर प्रदेश में असर रखने वाली आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने बिजनौर, सहारनपुर और आसपास के जिलों में विरोध मार्च निकाला।
आरक्षण से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के हाल के आदेश को लेकर विभिन्न संगठनों द्वारा बुधवार को बुलाए गए‘भारत बंद’ का उत्तर प्रदेश में मामूली असर रहा। आरक्षण के समर्थन में राज्य के कई हिस्सों में दलित संगठनों ने जुलूस निकाले, पदयात्रा की और प्रदर्शन किया। राज्य में ज्यादातर दुकानें खुली रहीं और कामकाज सामान्य रूप से चलता रहा। अनुसूचित जातियों (एससी) के आरक्षण पर उच्चतम न्यायालय के हाल के एक आदेश से असहमत कुछ समूहों द्वारा आहूत एक दिन के ‘भारत बंद’ के मद्देनजर सुरक्षा बढ़ा दी गई।
उत्तर प्रदेश: आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने एससी/एसटी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में भारत बंद के आह्वान के तहत लखनऊ में विरोध प्रदर्शन किया।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में और एससी/एसटी आरक्षण को वापस लेने की मांग को लेकर भारत बंद का आह्वान किया है। उत्तर प्रदेश DGP प्रशांत कुमार ने बताया, "विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों द्वारा जो भारत बंद का आह्वान किया गया था उसके लिए व्यापक पुलिस बलों की स्थापना की गई है। हमारे अधिकारी संबंधित मजिस्ट्रेटों के साथ लगातार भ्रमणशील हैं। प्रजातांत्रिक तरीके से सभी जगहों से पत्रक लिए जा रहे हैं। पूरे उत्तर प्रदेश में स्थिति नियंत्रण में है। कहीं भी कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं है... सभी पक्षों के महत्वपूर्ण व्यक्तियों के वार्ता हो चुकी है और सभी ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होगी। हम प्रदेश की जनता को आश्वस्त करना चाहते हैं कि कानून-व्यवस्था किसी भी स्थिति में बिगड़ने नहीं दी जाएगी।"
भारत बंद का असर अब सिपाही भर्ती परीक्षा पर भी देखने को मिल रहा है। सुबह से कई जिलों में सिपाही अभ्यर्थी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। आवागमन बाधित होने के कारण वह समय पर परीक्षा केंद्र पर भी पहुंच नहीं पाए। इधर, वैशाली जिले के गंगा ब्रिज थाना क्षेत्र के सादुल्लापुर में बंद समर्थकों द्वारा प्रश्न पत्र लेकर जा रहे मजिस्ट्रेट को रोक दिया गया। मजिस्ट्रेट ने काफी समझाने की कोशिश की लेकिन बंद समर्थकों ने उन्हें पत्र पेपर केंद्र पर नहीं ले जाने दिया। पढ़ें पूरी खबर...
बिहार: आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के खिलाफ एक दिवसीय भारत बंद के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने पटना में लाठीचार्ज किया।
बिहार में केंद्रीय कॉन्स्टेबल चयन बोर्ड (सीएसबीसी) कई जिलों में पुलिस की विभिन्न इकाइयों में सिपाही पद के लिए बुधवार को भर्ती परीक्षा भी आयोजित कर रहा है। जहानाबाद जिले में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-83 (एनएच-83) पर यातायात अवरुद्ध किया और इस दौरान उनकी सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प हुई। जहानाबाद नगर थाना के अवर निरीक्षक हुलास बैठा ने पत्रकारों को बताया, "ऊंटा मोड़ के पास एनएच-83 पर यातायात अवरुद्ध करने की कोशिश कर रहे पांच प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया।"
बिहार के पटना में भी अब भारत बंद का असर दिखने लगा है। महेंद्रू सुल्तानगंज इलाके के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अंबेडकर हॉस्टल के पास प्रदर्शनकारियों ने आगजनी की और अशोक राजपथ को जाम कर दिया। इधर बाइपास इलाके में जाम का असर दिख रहा है। यहां भी आवागमन बाधित है। बेउर मोड़ के पास भी सड़क जाम है। भीम आर्मी के कार्यकर्ता सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं। जानें बिहार में कैसा है बंद का असर...
झारखंड: आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने एससी/एसटी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में और इसे वापस लेने की मांग को लेकर भारत बंद का आह्वान करते हुए प्रदर्शन किया।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भारत बंद को लेकर पुलिस के पुख़्ता इंतजाम देखे गए। आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने SC-ST आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध और इसे पलटने की मांग को लेकर भारत बंद का आह्वान किया है।
उत्तर प्रदेश: आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के विरोध में 'आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति' आज एक दिन का भारत बंद कर रही है। वीडियो आगरा से है।
एनएसीडीएओआर ने सरकार से अनुरोध किया है कि इस फैसले को खारिज किया जाए, क्योंकि यह अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के संवैधानिक अधिकारों के लिए खतरा है। संगठन एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षण पर संसद द्वारा एक नए कानून को पारित करने की भी मांग कर रहा है, जिसे संविधान की नौवीं सूची में समावेश के साथ संरक्षित किया जाए।
राजस्थान: DCP जोधपुर पूर्व आलोक श्रीवास्तव ने कहा, "आज का जो प्रस्तावित भारत बंद है इसके संबंध में जालोरी गेट पर विभिन्न संगठनों के लोग आने शुरू हुए हैं। हम उम्मीद कर रहे हैं कि यह लोग 11 बजे तक एकत्रित होकर जुलूस रवाना करेंगे और कलेक्टर को ज्ञापन देंगे। सभी लोगों से अपील की गई है कि वे प्रदर्शन को शांतिपूर्वक रखें।"
एससी-एसटी के आरक्षण में क्रीमीलेयर लागू करने के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के विरोध में आज राजस्थान में बंद का आह्वान किया गया है। बंद के चलते जयपुर, सीकर, अलवर, दौसा, सवाई माधोपुर, डीग, जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, टोंक, भीलवाड़ा, नीम का थाना, कोटा, श्रीगंगानगर, चित्तौड़गढ़ और भरतपुर में स्कूल-कॉलेजों के साथ समस्त शैक्षणिक संस्थाओं में आज छुट्टी की घोषणा की गई है और इन्हीं जिलों में बंद का सबसे ज्यादा असर दिखाई देने की संभावना है। जयपुर में रामनिवास बाग से बंद समर्थन रैली शुरू की जा रही है, जिसमें बाजारों को बंद रखने के लिए कहा जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर...
दलित और आदिवासी संगठन हाल में सुप्रीम कोर्ट की सात न्यायाधीशों की पीठ द्वारा सुनाए गए फैसले से सहमत नहीं है। संगठन ने मामले में विपरीत दृष्टिकोण अपनाया है। उनकी मानें तो यह ऐतिहासिक इंदिरा साहनी मामले में नौ न्यायाधीशों की पीठ केफैसले को कमजोर करता है, जिसने भारत में आरक्षण की रूपरेखा स्थापित की थी।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) के आरक्षण में क्रीमी लेयर पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को लेकर बुधवार को किए गए 'भारत बंद' के आह्वान का समर्थन किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा, " "बसपा भारत बंद के आह्वान का समर्थन करती है, क्योंकि भाजपा, कांग्रेस और अन्य पार्टियों के आरक्षण विरोधी षड्यंत्र तथा इसे निष्प्रभावी बनाकर अंततः खत्म करने की मिलीभगत के कारण एक अगस्त 2024 को एससी-एसटी के उपवर्गीकरण में क्रीमी लेयर से संबंधित उच्चतम न्यायालय के निर्णय के खिलाफ दोनों समुदायों में भारी रोष व आक्रोश है।"
दलित और आदिवासी संगठनों ने बुधवार को 'भारत बंद' का आह्वान किया है। यह बंद हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए मजबूत प्रतिनिधित्व और सुरक्षा की मांग को लेकर बुलाया गया है। ‘नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ दलित एंड आदिवासी ऑर्गेनाइजेशन्स’ (एनएसीडीएओआर) ने मांगों की एक सूची भी जारी की है। इसमें सबसे अहम अनुसूचित जातियों (एससी), अनुसूचित जनजातियों (एसटी) और अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) के लिए न्याय और समानता की मांग हैं।