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Amar Ujala Samvad: अमर उजाला संवाद में अर्जुन राम मेघवाल बोले- सुझाव मिलने पर नए कानून में करेंगे सुधार

Tue, 03 Sep 2024 08:24 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

खास बातें

Amar Ujala Samvad: अमर उजाला संवाद में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि न्याय संहिता पर काफी चर्चा हुई है। अंग्रेजो के जमाने में बने कानून में बदलाव किया गया है। हम नए कानून लेकर आए। इस पर चर्चा भी हुई है। अगर कोई सुझाव मिलेगा तो सरकार संवेदनशील है और उसमें सुधार करेगी। न्याय में देरी मिलने के सवाल पर कानून मंत्री ने कहा कि न्यायिक व्यवस्था को हमने एक विश्लेषण दिया है। लंबित केसों का आयुवार विश्लेषण किया जाए। इसके बाद पुराने मामलों को निपटाया जाए तो नए केस भी तेजी से सुलझेंगे। 
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अर्जुन राम मेघवाल - फोटो : अमर उजाला
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लाइव अपडेट

08:15 PM, 03-Sep-2024

अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि राजस्थान में लोकसभा चुनाव में स्थानीय मुद्दे और अफवाहों ने हमें कमजोर किया। नेशनल न्यायिक अप्वाइंटमेंट कमीशन हमने सर्व सम्मति से पास कराया। अब सुप्रीम कोर्ट ने इसे रद्द कर दिया, तो इसमें सरकार की कोई गलती नहीं है। हम सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति कर रहे हैं। यूसीसी का मामला हम जनसंघ के समय से उठा रहे हैं। 2024 में भी हम इसे घोषणा पत्र में लाए। कानूनी प्रक्रिया सबको अपनानी चाहिए। सोशल मीडिया को लेकर कानून मंत्री ने कहा कि सूचना प्रसारण मंत्रालय इस पर लगाम लगा रहा है। 

08:10 PM, 03-Sep-2024

हरियाणा चुनाव को लेकर अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि हरियाणा में बिना पर्ची और बिना खर्ची के नौकरी मिली है, यह भाजपा के लिए अच्छा है। अगर सरकार बेहतर काम करती है तो लोग उसके बारे में सोचते हैं। हरियाणा में तीसरी बार सरकार बनेगी। संविधान बदलने के भ्रम को लेकर उन्होंने कहा कि अफवाह के मामले सामने आए थे। कांग्रेस ने संविधान बदलने का आरोप लगाया, लेकिन जनता समझ गई। जाति जनगणना के मुद्दे पर बोले कि जाति जनगणना का आंकड़ा 2011 में बाहर क्यों नहीं निकाला गया? जाति जनगणना में एससी-एसटी का कॉलम है। उनकी जनगणना होती है। कांग्रेस सत्ता में आने के लिए लगातार जनगणना को मुद्दा बना रही है। अब कांग्रेस का ओबीसी प्रेम कैसे उमड़ा? राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री रहते हुए ओबीसी को आरक्षण न देने की बात कही थी। अब उनका प्रेम कैसे उमड़ पड़ा। 

08:07 PM, 03-Sep-2024

कानून मंत्री ने कहा कि अलग विधेयक बनाकर राज्य गलत कर रहे हैं। केरल ने विदेश सचिव बना दिया। संविधान के मुताबिक कानून बनाने का अधिकार केंद्र को है। राज्य मामलों को दबाने के लिए विधेयक कानून बनाने की बात कहने लगते हैं। हम हर दल से संवाद करते हैं। डॉक्टर के कानून बनाने की मांग को लेकर कानून मंत्री ने कहा कि एक्ट बना है। डॉक्टर की ड्यूटी के दौरान सुरक्षित रहें इस पर काम कर रहे हैं। हम 100 दिन एजेंडे पर काम कर रहे हैं। हम 125 दिन युवाओं से संवाद कर रहे हैं। हम मजबूत नीति बनाने, योजना बनाने का काम कर रहे हैं। 

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08:01 PM, 03-Sep-2024

कानून मंत्री ने कहा कि हर मंत्रालय अपने काम कर रहा है। संसद चलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा-कांग्रेस में फर्क करने की जरूरत है। कांग्रेस संसद नहीं चलने देती। संसद चलना सत्ता और विपक्ष की जिम्मेदारी है। बजट सत्र में कोई बाधा नहीं आई। नेता विपक्ष राहुल गांधी से मेरा संवाद बेहतर है। विवाद को लेकर हम बात करते हैं। वक्फ बोर्ड विधेयक को लेकर हमने बात की है। विपक्ष ने कहा विधेयक को जेपीसी को भेजो। हम विपक्ष से संवाद करते हैं। 

07:53 PM, 03-Sep-2024

कानून और संसदीय कार्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार तभी काम करती है, जब उसे बहुमत मिलता है। बहुमत का आंकड़ा 272 है, जो हमें और हमारे साथियों को मिला है। इस चुनाव में उड़ीसा, आंध्रप्रदेश, केरल में हम जीते है। चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन बेहतर रहा। नेहरू जी के बाद कोई तीन बार प्रधानमंत्री नहीं बन सका। कांग्रेस नहीं चाहती थी कि प्रधानमंत्री तीसरी बार पीएम बनें। मगर यह पीएम मोदी के लिए भी ऐतिहासिक है। 100 दिन के एजेंडे पर बोले कि हमारा एजेंडा वही है। तीसरे टर्म में हम तीन गुना ज्यादा मेहनत करने में लगे है। इसी कड़ी में हमने नोटरी की सारी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी। 

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07:49 PM, 03-Sep-2024

भारतीय न्याय संहिता में सुधार को लेकर अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि न्याय संहिता पर काफी चर्चा हुई है। अंग्रेजो के जमाने में बने कानून में बदलाव किया गया है। हम नए कानून लेकर आए। इस पर चर्चा भी हुई है। अगर कोई सुझाव मिलेगा तो सरकार संवेदनशील है और उसमें सुधार करेगी। न्याय में देरी मिलने के सवाल पर कानून मंत्री ने कहा कि न्यायिक व्यवस्था को हमने एक विश्लेषण दिया है। लंबित केसों का आयुवार विश्लेषण किया जाए। इसके बाद पुराने मामलों को निपटाया जाए तो नए केस भी तेजी से सुलझेंगे। 

07:46 PM, 03-Sep-2024

कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल इन्साफ की बात सत्र में भाग लिया। कानून मंत्री ने अपराजिता कानून को लेकर कहा कि बंगाल की घटना शर्मसार करने वाली है। इसकी देश और दुनिया में निंदा हुई है। बंगाल की सीएम ने पत्र लिखा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन ऐसे कोर्ट पहले से बने हैं। बंगाल में ऐसे कोर्ट खुले ही नहीं है। ममता बनर्जी चीजों को दबाने के लिए कानून में बदलने की बात कह रही हैं। कानून मंत्री ने कहा कि न्याय की प्रक्रिया से सबको गुजरना पड़ेगा। स्पेशल कोर्ट इसलिए बनता है कि विशेष घटना पर न्याय मिले। 

07:39 PM, 03-Sep-2024

नितिन गडकरी ने कहा कि उनको आनंद फिल्म पसंद है। मृत्युजंय पसंद किताब है। श्रीनगर घूमना पसंद है। जाम के सवाल पर नितिन गडकरी ने कहा कि वाहन बढ़ रहे हैं। इससे जाम बढ़ रहा है। हम इसका समाधान निकाल रहे हैं। 

07:35 PM, 03-Sep-2024

दिल्ली के प्रदूषण को लेकर नितिन गडकरी ने कहा कि पराली इस बार नहीं जलेगी। दिल्ली एनसीआर में हमने 60 हजार करोड़ से रोड बनाए हैं। दिसंबर के बाद दिल्ली को जाम से मुक्ति मिलेगी। गाजीपुर से 80 लाख टन कचरा निकालकर रोड पर डाला है। द्वारका एक्सप्रेस वे के पास हमने 12 लेन का टनल, 12 लेन का रोड और फ्लाईओवर बनाए हैं। प्रदूषण को लेकर उन्होंने कहा कि दिल्ली में अब इलेक्ट्रिक वाहन बढ़ रहे हैं। इससे भी प्रदूषण कम होगा। उन्होंने अपनी एथेनॉल कार की खासियत बताई। 

07:32 PM, 03-Sep-2024

नितिन गडकरी ने कहा कि लोग अपने देश में नियम का पालन नहीं करते, जबकि विदेश में नियम का पालन करते हैं। कानून के प्रति लोगों को सम्मान और डर रखना होगा। हमें कानून का सम्मान करना सीखना होगा। लोगों को नियमों का पालन करने के प्रति जागरूक होगा। हमने काफी बदलाव किए। हमने बस कोड बदला। आरटीओ के कामों में बदलाव किए। 

07:26 PM, 03-Sep-2024

नितिन गडकरी ने कहा कि बिटुमिन रोड बारिश में उखड़ जाते हैं। हमने इसका उपाय ढूंढा है। अब हम कंक्रीट रोड बना रहे हैं। एनएचएआई के हाईवे ज्यादा खराब नहीं हैं। हमने गड्ढों को लेकर भी काम किया है। इससे 15 दिन में निजात मिलेगी। अगर एनएच पर गड्ढा मिलता है तो हमारे एप पर भेजें। हम उसे सुधारेंगे। हिट एंड रन कानून को लेकर नितिन गडकरी ने कहा कि एक्सीडेंट जब होता है तो ट्रक और बस ड्राइवर होता है तो जनता उन्हें निशाना बनाया जाता है। हमने इसमें सुधार किया है। नाबालिग के गाड़ी चलाने पर हमने सुधार किए हैं। रोड सेफ्टी को लेकर हम काम कर रहे हैं। हमने 40 लाख करोड़ से ब्लैक स्पॉट चिह्नित किया है। लोगों को भी यातायात और सड़क सुरक्षा नियम अपनाने होंगे। 

07:23 PM, 03-Sep-2024

नितिन गडकरी ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव जनता का अधिकार है। अगर हम सत्ता में हैं तो गुड गर्वनेंस से तस्वीर बदलेंगे। अगर सत्ता में नहीं होंगे तो भी विपक्ष में रहकर देश के विकास की बात करेंगे। आपातकाल के दौरान मैं राजनीति में आया। देश के गांव गरीब, मजदूर, किसान के लिए हम क्या कर सकते हैं, इस पर बात करनी चाहिए। महाराष्ट्र चुनाव को लेकर नितिन गडकरी ने कहा कि हम महाराष्ट्र में जीतेंगे। लोकसभा चुनाव में भ्रम फैलाया गया कि हम संविधान को बदलने वाले हैं। इससे हम पर प्रभाव पड़ा। महाराष्ट्र में अच्छा काम करेंगे और सरकार बनाएंगे। 

07:18 PM, 03-Sep-2024

नितिन गडकरी ने कहा कि जो सरकार से दूर रहेगा उसका कल्याण होगा। जो सरकार में सत्संग करेगा उसका सत्यानाश होगा। सरकार विष कन्या जैसी होती है। मैं सरकार की योजना का फायदा नहीं उठाता हूं। सरकार में रहकर काम करना कठिन है। नितिन गडकरी ने कहा कि मैं ज्यादा सोचता नहीं हूं। काम करता हूं। मैं ज्यादा चिंता नहीं करता। 

07:14 PM, 03-Sep-2024

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने सड़कों की दुर्दशा के सवाल पर कहा कि इस बार प्राकृतिक आपदाओं ने ज्यादा नुकसान किया। मैनें सभी मुख्यमंंत्रियों को बुलाकर झगड़े निपटाए। पानी के लिए कई राज्यों में झगड़े चल रहे हैं। मैने इसका समाधान दिया कि पावर और रोड ग्रिड की तरह वॉटर ग्रिड बनाए जाएं। मैनें पानी पर काम किया है। मैनें अपने घर और खेत में पानी का नियोजन किया है। पानी की लड़ाई नहीं है इसका नियोजन किया जाना चाहिए। 

07:08 PM, 03-Sep-2024

नितिन गडकरी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी ने देश के गांवों को जोड़ने की योजना बनाने का जिम्मा मुझे दिया। मैनेे योजना बनाकर अटल जी को दी थी। इसमें पता लगा कि 2003-04 में साढ़े छह लाख गांवों में जाने के लिए सड़कें नहीं थीं। अटल जी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को शुरू किया। अब गांवों में सड़कें बनी हैं। गांवों में सुविधाओं को बढ़ाने की जरूरत है। गांव समृद्ध होंगे तो देश समृद्ध होगा। 

06:57 PM, 03-Sep-2024

सवाल- देश में अब 37 किमी राजमार्ग बन रहे। यह तस्वीर अगले 25 साल में कैसे बदलेगी?
नितिन गडकरी-  हम विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। हम तीसरे स्थान पर आना चाहते हैं। हमें इतिहास से जो मिला है, उससे हम मानते हैं कि हम विश्व गुरू बनें। हम दुनिया के आकर्षण केंद्र हैं। अगर हमें विश्व गुरू बनना है तो पूरी योजना बनानी होगी। जीडीपी विकसित हो रही है। दिक्कत है कि जो लोग गांव में रहते थे वह अब शहरों मे आ गए। हमारी जनसंख्या 65 फीसदी बढ़ी और विकास दर 12 फीसदी बढ़ी। हमें जल, जंगल, जमीन, जानवर आधारित स्वदेशी का भाव जगाते हुए आर्थिक वृद्धि लानी होगी। इंडस्ट्री, ट्रेड, एग्रीकल्चर और बिजनेस का विकास करना होगा। हमारे पास समुद्री किनारा 950 किमी है। मिल्क इंडस्ट्री बढ़ा सकते हैं। एनर्जी और एग्रीकल्चर सेक्टर को बढ़ा सकते हैं। किसान अन्नदाता नहीं बल्कि ऊर्जा, बिटुमिन और हाइड्रोजन दाता बन रहा है। किसान स्मार्ट बनेंगे और गांवों का विकास होगा तो लोग वापस गांव जाएंगे तो काफी बदलाव आएंगे। 

06:54 PM, 03-Sep-2024

अमर उजाला संवाद में पहुंचे केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी अमर उजाला संवाद में पहुंच गए हैं। वह विकसित भारत के रोडमैप पर बात करेंगे। 

06:40 PM, 03-Sep-2024

भाषा ज्ञान और विषय ज्ञान के सवाल पर डॉ. अनिल ने कहा कि शुरुआत हमेशा छोटी होती है। ज्ञान जरूरी है, भाषा नहीं। कोई भी भाषा कभी भी सीखी जा सकती है। मातृभाषा में शिक्षा देने से काफी सकरात्मक बदलाव होंगे। शिक्षा में डिजाइन थिकिंग ला रहे हैं। जमीनी स्तर पर किए जा रहे नवाचारों को उच्च शिक्षा व्यवस्था से जोड़ना होगा। नई शिक्षा नीति को प्रैक्टिस में लाया जा रहा है। पाठ्यक्रम को लेकर उन्होंने कहा कि हर विवि को अपनी स्थानीय आवश्यकता के आधार पर पाठ्यक्रम तैयार करना चाहिए। 


 

06:36 PM, 03-Sep-2024

जो छात्र वोकेशनल एजुकेशन से आते हैं उनको भी उतनी प्राथमिकता दी जाएगी जितनी बेसिक छात्रों को मिलती है। हमने अपार यूनिक आईडी सुविधा शुरू की है। यह हर छात्र की आईडी है। आप जो भी सीखेंगे वो इस आईडी में जुड़ता रहेगा। अपार शिक्षा व्यवस्था का एक खाता है। आधार, पैन के बाद अब अपार आईडी से हर छात्र की शिक्षा का ब्योरा मिल रहा है। इसमें छात्र की सारी जानकारी, स्किल, स्पोर्ट्स समेत सभी जानकारी मिलेगी। 12 अंको की इस आईडी से छात्र और युवाओं को काफी राहत मिलेगी। 

06:32 PM, 03-Sep-2024

डॉ. अनिल ने कहा कि हमारी ज्ञान परंपरा को दूसरे देशों से अपनाया। अब जरूरत है कि हम इसे अपने छात्रों को बताएं। इसके लिए नई शिक्षा नीति में प्रावधान किया है। हमको हमारे ज्ञान को आज के मॉडर्न युग के हिसाब से विकसित करना होगा। 

06:25 PM, 03-Sep-2024

एनआईआरएफ रैकिंग में कम विवि के भाग लेने के सवाल पर डाॅ. अनिल ने कहा कि यूजीसी को विवि को इस बारे में जागरूक करना होगा। अब हम प्रत्यायन पर भी ध्यान दे रहे हैं। पहले इसमें ग्रेड मिलता था। अब हम एक्रेडेटेड और नॉन एक्रेडेट पॉलिसी शुरू कर रहे हैं। इससे हर कॉलेज को अपनी शिक्षा गुणवत्ता पता लगेगी। इसमें हर संस्थान प्रयास करेगा और अपनी गुणवत्ता बढ़ाएगा। कुछ राज्य सरकाराें ने सभी विवि और कॉलेजों को रैकिंग और प्रत्यायन में भाग लेने के लिए बाध्य किया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बेसिक वैल्यू के आधार पर पढ़ाई का प्रावधान किया गया है। राष्ट्रीय परंपरा और संस्कृति को लेकर भी छात्रों को शिक्षा दी जा रही है। 

06:21 PM, 03-Sep-2024

पंजाब में 12वीं के बाद छात्रों के विदेश जाने के सवाल पर डॉ. अनिल ने कहा कि पंजाब और अन्य राज्यों के जो छात्र बाहर जाते थे, वह अब कम हुआ है। आस्ट्रेलिया और कनाडा में नियम सख्त होने से अब छात्र कम जा रहे हैं। यह देश के लिए बेहतर है। हमारे देश में ही हमारे छात्र अच्छी शिक्षा प्राप्त करेंगे तो हमारे विवि के बाहर जाने की प्रक्रिया शुरू होगी। कौशल मैपिंग को लेकर उन्होंने कहा कि इससे भविष्य में होने वाले रोजगार सृजन के बारे में जानकारी मिल जाती है। कौन सी स्कित ज्यादा बढ़ने वाली इसे लेकर स्टडी की जरूरत है। स्किल मैपिंग से कोर्स चलेंगे तो अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके लिए नई शिक्षा नीति में भी प्रावधान है। 

06:16 PM, 03-Sep-2024

डाॅ. अनिल सहस्रबुद्धे ने कहा कि एजुकेशन समाप्त हो गई, यह बात दिमाग से निकालनी पड़ेगी। लाइफ लाँग लर्नर बनना पड़ेगा। जब तक यह नहीं करेंगे तो छात्रों को कैसे बताएंगे और कैसे आगे बढ़ाएंगे? डिग्री की भी पांच और दस साल बाद एक्सपायर करने की व्यवस्था होनी चाहिए। ऑनलाइन भी री लर्निंग स्टडी की जा सकती है। कंपनियों को भी कर्मचारियों के कौशल पर ध्यान देना चाहिए। स्टाफ को एक महीने के लिए कौशल विकास कार्यक्रम में भाग लेने के लिए भेजा जाना चाहिए। डॉ. अनिल ने कहा कि 400 विवि कौशल विकास के लिए कोर्स करा रही हैं। रोजगार दे रही हैं। बाकी सभी विवि जल्द इसे शुरू कर देंगे।   

06:14 PM, 03-Sep-2024

डॉ. अनिल ने कहा कि यूजीसी ने प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस शुरू की है। अनुभव पर क्षेत्र में काम करने वालों को फैकल्टी बनाया जा रहा है। अगर किसी कंपनी का कोई कर्मचारी अच्छा जानकार है तो उसे फैकल्टी बनाया जा सकता है। हमें नीति को बढ़ाना होगा। अच्छी चीजों को लोगों के सामने लाना है। एक-दूसरे का सहयोग बढ़ाना जरूरी है। छोटी-छोटी चीजों पर स्कूल स्तर से बात शुरू होनी चाहिए। 

06:08 PM, 03-Sep-2024

प्रोफेसर राजेश सहाय ने पूछा कि अब तक हम ब्रिटिश एजुकेशन सिस्टम को फालो कर रहे हैं। इसमें कई खामियां थीं। अब एक दो करोड़ लोग ऐसे हैं जो बेरोजगार हैं। नई शिक्षा नीति को हम कितनी तेजी से विकसित करेंगे? स्कूलों में नई शिक्षा नीति को छठवीं कक्षा से शुरू करने की जरूरत है। 
इस पर डॉ. अनिल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में छठवीं कक्षा से ही कौशल विकास शामिल है। देश में आज भी छोटे काम और बड़े काम की भावना ज्यादा है। लोग काम को सम्मान नहीं देते। लोग जब तक इसे नहीं समझेंगे तब तक बेरोजगारी रहेगी। उन्होंने कहा कि इंटर्नशिप जरूरी है। बड़े पैमाने पर इंटर्नशिप शुरू की गई है। इसको बढ़ाया जाएगा। बजट में इसका प्रावधान भी किया गया है। अगले सालों में जब छात्र बाहर आएंगे तो बड़ा बदलाव आएगा। आईआईटी के छात्रों को जॉब नहीं मांगना चाहिए। उनको स्टार्टअप बनाना चाहिए। अब स्टार्टअप बढ़ रहे हैं। दुनिया भारत की ओर देख रही है। 10 साल में काफी बदलाव आएंगे। 

06:07 PM, 03-Sep-2024
अनिल सहस्रबुद्धे - फोटो : अमर उजाला

अनिल सहस्रबुद्धे ने कहा कि हमने तकनीक को विकसित नहीं किया। हमने उसका सर्विस के रूप में उपयोग किया। अब स्टार्टअप शुरू हो रहे हैं। इनको जमीन पर आने में 10 साल लगेंगे। 10 साल में भारत के कई उत्पाद बाहर जाएंगे। 

06:03 PM, 03-Sep-2024

अनिल सहस्रबुद्धे ने कहा कि शिक्षा का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। इसका समय-समय पर विरोध होता है। जब शिक्षाविद् ईमानदार नहीं होते तब ऐसी चीजें होती हैं। हमको मौलिक शिक्षा शुरू करनी चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कई ऐसे परिवर्तन हुए हैं। जिससे बच्चे बेहतर नागरिक बनेंगे। 

05:58 PM, 03-Sep-2024

भारत के युवाओं के लिए कम अवसरों को लेकर डॉ. अनिल ने कहा कि दूरस्थ पाठ्यक्रम शुरू करने होंगे। इससे ज्यादा से ज्यादा युवाओं को शिक्षा संस्थानों में प्रवेश मिल सकेगा। छात्र गांव और घर में बैठकर पढ़ सकेंगे। वहीं बहुत से छात्रों को अंग्रेजी को लेकर डर होता है। ऐसे विद्यार्थियों को मातृभाषा में शिक्षा देनी चाहिए। आजादी के बाद से मातृभाषा में शिक्षा दी जाती तो स्थिति काफी अलग होती। चीन और जापान ने ऐसा किया। उन्होंने कहा कि जिस भाषा में हम शिक्षा दे रहे हैं, उसकी किताबें नहीं थी। इसलिए एआई के जरिये किताबों का अनुवाद किया गया। मौजूदा समय में 12 भाषाओं में तकनीकी शिक्षा दी जा रही है। 

05:55 PM, 03-Sep-2024

विवि के हालात को लेकर डॉ. अनिल ने कहा कि यूके में ऐसे विवि हैं, इससे छात्रों के साथ धोखा है। इसके लिए 2015 में एनआईआरएफ शुरू किया गया। इसमें हर विवि की रैकिंग की जाती है। इस बार 13 श्रेणियों में विवि की रैकिंग की जा रही है। हर विवि की श्रेणी के हिसाब से रैकिंग कर रहे हैं। रैकिंग काफी महत्वपूर्ण है। इससे इंटरनेशनल रैकिंग में भारत के 91 से ज्यादा शैक्षिक संस्थान हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रैकिंग के पैरामीटर्स अलग हैं। इसके लिए हमारे संस्थान टॉप 100-200 में नहीं पहुंच पा रहे हैं। 

05:49 PM, 03-Sep-2024

लोगों में विदेशी विवि की डिग्री पाने का क्रेज है। कई प्राइवेट कॉलेज और आईटीआई अच्छी जॉब और शिक्षा दे रहे हैं। विदेशी विवि के कैंपस भारत में खुल रहे हैं। भारत में ऐसे विवि आएंगे तो दो लाभ होंगे। पहला कि भारत में ही विदेशी विवि की डिग्री मिलेगी। दूसरा विदेशी मुद्रा विनिमय कम होगा। भारत के विवि को भी विदेशों में जाना चाहिए। 

05:44 PM, 03-Sep-2024

डॉ. अनिल सहस्रबुद्धे ने कहा कि कोचिंग से अच्छी शिक्षा स्कूल में मिल सकती है। कई आईटीआई भी इसे लेकर पहल कर रहे हैं। कई आईटीआई कोटा की तरह घ बैठे कोचिंग की सुविधा दे रहे हैं। इसके लिए अभिभावकों को जागरूक होने की जरूरत है। 

05:41 PM, 03-Sep-2024

अमर उजाला संवाद में डॉ. अनिल सहस्रबुद्धे ने कहा कि देश की आजादी को 75 साल हो गए हैं। देश की नई शिक्षा नीति में कई ऐसी चीजों का उल्लेख है जिससे भारत उन्नत राष्ट्र बनेगा। नई शिक्षा नीति बेहतरीन है। नीति की कई देशों ने तारीफ की है। पॉलिसी को लोगों के बीच पहुंचाने की जरूरत है। चार साल बाद भी कई विवि इसे जमीन पर उतारने की पहल कर रहे हैं। 

05:34 PM, 03-Sep-2024

अमर उजाला संवाद में पहुंचे डॉ. अनिल सहस्रबुद्धे 
नई दिल्ली में हो रहे अमर उजाला संवाद में राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी फोरम (एनईटीएफ) के वर्तमान अध्यक्ष अनिल सहस्रबुद्धे पहुंच चुके हैं। वे कुछ ही देर में रोशन राहें सत्र में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने दीप प्रज्वलन करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के पहले सत्र में एनआईआएफ रैकिंग भारतीय संस्थानों के लिए चुनौतियां विषय पर चर्चा होगी। 

05:25 PM, 03-Sep-2024

भाजपा के सबसे युवा अध्यक्ष रहे, नवाचारों में गहरी रूचि
2009 से 2013 तक भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन गडकरी ने पार्टी कार्यकताओं के लिए बूथ स्तर एक व्यवस्थित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया। पार्टी अध्यक्ष के रूप में उनके कार्यकाल को सबसे सफल कार्यकालों में से एक के रूप में देखा जाता है। भाजपा की आईटी सेल भी गडकरी के कार्यकाल की एक उपलब्धि है। एक बिजनेसमैन और राजनेता के तौर पर नई तकनीकों, हरित प्रौद्योगिकियों, हरित ईंधन, जैव-ईंधन, कृषि विकास, कृषि को ऊर्जा और बिजली क्षेत्र में बदलने, रोजगार सृजन के लिए नवाचारों में उनकी गहरी रूचि रही है। 

05:13 PM, 03-Sep-2024

कुशल वक्ता और नेतृत्वकर्ता
गडकरी एक कुशल वक्ता, कार्यकर्ता और नेतृत्वकर्ता भी हैं। वे किशोरावस्था के दौरान ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संपर्क में आ गए थे और उन्होंने कई दायित्व संभाले। वह 1976 में छात्र राजनीतिक संगठन अखिल भारतीय विद्या परिषद (ABVP) में शामिल हुए। छात्र हितों के लिए लगातार संघर्ष किया और बाद में भाजयुमो से जुड़ गए। 24 साल की उम्र में उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा का अध्यक्ष चुना गया था। वहीं, 35 साल की उम्र में वह महाराष्ट्र बीजेपी के प्रदेश महासचिव बन गए थे। 

04:55 PM, 03-Sep-2024

नागपुर विश्वविद्यालय से एमकॉम, एलएलबी और बिजनेस मैनेजमेंट भी पढ़ा
गडकरी का जन्म 27 मई, 1957 को महाराष्ट्र के नागपुर शहर में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। शुरुआती शिक्षा के बाद उन्होंने राष्टसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय से बीकॉम, एमकॉम को डिग्री हासिल की। इसके अलावा कानून के क्षेत्र में रूचि होने के कारण उन्होंने यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लॉ, नागपुर से एलएलबी की पढ़ाई की। वहीं, एंटरप्रैन्योर स्किल्स बढ़ाने के लिए उन्होंने बिजनेस मैनेजमेंट में डिप्लोमा भी किया है। 18 दिसंबर, 1984 को गडकरी का विवाह कंचन के साथ हुआ। गडकरी दंपति के दो बेटे और एक बेटी है। 

04:45 PM, 03-Sep-2024

गडकरी मोदी सरकार के विकास पुरुष
विद्यार्थी जीवन से निकलकर देश की सियासत में ऊंचा मुकाम पाने वाले दिग्गजों में नितिन जयराम गडकरी का नाम प्रमुखता से आता है। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान छात्र हितों को लेकर अक्सर मुखर रहने वाले नितिन गडकरी आज देश की राजनीति के शीर्ष चेहरों में शुमार है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी आज किसी पहचान के मोहताज नहीं है। गडकरी, भारत सरकार में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय संभाल रहे हैं। उनके कार्यकाल में आलीशान सड़कों, एक्सप्रेस-वे और फ्लाईओवर के तेजी से हो रहे निर्माण कार्यों के काम के कारण उन्हें मोदी सरकार का विकास पुरुष भी कहा जाता है।

04:27 PM, 03-Sep-2024

Amar Ujala Samvad: अमर उजाला संवाद में अर्जुन राम मेघवाल बोले- सुझाव मिलने पर नए कानून में करेंगे सुधार

Amar Ujala Samvad Live: अमर उजाला संवाद हरियाणा के दूसरे दिन केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी अमर उजाला के मंच पर विकसित भारत के रोडमैप पर चर्चा करेंगे। नई दिल्ली में हो रहे कार्यक्रम में राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी फोरम (एनईटीएफ) के वर्तमान अध्यक्ष अनिल सहस्रबुद्धे भी शिक्षा के मुद्दे पर चर्चा करेंगे। बता दें कि दो सितंबर को शुरू हुए दो दिवसीय अमर उजाला संवाद का शुभारंभ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने किया। पूरे दिन दिग्गज हस्तियों के साथ खेल, फिल्म, शिक्षा, आध्यात्म, कला, संस्कृति, विकास जैसे मुद्दों पर मंथन हुआ। 

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