भारत-जर्मनी के बीच हाल ही में हुए एआई समझौते का स्वागत करते हुए जर्मनी के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और गवर्नमेंट मॉडर्नाइजेशन मंत्री कार्स्टन वाइल्डबर्गर ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के बीच बढ़ती तकनीकी और एआई साझेदारी को और तेज करने में मदद करेगा। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान वाइल्डबर्गर ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि वह इस आयोजन से बेहद उत्साहित होकर लौट रहे हैं। उन्होंने समिट के पैमाने और चर्चाओं की गुणवत्ता की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि मैं यहां से बेहद ऊर्जावान होकर जा रहा हूं, यह एक शानदार आयोजन रहा। मैं इस कार्यक्रम के लिए भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देता हूं। यहां सुरक्षा, पहुंच और ओपननेस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। वाइल्डबर्गर ने आगे कहा कि भारत और जर्मनी के बीच हुआ एआई पैक्ट भविष्य में दोनों देशों को एआई क्षेत्र में मिलकर आगे बढ़ने और सहयोग को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अमेरिका के आर्थिक मामलों के अवर सचिव जैकब हेलबर्ग इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने के लिए भारत पहुंचे हैं। अमेरिकी विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, हेलबर्ग 20 और 21 फरवरी तक भारत दौरे पर रहेंगे। वह व्हाइट हाउस ऑफिस ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पॉलिसी के निदेशक माइकल क्रैट्सियोस के नेतृत्व में आए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ समिट में शामिल हुए हैं।
अमेरिकी विभाग ने बताया कि अपने दौरे के दौरान हेलबर्ग द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लेंगे और सम्मेलन को संबोधित भी करेंगे। अपने संबोधन में वह भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और उभरती प्रौद्योगिकियों, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर देंगे। साथ ही, वह एआई एक्शन प्लान के तहत अमेरिकी एआई एक्सपोर्ट्स प्रोग्राम के अगले चरण को आगे बढ़ाने से जुड़े प्रयासों पर भी चर्चा करेंगे।
केंद्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर कहा कि पहली बार यूरोपीय संघ के सभी 27 देश इस समझौते को जल्द अंतिम रूप देने और आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने कहा कि यह 140 करोड़ भारतीयों की आर्थिक शक्ति और बढ़ते वैश्विक प्रभाव का परिणाम है। साथ ही गोयल ने कहा कि सरकार देशभर में 1000 युवा पुरुषों और महिलाओं को जोड़ने की योजना बना रही है, जिन्हें प्रशिक्षित कर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा ताकि वे पूरे देश में भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और सरकारी समर्थन से जुड़े संदेश को लोगों तक पहुंचा सकें।
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि सरकार एक कंप्लीट AI स्टैक विकसित करने पर विचार कर रही है, जो अनाम (अनोनिमाइज्ड) डेटा सेट्स पर आधारित होगा और शोधकर्ताओं तथा स्टार्टअप्स के लिए सुलभ बनाया जाएगा, ताकि नवाचार की अगली लहर को गति दी जा सके।
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य एआई पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना और डेटा तक सुरक्षित व जिम्मेदार पहुंच सुनिश्चित करना है, जिससे उभरती कंपनियां और शोध संस्थान उन्नत एआई समाधान विकसित कर सकें। मंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि एआई प्रणालियों के लिए एक ऑडिट ट्रेल मैकेनिज्म विकसित किया जाना चाहिए, जिससे एआई मॉडल के उपयोग, निर्णय प्रक्रिया और जवाबदेही को बेहतर ढंग से ट्रैक किया जा सके।
चौधरी ने भविष्य में संस्थागत जवाबदेही को मजबूत करने के लिए नियंत्रक व महालेखा परीक्षक (CAG) जैसी संस्थाओं द्वारा एआई मॉडलों पर ऑडिट रिपोर्ट जारी किए जाने की संभावना भी जताई। उनके अनुसार, इससे एआई के उपयोग में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस में लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलोइस के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के मुद्दों पर चर्चा की।
भारत और लिकटेंस्टीन के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना वर्ष 1993 में हुई थी, जिसमें स्विट्जरलैंड में भारत के राजदूत को लिकटेंस्टीन में समवर्ती मान्यता प्राप्त राजदूत के रूप में नियुक्त किया गया। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, वर्ष 2023 में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 30 वर्ष पूरे हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डीपटेक क्षेत्र के प्रमुख स्टार्टअप्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs) से मुलाकात कर उभरती तकनीकों और नवाचार पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में हेल्थकेयर, साइबर सिक्योरिटी, स्पेस टेक्नोलॉजी सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप्स के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इस दौरान वे आई आधारित आर्थिक विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा से जुड़े अहम सत्रों में भाग लेंगे।
मुख्यमंत्री नायडू ‘एआई एक्सेलरेटर आर्थिक विकास’ प्लेनरी सत्र में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा और केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के साथ मंच साझा करेंगे। इस सत्र में AI के जरिए आर्थिक वृद्धि, निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने पर चर्चा होने की संभावना है।
समिट के दौरान मुख्यमंत्री की मौजूदगी में आंध्र प्रदेश सरकार AI इंफ्रास्ट्रक्चर और क्वांटम स्किल डेवलपमेंट से जुड़े सात समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करेगी। ये समझौते IBM, UNICC, IIT मद्रास और Vysar समेत विभिन्न संस्थानों और कंपनियों के साथ किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य राज्य में उन्नत तकनीकी ढांचे और कौशल विकास को मजबूत करना है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के सीईओ बोरगे ब्रेंडे के साथ ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से प्रतिस्पर्धात्मकता’ विषय पर आयोजित राउंड-टेबल बैठक में भी भाग लेंगे।
समिट के दौरान RUSSOFT एसोसिएशन और अकीस टेक द्वारा आयोजित एक पैनल चर्चा में RUSSOFT एसोसिएशन के अध्यक्ष वैलेंटिन मकारोव ने भारत-रूस के लंबे समय से चले आ रहे संबंधों और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर जोर दिया।
मकारोव ने भारत के साथ अपने शुरुआती जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार 1995 में भारत का दौरा किया था। उन्होंने कहा कि भारत और रूस मिलकर एक नया क्षमता केंद्र, बड़ा बाजार और प्रतिभाशाली नवाचारकों का मजबूत पूल तैयार कर सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि भविष्य के सहयोग की नींव आपसी विश्वास पर आधारित है और इस संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन तथा AI का प्रभाव बेहद महत्वपूर्ण है। मकारोव ने जोर देते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग से दोनों देशों को अधिक लाभ मिल सकता है और यह वैश्विक स्तर पर नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है।